शनिवार, 28 नवंबर 2020

हे साग सब्जी ..... देवी कभी भगतों को दर्शन दे ...... किसी दिन मेरा दिल खुश कर दे , राम तेरा भला करे

                                                           - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द'' 

 ( सुफल मटर सस्ती है बाजार में - छिली हुई ताजी मटर 40 रूपये की आधा किलो यानि 80 रू की एक किलो है ) 

मुरैना/ दतिया/ ग्वालियर/भिंंड / श्योपुर , सरकारें जनता को अच्छी खबर देतीं सुनातीं आईं हैं यह एक परंपरा है , और अच्छे दिन का सपना और वायदा वोट की कीमत में बेचतीं आईं हैं , यह एक रिवाज है । 

जब सोने के दाम में प्रति दस ग्राम ( बाजारू एक तोला दस ग्राम का और पुराना पारंपरिक देश में प्रचलित एक तोला 12 ग्राम का होता है , जब से होलोग्राम वाले आये हैं तब से दो तोला होलोग्राम खा जाता है और यह तोला दस ग्राम का रह जाता है ) के वजन में एक हजार या 500 रू की कमी हो तो मीडिया की सुर्खी बन कर खबर बन जाती है और फ्रंट पेज हेडलाइन होती है , सोने के दामों में जबरदस्त धमाकेदार कमी ,गोया आम आदमी या हर अखबार पढ़ने वाला केवल सोना खरीदने और सोने के दाम पता करने के लिये ही अखबार खरीदता और पढ़ता है । 

चंद प्रतिष्ठित मीडिया को अपवादस्वरूप अगर छोड़ दें तो बाकी बकाया मीडिया को यह पता ही नहीं कि हर अखबार खरीदने पढ़ने वाला साग सब्जी और रोटी तो जरूर ही खाता है ।   

साग सब्जी रोटी हर आदमी जन्म से लेकर मरने तक संग संग ढोता खाता है , अपने संग बंधे चिपके और आश्रित परिवार वालों के पेट के लिये , जब वह जन्म के समय पेट साथ लेकर आता है और मरने तक इसी पेट को संग लिये घूमता है , तब तक कोई इसे मेहनत और ईमानदारी की ईंधन की खुराक डाल कर देह की गाड़ी चलाता है , भले ही उसकी स्पीड 500 मीटर प्रति घंटा हो या बेईमानी, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार ए दो नंबर , चार नंबर की औंधी सीधी कमाई का आलीशान मंहगा एयर पेट्रोल का ईंधन भर कर शताब्दी की स्पीड 140 किलो मीटर प्रतिघंटा या हवाई जहाज की स्पीड 600 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से इस नामुराद देह की गाड़ी चलाता या उड़ाता हो । 

बहरहाल ये साफ है कि जैसे हर स्कूटर मोटर सायकल वाले को पैदल चलता आदमी ओछा और छोटा तुच्छ गरीब इंसानी कीड़ा मकोड़ा नजर आता है तो हर कार वाले को स्कूटर मोटर सायकल वाले भी ऐसे ही नजर आते हैं , तो हर और बड़ी गाड़ीयों वालों जैसे बी एम डब्ल्यू, राल्स रायस या एम्पाला वालों को ये कारों वाले भी बड़े तुच्छ और ओछे छोटे कीड़े मकोड़े नजर आते हैं । क्या करिये इंसान की फितरत ही यही है , ग्वालियर के किले पर सास बहू यानि कि सहसबाहू के मंदिर से नीचे देखेंगे तो पूरा ग्वालियर ही , सब ई एम डब्ल्यू , बी एम डब्ल्यू , रेल गाड़ी अताब्दी शताब्दी , राजधानी वगैरह सब के सब ही रेंगते हुये छोटे मोटे तुच्छ और ओछे कीड़े मकोड़े नजर आने लगते हैं , यह फितरत नहीं , हकीकत है , दृष्टिकोण और दृष्टि युक्तिकरण है । और ऊपर लिखे बाकी सब इंसानी अहंकारी फितरत के दृष्टिभ्रम हैं । 

बिल्कुल कुछ ऐसा ही है , मीडिया भी एक दृष्टिभ्रम में रहता और चलता है , और जहां तक संभव हो यथार्थ व सचाई के धरातल से बचता है , वरना सच लिखने का कहने का ( नेता भी इसमें शामिल समझिये) अंजाम यह होगा कि जिनका सच कहा बोला  लिखा जाये उनके पास तो फूटी छदाम नहीं है देने को और जो दे सकते हैं या जिनकी कृपा से या वरद हस्त से मीडिया चलता है या विज्ञापन वगैरह या बिना विज्ञापन दो नंबर में कुछ मिल मिलू जाता है वही लोग इस देश का असत्य हैं , गलत काम करने वाले , भ्रष्ट बेईमान और रिश्वतखोर हैं , अब उनकी कृपा ओर पैसे से से ही मीडिया चलना है । तो गरीब आम आदमी तब जाकर एक छपा अखबार या टी वी चैनल पर कुछ खबर पढ़ या देख पाता है । सो मीडिया भी साग सब्जी के दामों की आवाज उठाने के बजाय सोने के ही दाम बतायेगा जिसे आम गरीब आदमी देख सुन तो ले और अखबार या चैनल को बहुत बड़ा माने और समझे , चमक दमक दीखे भले ही सारे कपड़े उतार कर दीखे मगर चमचमाती चीज दीखे , चकाचौंध में आखें चौंधिया जायें तो और देखने पढ़ने वाला बाकी सब गम , परेशानियां और समस्यायें बिसरा दे और ध्यान भूल कर सोने के दामों को राष्ट्रीय चर्चा व महत्व का विषय समझे । 

अगर साग सब्जी जैसे मसले और चीजें टी वी चैनल पर या अखबारों में देखने पढ़ने को मिलेंगी तो चमक दमक का खेल खत्म हो जायेगा और ओछी व तुच्छ चीजें नेशनल लेवल पर दिखने लगेंगी और राष्ट्रीय चर्चा , महत्व और प्रोटेस्ट का आधार बन जायेंगी , दाम यकायक गिरकर बाबाज के लंगोट के माफिक कम और कम होते जाकर ऐसे धड़ाम से गिरेंगें जैसे लंगोट की पट्टी अचानक से खुल कर बिकनी की तरह फस्स् और सररर करती खिसक गई हो । गोया किसान से खरीदी कोई चीज पांच रूपया प्रति किलों केवल दह रूपये प्रतिकिलो के दाम पर आ जायेगी । 

मतलब ये कि जब बेचने वाला ही एक रूपये प्रतिकिलो के मुनाफे पर धंधा करेगा तो , बाकी दल्ले , नेता , अफसर , और लग्गा तग्गा मसलन मीडिया और .... वगैरह वगैरह कहां से पलेंगें , कहां से खायेंगें । उसी चीज को जब पचास रू प्रतिकिलो बेचा जायेगा तो बेचने वाले को भी पांच रू मुनाफे के और बाद बाकी , चुनाव टाइम पर नेताओं और पार्टीयों को चंदा , मंडी में दूकान या ठेला लगाने की रोजाना की नगरनिगम या नगरपालिका की रोजनदारी वसूली , पुलिस वाले बीट प्रभारी का लेन देन, और बीच बीच में बीट प्रभारी के बजाय फीती लगाये आ जाने वाले सिपहिया , जब तब पत्रकार और न जाने कितनों के हिसाब किताब के बाद अगर पांच रू प्रति किलो किसान से खरीदी चीज कोल्ड स्टोरेज में डाल कर बी एच सी यानि बैंजीन हैक्सा क्लोराइड और मैलाथियान तथा भैंस का इजेक्शन लगाकर लंबी मोटी कर बढ़ाई गईं सब्जियां जैसे लौकी , तोरई , कद्दू , बैंगन , खीरा  और  सेम आदि इन सबके खर्चों को निकाल कर अपने आप ही दाम उस पांच रू का पचास रू हो ही जाता है । 

मतलब साफ है ,कोल्ड स्टोरेज किसान को भी खा रहे और लूट रहे हैं तो जनता यानि आम आदमी को भी । एक बार मुरैना में हजारों टन आलू कोल्ड स्टोरेजों को बाहर सड़क पर यानि हाई वे पर फेंकना पड़ा था , ऐसा तब हुआ जब नया आलू किसान ले आया और वह कोल्उ स्टोरेज वाले आलू से पच्चीस गुना सस्ता था । लिहाजा कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले व्यापारियों ने कोल्ड स्टोरेजों का मासिक किराया देना बंद कर दिया और नया माल ( आलू ) खरीद  कर कोल्ड स्टोरेज ले जाना शुरू कर दिया ,बाजार में उस समय आम आदमी को कोल्ड स्टोरेज वाला आलू चालीस से पैंतीस रू प्रति किलो बेचा जा रहा था , मगर किसान का नया आलू मंडी में पांच रू प्रतिकिलो और मोहल्लों घरों में वह आठ रूपये और सात रू प्रतिकिलों के दाम पर हाथठेले वालों द्वारा बेचा जाने लगा तो , ऐसी सूरत में वही चालीस पैंतीस रू प्रतिकिलो वाला कीटनाशक दवायें मिला हुआ हजारों टन आलू सड़कों पर फेंकना पड़ा  । 

उक्त घटनाक्रम से जाना जा सकता है कि सिस्टम में दोष कहां पर है , अलबत्ता कोल्ड स्टोरेजों की स्थापना इसलिये की गई थी कि किसान अपना माल यानि फसल उसमें रख सके और साल भर साग सब्जी आम जनता को हर मौसम में मिल सके , इसलिये नहीं कि दलाल , व्यापारी और विक्रेता , किसी किसान से सस्ते में माल खरीद कर सालभर मुनाफाखोरी , ब्लेकमार्केटिंग के लिये जमाखोरी कर सकें । 

किसी किसान ने अपना माल कोल्डस्टोरेज में रखा होता तो न कभी साग सब्जी के दाम बढ़ते और किसान आज तक इतना गरीब , परेशान और मजबूर व लाचार ही नहीं होता । सरकार अगर मंडी में फसल खरीदने और तुलाई के लिये किसानों का पंजीयन कर एस एम एस से नंबर लगवाती है कि केवल किसान ही बेच पाये अन्य कोई दलाल या व्यापारी नहीं ,तो फिर कोल्ड स्टोरेजों और बेयर हाउसों के लिये केवल किसान ही इनमें अपनी फसल की उपज रख सके , यह अनिवार्य क्यों नहीं करती , किसानों की भी समस्या हल होकर परेशानी खत्म हो जायेगी , किसानों के खाते की फसल की मेहनत की , लागत की मुनाफे की समस्या ही समाप्त हो जायेगी और आम जनता को भी पांच रू की चीज पचास रू प्रतिकिलो में लेने की फर्जी व कृत्रिम मंहगाई से हमेशा के लिये मुक्ति मिल जायेगी , किसान भी चैन से अपना परिवार पाल सकेगा और दो रोटी शान व इज्जत से खा सकेगा और आम आदमी भी जो आज केवल साग सब्जी के दाम पूछ कर मन मसोस कर लाचार होकर रह जाता है और देशी घी की तरह सब्जी वाले के ठेले के दर्शन कर पाव भर , या आधा किलो एकाध चीज कभी कभार खरीद कर रह जाता है और हर चुनाव के बाद हर सरकार से आस लगाता है कि अब दाम कम हो जायेंगें और हम चैन से ख पी सकेंगें । 

सरकारी साग रोटी खा रहे नेताओं और अफसरों को यह सारी बातें समझ नहीं जायेंगीं क्योंकि उनका समझदानी का लेवल हाई ( गोल्ड यानि सोने के लेवल ) रहता है और ये साग सब्जी , आम आदमी वगैरह जरा लो लेवल की बातें हैं , सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों के लेवल की बातें हैं । 

दूसरी भाषा में कहें तो ..... रोजाना खपत होने वाली चीजों को नकदी की यानि रोजाना मुनाफा देने वाली चीजें कहा जाता है , मसलन ... माचिस , नमक , साग सब्जी , तेल , दाल , मसाले ( हर कोई नहीं डालता) आदि रोजाना बिकने , खपत होने वाली चीजें हैं और हर आदमी के इस्तेमाल की चीजें हैं , अगर यही आम आदमी से दूर हो गयीं और बेतहाशा बेलगाम मंहगीं इसी तरह ही रहीं और होतीं रहीं तो ...... भई हम तो इसी तरह लिखते रहेंगें , और ग्वालियर टाइम्स इसी तरह प्रकाशित प्रसारित करती रहेगी ।   

बुधवार, 18 नवंबर 2020

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम मुरैना ने 7 खरीदी केन्द्रों का किया निरीक्षण

मुरैना जिले में इस समय बाजरा की खरीदी युद्ध स्तर पर है। किसानों को बाजरे की फसल बेचने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। इसको ध्यान में रखते कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने जिले के समस्त एसडीएमों को निर्देश दिये है कि स्वयं एसडीएम खरीदी केन्द्रों पर पहुंचे। बाजरे की तुलाई में विलंब क्यों ? इसका अवलोकन कर मुझे अवगत करायें। कलेक्टर के निर्देश पर यूं तो जिले के सभी एसडीएम प्रत्येक केन्द्रों पर भ्रमण कर वहां पर आ रहीं बाजरे की तुलाई में समस्या का समाधान कर रहे है। वहीं एसडीएम मुरैना श्री आरएस बाकना ने स्वयं 7 खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तुलाई के समय बारदाने की समस्या आ रही थी, एसडीएम ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर खरीदी केन्द्रों की गति बढ़ाई। एसडीएम मुरैना ने खरीदी केन्द्र निटहरा, पढ़ावली, भैंसरौली, चैना, शिवलाल का पुरा, धनेला और मार्केटिंग केन्द्रों का निरीक्षण किया। जिसमें 5 केन्द्र ऐसे थे, जिनके किसानों की ट्रॉलियां रोड़ पर खड़ी हुई थी, उन्हें तत्काल कृषि उपज मंड़ी में तौल कांटा, बारदाना का प्रबंध कर शीघ्र विक्रय कराई। जिनमें निटहरा, पढ़ावली, भैंसरौली, चैना और शिवलाल का पुरा केन्द्रों के नाम शामिल थे। भ्रमण के समय डीएसओ श्री तोमर, तहसीलदार श्री भरत कुमार, श्री विपन श्रीवास्तव, श्री अरूण जैन प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

विशेष सूचना बैंक कभी भी ओटीपी नही मांगता इस तरह से आने वाली सभी फ्रॉड कॉल है ( लोेकल लेवल से राष्ट्रीय स्तर तक शामिल है सायबर ठग इस रैकेट में )

 अनजाने व्यक्ति का काल न उठायें 

अगर कोई व्यक्ति आपको कॉल कर कहे कि आपके लोन खाते की तीन EMI आगे बढ़ानी है। आपके पास एक OTP (ONE TIME PASSWORD) आएगा। कृपया बतायें। इस तरह से पूछता है तो वह एक फ्रॉड कॉल है। कोई भी बैंक OTP नही माँगता। ध्यान रखे व अपना OTP नही बताये अन्यथा आपके साथ फ्राड हो जाएगा। यह सूचना सभी को भेजे। ऐसे लोग सक्रिय हो गए है।

अंबाह, पोरसा में अतिरिक्त 6 सोसायटी और खोली हैं , बाजरा खरीदी के लिये 15 दिवस और बढ़ाये, किसान चिन्तित न हों बाजरे का एक-एक दाना सोसायटी क्रय करेंगी - कलेक्टर

 


कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने जिले के किसानों से कहा है कि वे बाजरा विक्रय करने के लिये चिन्तित न हों। किसान का एक-एक दाना बाजारे का सोसायटी क्रय करेंगी। किसान की मांग के अनुसार अंबाह, पोरसा में 6 खरीदी केन्द्र और बढ़ा दिये गये है। जिन्होंने अपना कार्य आज से प्रारंभ कर दिया है। कलेक्टर ने बताया कि अंबाह अनुभाग के अन्तर्गत नवीन खरीदी केन्द्र स्थापित किये है। जिनमें प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बिरेहरूआ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति खड़ियाहार, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति उसेतपुर, सेवा सहकारी संस्था गोठ, विपणन सहकारी संस्था लीड पोरसा और विपणन सहकारी संस्था अंबाह उपार्जन केन्द्र खोले गये है।   

    कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि इनके अलावा जिले में 49 खरीदी केन्द्र पहले से ही संचालित है। सभी केन्द्रों पर बारदाना सहित अन्य सुविधायें उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों दिये गये है। किसान की उपज बेचने में विलंब न हो। इस प्रकार के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि अंबाह में इसके पहले 7, पोरसा में 4, मुरैना में 10, जौरा में 15, कैलारस में 7, सबलगढ़ में 6 खरीदी केन्द्रों पर बाजरा की खरीदी की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि खरीदी 21 नवम्बर तक नहीं। इसके लिये अतिरिक्त 15 दिवस और बढ़ा दिये गये है। हर किसान का एक-एक दाना सोसायटी क्रय करेंगी। किसान चिन्तित नहीं हो। 

ओले से प्रभावित प्रत्येक खेत का सर्वे होगा- कलेक्टर वर्मा

 


रविवार को सबलगढ़ विकासखण्ड के 8 गांवों में ओलावृष्टि हुई है। जिससे किसानों की फसल क्षति का नुकसान हुआ है। इसके लिये कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने एसडीएम सबलगढ़ सुश्री अंकिता धाकरे को कड़े निर्देश दिये है कि ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में राजस्व अधिकारियों की टीम लगाकर खेत-खेत का सर्वे किया जाये। ओलावृष्टि से हुये नुकसान की भरपाई का मुआवजा दिया जायेगा। इसके लिये राजस्व अधिकारी खेत-खेत की मेड़ पर पहुंचकर सर्वे कार्य को प्राथमिकता दें। इस कार्य में मुझे लापरवाही नहीं मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि खेत का सर्वे करते समय कृषक को भी मौके पर बुलायें। ऐसा न हो, कि एक स्थान पर बैठकर पूरे क्षेत्र का सर्वे कर लिया जाये। मुझे किसी गांव या कृषक की शिकायत नहीं मिले। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि ओलावृष्टि के सर्वे का कार्य 3 दिवस के अंदर पूर्ण कर लिया जाये। किसान की जो भी फसल है, उस फसल का नाम, सर्वे क्रमांक पत्रक पर अंकित रहे।

    एएसएलआर श्री सिरोमन सिंह कुशवाह ने बताया कि सबलगढ़ विकासखण्ड के अन्तर्गत 8 गांवों में ओलावृष्टि हुई है। जिनका चिन्हांकन कर लिया गया है। इनके लिये राजस्व टीम गठित कर दी गई है। जिनमें जावरौल, जारोली, पचेर, बावड़ीपुरा, कैमाराकलां, टोंगा, रामपुरकलां, बामसोली आदि ग्राम शामिल हैं। 

8573 कर्मियों को हुआ 1 करोड़ 9 लाख 7 हजार 700 रूपये के मानदेय का भुगतान

 जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी और अंबाह उपचुनाव कराने में लगे 8 हजार 573 कर्मियों को उनके खातों में 1 करोड़ 9 लाख 7 हजार 700 रूपये का भुगतान अल्पअवधि में कर दिया गया है।    

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा के निर्देश पर यह भुगतान सभी मतदान कर्मियों को किया गया है। जिला पेंशन अधिकारी एवं मानदेय के नोडल अधिकारी श्री रामकुमार सिंह तोमर ने बताया कि मतदान दलों के मानदेय भुगतान में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एलके पाण्डे, जिला पंचायत के लेखाधिकारी श्री एम बेग, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री सुनील श्रीवास्तव, सहायक श्री केपी वर्मा, जिला निर्वाचन कार्यालय के श्री दिवाकर पचौरी, श्री नरेन्द्र सिकरवार, केपी वर्मा, सुपरवाइजर श्री उमेश बंसल, संतोष रजक और सुश्री सुमन की अहम भूमिका रही। जिनके अथक सहयोग से मानदेय का भुगतान कार्य संपादित हुआ।

नगरीय निकायों एवं पंचायत निर्वाचन के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने प्रचार-प्रसार के निर्देश

 राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री डी.व्ही. सिंह ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2020-21 के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार (SENSE)  की गतिविधियाँ शुरू करें। प्रचार-प्रसार की गतिविधियों का कैलेण्डर सभी जिलों को भेज दिया गया है। इस संबंध में की गयी कार्यवाही की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भेजने के निर्देश भी दिये गये है।

    श्री सिंह ने बताया है कि नवम्बर के अंतिम सप्ताह में नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में ई.व्ही.एम. के संचालन की जानकारी दी जायेगी। स्थानीय निर्वाचन विषय पर वाद-विवाद एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता, वर्ष 2014 में कम वोटिंग वाले मतदान केन्द्रों से संबंधित मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करना विकासखण्ड एवं निकाय स्तर पर युवा संवाद कार्यक्रम, नुक्कड़-नाटक, रैली आदि कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जायेगा।
    निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के बाद ऑनलाइन नाम निर्देशन-पत्र भरने, मतदान के दौरान कोविड-19 संक्रमण से बचाव, मतदाताओं के लिए सुविधाओं की जानकारी, चुनाव मोबाइल एप एवं उसकी उपयोगिता के संबंध में मतदाताओं को जानकारी दी जायेगी। महिला एवं युवा मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करना, गर्भवती महिला, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग मतदाताओं को सुगमता से मतदान किये जाने की प्रक्रिया बताना और आयोग द्वारा किये गए नवचारों एवं नियम-निर्देशों में हुए संशोधनों से मतदाताओं एवं अभ्यर्थियों को अवगत कराया जायेगा।

नगरीय निकाय झुण्डपुरा, कैलारस, अंबाह और पोरसा के वार्डो का संशोधन आरक्षण प्रक्रिया संपन्न, देंखें कहां किसे मिला आरक्षण

 


आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेशानुसार नगरीय निकाय झुण्डपुरा, कैलारस, अंबाह और पोरसा के वार्डो की आरक्षण संबंधी कार्रवाही त्रुटिपूर्ण होने पर पुनः करने के निर्देश दिये गये थे। प्राप्त निर्देशों के तहत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा की अध्यक्षता में चारों नगरीय निकायों के त्रुटिपूर्ण वार्डो के आरक्षण की प्रक्रिया विभिन्न राजनैतिक दलों की उपस्थिति में नई कलेक्ट्रेट भवन में संपन्न हुई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एलके पाण्डे सहित संबंधित नगरीय निकायों के सीएमओ एवं संबंधी वार्डो के मान्यता प्राप्त दलों के लोग उपस्थित थे।     

    कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने बताया कि नये सिरे से वार्डों के आरक्षण की कार्रवाही में नगरीय निकाय झुण्डपुरा में कुल 15 वार्ड है, जिनमें से वार्ड क्रमांक 7,15 अनुसूचित जाति महिला के लिये एवं वार्ड क्रमांक 6 को मुक्त रखा गया है। वार्ड क्रमांक 12,13 पिछड़ा वर्ग महिला के लिये एवं वार्ड क्रमांक 2,10 को मुक्त रखा गया है। अनारक्षित वर्ग में वार्ड क्रमांक 1,3,5,9 महिला वर्ग के लिये और वार्ड क्रमांक 4,8,11,14 को मुक्त रखा गया है। 
    नगरीय निकाय कैलारस में अनुसूचित जाति के लिये वार्ड क्रमांक 2,9 महिला वर्ग, वार्ड क्रमांक 3 मुक्त रखा गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये वार्ड क्रमांक 7,15 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 1,10 को मुक्त रखा गया है। अनारक्षित वर्ग के लिये वार्ड क्रमांक 4,5,8,14 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 6,11,12,13 को मुक्त रखा गया है।
    नगरीय निकाय अंबाह में अनुसूचित जाति वर्ग के लिये वार्ड क्रमांक 10,11 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 17 को मुक्त रखा गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग में वार्ड क्रमांक 1,13,18 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 7,15 को मुक्त रखा गया है। अनारक्षित वर्ग में वार्ड क्रमांक 3,6,14,16 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 2,4,5,8,9,12 को मुक्त रखा गया है।
    नगर पालिका पोरसा में अनुसूचित जाति के लिये वार्ड क्रमांक 9,10 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 2 को मुक्त रखा गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग में वार्ड क्रमांक 8,13 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 5,6 को मुक्त रखा गया है। अनारक्षित वर्ग में वार्ड क्रमांक 1,3,4,11 महिला वर्ग के लिये, वार्ड क्रमांक 7,12,14,15 को मुक्त रखा गया है।
    कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने बताया कि 29 जनवरी 2020 को वार्ड आरक्षण की कार्रवाही की गई थी। जिसमें महिला वर्ग को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। जिसमें किसी नगरीय निकाय में मान्य लिया जाये कि 15 वार्ड है तो 7 पर महिला एवं 8 वार्ड पर पुरूषों को रखा गया था। जिसमें शासन के आदेशानुसार महिला वर्ग को 8 वार्ड एवं पुरूष वर्ग को 7 वार्ड दिये जाने थे। इसलिये यह आरक्षण की कार्रवाही पुनः चार नगरीय निकायों की गई है।

पोषित परिवार-सुपोषित म.प्र के अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवारों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

 सुपोषित प्रदेश की संकल्पना को साकार करने के लिए कुपोषण जैसे गंभीर विषय पर समुदाय एवं परिवार की सहभागिता पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत "पोषित परिवार-सुपोषित मध्यप्रदेश" कार्यक्रम के अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चों के परिवार को बच्चे के पोषण स्तर में उनके सक्रिय प्रयास से आयें सुधार के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जायेगा। महिला-बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री अशोक शाह ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख कर अवगत कराया है।

    यह प्रोत्साहन राशि एक परिवार को 200 रुपये प्रति किश्त की दर से दो किश्तों में 400 रूपये दी जायेगी। इसके तहत दो प्रावधान सुनिश्चित किये गए है। पहले प्रावधान में ऐसे पंजीकृत अति गंभीर कुपोषित बच्चे जिनका पोषण स्तर में अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी से मध्य गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आ गया हो, ऐसे परिवार को प्रोत्साहन की प्रथम किश्त की राशि देय होगी। दूसरे प्रावधान में ऐसे पंजीकृत अति गंभीर कुपोषित बच्चे जो C-SAM कार्यक्रम में मध्यम गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आने के बाद सामान्य पोषण स्तर की श्रेणी में आ गए है, ऐसे परिवार को द्वितीय किश्त की राशि भी देय होगी। इसके अतिरिक्त बच्चे से संबंधित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं जैसे बच्चे की उम्र अनुसार टीकाकरण सारणी का अनुपालन, 6 माह से 2 वर्ष की आयु हो उनके 6 माह के बाद बच्चे के ऊपरी आहार की शुरूआत एवं उसकी निरन्तरता का स्तर निर्धारित मानक अनुसार है या नहीं तथा परिवार द्वारा अपनाये जाने वाले स्वास्थ्य एवं पेषण व्यवहार अथवा शिक्षा के स्तर का भी आंकलन किया जायेगा।
    वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत अति गंभीर कुपोषित बच्चों के चिन्हाकंन एवं पंजीयन के बाद 12 सप्ताह अथवा 3 माह तक सतत प्रयास कर उन्हें सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाता है। इस दौरान बच्चों के परिवार को परामर्श देकर उनके सहयोग से बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य स्थिति में सुधार का प्रयास किया जाता है। "पोषित परिवार- सुपोषित मध्यप्रदेश" में इन परिवारों का सम्मान किया जायेगा जिनके प्रयासों से पंजीकृत अति गंभीर कुषोषित बच्चों के पोषण स्तर में बदलाव परिलक्षित हो रहा है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाये जाने की दिशा में बनाये गये रोडमैप के बिन्दुवार अध्ययन किया जाये - कमिश्नर

 

चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आर.के. मिश्रा ने चंबल संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित चंबल रेन्ज के पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज शर्मा को पत्र लिखकर निर्देश दिये है कि 12 एवं 13 नवम्बर को प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा ली गई वीडियो कॉन्फ्रेंस में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाये जाने के लिये बनाये गये रोड़मैप के प्रत्येक बिन्दु का गहन से अध्ययन कर बिन्दुबार क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। 
    चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा ने कहा है कि मध्यप्रदेश शासन के द्वारा मॉनीटरिंग के लिये जो डेशबोर्ड बनाया गया है। इस पर संभाग एवं जिले की परफॉरमेन्स सही प्रदर्शित हो, इस पर उचित कदम उठाये जायें। धान उपार्जन एवं मिलिंग के संबंध में समन्वय किया जाकर कार्य किया जाये। ज्वार, बाजरा आदि के संबंध में खरीदी केन्द्रों का समय बढ़ाया गया है। शतप्रतिशत किसानों से ज्वार बाजरा की खरीदी हो जाये। पात्रता पर्ची का वितरण 100 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाये और उसके आधार पर 100 प्रतिशत वितरण भी किया जाये। राशन माफिया के विरूद्ध तत्काल कार्रवाही कर एन.एस.ए. एवं अन्य अधिनियमों के तहत कार्रवाही की जाये। सुशासन हर हाल में कायम रखा जाये। त्यौहारों एवं आसपास के मेलों पर निगाह रखें, कानून एवं कोविड के नियमों का पालन किया जाये। अवैध रेत उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन न हो, सख्ती से कार्रवाही हो। 
    उन्होंने कहा कि चिटफण्ड कंपनी या उनके मालिक तथा डायरेक्टर के विरूद्ध कार्रवाही हो। मिलावटखोरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाही हो और त्यौहरों पर विशेष ध्यान रखा जाये। सैम्पलिंग के लिये जो मोबाइल वेन शासन से भेजी गई है, तत्काल उनका प्रोग्रामिंग किया जाकर विस्तृत जांच का अभियान चालू किया जाये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इस पर समन्वय करें। कमिश्नर ने निर्देश दिये है कि किसान सम्मान निधि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो। पटवारी गांवों में फोटो खींचे और योजना का क्रियान्वयन तुरंत सुनिश्चित किया जाये। ग्रामीण एवं शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता तत्काल मिले और रोजगार सफलतापूर्वक करें, जिससे उन्हें द्वारा, तिबारा ऋण मिल सकें। स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण हो और उनके उत्पाद के लिये उन्हें आउटलेट सुविधा दी जाये। कोविड-19 पर लगातार निगाह रखी जाये। फीवर क्लीनिक में जांच का कार्य तेज किया जाये। एक जिला एक उत्पाद के मामले में जिले की ग्रामीण कृषि व्यवसायियों को उचित बाजार मूल्य दिलाया जाये और एक्सपोर्ट में जोड़ा जाये। नगरीय निकायों, जनपद एवं जिला पंचायतों में जो अनुपयोगी राशि है, जिसका उपयोग नहीं हो सकता है, शासन को भेजी जाये एवं अन्य प्रकार की राशियों के मामले में शासन निर्देशानुसार तत्काल कार्रवाही की जाये। (इस बावत परियोजना अधिकारी, शहरी विकास अभिकरण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत समन्वय करें)। प्रदेश में खाद की कमी नहीं है, परन्तु वितरण एवं मॉनीटरिंग विधिवत की जाये। रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाकर अधिक से अधिक युवाओं एवं रोजगार चाहने वाले व्यक्तियों को रोजगार प्रदाय किया जाये। इसके लिये आवश्यक कदम उठाया जाये। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप अनुसार अगले माह में होने वाली समीक्षा बैठक में दिये गये विषयों में प्रभावी क्रियान्वयन किया जाकर जानकारी 28 नवम्बर को भेजी जाये।

निमोनिया जानलेवा हो सकता है बच्चों को निमोनिया से बचायें

 स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी करते हुये बताया गया है कि ठंड ने दस्तक दे दी है। ऐसे में शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया के संक्रमण से बचाव के लिये सावधानियों को अपनाना बेहद आवश्यक है। निमोनिया जानलेवा हो सकता है। निमोनिया के उपचार में देरी बच्चे के लिये खतरनाक हो सकती है। बच्चों में बुखार, खांसी, श्वास तेज चलना, पसली चलना अथवा पसली धंसना निमोनिया के लक्षण हैं। लक्षण दिखाई देने पर बच्चों को निमोनिया से उपचार के लिये तुरंत चिकित्सक अथवा निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में ले जायें।

    स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को ठंड से बचाव के लिये अभिभावकों से आग्रह किया है कि बच्चों को दो-तीन परतों में गर्म कपडे पहनायें। ठंडी हवा से बचाव के लिये शिशु के कान को ढंके। तलुओं को ठंडेपन से बचाव के लिये बच्चों को गर्म मोजे पहनायें। निमोनिया के उपचार के लिये आवश्यक औषधियां अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध हैं चिकित्सक के परामर्श अनुसार निमोनिया का पूर्ण उपचार लें।

रविवार, 15 नवंबर 2020

शाम 6 बजे से मुरैना में बिजली गोल, भ्रष्ट बिजली कंपनी का स्तरहीन घटिया इन्फ्रारस्ट्रक्चर और निकम्मे तथा भ्रष्ट बिजली अफसरों की अयोग्य और नाकारा टीम की बदौलत चंबल अंधेरे में डूबी

शिकायतों को महज 500 से 800 रूपये लेकर करा दिया जाता है फोर्सली फर्जी तरीके से सी एम हेल्पलाइन में क्लोज

मुरैना, 15 नवम्बर ( ग्वालियर टाइम्स ) मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चंबल संभाग के वितरण में जो भी क्रम जारी है , उसमें कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में हुई अयोग्य व भ्रष्ट अफसरों और फील्ड में बिजली कर्मियों की पदस्थी तो खैर अपने आप में भ्रष्टाचार का एक नायाब नमूना रही है , सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों को महज 500 से 800 रूपये लेकर ( हमारी आंखों देखी ) मुरैना कलेक्ट्रेट के गेट स्थित एन आई सी के सेवा केन्द्र से हर शिकायत को फर्जी तरीके से फोर्सली क्लोज कर यह कहा जाता रहा कि (  कोई भी ) शिकायतकर्ता (साले ) को घुमाते रहेंगें एक नंबर से चार नंबर तक ऐसे ही , तुम पैसे दिये जाओ , हम यूं ही क्लोज करते रहेंगें ।

यह वाकया उस वक्त का है जब एक पुलिस शिकायत के संबंध में हम सी एस पी मुरैना को अपना बयान दर्ज कराने गये थे , तब संयोग से सी एस पी मुरैना ने हमें वहां उस कक्ष में भेज दिया था और दो चार घंटे हमने उस कक्ष की कार्यवाही और प्रणाली को खुद अपनी आंखों से देखा , संयोग से कक्ष प्रभारी हमें पहचानता नहीं था सो धड़ल्ले से हमारे सामने ही खेल करता और बताता रहा ।

बिजली कंपनी का भ्रष्टाचार और घटिया इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा अवैध व फोर्सली फर्जी बिल देना तो खैर किसी से छिपा नहीं है , न आम जनता से और न किसी राजनेता से , न न्यायालय से और न किसी भी जांच एजेंसी से । न थ्री फेज सप्लाई है कहीं और न किसी उपभोक्ता के थ्री फेज बिल लगातार भुगतान के बावजूद ही थ्री फेज सप्लाई ही मिल रही है , मटरूआ , करूआ हों या कोई और शराब में 24 घंटे मस्त पड़े बिजली अफसर और बिजली कर्मीयों के शौक और मौज केवल दारू तक ही हो ऐसा नहीं है , औरतखोरी और रिश्वत , भ्रष्टाचार के अलावा मांस , मुर्गा और बकरे के शौकीन , जहां फैक्ट्रियों और उद्योगों को जमकर बिजली चोरी करा कर रोजाना ही कंपनी को अपने बाप का माल समझ कर बेच रहे हैं तो उनके बिजली बिलों को घरेलू आम उपभोक्ताओं पर एडजस्टमेण्ट के नाम और आकलित खपत के नाम पर फर्जी तरीके से लाद देता है और चोरों को साहूकार तथा साहूकारों को चोर बनाता रहता है ।

भ्रष्टाचार और अंधेरगर्दी का आलम ये है कि घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली तो कभी मिलती ही नहीं है और केवल बिल मिलते हैं , जबकि उद्योगों और फैक्ट्रियों के हर महीने के लाखों करोड़ों के बिलों की चोरी करवा कर , एडजस्टमेण्ट के लिये आकलित खपत का फर्जी आंकड़ा बना कर धर दिये जाते हैं ।

बिजली आम आदमी को न तो कमलनाथ की कांग्रेस सरकार दे पाई और वही नतीजा भी हालिया उपचुनाव परिणामों में कमनाथ सरकार ने भोगा भी, और उन्हीं अंधेरगर्द और भ्रष्ट अफसरों तथा बिजली कर्मियों की तैनाती और उनकी अयोग्यता, नाकारा और निकम्मापन और भ्रष्टाचार  अब उपचुनाव होते ही फिर से सिरदर्द बन कर उठा है ।

उपचुनावों से पहले रोजाना की जा रही आठ दस घंटों की अघोषित अंधाधुंध  बिजली कटौती , उपचुनाव और दीवाली गुजरते ही फिर से आज 15 नवम्बर सेफिर से चालू हो गयी है , मुरैना में ( गांधी कालोनी . ग्वालियर टाइम्स के प्रधान कार्यालय के आसपास क्षेत्र की ) आज सुबह 9:30 बजे  बिजली काटने के बाद , शाम 6:15 बजे से बिजली फिर काट दी गयी  जो कि इस समय इस खबर के लिखे और प्रकाशित किये जाने के वक्त तक पूरी तरह बंद है , ग्वालियर टाइम्स के प्रधान कार्यालय पर हालांकि 3 फेज का कनेक्शन सन 1995 से है , और 3 फेज का ही बिजली भुगतान किया जाता रहा है मगर बिजली केवल सिंगल फेज के ही 3 फेज बनाकर दी जाती है अर्थात 3 फेज की केबल को पोल पर तीनों फेजों को एक ही सिंगल फेज से जोड़कर दी जाती है । जिसकी तमाम शिकायतें सी एम हेल्पलाइन में की गईं और पी जी पोर्टल भारत सरकार में की गईं , भ्रष्ट अफसरों ने सी एम हेल्पलाइन की सभी शिकायतें बिना किसी निराकरण के ही फोर्सली उटे सीधे जवाब देकर बंद करवा दीं और पी जी पोर्टल भारत सरकार की किसी भी शिकायत का आज तक जवाब ही नहीं दिया , वहां सभी शिकायतें आज दिनांक तक अनिराकृत और पेंडिंग तथा जवाबहीन हैं । जबकि भारत सरकार द्वारा म. प्र. शासन के प्रमुख सचिव ऊर्जा से तत्समय ही जवाब तलब किया जा चुका है लेकिन आज दिनांक तक किसी शिकायत का जवाब देने की जहमत म.प्र. शासन ने नहीं उठाई जिससे आगे हाई कोर्ट जाने का रास्ता खुले ।

इस भ्रष्टाचार की और निकम्मेपन तथा अयोग्यता की ही देन है कि आज चम्बल अंधेरे में डूबी हुई है ।  

शुक्रवार, 13 नवंबर 2020

कलेक्टर ने जिले वासियों को पांच दिवसीय दीपावली पर्व की दी शुभकामनाएं

 

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अनुराग वर्मा ने दीपावली पर्व पर सभी जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। कलेक्टर श्री वर्मा ने पांच दिवसीय प्रकाश पर्व धनतेरस, रूपचौदस, दीपावली, गौवर्धन पूजा और भाईदूज की शुभकामनाएं दी। उन्होनें जिलेवासियों को शुभकांमना संदेश देते हुए दीपावली का त्यौहार हर्ष उल्लास के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है।   
    जिला प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि स्थानीय कारीगरों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों तथा कुम्हारों द्वारा निर्मित वस्तुओं का उपयोग करें। त्यौहार के अवसर पर फटाखों का उपयोग शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार करें, जिससे आप पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण से बचाव कर सकेंगे। वहीं फटाखों के कारण होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं से भी अपने परिवारजनों को बचा सकेंगे।
    जिला प्रशासन द्वारा यह भी अपील कि गई है कि त्यौहारों के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी बनाये रखने, साबुन एवं पानी से धोने आदि को नहीं भूले। जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई भी नहीं होनी चाहिए। 

बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे या उससे लगाकर दुकान न लगाएँ, पटाखा व आतिशबाजी बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें

 मध्यप्रदेश पूर्व, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं एवं नागरिक बन्धुओं से अपील की है कि वे दीप पर्व पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियां रखकर सुरक्षित एवं सुखद दीपावली मनाएँ। बिजली कंपनियों ने सभी पटाखा व्यवसायियों से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे या उससे लगाकर दुकान न लगाएँ, क्योंकि इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है और छोटी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। बिजली कंपनियों ने नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि वे पटाखे व आतिशबाजी बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें।

    कंपनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर प्रकाशीय साज-सज्जा के लिये उपभोक्ता अपने परिसर में विद्यमान बिजली कनेक्शन से स्वीकृत भार के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त भार की वृद्धि एवं सीधे तार डालकर विद्युत चोरी नहीं करें। बिजली चोरी अथवा बिना स्वीकृति के संयोजित भार में वृद्धि अवैधानिक है और इसके लिए बिजली अधिनियम-2003 में जुर्माने का प्रावधान है। कंपनी ने मिठाई, मूर्तियाँ, साज-सज्जा, बर्तन व्यापारी, पटाखों की दुकाने एवं दीपावली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिये लगाए जाने वाली अस्थाई दुकानों के प्रकाश व्यवस्था हेतु व्यापारी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें।

केवल दीवाली पर दो घंटे 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाये जा सकेंगें, कोर्ट ने भी इस संबंध में दिया आदेश, दीपावली पर्व पर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अपील

 दीपावली प्रकाश का पर्व है, परन्तु दीपावली के समय विभिन्न प्रकार के पटाखों का उपयोग बड़ी मात्रा में किया जाता है। ज्वलनशील एवं ध्वनि कारक पटाखों के उपयोग के कारण परिवेशीय वायु में प्रदूषक तत्वों एवं ध्वनि स्तर में वृद्धि होकर पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कुछ पटाखों से उत्पन्न ध्वनि की तीव्रता 100 डेसीबल से भी अधिक होती है। अतः इस प्रकार के प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाना अति आवश्यक है, जिससे मानव अंगों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। 

    उपरोक्त संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना जी.एस.आर. 682(ई) 05 अक्टूबर, 1999 में पटाखों के प्रस्फोटन से होने वाले शोर हेतु मानक के अनुसार प्रस्फोटन के बिन्दु से चार मीटर की दूरी पर 125 डी.बी. (ए.आई.) या 145 डी.बी. (सी) पीक से अधिक ध्वनि स्तर जनक पटाखों का विनिर्माण, विक्रय व उपयोग वर्जित है।
    सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट-पिटीशन (सिविल) क्रमांक 728,2015 ‘‘ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण’’ के परिप्रेक्ष्य में 23 अक्टूबर, 2018 को दिये गये निर्णयानुसार रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक (दो घन्टे) के पश्चात् दीपावली पर्व पर पटाखों का उपयोग प्रतिबंधित है। लड़ी (जुड़े हुए पटाखों) गठित करने वाले अलग-अलग पटाखों के निर्माण, विक्रय एवं उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। दीपावली पर्व पर एवं अन्य पर्वो और अवसरों पर उन्नत पटाखे एवं ग्रीन पटाखे ही विक्रय किये जा सकेंगें। दीपावली पर्व पर पटाखों का उपयोग नियत समय रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक तथा निर्धारित स्थल पर ही किया जाना है, साथ ही प्रतिबंधित पटाखों का विक्रय न हो। इसके परिपालन हेतु संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी, स्टेशन हाउस ऑफिसर को व्यक्तिगत रूप से दायित्व सौंपे गये है।
     पटाखों के जलने से उत्पन्न कागज के टुकड़े एवं अधजली बारूद बच जाती है तथा इस कचरे के सम्पर्क में आने वाले पशुओं एवं बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की सम्भावना रहती है। पटाखों के जलाने के उपरान्त उनसे उत्पन्न कचरे को ऐसे स्थानों पर न फेंका जाये, जहाँ पर प्राकृतिक जल स्त्रोत या पेयजल स्त्रोत प्रदूषित होने की संभावना है, क्योंकि विस्फोटक सामग्री खतरनाक रसायनों से निर्मित होती है।
     प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा आम जनता से निवेदन किया गया है कि पटाखों का उपयोग सीमित मात्रा में करें एवं पटाखों को जलाने के पश्चात उत्पन्न कचरे को घरेलू कचरे के साथ न रखें। उन्हे पृथक स्थान पर रखकर नगर-निगम के कर्मचारियों को सौंपदे। नगर-निगम एवं नगर पालिकाओं से भी यह भी अनुरोध है कि पटाखों का कचरा पृथक संग्रहीत करके उसका निष्पादन सुनिश्चित करें।

जिला स्तरीय हॉकी फीडर सेंटर के रजिस्ट्रेशन 17 एवं 18 नवम्बर से डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्टेडियम मुरैना में

 संचालनालय खेल और युवा कल्याण भोपाल के  निर्देशानुसार प्रथम चरण में 20 जिलों के अन्तर्गत जिला मुरैना संचालित हॉकी फीडर सेंटर प्रांरभ करने के निर्देश दिए गए है। कोरोना काल में हॉकी फीडर सेंटर प्रांरभ करने एवं इनकी चयन प्रक्रिया में विलम्ब हुआ है। हॉकी फीडर सेंटर में नवीन प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन किया जाना है, जिनकी आयु 08 से 14 वर्ष के मध्य हो (01 जनवरी 2021 की स्थिति में)। विशेष प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन 18 वर्ष की आयु तक किया जा सकेगा।

    जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी की अध्यक्षता में अन्य 03 सदस्यों की समिति संचालनालय स्तर से गठित किए जाने के निर्देश दिए गए है। जिनके द्वारा प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन किया जाना है। उपुर्यक्त आयु को दृष्टिगत रखते हुए हॉकी खेल में रूचि रखने वाले इच्छुक खिलाड़ियों एवं उनके अभिभावकों, प्रशिक्षकों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक बालक एवं बालिका खिलाड़ियों को जिला मुख्यालय पर संचालित हॉकी फीडर सेंटर में चयन के लिए रजिस्ट्रेशन, पंजीयन 17 से 18 नवम्बर 2020 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्टेडियम, मेला ग्राउण्ड परिसर के पास, मुरैना में प्रातः 11 से सायं 5 बजे सम्मिलित कराने हेतु आयु संबंधी मूल दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बोर्ड अंकसूची एवं उक्त दस्तावेजों की 02-02 प्रतियों में छायाप्रतियाँ सहित, 02 फोटोग्राफ्स, स्थानीय मूलनिवासी संबंधी दस्तावेजों सहित उपस्थित होने हेतु अधिक से अधिक संख्या में प्रेरित करें, जिससे मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना हॉकी फीडर सेंटर हेतु केवल रजिस्ट्रेशन, पंजीयन दर्ज प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन, ट्रायल 19 नवम्बर 2020 प्रातः 07 बजे को गठित समिति के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों की उपस्थिति किया जा सकें। हॉकी फीडर चयन ट्रायल के संबंध अधिक जानकारी हेतु खेल और युवा कल्याण अधिकारी एवं हॉकी कोच श्री अविनाश सिंह राजावत से कार्यालयीन समय में सम्पर्क कर सकते है। 

निगम के अन्तर्गत कोरोना के कारण 29 कंटेनमेन्ट जोन से मुक्त ( गांधी कालोनी , गोपालपुरा सहित अनेक वार्ड मुक्त हुये )

 कोविड-19 के प्रकरण पाये जाने पर नगर निगम के 29 वार्डों में कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों के अधीन अन्य आदेश होने तक कर्फ्यू लगाया गया था। जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पत्र के आधार पर 29 वार्डो को कंटेनमेन्ट जोन से मुक्त करने हेतु लिखा गया है।

    इसके आधार पर कलेक्टर श्री वर्मा ने जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुये वार्ड क्रमांक 7 के सिद्धनगर, वार्ड 47 के जे.के टायर वाली गली, वार्ड 38 के एमएस रोड़, ग्राम गुट्टीपुरा हिंगोना, वार्ड 39 गोपालपुरा, वार्ड 38 डॉ. महेश शर्मा बगल से गांधी कॉलोनी, ग्राम जींगनी में मस्जिद के पास, वार्ड 39 में पतंजली स्टोर अपार्टमेन्ट गोपालपुरा, वार्ड 23 में छोटी बजरिया, वार्ड 33 में कलेक्टर के बंगले के पीछे गणेशपुरा, वार्ड 41 में वनखण्डी रोड़ गोपालपुरा, वार्ड 41 में केएस गार्ड के सामने आमपुरा, ग्राम जोरोनी में, वार्ड 15 में शिक्षा नगर महावीर पुरा, वार्ड 23 गुफा मंदिर के पीछे, वार्ड 39 में बाबू सिंह वाली गली गोपालपुरा, वार्ड 38 में गांधी कॉलेनी, वार्ड 22 में पुरानी जींन, वार्ड 15 में टंच रोड़, वार्ड 34 में कुमार गली गणेशपुरा, वार्ड 39 में गोपालपुरा, वार्ड 31 में विवेकानंद कॉलोनी, वार्ड 15 में महावीरपुरा, ग्राम बरेथा, वार्ड 17 में एबी रोड़ मछली फार्म के पास, वार्ड 12 में पुरानी हाउसिंग बोर्ड कोट तिराहा, वार्ड 15 में टंच रोड़ और ग्राम दतहरा में आमजन की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये कर्फ्यू आदेश की आवश्यकता प्रतीत न होने से 11 नवम्बर से निषेधाज्ञा प्रभावशून्य की जाती है।

राज्य ओपन अंतर्गत कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 14 दिसंबर से

 म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, भोपाल के अंतर्गत राज्य ओपन की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का टाईम टेबल जारी कर दिया है। जारी टाईम टेबल के अनुसार परीक्षाएं 14 दिसंबर से प्रारंभ होगी, जो 29 दिसंबर तक चलेगी। कक्षा 10वीं की परीक्षा का समय प्रातः 8 बजे से 11 बजे तथा कक्षा 12वीं की परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। बोर्ड के संचालक ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस परीक्षा में 1 सितंबर से 28 फरवरी 2020 तक सामान्य योजना के तहत संपूर्ण परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले नए विद्यार्थी एवं 20 अक्टूबर 2020 तक आवेदन करने वाले क्रेडिट एवं शेष अन्य योजना के विद्यार्थी ही सम्मिलित हो सकेंगे। ऐसे विद्यार्थी, जो प्रथमवार परीक्षा में सम्मिलित हो रहे है अथवा पूर्व परीक्षा में अनुपस्थित, अनुत्तीर्ण रहे है उनकी प्रयोगिक परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केंद्र पर ही आयोजित होगी। आवश्यक होने पर परीक्षा तिथि एवं समय में परिवर्तन किया जा सकेगा, जिसकी सूचना मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाईट www.mpsos.nic.in एवं मोबाईल एप्प पर परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थी प्रवेश पत्र में अंकित निर्धारित परीक्षा केंद्र एवं विषय में ही परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। द्वितीय से नवम अवसर के परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक पूर्ववत ही रहेंगे। 

मुख्य नगर पालिका अधिकारी गोहद को कारण बताओ नोटिस

 कलेक्टर भिण्ड के प्रतिवेदन के आधार पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद गोहद के रामप्रकाश जगनेरिया को चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  

    कारण बताओ नोटिस जारी में कमिश्नर श्री मिश्रा ने बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी जगनेरिया विगत 5 नवम्बर को टीएल बैठक में बिना बताये अनुपस्थित रहे, जिस कारण विभागीय कार्यो, योजनाओं पर निराकरण होने में असुविधा हुई। इसके पूर्व 27 अक्टूबर को विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 के सुचारू रूप में संपन्न कराने हेतु मतदान केन्द्रों की आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में समीक्षा बैठक की गई थी। जगनेरिया उस बैठक में भी अनुपस्थित रहे। निर्वाचन महत्वपूर्ण जैसे कार्य में अत्यन्त लापरवाही प्रतिदर्शित होती है। इस कारण चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा ने जगनेरिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जबाव 17 नवम्बर को अपरान्ह 3 बजे तक अधोहस्ताक्षरीय के समक्ष उपस्थित होकर अपना उत्तर प्रस्तुत करें। समय सीमा में जबाव प्रस्तुत न करने पर एक पक्षीय कार्रवाही की जावेगी। 

आई.टी.आई. रिक्त सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन तिथि में संशोधन

 तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शासकीय और निजी आई.टी.आई में रिक्त 10 हजार 149 सीटों पर पुनः प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई हैं। विभाग द्वारा आई.टी.आई. के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की तिथि में संशोधन किया गया हैं। अब आवेदक एम.पी.ऑनलाईन के द्वारा 15 नवम्बर तक रजिस्ट्रेशन, रजिस्ट्रेशन में त्रुटि सुधार, नवीन च्वाइस फिलिंग एवं इच्छित संस्थाओं तथा व्यवसायों की प्राथमिकता क्रम का चयन करना, इच्छित संस्थाओं में प्राथमिकता के क्रम में त्रुटि सुधार कर सकते है। पूर्व में यह प्रक्रिया 8 नवम्बर तक निर्धारित थी।

   एम.पी.ऑनलाइन द्वारा मैरिट सूची 16 नवम्बर को जारी की जाएगी। आवेदक 17 नवम्बर को प्रातः 9 बजे उपस्थित होकर संबंधित आई.टी.आई में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। उपस्थित अभ्यार्थियों की मेरिट सूची 18 नवम्बर को ऑनलाइन जारी होगी तथा संबंधित आई.टी.आई. अपने नोटिस बोर्ड पर मेरिट सूची चस्पा करेंगे। इसी दिन इन अभ्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। संस्था में सीट रिक्त रहने की स्थिति में वेटिंग लिस्ट के आवेदकों की प्रवेश प्रक्रिया 19 नवम्बर को मेरिट क्रम में प्रारंभ की जायेगा। 

16 नवम्बर भाईदूज का स्थानीय अवकाश घोषित

 दीपावली के बाद भाईदूज 16 नवम्बर का त्यौहार भाई बहनों के लिये होता है। त्यौहार को ध्यान में रखते हुये कलेक्टर ने 16 नवम्बर का स्थानीय अवकाश घोषित किया है। घोषित स्थानीय अवकाश कोषागारों, उप कोषागारों एवं बैंको पर लागू नहीं होगा।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जताया आभार

 

जिस प्रकार 3 नवम्बर को विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 शान्तिपूर्ण ढ़ग से मतदान सम्पन्न हुआ। उसी प्रकार 10 नवम्बर को मतगणना भी पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से सम्पन्न हुई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने सुव्यवस्थित ढंग से मतगणना सम्पन्न होने पर मतगणना कार्य में लगे अधिकारी, कर्मचारी, प्रत्याशी, उनके अभिकर्ताओ, मीडिया प्रतिनिधियों एवं जिले के नागरिकों का आभार व्यक्त किया है।

अंबाह, पोरसा, कैलारस एवं झुण्डपुरा निकायों के वार्ड आरक्षण की कार्रवाही 17 नवम्बर को होगी

 नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल आदेशानुसार नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 (क) एवं उसके अन्तर्गत बनाये गये नियम मध्यप्रदेश नगर पालिका अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा महिलाओं के लिये वार्डो का नियम 1994 के अनुसार स्थानीय निकायों के वार्ड आरक्षण की संसोधित कार्रवाही 17 नवम्बर को दोपहर 12 बजे नवीन कलेक्ट्रेट भवन में होगी। जिसमें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा की अध्यक्षता में नगर पालिका परिषद अंबाह, नगर पालिका परिषद पोरसा, नगर परिषद कैलारस एवं नगर परिषद झुण्डपुरा के वार्डो के आरक्षण की कार्रवाही की जावेगी।

बुधवार, 11 नवंबर 2020

फतहयाबी के जश्न का नहीं राजनैतिक मुगालते और भ्रम दूर करने का पैगाम छिपा है , म प्र विधानसभा के उपचुनाव के परिणामों में

 भारतीय जनता पार्टी ने 19 सीटें जीत कर , कांग्रेस को 9 सीटें थमा कर दिये कूटनीतिक संदेश , कांग्रेस को प्राप्त 9 में से 7 सीटें बागीयों     ( डकैत प्रभावित) ग्वालियर चम्बल क्षेत्र से मिलीं 

नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनंद’’

म प्र विधानसभा के उपचुनावों के परिणामों पर अगर एक सरसरी नजर डालकर सिंहावलोकन करें तो तमाम राजनीतिक परिप्रेक्ष्य स्पष्ट दृष्टिगोचर होते हैं जिनका विष्लेषण हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं ।

इस उपचुनाव में भाजपा ने 28 में से 19 सीटें जीत कर राजनीति की एक नई परिभाषा और अर्थ दे दिये हैं और केवल 9 सीटें कांग्रेस को देकर उसके 15 महीने के कार्यकाल पर प्रश्नचिह्न लगा दिये हैं या कांग्रेस की गलत चुनावी रणनीति और प्रदेश कांग्रेस की असफलता या उसके धार विहीन नेतृत्व को नख दंत विहीन घोषित कर दिया है , यह सब विश्लेषण इस आलेख में हम कर रहे हैं ।

चित्त भी मेरी पट्ट भी मेरी

अगर इन विधानसभा उपचुनावों के परिणामों पर गौर करें तो अधिकांश कांग्रेस सीटें वही निकली या जीती हैं कांग्रेस ने, जहां ज्योतिरादित्य  सिंधिया की ‘’बी’’ टीम यानि सिंधिया के पुराने खिदमतगार दरबारीयों ने चुनाव लड़ा । यानि इधर से भी सिंधिया और उधर से भी सिंधिया ने ही चुनाव लड़ा ।

इस संबंध में एक पोस्ट हमने उस समय टिकट सूची के वक्त लिखी थी सामायिक होने के कारण उल्लेखनीय है – इत हैं चमचा , उत हैं चमचा ..... वगैरह वगैरह

कांग्रेस को खुशी मनानी चाहिये कि आखिर फिर भी कांग्रेस नहीं , सिंधिया ही जीते , सिंधिया की कृपा से ही अंतत: कांग्रेस की कुछ सीटें आईं ।

मुरैना विधानसभा के चुनाव परिणाम की बात करें तो बसपा प्रत्याशी रामप्रकाश राजौरिया 20 वें राउंड तक करीब दस हजार वोटों से आगे चलते रहे , पहले कांग्रेस के राकेश मावई से फाइट करते रहे , उसके बाद भाजपा के रघुराज सिंह कंसाना से फाइट करने लगे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर चली गई । अचानक ही केवल तीन राउंड में यानि 21, 22, 23 वें राउंड में पूरे परिणाम हैरतअंगेज तरीके से पलट गये और पूरे प्रदेश में केवल एक सीट बसपा की जो शो हो रही थी , अचानक शो होना बंद हो गई । इसके बाद , दूसरे नंबर पर सिंधिया के भाजपा से रघुराज कंसाना और पहले नंबर पर सिंधिया के बी टीम सदस्य राकेश मावई ( कांग्रेस ) दिखने लगे , गोया सिंधिया का प्रभाव ही मुरैना सीट पर अचानक ही भाजपा और कांग्रेस के रूप में महज तीन राउंड में नजर आने लगा , और पहले के 20 राउंड का इतिहास बिल्कुल उसी तरह से बदल गया या गायब कर दिया गया , जैसे भारत का इतिहास अंग्रेजों ने  बदल दिया और राम भी गायब हो गये , प्रकाश भी गायब और श्रीकृष्ण भी गायब , महाभारत , रामायण सब गायब हो गये भारत  के इतिहास में से ।

समान ही कहानी दिमनी विधानसभा सीट की है ।

केवल एक घंटे में भाजपा सें कांग्रेस में आकर टिकट ले आने वाले रवीन्द्र तोमर सिंधिया के खिदमतगारों के साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के चरण सेवक बनकर कांग्रेस में शामिल होने से लेकर टिक्ट लेने तक ज्योतरादित्य सिंधिया के अंधभक्त रहे हैं ।

यह सिंघिया की कांग्रेस में ‘’बी टीम’’ के अहम और  खास नुमांइंदे हैं ।

खास बात है कि अपने नाम के साथ भिडोसा लिखने वाले रवीन्द्र तोमर का न तो भिडोसा से कोई ताल्लुक है और न कोई घर , जमीन या जायदाद ही भिडोसा में है – यह सब खुद ही रवीन्द्र तोमर ने इसी निर्वाचन में निर्वाचन आयोग को दिये गये शपथ पत्र में खुद ही लिख कर कहा और दिया है । मुरैना जिला में रवीन्द्र तोमर का न घर है और न चुनाव में मुरैना जिला का पता दिया है । रवीन्द्र तोमर के शपथपत्र के मुताबिक , उनके घर मकान संपत्ति सब इटावा जिला उत्तर प्रदेश में और भिण्ड तथा ग्वालियर में है । बैंक अकाउंट तमाम हैं मगर सब इटावा उत्तरप्रदेश और ग्वालियर में हैं । उसके बाद एक जगह बड़ा गांव में कुछ खेत होने का उल्लेख है । इसके सिवा कहीं कुछ नहीं है मुरैना जिला में । इसके बावजूद अपने नाम के आगे भिडोसा लिखना , यह समझ से परे है । बड़ा गांव नाम के साथ लिखते तो भी बात गले उतर जाती ।

खैर यह सीट भी सिंधिया के ही खाते में दूसरे तरीके से गई सिंधिया के ही कृपा पात्र और खास आदमी ने कांग्रेस की ओर से इस सीट पर सिंधिया का नाम इतिहास में पहली दफा लिख दिया ।

भाजपा की 19 और कांग्रेस की 9 सीटों के मायने और 7  सीटें कांग्रेस की क्षेत्र विशेष में के मायने

पूरी 28 विधानसभा सीटों में से 19 सीटें भाजपा ने और 9 सीटें कांग्रेस ने जीतीं हैं , सन 2018 में इनमें से 27 सीटें कांग्रेस जीती थी ।

अगर देखें तो 27 में से 19 सीटें कांग्रेस ने खो दी हैं ।

और 7 सीटें केवल क्षेत्र विशेष में कांग्रेस जीती है , जिनमें सुमावली , गोहद , ग्वालियर पूर्व की सीटें , ब्यावरा सीट , इस क्षेत्र विशेष में शुद्ध कांग्रेसी प्रत्याशीयों और कांग्रेस की स्पष्ट व शुद्ध जीत है , मेहगांव और जौरा सीट पर सभी राउंड पर नजर डाली जाये तो हर राउंड में जबरदस्त फाइट कांग्रेस ने भाजपा से की है , और मेहगांव विधानसभा सीट पर तो तमाम राउंड तक कांग्रेस निकटतम भाजपा प्रत्याशी से आगे बढ़त बनाये हुये रहे हैं ।

मेहगांव सीट पर भी शुद्ध कांग्रेसी से मुकाबला ज्योतिरादित्य सिंधिया से रहा है ,और हेमंत कटारे ने मार्केबल वोट और वोट प्रतिशत हासिल कर भिण्ड जिले की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है और सिंधिया के अनुयायी कहे जाने वाले राकेश चौधरी को राजनीति के नेपथ्य में फेंक दिया है और राजनीति के अंतरिक्ष में उल्का पिंड के मानिंद लटका कर अप्रत्यक्ष रूप से भिंड जिला में राकेश चौधरी का प्रतिस्थापन खुद को स्थापित कर दिया है और स्वर्गीय सत्यदेव कटारे का असल उत्तराधिकारी ही नहीं बल्कि उनसे कहीं बढकर खुद को साबित कर दिया है , सत्यदेव कटारे अटेर विधानसभा से बाहर चुनाव नहीं लडे इसलिये वे जिले के सर्वव्यापी नेता नहीं बने , जबकि हेमंत कटारे ने इस मिथक को तोड़कर मेहगांव विधानसभा में दमदार और सशक्त जीतने वाली मौजूदगी दर्ज करा कर तमाम राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है , और भावी राजनीतिक विश्लेषणों में एक विषय बना दिया है । भले ही हेमंत कटारे ने मेहगांव विधानसभा न जीती हो मगर जीत का अंतर पहली बार एकदम घटा कर और लगातार बढ़त बना कर मेहगांव विधानसभा की राजनैतिक जमीन को कुछ सोचने का विषय कर दिया है ।

फूल सिंह बरैया की हार भी सम्मानित और प्रतिष्ठित है , मात्र 161 वोट के अंतर से भाजपा की रक्षा सिरोनिया से हारे कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया की हार का कोई भी विशेष राजनीतिक महत्व और अर्थ नहीं है , इस महज एक कुयोग और राजनीतिक दुर्घटना मात्र ही कहा जा सकता है , और विजयी रक्षा सिरोनिया को हमेशा ही सोचना पड़ेगा कि वह हारी है या जीती है ।

इसी तरह डबरा में इमरती देवी और विजई कांग्रेस प्रत्याशी भी 3 साल तक सोचते रहेंगें कि वे हारे हैं या जीते हैं । मगर लाख सोचने पर तमाम लोग इसे वोट नहीं देने वालों और नोटा को मिले वोटों को ही जिम्मेदार समझेंगें ।

राजनीतिक सियासतदानी में कौन कौन घटेगा और कौन कहां किस मुकाम की ओर जायेगा तथा बढ़ेगा

इस उपचुनाव के परिणामों के वैसे तो कोई सत्ता आने जाने से खास ताल्लुक नहीं है , भाजपा को महज 8 सीटें जीतनी थीं सो बहुत आसान थीं और सबको ही उम्मीद थी, सो वो तो दोपहर एक बजे तक सब साफ हो ही गया था , 8 सीट के बाद की कोई भी सीट भाजपा या शिवराज के लिये केवल प्लस मात्र थी और समर्थन से लंगड़ी लूली या दवाब में रहने वाली सरकार से बाहर मुक्त सरकार के रूप में उपलब्धि मात्र थी । सो 8 की जगह 19 सीटें जीत कर वह बात भी खत्म हो गई । मतलब कमलनाथ की सरकार के भी एक्स्ट्रा बल अब भाजपा में और शिवराज में आ गये । और अब शिवराज सरकार मनमर्जी से निर्णय ले सकती है और कायदे कानून बना सकती है और चला सकती है ।

इस सबके भी कुछ लंबी दूरी के मायने हैं , जिसमें बहुत से राजनेताओं का और राजनैतिक दलों का सुदीर्घ भविष्य और राजनीति तथा रणनीति छिपी हुई है ।

प्रदेश स्तर से स्थानीय जिला , तहसील व ब्लाक स्तर तक राजनैतिक चेहरे बदलने की दरकार सत्तारूढ़ भाजपा और अपदस्थ कांग्रेस दोनों को ही रहेगी तो बसपा और जैसी पार्टीयों का अभी अपनी खोई हुई जमीन तलाशनी होगी ।

इस विषय पर विश्लेषण करने से पहले यह जरूरी होगी कि कहां क्यों व कैसे कौन कौन हारे या जीते

सबसे पहले कांग्रेस की बात करें – तो कांग्रेस की सरकार अपदस्थी के बाद पुनर्वापसी की प्रायिकता पर बात करना लाजिमी होगा

कांग्रस को लौटा कर फरवरी 2020 और 8 मार्च तथा उसके बाद के घटनाक्रम में वापस लाना होगा , 23 फरवरी 20 तक कांग्रेस में मंत्री रहे तमाम लोग ट्विटर , फेसबुक पर खुद की और कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां बता रहे थे , सार्वजनिक कार्यक्रम की तस्वीरें बढ़ा चढ़ा कर शेयर कर रहे थे और कांग्रेस सरकार को सबसे बेहतरीन सरकार बता और साबित करने में जुटे थे । यह सब कुल 22 कांग्रेसी अंतत: 25 फरवरी 2020 से लापता होने लगे और सोशल मीडिया पर इनके अपडेटस आने बंद हे गये । 28 फरवरी तक पूरी तरह से इनकी नेटवर्किंग जुदा ओर अलहदा होने लगी ।

मार्च 2020 में कांग्रेस तब तक मुंह पर ठीपुरी रखे मौन बैठी रही और महाराज के चरण चुबन में लगी रही जब तक खुद महाराज यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद ही इस्तीफा नहीं दे दिया और उसके बाद खुद ही अपने इस्तीफे को ट्विटर के जरिये सार्वजनिक नहीं कर दिया । तब तक कांग्रेस के सभी नेता प्रदेश स्तर से लेकर ( सिंधिया पीड़ित या प्रभावित जिलों के जिला स्तरीय और तहसील स्तर तक ) नीचे के स्तर तक के कांग्रेस नेता सिंधिया के अंधे चमचे और चरणदास तथा चरण भक्त थे ।

सिंधिया के इस्तीफे और खुद ही सबको बताने के लिये सवार्वजनिक कर देने की बाद भी अंधभक्त कांग्रेसी बेहद दहशतजदा और डरे हुये थे और तब भी कुछ बोलने या कहने या सोशल मीडिया पर कहने से भयभीत और मुंह बंद थे ।

जब सिंधिया शाम को भाजपा जाइन करने वाले थे तब उस वक्त हमने पहली पोस्ट लिखी फेसबुक पर और सिंधया को इस सबके राजनैतिक मायने समझा दिये , ज्योतिरादित्य तो खैर जब तब ही सोशल मीडिया पर आते हैं , उनके सोश मीडिया को उनकी पत्नी ही चलातीं हैं , और वे ही हर समय सोशल मीडिया के जरिये जन संपर्क में रहतीं हैं और पोस्ट , कमेंट और रिप्लाई करतीं हैं । अलबत्ता सिंधिया का सोशल मीडिया नेटवर्क प्लेटफार्म इसीलिये बेहद सशक्त और समर्थ है क्योंकि यह उनके किसी भी चमचे या कर्मचारी द्वारा नहीं चलाया जाता बल्कि उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे द्वारा ही संचालित किया जाता है ।

खैर अंतत: कुछ समय पश्चात ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा ज्वाइन कर ली , बाद में उनके समर्थकों ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली । उधर दूसी ओर तत्समय बैंगलोर एपिसोड लगातार चल रहा था , लगातार वीडियो और तमाम लिखत दस्तावेजों के फोटोग्राफ और बयान वगैरह आ रहे थे , हमें भी मिल रहे थे , मगर कांग्रेस केवल इंतजार कर रही थी , कि कुछ नहीं होगा , कोई इस्तीफा नहीं देगा और सब कांग्रेस में ही रहेंगें ।

उधर दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से कांग्रेस के द्वितीय स्तर और कैडर के नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ  बयानों की  हवाई फायरिंग शुरू कर दी , और फिर उनसे नीचे तीसरे , चौथे और पांचवें छठे स्तर के नेताओं ने सोशल मीडिया पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ बम्बार्डमेंट शुरू कर दिया , उधर कांग्रेस बंगलौर में बागीयों को मनाने में लगी रही और इधर सिंधिया को गरियाती रही ।

अंतत: बंगलौर एपिसोड में हैरत अंगेज तरीके से मुरैना जिला के तीन लोग ऐदल सिंह कंसाना , रघुराज कंसाना और गिर्राज डंडोतिया भी जुड़ गये और अचानक बंगलौर पहुंच गये ।

कुल मिलाकर फिर सबको पता ही है कि क्या हुआ , कमलनाथ अपदस्थ हो गये , शिवराज पदस्थ हो गये । फिर कोरोना का ग्रहण लग गया और फिर अंतत: उपचुनाव का आगमन हो गया ।

अब इस सबमें ऊपर कुछ तो विश्लेषण लायक मिल ही गया होगा कि ऊपर क्या है जो सुधारा जाये ।   

 

क्रमश: जारी अगले अंक में ......

पूरे अंक हमारी वेबसाइट पर पढ़ें .....

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चंबल कमिश्नर आरके मिश्रा और आईजी शर्मा ने मतगणना का किया निरीक्षण

चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा और चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज शर्मा ने मुरैना जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों की शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में चल रही मतगणना का विधानसभावार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एल के पाण्डे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
    चंबल कमिश्नर श्री मिश्रा और आईजी श्री शर्मा ने प्रत्येक विधानसभा मतगणना कक्ष में पहुंचकर चल रही मतगणना का निरीक्षण कर रिटर्निंग ऑफीसरों और प्रेक्षकों से चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक राउण्ड की स्थिति को भी देखा।


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जिले के सभी विधानसभा उपनिर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम घोषित

 विधानसभा क्षेत्र मुरैना, सुमावली, दिमनी से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और जौरा, अंबाह से भाजपा के प्रत्याशी जीते

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार 10 नवंबर 2020 को मुरैना जिले की पांच विधानसभा उपनिर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गणना यहां शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में विधानसभा क्षेत्रवार बनाये गये मतगणना कक्षों में की गई। गणना के बाद संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा चुनाव परिणाम घोषित किये गये। इसमें विधानसभा क्षेत्र 06 मुरैना से कांग्रेस प्रत्याशी श्री राकेश मावई विधानसभा क्षेत्र पांच सुमावली से कांग्रेस के अजब सिंह कुशवाह, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 07 दिमनी से कांग्रेस के श्री रवीन्द्र तोमर (भडोसा) ने जीत हासिल की। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 04 जौरा से सूबेदार सिंह और विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 08 से कमलेश जाटव ने भारतीय जनता पार्टी से जीत हासिल की है।      
    विधानसभा क्षेत्र 04 जौरा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री सूबेदार सिंह रजौधा 66 हजार 946 मतों से विजयी रहे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी श्री पंकज उपाध्याय को 13 हजार 446 मतों से पराजित किया है। श्री उपाध्याय को 53 हजार 500 मत मिलें। इस विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाजपार्टी के प्रत्याशी श्री सोनेराम कुशवाह को 47 हजार 881 मत प्राप्त हुये है। अन्य दलों में सर्वश्री अर्जुन सिंह सिकरवार को 375, धीर सिंह अटल को 126, एमपी सिंह को 134, अवघेश कुमार को 58, धर्मेन्द्र सिंह सोलंकी को 76, मुनब्बर खांन को 115, मुंशीलाल को 88, रजनी शाक्या को 149, रामेश्वर शाक्य (रमेश) को 420, विनय भइया को 505, संजय को 533 मत मिलें। इस विधानसभा क्षेत्र में विधिमान्य मतों का योग 1 लाख 71 हजार 139 है।   
    विधानसभा क्षेत्र 05 सुमावली से इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी श्री अजब सिंह कुशवाह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री ऐदल सिंह कंषाना को 10 हजार 746     मतों से पराजित किया है। श्री कुशवाह को 86 हजार 118 और श्री ऐदल सिंह कंषाना को 75 हजार 372 मत मिलें है। इस विधानसभा से बहुजन समाजपार्टी के प्रत्याशी श्री राहुल डण्डोतिया उर्फ सोनू को 3 हजार 405 मत मिलें है। अन्य दलों में सर्वश्री ममता को 409, शत्रुघन सिंह फौजी को 109, सुनील कुशवाह को 121 चरन सिंह कुशवाह को 93, रणजीत सिंह को 125, सतेन्द्र सिंह को 334 मत मिलंे है। इस विधानसभा क्षेत्र में विधिमान्य मतों का योग 1 लाख 66 हजार 76 है।  
    विधानसभा क्षेत्र 06 मुरैना से इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी श्री राकेश मावई ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के श्री रघुराज सिंह कंषाना को 5 हजार 641 मतों से पराजित किया। श्री राकेश मावई को 52 हजार 550 मत और श्री रघुराज सिंह कंषाना को 46 हजार 909 मत प्राप्त हुये। मुरैना विधानसभा से बसपा के प्रत्याशी श्री रामप्रकाश राजौरिया को 42 हजार 388 मत प्राप्त हुये है। अन्य दलों में सर्वश्री धर्मेन्द्र सिकरवार (गुड्डू) को 589, राजेश कुशवाह को 299, शोभाराम कुशवाह को 322, हुकुमचन्द्र बंसल को 680, कुलदीप शर्मा को 406, गौरव दीक्षित को 120, धर्मेन्द्र सिंह को 109, मनीष शर्मा को 138, मनोज कुमार सैमिल को 313, राजीव शर्मा को 932, रामसुंदर श्रीवास को 309 और शशांक डंडोतिया को 407 मत मिलें। इस विधानसभा क्षेत्र में विधि मान्य मतों का संचयी योग 1 लाख 46 हजार 471 है।   
        विधानसभा क्षेत्र 07 दिमनी से इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी श्री रवीन्द्र सिंह तोमर (भिड़ौसा) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के श्री गिर्राज डंडोतिया को 26 हजार 357    मतों से पराजित किया। कांग्रेस के श्री रवीन्द्र सिंह तोमर (भिड़ौसा) को 71 हजार 334 और भारतीय जनता पार्टी के श्री गिर्राज डण्डोतिया को 44 हजार 977 मत मिले है। बहुजन समाजपार्टी के श्री राजेन्द्र सिंह कंषाना (रंधा) को 10 हजार 232 मत मिले है। अन्य दलों में सर्वश्री अनार सिंह तोमर (बाबा) को 759, गिर्राज प्रसाद को 162, जयंत सिंह तोमर को 170, महेन्द्र सिंह तोमर ’’देशप्रेमी’’ को 101, किशोरीलाल को 78, धीरेन्द्र कुमार शर्मा 82, रविन्द्र सिंह तोमर 307, डॉ. राजश्री शर्मा 226, सरिता देवी को 308 और सौरभ व्यास को 497 मत मिले है। इस विधानसभा क्षेत्र से विधिमान्य मतों का योग 1 लाख 29 हजार 233 है।                
    विधानसभा क्षेत्र 08 अंबाह (अजा.) से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री कमलेश जाटव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी इंडियन नेशनल कॉग्रेंस के प्रत्याशी श्री सत्यप्रकाश सखबार को 13 हजार 911 मतों से पराजित किया है। श्री कमलेश जाटव को 51 हजार 25 और इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी श्री सत्यप्रकाश सखबार को 37 हजार 114 मत मिले है। बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी श्री भानूप्रताप सिंह सखवार को 7 हजार 951 मत मिलें है। अन्य दलों में सर्वश्री पातीराम कोरी को 782, प्रमोद कुमार कोरी को 678, बंशीलाल जाटव को 157, राकेश नट नागर को 198, अभिनव छारी (मोन्टी) को 19 हजार 82, अमर को 1 हजार 724, डॉ. बाचाराम कौशल को 229, भूपेन्द्र सिंह इंदोलिया को 129, मातादीन को 143, राहुल कुमार को 333, विनोद कुमार को 311, सतीश खटीक को 203 मत मिलें है। इस विधानसभा क्षेत्र में विधिमान्य मतों का योग 1 लाख 20 हजार 59 है।

मंगलवार, 10 नवंबर 2020

आनलाइन खरीद बिक्री व व्यापार हेतु किसान अपना पंजीयन करायें

  ग्वालियर टाइम्स , नये कृषि अधिनियमों के अनुसार कोई भी किसान और पशुपालक अब अपनी उपज और उत्पाद तथा पशु , दूध व इनसे उत्पादित सामग्री व सामान कहीं भी कभी भी बेच और खरीद सकते हैं , जिसमें बीज से लेकर खाद तथा अन्य उत्पादित चीजें शामिल हैं । 

किसानों के लिये यह व्यवस्था आनलाइन भारतीय ई किसान आनलाइन खरीद बिक्री केन्द्र के पोर्टल पर ग्वालियर टाइम्स द्वारा उपलब्ध कराई गई है , इस पोर्टल पर नये कृषि कानूनों की जानकारी के साथ ही किसानों और पशुपालकों से संबंधित सभी जानकारियां भी उपलब्ध रहेंगीं और किसानों को अपने मोबाइल पर ही ताजा अपडेट मिलते रहेंगें , तथा उनके ई मेल पर भी अगर वे चाहें तो अपडेट मिलते रहेंगें । 

वे अपना माल मुनाफे के दाम पर जहां भी चाहें वहां इस पोर्टल के माध्यम से खरीद बेच सकेंगे , और इसमें बेचने वाले के बैंक खाते में पैसा सीधे ही एडवांस पहुंचेगा , तथा उसके बाद ही माल की सप्लाई डिलीवरी देनी होगी । खरीददार आनलाइन भुगतान किसी भी माध्यम से चुकता कर सकेगा , इस पोर्टल को भारत सरकार के औषधीय व जड़ी बूटी के क्रय विक्रय पोर्टल से भी लिंकअप किया है , इसलिये जड़ी बूटी , औषधीय पौधे आदि से संबंधित वनवासी भी इससे जुड़ें , और अपनी चीज का सही व सबसे ज्यादा मुनाफे का दाम पायें । 

नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें और अपना पंजीयन करें , ऊपर से भाषा हिन्दी चयन करें और भगुतान मुद्रा रूपया चुनें । पंजीयन के बाद आपकों जानकारी की ई बुक , ई मेल से भेजी जायेगी कि पोर्टल का उपयोग कैसे करना है और खरीद बिक्री कैसे करनी है । 

भारतीय किसान केन्द्र

मतगणना के समय बने रहेंगे प्रत्याशियों के एजेण्ट

 मध्यप्रदेश राज्य के 19 जिलों में समाहित 28 विधानसभा क्षेत्रों में उप निर्वाचन-2020 का मतदान 3 नवम्बर, 2020 को संपन्न हो चुका है तथा मतगणना 10 नवम्बर, 2020 को प्रातः 8 बजे संबंधित जिला मुख्यालयों पर प्रारंभ होगी। कतिपय समाचार पत्रों तथा इलेक्टॉनिक मीडिया में यह समाचार प्रसारित हो रहे है कि मतगणना कक्ष या हॉल में प्रत्याशियों या एजेंटो को नहीं मिलेगा प्रवेश। यह समाचार भ्रामक है।

   अतः स्पष्ट किया गया है कि प्रत्याशी, प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता एवं मतगणना अभिकर्ता मतगणना कक्ष में आयोग के निर्देशों के अनुसार उपस्थित रह सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कोविड-19 के दौरान आम चुनाव या उप चुनाव संचालन हेतु विस्तृत गाइडलाइन के अनसुार कंट्रोल यूनिट से परिणाम प्रदर्शन बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जा सकता है ताकि बड़ी संख्या में मतगणना एजेंटों के संयोजन (एकसाथ एकत्रित होना) होने से बचा जा सके।

मतगणना स्थल पर स्थित मीडिया कक्ष के माध्यम से मिलेगी जानकारी

 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार निर्वाचन आयोग का वैध प्रवेश पत्र धारक मीडिया कर्मी को ही मतगणना परिसर के भीतर स्थापित मीडिया सेंटर में प्रवेश की अनुमति रहेगी। आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि मीडिया कर्मियों को वास्तविक मतगणना हॉल में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

    निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, प्रभारी अधिकारियों द्वारा मीडिया कर्मियों को नियमित अंतरालों में छोटे-छोटे बैच में मतगणना हॉल के भीतर ले जाया जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार मीडिया कर्मी केवल मीडिया कक्ष तक ही मोबाइल ले जा सकेंगे। मतगणना कक्ष में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। उल्लेखनीय है कि रिटर्निंग अधिकारी मतगणना के समय राउंडवार परिणामों की घोषणा करेंगे तथा प्रत्येक राउंड के बाद यह प्रक्रिया दोहराएंगे। राउंडवार परिणामों का लाउडस्पीकर के द्वारा अनाउंसमेंट भी किया जाएगा।

मतगणना के पुख्ता इंतजाम किये गये - जिला निर्वाचन अधिकारी मतगणना की सभी तैयारियां पूर्ण - पॉलीटेक्निक कॉलेज में सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम - पुलिस अधीक्षक

 

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने कहा कि 10 नवम्बर को होनी वाली मतगणना के लिये सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मतगणना शान्तिपूर्ण संपन्न होने के लिये पुख्ता इंतजाम किये गये है। जिसमें 600 कर्मचारी लगाये गये है। यह पांचों विधानसभा क्षेत्रों की ईव्हीएम एवं पोस्टल बैलेट की गणना करेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने कहा कि पॉलीटेक्निक कॉलेज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये है। मतगणना के दिन 600 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। यह बात उन्होंने सोमवार को पॉलीटेक्निक कॉलेज में मतगणना की तैयारियों का जायजा लेते समय कही। इस अवसर पर अपर कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एलके पाण्डे, रिटर्निंग ऑफीसर मुरैना, अंबाह, दिमनी उपस्थित थे।    
    जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने बताया कि ईव्हीएम की काउटिंग में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक टेबल पर माईक्रो ऑब्जर्वर, काउटिंग सुपरवाइजर, पर्यवेक्षक, गणना सहायक उपस्थित रहेंगे। ईव्हीएम की गणना दो कक्षों में होगी। जिसके लिये 7-7 टेबल लगाई गई है। उन्होंने बताया कि दो-दो टेबलों पर आरओ के पास कर्मचारी टेबल पर रहेंगे। इस प्रकार पांचों विधानसभा क्षेत्रों की टेबलों पर 285 कर्मचारी तैनात रहेंगे। पोस्टल बैलेट की गणना के लिये हर विधानसभा क्षेत्र में टेबल लगेंगी। जिसमें माईक्रो ऑब्जर्वर, गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक दो-दो रहेंगे। इस प्रकार कुल पोस्टल बैलेट में 180 कर्मचारी लगेंगे। टेबुलेशन कार्य के लिये हर विधानसभा क्षेत्र में 5-5 कर्मचारी लगाये जायेंगे। इसके अलावा 30 कर्मचारी पांचों विधानसभा क्षेत्रों की अलग-अलग ऑनलाइन फीडिंग का कार्य करेंगे। इनके अलावा पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रत्येक गेट पर मोबाइल जमा करने के लिये दो-दो कर्मचारी लगाये गये है। साथ ही रिजर्व के रूप में भी कर्मचारी तैनात रहेंगे। 

प्रति विधानसभा क्षेत्र में इस प्रकार होंगे राउंड

    कलेक्टर ने बताया कि जौरा विधानसभा क्षेत्र की 370 मतदान केन्द्रों पर 27 राउंड, सुमावली पर 25 राउंड, मुरैना पर 27 राउंड, दिमनी पर 23 राउंड और विधानसभा क्षेत्र पर अंबाह पर 23 राउंडों में गिनती होगी।       
    पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने कहा कि मतगणना को ध्यान में रखते हुये पॉलीटेक्निक के मेन गेट के बाहर से कोई वाहन प्रवेश नहीं करेंगे। अंबाह की से धौलपुर जाने वाले वाहन बायपास से जायेंगे। इसके अलावा मुरैना शहर से अंबाह जाने वाले वाहन बायपास होकर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि मतगणना देर रात्रि तक चलने का अनुमान है। इसलिये पॉलीटेक्निक के बाहर प्रकाश के पुख्ता प्रबंध किये जा रहे है।

चंबल संभाग के कमिश्नर मिश्रा और आईजी शर्मा मतगणना स्थल देखने पहुंचे भिण्ड


 चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा और चंबल रेन्ज के पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज शर्मा मतगणना स्थल का निरीक्षण करने के लिये भिण्ड पहुंचे है। अधिकारी द्वय 10 नवम्बर को भिण्ड में रहकर भिण्ड की मतगणना का भी मुआयना करेंगे। 

    भिण्ड जिले की मेहगांव और गोहद में हुये उपनिर्वाचन की मतगणना शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 में होगी। दोंनो विधानसभा की मतगणना के लिये 2-2 कक्ष बनाये गये है। इन दोंनो कक्षों में मतगणना के लिये 7-7 टेबल लगाई जायेगी। बैलेट पेपर की गिनती के लिये भी प्रथक से एक-एक कक्ष बनाये है। ई.टी.बी.पी.एस. की काउटिंग के भी प्रथक से कक्ष निर्धारित किये गये है। मतगणना भवन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है। बगैर पास के कोई भी मतगणना भवन में प्रवेश नहीं कर सकेगा। कमिश्नर और आईजी ने यह सभी व्यवस्थाओं को देखा।