मंगलवार, 20 मई 2008

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने किया तीन करोड़ 82 लाख की पांच सड़कों का शिलान्यास

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने किया तीन करोड़ 82 लाख की पांच सड़कों का शिलान्यास 

मुरैना 18 मई 08/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 3 करोड़ 82 लाख 23 हजार रूपये की लागत की 14.3 कि.मी. लम्बी पांच सड़कों का शिलान्यास किया। उन्होने कहा कि जिले का प्रत्येक गांव सड़कों से जोड़ा जायेगा और कोई भी गांव सड़क विहीन नहीं रहेगा । मुरैना जिले में सौ करोड़ रूपये लागत की सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है । इस अवसर पर सर्वश्री कालीचरण कुशवाह, गंगाप्रसाद मावई, रामवीर सिंह कंषाना म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई मुरैना के महा प्रबंधक श्री वाय.के.सक्सैना, अनुविभागीय अधिकारी डा. एम.एल.दौलतानी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे ।

ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने बताया कि मुरैना जिले में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत रिठौरा रोड से घुरैया का पुरा तक एक कि.मी. लंबी सड़क 29 लाख 53 हजार रूपये की लागत से बनायी जायेगी और इससे 745 जन संख्या लाभान्वित होगी । रिठौरा रोड से बित्तोली रोड तक 3.50 कि.मी. लम्बाई की रोड़ पर 91लाख 52 हजार रूपये की लागत आयेगी तथा 687 जनसंख्या लाभान्वित होगी । रिठौरा रोड से अरदोनी तक 1.70 कि.मी.लम्बी सड़क 47 लाख 30 हजार रूपये की लागत से बनाई जायेगी जिससे 1499 जनसंख्या लाभान्वित होगी । पड़ावली-बाराहेड रोड से सिलगिला व्हाया मितावली तक 5.60 कि.मी.लम्बी सड़क पर एक करोड़ 41 लाख 39 हजार रूपये की लागत आयेगी और इससे 2366 जनसंख्या लाभान्वित होगी । इसी प्रकार नौगांव रोड से पार्थ का पुरा (बक्शी का पुरा)तक 2.50 कि.मी.लम्बाई की सड़क पर 72 लाख 49 हजार रूपये की लागत आयेगी इससे 586 जनसंख्या लाभान्वित होगी । श्री सिंह ने इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन सड़कों का शिलान्यास किया गया है, उनका कार्य समय सीमा में पूर्ण कराये जाये । सड़कों की गुणवत्ता में कमी पायी जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी ।

 

आतंकवाद विरोध दिवस 21 मई को

आतंकवाद विरोध दिवस 21 मई को

ग्वालियर 19 मई 08 । जिले में 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जायेगा । इस दिन पूर्वान्ह 11 बजे सभी शासकीय कार्यालयों में आतंकवाद विरोधी शपथ ली जायेगी तथा आवंकवाद पर परिचर्चा सेमीनार आदि के आयोजन भी होंगे।

       आंतकवादी विरोधी दिवस मनाने का उद्देश्य यह दर्शाना है कि आतंकवादी राष्ट्रीय हितों के प्रतिकूल है तथा इसका उद्देश्य युवकों को आतंकवादी, हिंसावादी गतिविधियों से अलग करना है ।

       इस अवसर पर राज्य सरकार ने विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन करने के निर्देश दिये हैं । इसके अनुसार शिक्षण संस्थाओं में वाद विवाद, परिचर्चा आयोजित की जायेंगी । इसी प्रकार से आतंकवाद और हिंसा के खतरे के संबंध में परिचर्चा, सेमीनार, व्याख्यान आदि आयोजित किये जायेंगे । इसके अलावा सांस्कृति निकायों द्वारा व्याख्यानों, चर्चाओं, परिचर्चाओं, संगीत और कविता पाठ आदि के आयोजन होंगे । 21 मई को राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन 11 बजे से किया जायेगा । संभागीय आयुक्त कार्यालय मोती महल में ग्वालियर संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह आतंकवाद विरोध शपथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिलायेंगे ।

 

आतंकवाद विरोधी दिवस पर ली जाने वाली शपथ

       ''हम भारतवासी अपने देश की अंहिसा एवं सहनशीलता की परंपरा में दृढ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठापूर्वक शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवादी और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे । हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की भी शपथ लेते हैं''

 

जनजाति के विद्यार्थियों को आंगनवाड़ियों में शिक्षा देने के लिये शिक्षिकाओं को रखा जायेगा

जनजाति के विद्यार्थियों को आंगनवाड़ियों में शिक्षा देने के लिये शिक्षिकाओं को रखा जायेगा

नर्सरी शिक्षिकाओं के 471 पद स्वीकृत

विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ियों में तीन से छह वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को उनकी ही बोली में उच्च स्तर की शाला पूर्व शिक्षा देने के लिये नर्सरी शिक्षिकाओं को रखा जायेगा। राज्य शासन ने इसके लिये विशेष पिछड़ी जनजातिवार 471 नर्सरी शिक्षिकाओं के पूर्णत: अस्थायी पदों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है।

विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया के लिये श्योपुर के कराहल विकासखण्ड की 248 आंगनवाड़ियों में नर्सरी शिक्षिकाओं की स्वीकृति दी गई है। बैगा के लिये बजाग विकासखण्ड की 224 आंगनवाड़ियों के लिये तथा विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया के लिये पातालकोट क्षेत्र की नौ आंगनवाड़ियों के लिये नर्सरी शिक्षिकाओं के पदों के निर्माण की स्वीकृति दिया जाना शामिल है।

नर्सरी शिक्षिकाओं की नियुक्ति 30 नवम्बर, 2008 तक के लिये होगी। यह शिक्षिकाएं उसी समुदाय से होंगी तथा यह प्रयास किया जायेगा कि उनका मूल निवास भी उसी ग्राम पंचायत का हो। इनके लिये निर्धारित न्यूनतम योग्यता कक्षा दसवीं उत्तीर्ण होगी। यदि उस ग्राम में कक्षा दसवीं उत्तीर्ण महिलाएं नहीं मिलती हैं तो योग्यता को शिथिल किया जाकर आठवीं कक्षा उत्तीर्ण महिला को नियुक्त किया जायेगा। यदि उपरोक्त अनुसार योग्यता को शिथिल करने के बाद भी उस ग्राम में निर्धारित योग्यता वाली महिला उपलब्ध नहीं है, तो ग्राम सभा को अधिकार होगा कि वह समीपस्थ ग्राम पंचायत की निर्धारित योग्यता वाली महिला का चयन कर सकेगी।

आंगनवाड़ी नर्सरी शिक्षिका को नियुक्ति के पूर्व प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह नर्सरी शिक्षिकाएं मानसेवी नर्सरी शिक्षिका के रूप में मानी जायेंगी। नर्सरी शिक्षिका को एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय की राशि दी जायेगी। ग्रामसभा#ग्राम पंचायत की अनुशंसा पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की प्रक्रिया अनुसार जनपद पंचायत#विशेष पिछड़ी जनजाति अभिकरण इन्हें मानसेवी नर्सरी शिक्षिका के रूप में नियुक्ति आदेश देगा। नियुक्ति आदेश में यह स्पष्ट किया जायेगा कि इन्हें भविष्य में किसी तरह के नियमितीकरण की पात्रता नहीं होगी।

अभिकरण द्वारा समय-समय पर इनके कार्यों का मूल्यांकन किया जायेगा। कार्य संतोषजनक नहीं पाये जाने पर इन्हें मानसेवी शिक्षिका के पद से पृथक किया जा सकेगा।

 

अधिक उत्पादन के लिए भूमि की गहरी जुताई आवश्यक

अधिक उत्पादन के लिए भूमि की गहरी जुताई आवश्यक

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि अधिक उत्पादन के लिए भूमि की गहरी जुताई आवश्यक है। रबी की फसलों की कटाई होने के बाद मिट्टी पलटने वाले कल्टीवेटर, प्लाउ, मोल्ड बोर्ड वाले हल से की जानी चाहिए। फसल कटाई के बाद खेत की निचली सतह में नमी रहती है। इस समय जुताई करने पर जुताई कम समय में अच्छी हो जाती है। नमी समाप्त होने पर काली मिट्टी कड़ी पड़ जाती है। जिससे जुताई में समय लगता है गरमी के मौसम में जुताई के बाद खेत की मिट्टी को ढेलेदार अवस्था में ही रहने दे।

भूमि की जुताई के समय जमीन की निचली सतह की मिट्टी मोल्ड बोर्ड (प्लाउ) द्वारा ऊपर आ जाती है, और ऊपर की मिट्टी नीचे चली जाती है, इससे सतह पर उगे हुए खरपतवार या कटी फसल के डंठल उनमें पलने वाले रोग व कीडे जमीन के नीचे दबकर नष्ट हो जाते है। इसी तरह निचली सतह में पाए जाने वाले कीडे जैसे सफेद लट, व्हाइट गुब, दीमक टरमाइट आदि सतह पर आ जाते है। इनको पक्षी खाकर नष्ट कर देते है। सतह के नीचे पाए जाने वाले खरपतवारों के कंद, स्टोलोन जोड़ें और उनमें आश्रय पा रहे कीडे उनमें छिपे अंडे आदि सतह पर आकर तेज धूप में सूख कर नष्ट हो जाते हैं। गर्मी के मौसम में की गई गहरी जुताई वाले खेतों में पहली वर्षान्त में ही कल्टीवेटर से बखर कर खरीफ फसलों की बुआई सही समय पर की जा सकती है। इससे 5 से 15 प्रतिशत उपज अधिक मिल सकती है।

 

बुधवार को आतंकवाद निरोधी दिवस मनाया जाएगा

बुधवार को आतंकवाद निरोधी दिवस मनाया जाएगा

       प्रत्येक वर्ष 21 मई को आतंकवाद निरोधी दिवस मनाया जाता है । यह दिवस मनाने का उद्देश्य इसे आम लोगों की तकलीफों तथा देश हित के खिलाफ दिखाकर युवाओं को आतंकवाद तथा हिंसा से दूर रखना है । इसका लक्ष्य स्कूलों, कालेजों तथा विश्वविद्यालयों में आतंकवाद के खतरों पर वाद-विवाद तथा संगोष्ठी, व्याख्यान क्रियाओं का आयोजन कर प्राप्त किया जा सकता है । हिंसा आतंकवाद दिवस का प्रमुख हिस्सा है जिसके खिलाफ सरकारी दपऊतरों, सरकारी क्षेत्र की इकाइयों तथा अन्य लोक संस्थानों में प्रतिज्ञा लेकर मनाया जाता है ।

इस अवसर पर केन्द्र सरकार के दपऊतरों में 21 मई, 2008 को प्रतिज्ञा समारोह का आयोजन किया जाएगा ।

 

इंटरनेट (ई-टिकटों) के माध्यम से सभी ट्रेनों के लिए प्रतीक्षा सूची के टिकट उपलब्ध

इंटरनेट (ई-टिकटों) के माध्यम से सभी ट्रेनों के लिए प्रतीक्षा सूची के टिकट उपलब्ध

       रेल मंत्रालय ने 10 मई, 2008 से इंटरनेट (ई-टिकटों ) के माध्यम से सभी ट्रेनों के लिए प्रतीक्षा सूची ई-टिकटिंग सेवा प्रारंभ की है । यह सुविधा रेल मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की ई-टिकटिंग वेबसाइट   www.irctc.co.in  पर उपलब्ध है । इससे ई-टिकटिंग सेवा और भी ग्राहक हितकारी होगी ।

       तालिका बनने के उपरांत प्रतीक्षा सूची वाले ई-टिकट हो सकते हैं - 1. पूर्ण रूप से अनुमोदित या 2. आंशिक रूप से अनुमोदितआंशिक रूप से आरएसी या 3. आंशिक रूप से आर एसीआंशिक रूप से प्रतीक्षा सूची में या 4. पूर्ण रूप से प्रतीक्षा सूची में ।

       प्रथम तीन परिस्थितियों में यात्रियां के नाम आरक्षण तालिका में प्रदर्शित होंगे और आरक्षण नियमों के अनुसार उन्हें यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी । लेकिन जो पूर्णरूप से प्रतीक्षा सूची में रहेंगे उनके पीएनआर को बाहर कर दिया जाएगा और उन यात्रियों के नाम आरक्षण तालका में नहीं रहेंगे । उन्हें ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।

       तालिका तैयार होने के उपरांत पूर्ण रूप से प्रतीक्षा सूची के ई-टिकटों की वापसी के लिए अब ग्राहकों को रद्द करने एवं पैसों की वापसी के लिए आईआरसीटीसी को आवेदन देने की आवश्यकताक नहीं होगी । उनके टिकट रेलवे द्वारा ऑनलाइन रद्द किये जाएंगे और प्रयोगकर्ता एजेंटों के खातों में स्वत: ही पैसों की वापसी हो जाएगी ।

       इस स्कीम को जनता की काफी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया मिली है । आईआरसीटीसी पहले से ही लगभग 15000 प्रतीक्षा सूची वाले ई-टिकटों की प्रतिदिन बुकिंग कर रहा है ।

 

बीएड पाठयक्रम प्रवेश एवं सम्बध्दता सम्बन्धी विवादित अधिसूचना की जांच के आदेश

बीएड पाठयक्रम प्रवेश एवं सम्बध्दता सम्बन्धी विवादित अधिसूचना की जांच के आदेश

राज्यपाल एवं कुलाधिपति डा. बलराम जाखड़ ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा बीएड पाठयक्रम प्रवेश एवं सम्बध्दता के संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देशों के विरूध्द जारी विवादित अधिसूचना दिनांक 17-3-2008 की जांच के आदेश दिये हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री धर्मेन्द्र नाथ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी को आगामी 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।

राज भवन द्वारा आज इस बाबत जारी आदेशानुसार जांच के लिये कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु तय किये गये हैं। इन बिन्दुओं के अंर्तगत जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त की गई विवादित अधिसूचना को जारी करने के लिए कौन- कौन अधिकारी उत्तरदायी हैं। अधिसूचना जारी करने हेतु निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया अथवा नहीं। विवादित अधिसूचना जारी करने के निर्णय का अनुमोदन कार्यपरिषद द्वारा किया गया अथवा नहीं। विवादित अधिसूचना किस रिट याचिका में किस दिनांक को पारित अंतरिम आदेश के आधार पर जारी की गई और अंतिम निर्णय किस दिनांक को हुआ। जांच अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विवादित अधिसूचना किन परिस्थितियों में और किस उच्च अधिकारी के निर्देशानुसार जारी की गई। विवादित अधिसूचना के द्वारा किन किन बीएड पाठयक्रमों हेतु महाविद्यालयों को सम्बध्दता प्रदान कर प्रवेश हेतु अनुमति दी गई तथा उन महाविद्यालयों की सूची कब जारी की गई। इस बात की भी जांच होगी कि उच्च न्यायालय द्वारा विवादित अधिसूचना को विधि विरूध्द होने के आधार पर निरस्त किये जाने के उपरांत विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कब एवं क्या कार्यवाही की गई। जांच के दौरान यदि कोई अनियमितता पाई जायेगी तो उसका विवरण प्रतिवेदन में उल्लेखित होगा।

कुलाधिपति ने सुव्यवस्थित रूप से जांच संपादित करने के लिए जांच प्रक्रिया का निर्धारण करने के अधिकार जांच अधिकारी को दिये हैं। इस जांच में विश्वविद्यालय द्वारा जांच के समय सुनवाई हेतु अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय के कुलसचिव को निर्देश दिये गये हैं कि जांच के दौरान जांच अधिकारी को संबंधित अभिलेख तथा अधिनियम#परिनियम#अध्यादेश#विनियम# निर्देश इत्यादि की प्रतियां उपलब्ध करायें।