शनिवार, 3 जनवरी 2009

बिजली कटोती पब्लिक पुलिस भिडंत

भिंड 3 जनवरी 09 अंततः चंबल में चल रही भारी बिजली कटौती को लेकर जन आक्रोश का लावा फूट ही पडा और गुस्साई जनता ने पावर हाउस और सुपरवायजर के घर भारी तोड फोड कर दी ! भिंड जिले के दबोह कस्बे में बिजली कटौती की विकराल समस्या से त्रस्त होकर भीड के रूप में पहले पावर हाऊस पर हल्ला बोल कर तोड फोड कर दी उसके बाद नाराज लोगों ने बिजली सुपरवायजर के घर हल्ला बोल कर तोड फोड कर दी । इसके बाद पब्लिक पुलिस भिडंत हुयी जिसमें पुलिस की लाठीयों से करीब डेढ दर्जन लोग घायल हो गये । जनता के भारी गुस्से के चलते चंबल में कभी भी विस्फोटक जन उपद्रव संभावित है । उल्लेखनीय है कि चंबल में बिजली सप्लाई पूरी तरह चरमरा गयी है और लोगों को 48 घंटे में केवल 2 घंटे ही बिजली मिल पा रही है जिससे जनता का आक्रोश भडका हुआ है !

गुरुवार, 1 जनवरी 2009

बतोले बाज, शिवराज का चौपट राज, अँधेरा ..

सम्पूर्ण म.प्र. 01 जनवरी 09. म.प्र. के बातों के बताशे बाँटने वाले बतोले बाज मुख्यमंत्री शिवराज के चौपट राज में नये साल की पहली बोहनी ही खराब हो गयी ! और म.प्र. के बडबोले बतोले बाज मुख्यमंत्री के तथाकथित कपोल कल्पित स्वर्णिम म.प्र. को तगडा झटका उस समय लग गया जब नये साल की पूर्व संध्या पर ही कल्लू किल्विष का अँधेरा कायम हो गया !
आज के अखबारों में गरीब जनता के खून पसीने की कमाई को हराम का माल मान कर 17 करोड के विज्ञापन जारी कर अपनी खुद की तारीफ में कसीदें बाँचने वाले बतोले बाज शिवराज चौपट राज के स्वर्णिम म.प्र. ने अँधेरा कायम रहे के साथ नये साल में धमाकेदार प्रवेश किया !
मजे की बात यह रही कि बतोलेबाज शिवराज चौपटराज और मंत्रिमण्डल चौपटमण्डल के घरों को छोड कर शेष समूचे म.प्र. में 31 दिसम्बर और 01 जनवरी का पूरा दिन और रात अँधेरे में डूबे रहे । ग्वालियर, भिंड, मुरैना,श्योपुर,डबरा,दतिया,शिवपुरी,गुना आदि सभी जगह समाचार प्रकाशन के वक्त तक अँधेरा कायम था ।

मंगलवार, 30 दिसंबर 2008

चंबल की बिजली सप्लाई चौपट

मुरैना 30 दिसम्बर चुनाव सम्पन्न होते ही चंबल के साथ चुनावी रंजिश निकालने में जुटी शिवराज सरकार ने चम्बल की बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप्प कर दी है । ज्ञातव्य है कि चंबल के गाँवों में चुनाव परिणाम आने के ठीक हाल बाद से ही बिजली पूरी तरह बंद कर दी गयी है, उल्लेखनीय है कि इस बार महावठ की वारिश न होने से खेतों में खडी फसलें सूख रहीं हैं । बिजली न होने तथा नहर में पानी न आने से किसानों की तबाही तय है । वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में भी इस समय 18 से लेकर 23 घंटे तक बिजली काटी जा रही है जिसके चलते छात्रों का भविष्य भी चौपट होना तय है । घरेलू व्यवसाय पहले ही चौपट हो चुका है । पूर्व मंत्री एवं वर्तमान काँग्रेस विधायक सुमावली विधानसभा श्री ऐदल सिंह कँषाना ने शासन व प्रशासन को खबरदार करते हुये अल्टीमेटम देते हुये विशाल आंदोलन छेडने की चेतावनी दी है । मुरैना शहर संभागीय मुख्यालय पर कई मोहल्लों में पिछले 73 घंटे से बिजली नहीं है । खबर प्रकाशित होने तक बिजली कटोती जारी थी

शनिवार, 27 दिसंबर 2008

जारी है सबेरे की बिजली कटौती

मुरैना 27 दिसम्बर चंबल के शहर और गाँव इन दिनों बिजली कटौती की तगडी मार झेल रहे हैं ! कारण वही पुराना है चुनावी बदला ! उल्लेखनीय है कि ताजा विधानसभा चुनावों में म.प्र. में सत्ताधारी भाजपा का ग्वालियर चंबल में सूपडा साफ हो गया था !
आम जनता का मत है कि उसी का बदला लेने और सबक सिखाने के लिये पूरी रात और पूरे दिन अघोषित अँधाधुंध बिजली कटोती की जा रही है !
वैसे तो भाजपा शासन काल के बीते पाँच साल में एक भी दिन ऐसा नहीं आया जब बिजली कटौती नहीं हुयी हो !
स्थिति यहाँ तक बदतर हुयी कि हाल ही में संपन्न हुये विधानसभा निर्वाचन के दौरान ही आयोग के निर्देशों के बावजूद मतदान के दरम्याँ पाँच दफे आधा आधा घण्टे के लिये और मतगणना के वक्त तीन बार इसी तरह बिजली गुल हुयी और इसके साथ ही बुरी तरह हार रहे उम्मीदवार अचानक चुनाव जीतने लगे ! करीब 35 से 46 सीटों पर जिला कलेक्टरों द्वारा चुनाव परिणाम बदल दिये गये !
पहली बार म.प्र. के चुनाव परिणामों में हुयी खुली बेइमानी पर जनता खुल कर मुखर होकर बोली । और अंजाम यह है कि येन केन प्रकारेण सत्ता हासिल करने से शिवराज सरकार पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी की भाँति लोगों की नजर में गिर गये । अब प्रदेश में सत्ता भले ही शिवराज सिंह की हो लेकिन उसका जनभाव एक उपहासित व घ्रणास्पद शासन का ही है ।
ग्वालियर टाइम्स ने चुनाव से काफी पहले ही म.प्र. में निष्पक्ष चुनाव न होने के खतरे से आगाह कर दिया गया था और इस संबंध में विस्त्रत आलेख भी प्रकाशित किया था जिस पर भारत के निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन चावला द्वारा तत्काल ग्वालिय़र चंबल का दौरा कर हालातों का जायजा भी लिया गया था, लेकिन आयोग की सभी निष्पक्ष निर्वाचन की अवधारणाओं को धता बताते हुये सारे मतगणना परिणाम बदल कर पूर्व से तयशुदा परिणामों में बदल दिये गये !
यद्यपि इस मसले पर उमा भारती पहले ही काफी बोल चुकीं हैं और अब काँग्रेस भी 30 दिसम्बर को धिक्कार सभा आयोजित कर रही है ! काँग्रेस द्वारा भी मतगणना परिणाम बदले जाने का आरोप लगाया है ! इस पर विस्तार से रिपोर्ट हम पृथक से आँखों देखी के रुप में प्रकाशित करेंगे !
फिलहाल बिजली कटोती का आलम यह है कि सबेरे 5 बजे गुल हुयी बिजली इस खबर के प्रकाशन तक यानि दोपहर 11 बज कर 17 मिनिट तक वापस नहीं आयी थी ! यह समाचार मोबाइल फोन के जरिये जारी किया गया !

प्रधानमंत्री ने अटल जी को बधाई दी

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी बाजपेयी को 84वें जन्म दिवस की श्री मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री द्वारा नई दिल्ली में शुभकामनायें दीं उसी अवसर का चित्र

खुदरा प्रबंधन में रोजगार की संभावनाएं

खुदरा प्रबंधन में रोजगार की संभावनाएं

Employment News Govt. of India

खुदरा उस वितरण प्रक्रिया को कहते हैं जो किसी उत्पाद को उसके निर्माता से उसके अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए की जाती है। यह कार्य छोटे और आसान माध्यमों अर्थात्‌ खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से किया जाता है। इससे उत्पाद पर ली जाने वाली राशि तो कम होती ही है, साथ ही साथ एक निश्चित स्थान पर ढेर सारे उत्पाद उपभोक्ताओं को आसानी से प्राप्त भी हो जाते हैं। भारत में कुछ प्रसिद्ध खुदरा-विक्रेता निम्नलिखित हैं : पैंटालून, वालमार्ट, सुभिक्षा,शॉपर्स स्टॉप, पिरामिड्स, भारती, रिलायन्स फ्रैश आदि। आज महानगरों में तो शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और मल्टीप्लेक्सेस फैल ही रहे हैं, नए विकासशील शहरों में भी इनकी पहुंच हो गई है। इसलिए जरुरी हो गया है कि खुदरा विक्रय की विपणन नीति को बनाए रखने के लिए बिक्री-केंद्रों में प्रबंधन का कार्य करने वाले व्यवसायी पूरी तरह प्रशिक्षित हों. खुदरा में रोजगार के अवसर :
आज विश्व की उभरती हुई १० शीर्षस्थ मंडियो में भारत का भी एक स्थान है। हमारे पूरे देश म लगभग ४३ लाख खुदरा केंद्र  फैले हुए हैं। भारतीय खुदरा व्यापार एसोसिएशन के अनुसार इन केंद्रों में लगभग १२ लाख ५० हजार (१.५ मिलियन) कार्मिकों की आवश्यकता है, जो २००८-०९ में बढ़ कर ३२ लाख ५० हजार तक हो जाएगी। अनुमान है कि वर्ष २००२ से २०१२ के बीच खुदरा व्यापार उद्योग में लगभग २१ लाख (२.१ मिलियन) नए रोजगार उपलब्ध होंगे, जो १४० वृद्धि का द्योतक है (यू.एस. ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिकल्स)।
खुदरा व्यापार एक नया, तीव्र गति से पनप रहा क्षेत्र है, जिसमें हर तरह के उत्कृष्ट रोजगार हैं, जो प्रबंधन, मर्केन्डाइजिंग आदि जैसे आकर्षक, अच्छे वेतन वाले रोजगार के अवसर का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। यद्यपि खुदरा उद्योग वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी तथा मानव संसाधन प्रबंधन जैसे अन्य सभी प्रबंध कार्यों में व्यावसायिक रोजगार के अवसर प्रदान करता है, किंतु दो बड़े क्षेत्रों अर्थात्‌ इन्वेंटरी प्लानिंग और क्रय में केवल यही उद्योग रोजगार के मार्ग दिखाता है। अपनी विपणन तथा विक्रय
नीतियों के कार्यान्वयन के लिए खुदरा उद्योग को अच्छी कोटि के प्रबंधकों की अत्यधिक आवश्यकता है। इस उद्योग को ऐसे कार्मिकों की आवश्यकता होती है जो अच्छा समय प्रबंध कौशल,नेतृत्व के गुण, अच्छा संचार कौशल, निर्णय लेने की क्षमता,बेहतर टीम प्रयास तथा विपणन की अत्यधिक जानकारी रखते हैं। नियोक्ताओं को ऐसे व्यक्तियों की तलाश होती है जिन्हें दूसरों के साथ कार्य करने में मजा आता है और विशेष प्रकार के ग्राहकों से कुशलता एवं धैर्यपूर्वक व्यवहार कार्य कर सकते हैं। विक्रय कार्य में रुचि, आकर्षक व्यक्तित्व तथा स्पष्ट एवं प्रभावी रूप से बोलने की क्षमता इस उद्योग की कुछ अन्य वांछनीय विशेषताएं हैं। अनेक भाषाओं का ज्ञान उन स्थानों में रोजगार प्राप्त करने म सहायक होता है जहां विभिन्न संस्कृतियों/ देशों के व्यक्ति दुकानों पर आते हैं। विपणन तथा विक्रय खुदरा उद्योग
के आधार हैं। यह उद्योग खुदरा प्रबंधक, क्रय प्रबंधक, भंडार प्रबंधक, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, डॉटा प्रोसेसिंग कार्यपालक, फ्लोर पर्यवेक्षक, खुदरा विक्रय कार्मिक तथा अन्य पदों पर रोजगार के अवसर देता है। इस उद्योग में कार्पोरेट योजना, ट्रेंड पूर्वानुमान,परियोजना प्रबंधन-भंडार निर्माण तथा ग्राहक संबंध प्रबंधन (सी.आर.एम.) जैसे कार्यों में भी रोज्+ागार के अवसर बड़ी संख्या में उभर रहे हैं। खुदरा प्रबंधन में पाठ्यक्रम चलाने वाले स्थान/विश्वविद्यालय खुदरा उद्योग में हो रही वृद्धि ने शिक्षा संस्थानों को खुदरा प्रबंधन में कार्यक्रम संचालित करन पर विवश कर दिया है। खुदरा प्रबंधन एक ऐसा व्यवसाय है जो एक स्नातक को खुदरा व्यापार में आने के लिए तैयार करता है। खुदरा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनेक संस्थाएं भारत में डिग्री तथा डिप्लोमा स्तर के अनेक कार्यक्रम संचालित करती हैं। एम.बी.ए. (खुदरा प्रबंधन), खुदरा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम (पी.जी.पीआर.एम.), खुदरा संचार प्रबंधन में स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पी.जी.आर.सी.एम.), खुदरा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पी.जी.डी.आर.एम.), खुदरा व्यापार में स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पी.जी.पी.आर.) तथा खुदरा प्रबंधन में डिप्लोमा (डी.आर.एम) आदि कुछ अच्छे विकल्प हैं। यह न केवल खुदरा केंद्रों और सहायक कार्यों में, बल्कि अर्थव्यवस्था के व्यापक संदर्भ में खुदरा व्यापार क्षेत्र में भी खुदरा प्रबंधन के सभी पहलुओं की व्यापक तथा गहरी समझ का विकास करता है।
पाठ्यक्रम विषय-वस्तु :
भारतीय खुदरा व्यापार वातावरण, इलेक्ट्रॉनिक खुदरा-व्यापार, विपणन अनुसंधान, खुदरा विक्रय, मॉल प्रबंधन, मर्केन्डाइजिंग प्रबंधन, खुदरा क्रय, खुदरा मूल्यानिर्धारण, खुदरा संगठन, खुदरा
प्रबंधन, उपभोक्ता आचरण, प्रबंधन सूचना प्रणाली, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (एस.सी.एम.) आदि ।
विश्वविद्यालयों/संस्थानों की सूची :
क्र. विश्वविद्यालय/ पाठ्यक्रम संपर्क-सूचना
सं. संस्थान का नाम का नाम
१. आंध्र विश्वविद्यालय एम.बी.ए. आंध्र विश्वविद्यालय
(आर.एम.) विशाखापटट्नम-५३०००३
आंध्र प्रदेश, भारत,

२. अन्ना विश्वविद्यालय एम.बी.ए. अन्ना विश्वविद्यालय,
(आर.एम.) चेन्नै-६०००२५,
टेलीफोन : ०४४-२२२०३३३१,
फैक्स : ०४४-२२३५४४५०्
३. नरसी मोनजी प्रबंधन एम.बी.ए. एस.वी.के.एम्स
एवं उच्च अध्ययन (आर.एम.) एन.एम.आई.एम.एस.
संस्थान (मान्य यूनिवर्सिटी , वी.एल. मेहता रोड, विल
विद्यालय) पार्ल प.), मुंबई-४०००५६,
भारत
टेलीफोन : ०२२-२६१३४५७७/२६१८३६८८,
४. बिरला प्रबंधन एवं पीजीडीएम बिरला प्रबंधन प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रौद्योगिकी संस्थान, (आर.एम.) प्लॉट नं. ५, नोलेज पार्क प्प्,
ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा-२०१३०६, उ.प्र
टेलीफोन : ०१२०-२३२३००१/२/.../१०,
फैक्स : ०१२०-२३२३०२२/२५,

५. भारतीय चार्टर्ड पीजीडी आई.सी.एफ.ए.आई, १०४ निर्मल टावर्स,
वित्तीय विश्लेषण आरएम द्वारकापुरी कॉलोनी, पंजागुट्टा, संस्थान, हैदराबाद-५०००८२,
टेलीफोन-०४०-५५१०५७६२,
फैक्स-०४०-५५२५५७६१

६. आईएम.टी. दूरस्थ पीजीडी आई.एम.टी. दूरस्थ एवं मुक्त अध्ययन संस्थान,एवं मुक्त आरएम ए-१६, साइट-३, यू.पी.एस.आई.डी.सी
अध्ययन संस्थान, औद्योगिक क्षेत्र, मेरठ रोड, गाजियाबाद- २०१००३ टेलीफोन : ०१२०-२७०५६२१/२२/२३/२४

७. इंडियन स्कूल ऑफ पीजीडी इमेजेज पर्ल रिटेल सोलुशन्स प्राइवेट रिटेल, दिल्ली आरएम लिमि., साइट-२, पॉकेट-ओ.सी.एफ., सैक्टर-सी, वसंत कुंज, नेल्सन मंडेला रोड, दिल्ली-११००७०
टेलीफोन-०११-२६१२५९८१/८२/८३,

८. एकीकृत प्रबंधन पीजीपीआर आई.आई.एल.एम. उच्च शिक्षा संस्थान
अध्ययन संस्थान, गुडगांव, नई दिल्ली दिल्ली, मोबाइल-९३५०८६०१३२, ९३५०८२१४३८.



९. के.जे. सोमैया प्रबंधन पीजीडीएम के.जे. सोमैया प्रबंधन अध्ययन एवं अनुसंधान अध्ययन (रिटेल) संस्थान, विद्यानगर, विद्याविहार (पू.),
एवं अनुसंधान मुंबई- ४०००७७.
संस्थान, मुंबई फोन : ०२२-६६४४९३००,
फैक्स : ०२२-२५१५७२१९,

१०. वेलिंगकर प्रबंधन डीआरएम/ वेलिंगकर प्रबंधन विकास एवं अनुसंधान
संस्थान, मुंबई पीजीपी संस्थान, एल. नापू रोड, मटुरा (मध्य आरएम रेलवे) के पास, मुंबई-४०००१९,
फोन-०२२-२४१७८३००
फैक्स : ०२२-२४०९७८२४

११. लाला लाजपत राय पीजीडी लाला लाजपत राय प्रबंधन संस्थान, प्रबंधन अकादमी, आरएम लाला लाजपत राय मार्ग, महालक्ष्मी, मुंबई मुंबई-४०००३४
टेलीफोन : ०२२-२४९२२८९८/२४९८०८७४, फैक्स : ०२२-२४९८०८७७.
१२. मुद्रा संचार संस्थान पीजीआर एम.आई.सी.ए., शेला, अहमदाबाद सीएम अहमदाबाद-३८००५८,
गुजरात, भारत,
टेलीफोन :९१२७१७३०८२५०,
फैक्स : ९१२७१७३०८३४९,

१३. राष्ट्रीय व्यवसाय खुदरा संचार राष्ट्रीय व्यवसाय प्रबंधन संस्थान, प्रबंधन संस्थान, में स्नातकोत्तर ए.जी., आनंदराज विल्ला
अड्यार (चेन्नै) प्रमाणपत्र (ए.एच.), ७ सेकेण्ड कनाल
कार्यक्रम क्रॉस रोड, गांधी नगर, अड्यार चेन्नै-६०००२०
फैक्स : ०४४-२४४२२४३८
१४. राष्ट्रीय डिजाइन पीजीडीपीडी राष्ट्रीय डिजाइन अनुसंधान एवं संस्थान, बंगलौर विकास कैम्पस्‌ संस्थान, १२
लिंक रोड, ऑफ-तुम्कूर रोड,
बंगलौर-५६००२२,
टेलीफोन : ०८०-२३३७३००६/
२३५७९०५४,
फैक्स-०८०-२३३७३०८६,

१५. सिम्बियोसिस सेंटर पीजीडीआर सिम्बियोसिस भवन, १०६५ बी, प+फॉर डिस्टेन्स लर्निंग, एम गोखले क्रास रोड, मॉडल कॉलोनी,
पुणे-४११०१६, महाराष्ट्र टेलीफोन : ०२०-६६२११००,
फैक्स : ०२०-६६२११०४०.

 

 

गुरुवार, 25 दिसंबर 2008

प्रश्‍न:- आपकी वेबसाइट ग्‍वालियर टाइम्‍स पर इण्‍टरनेट टी.वी. का विज्ञापन चलता है, जिसमें काफी इण्‍टरेस्टिंग चीजें रहतीं हैं, लेकिन इन पर क्लिक करने पर एक लिंक दिखती है, मैं इसे देखना चाहती हूँ कैसे देख सकती हूँ , मेरे पास ब्राडबैण्‍ड इण्‍टरनेट कनेक्‍शन है

प्रश्‍न:- आपकी वेबसाइट ग्‍वालियर टाइम्‍स पर इण्‍टरनेट टी.वी. का विज्ञापन चलता है, जिसमें काफी इण्‍टरेस्टिंग चीजें रहतीं हैं, लेकिन इन पर क्लिक करने पर एक लिंक दिखती है, मैं इसे देखना चाहती हूँ कैसे देख सकती हूँ , मेरे पास ब्राडबैण्‍ड इण्‍टरनेट कनेक्‍शन है । - प्रतिमा सिंह चौहान, शिन्‍दे की छावनी, लश्‍कर ग्‍वालियर म.प्र.

उत्‍तर- प्रतिमा जी आप को जो क्लिक करने के बाद लिंक दिखाई देती है उसे कापी कर लें और एक और ब्राउजर विण्‍डो खोल कर इस लिंक को एड्रेस बार में पेस्‍ट कर दें, आपका इच्छित चैनल और शो अपने आप चालू हो जायेगा । आप चाहें तो (ब्राडबैण्‍ड इण्‍टरनेट यूजर्स के लिये सर्वश्रेष्‍ठ है) इण्‍टरनेट टी.वी. का सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लें यह फ्री डाउनलोड में उपलब्‍ध है । ग्‍वालियर टाइम्‍स नये साल पर इसका फ्री डाउनलोड लिंक उपलब्‍ध करवाने जा रही है, इस सॉफ्टवेयर के जरिये आप यहॉं विज्ञापन में दिखने वाले चैनलों के अलावा समूचे विश्‍व के लगभग 6700 चैनल देख सकेंगें और पूरी तरह निशुल्‍क इसका आनंद ले सकेंगें ।