मंगलवार, 26 अगस्त 2008

आउट सोर्स एजेन्सियों के अनुबंध निरस्त

आउट सोर्स एजेन्सियों के अनुबंध निरस्त

मुरैना 25 अगस्त 08/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय वर्मा के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीमम.प्र.के अन्तर्गत एम.आई एस. कार्यों के लिए ऑउट सोर्स एजेन्सियों से अनुबंध किये गये है । इनमें से कुछ ऑउटसोर्स एजेन्सियां अनुबंध के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है । मुरैना जनपद के लिए नियुक्त शंशाक इन्टर प्राईजेस मुरैना, जौरा जनपद के लिए नियुक्त शिव नारायण पाण्डे लोक कल्याण समिति दतिया और सबलगढ जनपद के लिए नियुक्त नीलम प्रिंटिंग प्रेस सबलगढ़ आउट सोर्स एजेन्सी का मस्टररोल- एवं अन्य दस्तावेजों की फीडिंग का कार्य असंतोष जनक पाये जाने के कारण अनुबंध निरस्त कर दिया गया है ।

 

निर्माण कार्यों के लिए सबा अट्ठाईस लाख रूपये मंजूर

निर्माण कार्यों के लिए सबा अट्ठाईस लाख रूपये मंजूर

मुरैना 25 अगस्त 08/ कलेक्टर श्री रामकिंकर गुप्ता ने विधायक सबलगढ़ श्री मेहरवान सिंह रावत की अनुशंसा पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अन्तर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 28 लाख 21हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की है ।

       ग्राम पंचायत सेमई में उप शाखा नहर के मजबूती करण के लिए 98 हजार रूपये, जावरौली में बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिए एक लाख रूपये, ग्राम पंचायत चौकी, सुजरमा , शहदपुर, कटघर , जाटौली , पासोन कलां, जमुनीपुरा, गुलापुरा , कैमारा कलां और कैमारी में पत्थर, खरंजा निर्माण के लिए 16 लाख रूपये, मांगरोली में बाण्ड्रीवाल निर्माण के लिए 1 लाख 81 हजार रूपये तथा ग्राम पंचायत बहरारा जागीर, भिलसैंया ,डिगवार, किरावली जदीर, खेरला, कीरतपुर और चिनोटी में सी.सी. खरंजा निर्माण के लिए 8 लाख 93 हजार रूपये की स्वीकृति दी गई है ।

 

परीक्षा केन्द्र परिवर्तित

परीक्षा केन्द्र परिवर्तित

मुरैना 25 अगस्त 08/ कलेक्टर श्री रामकिंकर गुप्ता ने म.प्र.संस्कृत बोर्ड की पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा की विशेष परीक्षा हेतु परीक्षा केन्द्र परिवर्तित कर दिया है । म.प्र.संस्कृत बोर्ड द्वारा इस परीक्षा हेतु शास. उ.मा. विद्यालय मुरैना को परीक्षा केन्द्र बनाया गया था । इस संस्था में 25 से 30 अगस्त तक आयोजित डी.एड प्रथम वर्ष की परीक्षा के कारण प्राचार्य के अनुरोध पर इस संस्था के स्थान पर शास. पोलीटेक्निक महा विद्यालय मुरैना को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है । परिवर्तित परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष प्राचार्य शास. कन्या उ.मा. विद्यालय क्रमांक 1 मुरैना, श्री बी.आर. दौनेरिया होंगे ।

 

उपचार के लिए 60 हजार रूपये की सहायता

उपचार के लिए 60 हजार रूपये की सहायता

मुरैना 25 अप्रैल 2008 / कलेक्टर श्री रामकिंकर गुप्ता ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से तीन हितग्राहियों को उपचार हेतु 60 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है ।

       मुरैना निवासी श्री किशोर कुमार दौदेरिया को किडनी के उपचार हेतु 50 हजार रूपये की सहायता अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान नई दिल्ली को भुगतान हेतु स्वीकृत की गई है । अम्बेडकर नगर जौरा निवासी श्रीमती लक्ष्मी देवी जाटव और श्री राजेन्द्र प्रसाद जाटव को उपचार हेतु पांच-पांच हजार रूपये की सहायता मंजूर की गई है ।

 

रोजगार गारंटी योजना 838 लाख रूपये व्यय : 210 कार्य पूर्ण

रोजगार गारंटी योजना 838 लाख रूपये व्यय : 210 कार्य पूर्ण

मुरैना 25 अगस्त 08/ राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम म.प्र. के कार्यों पर अभी तक 8 करोड़ 38 लाख रूपये की राशि मजदूरी एवं सामग्री पर व्यय की जा चुकी है तथा 210 कार्य पूर्ण कराये जा चुके हैं ।

       मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय वर्मा के अनुसार जिले में इस योजना का शुभारंभ 1 अप्रेल 08 को हुआ । वर्तमान में जिले की सात जनपद पंचायतों की 489 ग्राम पंचायतों के सभी 778 ग्रामों में ग्रामीण मजदूरों को काम करने हेतु 92 प्रतिशत जॉव कार्ड का वितरण किया जा चुका है । योजना के अन्तर्गत अभी तक प्रस्तावित 13917 सामुदायिक मूलक और 4687 हितग्राही मूलक कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है । वर्तमान में 675 सामुदायिक मूलक एवं 203 हितग्राही मूलक कार्य प्रारंभ कराये जा चुके हैं । इन कार्यों पर औसतन तीन हजार मजदूरों को प्रति दिवस रोजगार उपलब्ध कराया जा कर 5 लाख 64 हजार मानव दिवस रोजगार का सृजन किया गया ।

 

श्रीकृष्‍ण की लीलास्‍थली को जन्‍माष्‍टमी पर अंधेरे में डुबोया अंचल में भारी अघोषित बिजली कटौती, भिण्‍ड, मुरैना, श्‍योपुर जिले पूरी तरह विद्युत विहीन हुये

श्रीकृष्‍ण की लीलास्‍थली को जन्‍माष्‍टमी पर अंधेरे में डुबोया अंचल में भारी अघोषित बिजली कटौती, भिण्‍ड, मुरैना, श्‍योपुर जिले पूरी तरह विद्युत विहीन हुये

शुक्रवार को बीस घण्‍टे, शनिवार को 12 घण्‍टे, रविवार को 11 घण्‍टे और सोमवार को 9 घण्‍टे तक सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर अघोषित पावर शटडाउन

मुरैना 26 अगस्‍त 08, पिछले आठ साल से मध्‍यप्रदेश में चल रही अघोषित व अन्‍धाधुन्‍ध बिजली कटौती अपनी हदें तोड़ कर अत्‍याचारी रूप में तब्‍दील हो चुकी है ।

पिछली बार आप गुरूवार तक की बिजली कटौती का हाल पढ़ चुके हैं, अब शुक्रवार से सोमवार तक के हालात पढि़ये ।   

शुक्रवार को बीस घण्‍टे, शनिवार को 12 घण्‍टे, रविवार को 11 घण्‍टे और सोमवार को 9 घण्‍टे तक सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर अघोषित पावर शटडाउन रहा । इससे जहॉं अंचल में जन जीवन लड़खड़ा गया वहीं उद्योग घन्‍धे व्‍यवसाय पूरी तरह चौपट हो गये हैं, जहॉं भगवान श्रीकृष्‍ण की लीला स्‍थली ब्रज चौरासी क्षेत्र का परिक्रमा धाम चम्‍बल घाटी ऐन श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी पर बिन बिजली अंधकारासुर के चुगुल में फंसी रही अंधेरे के सम्राट महाराज किल्विष म.प्र. के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह की दयादृष्टि के चलते नौनिहालों का भविष्‍य और चम्‍बल की रोजी रोटी, उद्योग घन्‍धे काम व्‍यवसाय पूरी तरह ठप्‍प ठपा ठप्‍प हो गया है ।

 

सोमवार, 25 अगस्त 2008

गदहे से गदहें मिलें, मारें लातई लात

ज्ञानी सों ज्ञानी मिलें, होंय ज्ञान की बात । मूरख से मूरख मिलें चलिहें घूंसा लात ।।

थोड़ा बदल कर भारत के अन्‍य क्षेत्रों में द्वितीय पद यह है गदहे सों गदहा मिलें, मारें लातई लात ।। भावार्थ यह है कि जब दो विद्वान या चतुर सुजान (सुज्ञान का अपभ्रंश) मनुष्‍य मिलते हैं तो आपस में विद्वता व ज्ञान तथा सामंजस्‍य युक्‍त व्‍यवहार व आचरण कर बड़ी से बड़ी समस्‍या का निवारण चुटकियों में आसानी से निकाल लेते हैं, किन्‍तु जब दो मूर्ख मनुष्‍य आपस में मिलते हैं तो वे बात बात पर घूंसा और लात चलाते रहते हैं, वे किसी भी समस्‍या का निवारण नहीं कर पाते और समस्‍या को उल्‍टे उलझाते चले जाते हैं, जैसे जब दो गधे मिलते हैं तो सारा समय एक दूसरे को लतियाते रह कर लातें मारते रहते हैं । गोस्‍वामी तुलसीदास ने राम चरित मानस में इसी पद सार को इस प्रकार व्‍यक्‍त किया है- जहॉं सुमति तहॉं संपति नाना, जहॉं कुमति तहॉं विपति निधाना ।। अर्थात जहॉं सुमति अर्थात अच्‍छी मति (बुद्धि) के लोग मिल जुल कर प्रेमपूर्वक सामंजस्‍यपूर्ण ढंग से रहते हैं वहॉं नाना प्रकार (भांति भांति की या अनेक प्रकार की) की संपत्तियां, सुख व समृद्धियां निवास करतीं हैं, किन्‍तु जहॉं कुमति अर्थात दुर्बुद्धि से ग्रस्‍त होकर लोग आपस में कलह क्‍लेश युक्‍त वातावरण में परस्‍पर विद्धेष रख कर लड़ते झगड़ते हुये रहते हैं वहॉं नाना प्रकार की विपत्तियां व संकट अपने आप ही पैदा होते रहते हैं और सुख समृद्धि व समस्‍त संपत्ति स्‍वत: नष्‍ट हो जाती है  - संकलित, प्राचीन भारतीय कहावत एवं रामचरित मानस से