शनिवार, 21 अप्रैल 2007

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुरैना में 111 कन्याओं के हाथ पीले

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुरैना में 111 कन्याओं के हाथ पीले

मुरैना 20 अप्रैल 07/ दीनदयाल अन्त्योदय मिशन के अन्तर्गत मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 और 20 अप्रैल को मुरैना जिले में 111 कन्याओं के विवाह कराये गये। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के प्रत्येक जोड़े को 5 हजार रूपये की सामग्री तथा आयोजकों को व्यवस्था हेतु एक हजार रूपये के मान से इन शादियों के लिये 6 लाख 66 हजार रूपये की मदद दी गई। जिले के विभिन्न अंचलों पर सम्पन्न सामूहिक विवाह समारोहों में पंचायत एवं ग्रामीण विकस मंत्री श्री रूस्तमसिंह, एम.पी. एग्रो के अध्यक्ष श्री मुंशीलाल, विधायक श्री गजराज सिंह सिकरवार, श्री उम्मेदसिंह बना प्रभारी कलेक्टर श्री एस.के. सेवले, सी.ई.ओ. जिला पंचायत श्री सभाजीत यादव तथा अन्य जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सिरकत की और बर-बधू को शुभाशीष प्रदान किये।

पंचायत मंत्री श्री रूस्तमसिंह ने मुरैना में नई सब्जी मंडी परिसर में आयोजित कुशवाह समाज तथा पहाड़गढ़ जनपद के ग्राम बिजगढ़ी में आयोजित धोवी समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलनों में भाग लिया। उन्होंने कहा कि निर्धन परिवार को बेटी के विवाह की चिंता अब नहीं करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत उनके विवाह कराये जारहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेटी की शिक्षा और विवाह की चिन्ता की हैं। कन्या के जन्म को परिवार का बोझ नहीं माना जाय, इस उध्देश्य से सरकार ने एक जनवरी 06 के बाद पैदा होने वाली हर कन्या के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू की हैं। इसके तहत प्रत्येक कन्या के नाम से 30 हजार रूपये के राष्ट्रीय बचत पत्र सरकार राशि खरीदेगी और उसके 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर एक लाख रूपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जायेगा। पढ़ाई के लिए भी मदद की जायेगी।

उल्लेखनीय है कि अक्षय तृतीया पर जिले में सम्पन्न 111 कन्याओं के विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत 6 लाख 66 हजार रूपये की मदद प्रदान की गई। प्रत्येक कन्या को सोने की वाली और मंगलसूत्र, चांदी की करधोनी, तोड़िया और विछिया के अलावा गृहस्थी के लिए वर्तन,बक्सा, सिलाई मशीन, पंखा, कन्यादान के रूप में प्रदान किये गये। ज्ञात हो कि गत वर्ष मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 170 कन्याओं के विवाह कराये गये और शादी हेतु 10 लाख 20 हजार रूपये की सहायता दी गई।

 

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2007

मुरैना पुलिस ने आगरा व मथुरा के व्‍यापारीयों को लूटा

मुरैना पुलिस ने आगरा व मथुरा के व्‍यापारीयों को लूटा

 

मुरैना 20 अप्रेल 07 । आगरा एवं मथुरा से लगभग 6 लाख रूपये की सोना व चांदी लेकर ग्‍वालियर जा रहे  दो कोरियर पर्सन्‍स को मुरैना पुलिस के पॉंच कर्मचारीयों ने लूट लिया ।

बताया गया है कि, इन दो कोरयर पर्सन्‍स को मुरैना पुलिस के पॉच कर्मियों ने इण्‍टरसिटी एक्‍सप्रेस से रेल्‍वे स्‍टेशन मुरैना पर उस वक्‍त उतार लिया , जब इण्‍टरसिटी एक्‍सप्रेस मुरैना रेल्‍वे स्‍टेशन पर रूकी । घटना बुधवार को सायं साढ़े चार बजे के आस पास की है ।

स्‍टेशन से इन्‍हें ले कर एक पुलिस की शासकीय जीप जिसका नीला रंग था और पीली बत्‍ती लगी थी में बिठाल कर  मुरैना पुलिस लाइन में ले जाया गया और, एक पुलिस क्‍वार्टर में बन्‍द कर के उनकी मारपीट की गयी तथा 6 लाख रूपये का माल मशरूका और नकदी लूट ली इसके बाद इन्‍हें धौलपुर राजस्‍थान ले जाकर छोड़ दिया गया ।

इस घटना के विरोध में तीन राज्‍यों के व्‍यापारी लामबन्‍द हो गये और कल मुरैना पुलिस के वरिष्‍ठ अधिकारीयों से मिलकर अपनी बात रखी । मुरैना पुलिस के अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक आर.पी. सिंह का इस घटना के बारे में कहना है कि, चूंकि इण्‍टरसिटी एक्‍सप्रेस में घटना घटित हुयी है अत: मामला जी.आर.पी. थाने में  में दर्ज होगा ।

खबर लिखे जाने तक व्‍यापारी और कोरियर पर्सन्‍स रेल्‍वे पुलिस और सिटी पुलिस के बीच कायमी और गिरफतारी के लिये पेण्‍डुलम बने हुये  थे ।

 

जनदर्शन के कार्यालय पर गुण्‍डों का हमला

जनदर्शन के कार्यालय पर गुण्‍डों का हमला

मुरैना 20 अप्रेल 07 । विगत दिवस लगभग 8-9 गुण्‍डों द्वारा शहर से प्रकाशित मशहूर सांध्‍य समाचार पत्र दैनिक मध्‍य जनदर्शन के कार्यालय पर हमला कर दिया । प्राप्‍त जानकारी के अनुसार गुण्‍डे निकटस्‍थ एक होटल से शराब आदि पीकर आये और अखबार के कार्यालय में जबरन घुस कर तोड़ फोड़ करने लगे । उनके द्वारा उपस्थित स्‍टाफ के साथ भी काफी बदतमीजी की गयी ।

इसके बाद ये गुण्‍डे निकट में स्थित एक वरिष्‍ठ अभिभाषक के कार्यालय में घुस गये और वहॉं भी इन्‍होंने काफी तोड़ फोड़ की । 

घटना से समस्‍त मीडिया कर्मियों में तथा अभिभाषकों में भारी रोष व आक्रोश व्‍याप्‍त हो गया है , मीडिया कर्मी तथा अभिभाषक गण आज इस मामले पर अपना विरोध व प्रतिक्रया करने हेतु रणनीति बनायेंगें ।

ग्‍वालियर टाइम्‍स समाचार सेवा समूह ने भी घटनाक्रम की तीव्र निन्‍दा की है , और मीडियाकर्मियों व अभिभाषकों की सुरक्षा बीच शहर में ऐसी गुण्‍डागर्दी से खतरे में पड़ने पर चिन्‍ता जताई है । 

 

महक मोहब्बत की, झलक विकास की

महक मोहब्बत की, झलक विकास की

किशन रतनानी

भारतीय सूचना सेवा,वरिष्ठ मीडिया व संचार अधिकारी,पसूका,कोटा

      महसूस करना चाहते हैं महक मोहब्बत की, देखना चाहते हैं झलक विकास की , तो आपको चलना पड़ेगा झालावाड़ जिले के खानपुर कस्बे में । झालावाड़ से लगभग 35 कि0मी0 दूर बसा खानपुर पंचायत समिति मुख्यालय है जहां ख्वाजा गरीब नवाज़ महिला स्वयं सहायता समूह से जब आपका सामना होगा तो आप इस कहानी की सच्चाई को समझ भी पाएंगे और महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण देख भी पाएंगे ।

      न्न मोहब्बत तो बनी बनाई है न्न समूह की कोषाध्यक्ष जुमरत बाई तपाक से जवाब देती हैं जब उनसे पूछा कि न्न ख्वाजा गरीब नवाज़ समूह न्न नाम क्यों ?

      अध्यक्ष कांतिबाई कहती हैं कि ख्वाजा गरीब नवाज तो सबके हैं, सबका भला चाहते हैं हमारा भी भला हो यह  सोच कर नाम रखा । बारह महिलाओं के इस समूह में 10 मुस्लिम तथा दो हिन्दू महिलाएं हैं । दिसम्बर 2001 में बना यह समूह आर्थिक उन्नति की मिसाल भी है तो हमारे देश की विशेषता साम्प्रदायिक सद्भाव का सुखद अहसास भी ।

      इस समूह को हाड़ौती क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की खानपुर शाखा से पहले पहल 25 हजार रूपए का रिण मिला जिसमें से 10 हजार अनुदान था । इन 12 महिलाओं ने 4-4 का समूह बनाकर ढाबा, चूड़ी और फल-फ्रूट की दुकानें खोलीं । इनकी मेहनत, इनका मिलनसार स्वभाव तथा इनमें लक्ष्य के प्रति मजबूती, ऐसे मिले की सफलता सामने आ गई । 21 जुलाई 2004 को समूह को इन व्यवसायों को बढाने के लिए ढाई लाख रूपए का रिण इसी बैंक से मिला । सरकार की योजना के तहत इसमें से एक लाख 15 हजार अनुदान था शे­ा एक लाख 35 हजार रूपए इस समूह को चुकाना था, जो इन्होने चुकाने में कोई कसर नहीं रखी, लगभग सारा चुकता हो गया है ।

      इनकी खुद की बचत जो समूह बनाते वक्त बीस-बीस रूपए से शुरू की गई है आज 23 हजार रूपए की राशि बन गई है जिसको जरूरत पड़ने पर यह समूह आपस में लेन देन करता हैं । समूह की बैठकें, समूह का रिकार्ड सब सलीके से चल रहा है, यही सलीका उनके आपसी व्यवहार में भी आप सूंघ पाएंगे ।

      भारत निर्माण अभियान के लिए खानपुर में जब इनसे संपर्क हुआ तो इन्हें भी स्टाल लगाने के लिए कहा गया । न्न स्टाल क्यों न्न सवाल इनका था , जवाब भी इन्हाने ही दिया न्न ताकि हमारे काम को देखकर बाकी लोग प्रेरणा ले सकें  न्न ।

      समझ, सलीका, सामर्थ्य और सफलता सब संभव है, सरकार और संस्थाएं मिलकर इसे एक शाश्वत सत्य बना सकते हैं, इसका पुख्ता प्रमाण है खानपुर का ख्वाजा गरीब नवाज महिला स्वयं सहायता समूह ।