गुरुवार, 19 अप्रैल 2007

बाल विवाहों की निगरानी हेतु राजस्व अधिकारी तैनात

बाल विवाहों की निगरानी हेतु राजस्व अधिकारी तैनात

मुरैना 19 अप्रेल07- अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों पर निगरानी रखने हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारी मुरैना श्री विजय अग्रवाल ने राजस्ववृत बार अधिकारियों की डयूटी लगा दी है राजस्व वृत मुरैना और मुगावली के लिए तहसीलदार श्री बी.पी. श्रीवास्तव, जींगनी के लिए अपर तहसीलदार श्री आर.सी.मिश्रा, नूराबाद के लिए अपर तहसीलदार श्री भूपेन्द्र सिंह कुशवाह, बडोखर के लिए नायव तहसीलदार श्रीमती पुष्पा पुषाम और रिठोरा कलां के लिए नायव तहसीलदार श्री लक्ष्मीकुमार मिश्रा की डयूटी लगाई गई है । इनके सहयोग के लिए संबंधित राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी तैनात रहेंगे । इन अधिकारियों को विवाह समारोहों पर निगरानी रखने और अवयस्क बालक बालिका का विवाह होना पाये जाने पर संबंधित के विरूद्व बाल विवाह अधिनियम के अन्तर्गत संबंधित थाना में प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिये गये हैं ।

 

 

जिला आवकारी अधिकारी सोन केशरी पदोन्नत

जिला आवकारी अधिकारी सोन केशरी पदोन्नत

मुरैना 19 अप्रेल07- मध्य प्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग के आदेशानुसार श्री नागेश्वर सोनकेशरी को जिला आबकारी अधिकारी के पद से पदोन्नत कर सहायक आबकारी आयुक्त मुरैना पदस्थ किया गया है ।

 

पचास हजार रूपये की सहायता

पचास हजार रूपये की सहायता

मुरैना 19 अप्रेल07- तहसील मुरैना ग्राम रिठौरा कला में 20 सितम्बर 2006 को हुई अग्नि दुर्घटना में मृत श्रीमती भूरीबाई के पति श्री जगदीश सिंह गोले को पचास हजार रूपये की तात्कालिक अनुदान सहायता मंजूर की गई है । राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अन्तर्गत संयुक्त कलेक्टर श्री आशकृत तिवारी द्वारा यह सहायता राशि तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुरैना की अनुशंसा पर स्वीकृत की गई है ।तहसीलदार मुरैना को स्वीकृत राशि का आहरण कर संबंधित को वितरण करने के निर्देश दिये गये है ।

 

चिन्नौनी चम्बल में लोक कल्याण शिविर 25 अप्रेल को

चिन्नौनी चम्बल में लोक कल्याण शिविर 25 अप्रेल को

मुरैना 19 अप्रेल07- जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किय जा रहे लोक कल्याण शिविरों की श्रंखला में अगला शिविर 25 अप्रेल को पहाड़गढ विकास खंड के ग्राम चिन्नौनी चम्बल में आयोजित किया गया है । इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के साथ ही उन्हें शासन की जन कल्याण कारी योजनाओं की जानकारी से भी अवगत कराया जायेगा ।

 

राजस्व राज्य मंत्री श्री कुशवाह आज मुरैना में

राजस्व राज्य मंत्री श्री कुशवाह आज मुरैना में

मुरैना 19 अप्रेल 07- सामाजिक न्याय एवं राजस्व राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह 20 अप्रेल को शिवपुरी से प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे मुरैना आयेंगे । श्री कुशवाह मुरैना में नई सब्जी मंडी में आयोजित कुशवाह समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लेने के पश्चात दोपहर 2 बजे मुरैना से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगे ।

 

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह का भ्रमण कार्यक्रम

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह का भ्रमण कार्यक्रम

मुरैना 19 अप्रेल07- पंचायत, ग्रामीण विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री रूस्तम सिंह 20 अप्रेल को पूर्वान्ह 11 बजे मेला परिसर ग्वालियर में आयोजित किरार समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लेंगे । श्री रूस्तम सिंह दोपहर 12.30 बजे ग्वालियर से प्रस्थान कर दोपहर 1.30 बजे मुरैना आयेंगे तथा यहां काछी समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होंगे । पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह अपरान्ह 4 बजे ग्राम विजगढ़ी (पहाड़गढ़) में धोबी समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लेने के पश्चात मुरैना वापस आयेंगे ।

 

नारी कल्याण की दिशा में सरकार की ठोस पहल

नारी कल्याण की दिशा में सरकार की ठोस पहल

 

मुरैना 19 अप्रेल07- नारी लक्ष्मी का रूप है और इनका सम्मान सत्कार करने वाले को हर तरह की विभूति मिलती है । महाभारत के रचियता वेदव्यास के इस अमरवाक्य को मध्यप्रदेश की सरकार ने अंगीकार किया है और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में नारी कल्याण की दिशा में ठोस पहल की है ।

       प्रदेश में सामाजिक पंचायतों की शुरूआत महिला पंचायत से कर सरकार ने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अभिनव पहल की है । महिला पंचायत में महिलाओं को पंचायतों और स्थानीय निकायों के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लेकर समाज में नारी को बराबरी का हक दिलाने का प्रयास किया गया है । इससे सत्ता में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का विस्तार तो होगा ही, साथ ही दीर्ध कालीन परिणाम समाज में महिलाओं की स्थिति और प्रभाव में सुधार आत्मविश्वास में वृद्वि के रूप में प्रकट होंगे । यह निर्णय नारी की अस्मिता को समाज में पुर्नस्थापित कर यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तय देवता की उक्ति को चरितार्थ करेगा ।

       सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा और व्याह तक की चिन्ता की है । कन्या के जन्म को परिवार में बोझ न समझा जाय। इसके लिए बालिकाओं की शिक्षा स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण की नई योजना लाड़ली लक्ष्मी शुरू की है । इस योजना के अन्तर्गत 1 जनवरी2006 के पश्चात जन्म लेने वाली हर बालिका के नाम सरकार 30 हजार रूपये के राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदेगी । बालिका के कक्षा पांचवीं पास कर छटवीं में प्रवेश लेने पर दो हजार रूपये, कक्षा आठवीं उत्तीर्ण करने पर चार हजार रूपये, कक्षा दसवीं पास करने पर साढ़े सात हजार रूपये और कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश लेने के बाद आगामी दो वर्ष तक प्रतिमाह दो सौ रूपये दिये जायेंगे । बालिका की 21 बर्ष की आयु पूर्ण होने पर एक लाख रूपये का भुगतान किया जायेगा ।

       कक्षा बारहवीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली हर गांव की एक बालिका को उच्च शिक्षा में मदद के लिए शुरू की गई गांव की बेटी योजना का विस्तार कर दिया गया है । अब गांव की प्रत्येक प्रथम श्रेणी आने वाली बालिका को योजना का लाभ दिया जायेगा । मुफ्त साइकिलें अब दसवीं के अलावा कक्षा 6 की अनुसूचित जाति और जनजाति की बालिकाओं को भी मिलेगी । आठवीं तक की छात्राओं को निशुल्क गणवेश और पाठय पुस्तकों का लाभ दिया जा रहा है । महिलाओं की दुर्गावती वटालियन बनाने के उद्वेश्य से पुलिस में दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है । जमीन जायदाद में बराबरी का हक दिलाने के लिए सम्पत्ति का पंजीयन महिला के नाम कराने पर स्टाम्प शुल्क में कमी का प्रावधान लागू है ।

       गरीब घर की बेटी बिन व्याही न रहे, इस उद्वेश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना प्रारंभ की गई है । इसके तहत हर गरीब परिवार की कन्या के विवाह हेतु पांच हजार रूपये की मदद और आयोजक को व्यवस्था हेतु एक हजार रूपये की राशि दी जा रही है । आंगनवाड़ी में अब अन्न प्रासन्न और जन्मोत्सव के कार्यक्रमों के अलावा जच्चा को सुपुष्ट रखने के लिए गोदभराई की रस्म भी शुरू की गई है । गर्भवती मां कुपोषण की शिकार न हो और उसकी आने वाली संतान भी पुष्ट हो, इसके लिए जननी सुरक्षा, विजयाराजे जननी कल्याण योजना शुरू की गई है । गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिवहन की भी निशुल्क व्यवस्था की गई है । इन योजनाओं का मुख्य उद्वेश्य मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और पुरूष तथा महिला के अनुपात दर में कमी लाना है । यही नहीं नारी कल्याण की दिशा में पहल करते हुए 13 विभागों में जेंडर बजटिंग की शुरूआत भी हो गई है और इसे प्रारंभ करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है ।

       इन समस्त योजनाओं के दूरगामी परिणाम के रूप में बाल विवाह में कमी आयेगी, बालिकाओं के शिक्षा और स्वास्थ्य के स्तर में सुधार होगा, जन संख्या वृद्वि दर में कमी आयेगी और लिंगानुपात में सकारात्मक परिवर्तन होगा ।