गुरुवार, 18 अक्टूबर 2012

विमुक्त घुमक्कड़ जाति अनुदान योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित

आयुक्त आदिवासी विकास म.प्र भोपाल के निर्देशानुसार म.प्र. विमुक्त जाति, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ अनुदान योजना नियम 2010 के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर इन वर्गो के बेरोजगार युवक व्यक्तियों को बैंक के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अधिकतम एक लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है।
         सहायक आयुक्त आजाका श्री आरएस परिहार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत ऋण राशि का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रूपये तक का अनुदान दिया जावेगा। शेष ऋण राशि हितग्राही को किश्तों में चुकानी होगी। आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2012 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र का प्रारूप और अन्य आवश्यक जानकारी के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय श्योपुर से कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है।

मछुआ सहकारी संस्थाओं में वास्तविक मछुआरे ही रहे , मछली पालन को बढावा देने हेतु साढे 15 लाख रूपये व्यय, चम्बल कमिश्नर श्री शिवहरे ने मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा

चम्बल संभाग के कमिश्नर श्री ए.के. शिवहरे ने संभाग के मुरैना, भिण्ड और श्योपुर जिले के मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि मछुआ सहकारी संस्थाओं में मत्स्य पालन से जुड़े वास्तविक मछुआरे ही रहे। इन संस्थाओं में मछुआरे के नाम पर फर्जी अथवा किसी तरह के बिचौलियों नहीं रहना चाहिए। ऐसी संस्थाएं ही रहे जो वर्तमान में क्रियाशील है और वास्तव में काम कर रही है फर्जी संस्थाएं नहीं रहना चाहिए। वर्तमान में मुरैना में 8, भिण्ड में 4 और श्योपुर जिले में 9 मछुआ सहकारी संस्थाएं है। कमिश्नर श्री शिवहरे आज अपने कार्यालय कक्ष में मछली पालन विभाग के अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि मत्स्यपालन को बढ़ावा देने हेतु संचालित मुख्य चार योजनाओं जिसमें, मछली उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, मछुआ क्रेडिट कार्ड और प्लान आयोजन मद में तीनों जिलों को प्राप्त 17 लाख 72 हजार रूपये के आवंटन के विरूद्ध 15 लाख 49 हजार रूपये व्यय किये गए है। बैठक में मत्स्य पालन विभाग मुरैना और भिण्ड जिले के सहायक संचालक श्री बी.के. श्रीवास्तव, श्योपुर के सहायक संचालक श्री पालीवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
    बैठक में समीक्षा के दौरान कमिश्नर श्री शिवहरे ने कहा कि जरूरत मंद मछुआरे जो वास्तव में मछली पालन उत्पादन से जुड़े है ऐसे लोग ही मछुआरा सहकारी सोसायटी से रहे। इसकी सत्यापित सूची तत्काल मुझे दें, ताकि संबंधित अनुविभाग के एस.डी.एम. अथवा तहसीलदार द्वारा इसका सत्यापन कराया जा सके। समिति सूची में कौन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष है, उनके नाम सम्मिलित रहे। समिति की प्राथमिक जांच पहले मत्स्य विभाग के सहायक संचालक अपने स्तर पर कर लें।
    समीक्षा के दौरान बताया गया कि छोटी मछली (बीज उत्पादन) स्टेण्डर्ड फ्राई का संभागीय निर्धारित उत्पादन लक्ष्य 35 लाख के विरूद्ध 14 लाख 81 हजार हुआ है। इसी तरह मछली (बड़ी) उत्पादन का संभाग में निर्धारित उत्पादन लक्ष्य 664 मैट्रिक टन के विरूद्ध सितम्बर 2012 तक 963 मैट्रिक टन हुआ है जो दो त्रैमास के निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। मध्य प्रदेश वाटर सेक्टर रिस्टेक्चरिंग प्रोग्राम (एम.पी.डब्ल्यू एस आर पी) के तहत दो सहकारी संस्थाओं के 81 सदस्यों पर 4 लाख 65 हजार रूपये व्यय किये गए है। इस पैसे से मछुआरों को 17 नाव 540 किलो जाल और 10 इन्सूलेटेड वॉक्स खरीद कर दिये है। आयोजन (प्लान) के अन्तर्गत श्योपुर जिले में 59.73 लाख, मुरैना जिले में 16.71 लाख और भिण्ड जिले में 9.22 लाख मछली बीज का संचय लीज धारकों के तालाबों एवं जलाशयों में किया गया है। मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु मुरैना जिले में 14.22 लाख, भिण्ड जिले में 47 हजार और श्योपुर जिले में 80 हजार रूपये व्यय किये गए है।

चलित वाहन से दी जा रही विधिक साक्षरता की जानकारी

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा भेजे मोबाइल वाहल को जिला सत्र न्यायाधीश श्री डी.के. नायक के मार्गदर्शन में मुरैना तहसील के ग्रामीण अंचलों में विधिक सहायता, लोक अदालत आदि योजनाओं का व्यापक प्रचार- प्रसार किया गया। ग्राम बडोखर, डोगरपुर ग्राम पंचायतों में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अरूण प्रधान, श्रीमती सुमन इन्दौरिया, श्री ब्रजेश राजपूत, श्री रामनारायण पाराशर सहित ग्राम पंचायत सरपंच बडोखर और डोंगरपुर के महिला एवं पुरूष बडी संख्या में उपस्थित थे। जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा चलित वाहन से गांव-गांव पहुचकर घरेलू हिंसा अधिनियम एवं विधिक सहायता योजनाओं एवं लोक अदालत संबंधी जानकरी जनसमुदाय को दी जा रही है। उन्होने महिलाओं को भरण पोषण के अधिकार के साथ कमजोर व्यक्ति पैसों के अभाव में न्याय पाने से बंचित नहीं रह जाये की जानकारी से लोगों को अवगत कराया। उन्होने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बताया।

आंगनवाडी कार्यकर्ताओ, सहायिकाओं के विभिन्न पदों के दावे आपत्तियों संबंधी बैठक 23 अक्टूबर को

आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के पदों पर नियुक्ति हेतु प्राप्त दावे आपत्तियों की बैठक 23 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 3 बजे कलेक्ट्रेट के सभागर में आयोजित की है। बैठक अध्यक्ष महिला स्वास्थ्य समिति और जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुर्गा सोलंकी से उपस्थित रहने का अनुरोध जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री डी.के. सिद्धार्थ ने किया है।
 

गुरुवार, 9 अगस्त 2012

भाजपा की थुक्का फजीहत, शिवराज सिंह की चोंचलेबाजी ध्वस्त चम्बल में शर्मनाक हार के कगार पर बीजेपी, कांग्रेस में होगा भारी फेरबदल

भाजपा की थुक्का फजीहत, शिवराज सिंह की चोंचलेबाजी ध्वस्त चम्बल में शर्मनाक हार के कगार पर बीजेपी, कांग्रेस में होगा भारी फेरबदल
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद''
मुरैना डायरी
नेताओं की पिटाई के आसार
चंबल में नेताओं की पिटाई की जाना या उन्हें अपमानित किया जाना वैसे तो कोई नई बात नहीं है । काफी समय पूर्व स्व. माधव राव सिंधिया को अम्बाह में बालों में व चेहरे पर धूल भरकर और फेंक कर, भाजपा नेता व पूर्व भाजपा सरकार के मंत्री मुंशीलाल के कपड़े फाड़ कर और रस्सी से बांध कर कुँयें में लटका कर उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में ही जनता द्वारा पिटाई की जा चुकी है , वहीं भाजपा के टिकिट पर अम्बाह विधानसभा चुनाव से लड़ चुके स्व. वृषभान वर्मा की भी पिटाई कर अंबाह में कपड़े फाड़ दिये गये थे , वैसे ही आसार अब नजर आ रहे हैं । जनता में भाजपा की शिवराज सरकार के प्रति जहॉं विकट व भयंकर आक्रोश व्याप्त है वहीं अपने जन प्रतिनिधियों से भी जनता संतुष्ट नहीं है । कोई शक नहीं किसी दिन किसी नेता या जनप्रतिनिधि की बुरी तरह पिटाई जनता कर दे । ऐसा नहीं है कि जन प्रतिनिधि इस आशंका से अनभिज्ञ हों, पर्याप्त जन खौफ के चलते जन प्रतिनिधियों की यह हालत है कि वे हरदम मुकम्मल संगीनों के सायें में संभावित पिटाई के चलते चला करते हैं ।
रामदेव के बारे में कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि जनता के खौफ से बुरी तरह खौफजदा शिवराज सरकार ने चम्बल क्षेत्र से रामदेव की यात्रा निकलते वक्त संगीनों के जाल बिछा दिये थे तब जाकर बमुश्किल रामदेव चम्बल से गुजर पाये थे ।
शिवराज सरकार की फेलुअरिटी का सबसे बुरा असर भारतीय जनता पार्टी पर पड़ा है , शिवराज सरकार की नाकामियों और लचरपने के कारण केवल मध्यप्रदेश में ही भाजपा नुकसान उठाने जा रही हो ऐसा नहीं है, बल्कि हालिया यू.पी. चुनावों में और आसन्न गुजरात व अन्य राज्यों के चुनावों में भी भाजपा शिवराज सिंह के पापों का दण्ड भोगेगी ।
मूल वजह यह है कि म.प्र. में हो रही प्रत्येक घटना आजकल फेसबुक, टिवटर और इंटरनेट के कारण तुरंत देश व्यापी बन जाती है और गॉंव कस्बों तक पहुँच जाती है यहॉं उल्लेखनीय है कि चंबल के करीब 20 हजार स्थानीय लोग  अकेले फेसबुक पर ही मौजूद हैं ,जो कि त्वरित प्रतिक्रियावादी हैं ।  फेसबुक पर टिवटर पर या इंटरनेट पर जो भी चल रहा है उसमें शिवराज सिंह और भाजपा की भूमिका महज एक विदूषक या मसखरे जैसी हो कर रह गई है । शिवराज सिंह और भाजपा दोनों ही फेसबुक, टिवटर और इंटरनेट की दुनियॉं में मसखरे खलनायक मात्र बन कर रह गये हैं ।
भाजपा के मुरैना सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की जमीनी हालत बहुत ज्यादा खराब है  और जैसा कि सुनने में आ रहा है कि अबकी बार कांग्रेस भी मुरैना लोकसभा सीट से किसी तोमर राजपूत को ही मैदान में उतारेगी ऐसी दशा में भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री और मुरैना सांसद की जमानत जप्त हो जाना लाजमी है । यहॉं स्मरणीय है कि राजपूत बाहुल्य इस लोकसभा सीअ पर पिछले चुनावों में नरेन्द्र सिंह तोमर के विरूद्ध किसी भी राजपूत ने चुनाव नहीं लड़ा था और कांग्रेस ने राम निवास रावत को टिकिट देकर तथा बसपा ने ब्राह्मण प्रत्याशी बलवीर सिंह डण्डोतिया को टिकिट देकर मुरैना लोकसभा सीट सहज ही थाली में परोस कर भाजपा के नरेन्द्र सिंह तोमर को उपहार में दे दी थी । आज स्थति उलट हो गयी है , नरेन्द्र सिंह तोमर जहॉं चम्बल अंचल में एक दुष्ट खलनायक बन गये हैं वहीं कांग्रेस प्रत्याशी किसी तोमर के आने से सन 2014 के लोकसभा चुनावों में या तो नरेन्द्र सिंह तोमर को मुरैना से भागना पड़ेगा या जमानत जप्त करानी होगी । स्मरणीय व उल्लेखनीय है कि नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर से संभावित हार के चलते भाग कर मुरैना आये थे और मुरैना में कांग्रेस से या अन्य किसी पार्टी से मुकाबला नहीं मिलने के कारण भाग्यवश मुरैना सांसद बन बैठे थे लेकिन कांग्रेस की गर्मजोश सक्रियता और जनता का उनके खिलाफ रोष व आक्रोश के कारण सन 2014 में मुरैना लोकसभा के परिणाम लगभग साफ साफ तय हैं कि भाजपा के खिलाफ जायेंगें । सन 2013 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भी चम्बल में भाजपा को सीट मिलना लगभग नामुमकिन है जबकि एक समय में चम्बल भाजपा का आधारभूत व ठोस गढ़ थी जिसकी विरासत को भाजपा नेताओं लुच्चेपन व छिछोरी हरकतों ने तबाह कर इस मुकाम पर पहुँचा दिया कि अब आने वाले वक्त में चंबल में भाजपा के नाम लेवा और पानी देवा बड़ी मुश्किल से मिलेंगें ।
कांग्रेस में तगड़े फेरबदल होंगें
चम्बल में अक्टूबर या नवंबर में कांग्रेस के पइदाधिकारियों में बहुत बड़े फेरबदल होंगें , विश्वसनीय सूत्रों से प्राइज़ जानकारी के अनुसार म.प्र. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल की ग्वालियर चम्बल यात्रा सितम्बर के महीने में प्रस्तावित है , चर्चाओं के मुताबिक यह यात्रा दतिया पीताम्बरा पीठ से अगस्त के आखरी हफ्ते में शुरू होगी और सितम्बर के महीने में चम्बल से गुजरेगी जिसमें हर जिले में  8 या 10 से 12 या 13 दिन यात्रा भ्रमण करेगी इसके साथ ही दो या तीन दिन का रात्रि कालीन विश्राम भी  नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल हर जिले में करेंगें जिसमें छोटी तहसील या कस्बे में भी रात्रि विश्राम शामिल है । इसी यात्रा के इरम्यान कुछ युवा व प्रभावशाली लोग कांग्रेस में जुड़ेंगें और उसके बाद कांग्रेस में सक्रिय व सशक्त सक्षम प्रभावी लोगों को कांग्रेस पदाधिकारियों में स्थान व तरजीह दी जायेगी । उल्लेखनीय है कि चम्बल में वर्तमान कांग्रेस पदाधिकारियों के क्रियाकलापों व क्रियाशीलता से कांग्रेस आलाकमान संतुष्ट नहीं हैं वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों के भाजपा से सांठगांठ एवं बिके होने के आरोप मुखर होकर दिल्ली तक पहुँच चुके हैं ।
हाल ही में भोपाल में घटित रश्मि पंवार एवं भिण्ड विधायक राकेश चतुर्वेदी व कल्पना पारूलेकर कांड व एपिसोड को लेकर भी कांग्रेस आलाकमान व राहुल गांधी टीम में भारी नाराजगी है । आने वाले वक्त इन कांडों व एपिसोड के हानि लाभ का प्रभाव भी कांग्रेस में होने वाले आगामी फेर बदल पर व्यापक रूप से पड़ेगा । रश्मि पंवार को पुरूस्कृत करने व राकेश चौधरी व कल्पना पारूलेकर का नुकसान उठाना लगभग तय है । 
अगले अंक में जारी .....

बुधवार, 8 अगस्त 2012

Non breaking Power cut at Morena since last two days continued. BJP & Shivraj both are now means of enjoy on Facebook.

बिजली कटौती को लेकर बीजेपी और शिवराज की फेसबुक पर उडी जमकर खिल्ली
मुरैना 8 अगस्त 2012, इससे पूर्व यह समाचार 30 जुलाई 2012, 21 फरवरी 2011, 18 अक्टूबर, 15 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 1 अक्टूबर 23 सितम्बर , 20 सितम्बर एवं 8 एवं 6 सितम्बर (को प्रकाशित ) , 18 अगस्त से पॉवर शट डाउन से लगातार पल पल अंधकार में डूबा चम्बल संभाग का संभागीय मुख्यालय शहर मुरैना में 18 अगस्त 2010 सुबह 6 बजे से गुल बिजली आज 2 साल बाद भी बिजली सप्लाई सुचारू रूप से चालू नहीं हो सकी है । खबर लिखे और प्रकाशित किये जाने के वक्त तक समूचे शहर में कल रात 2 बजे से लगातार पावर शट डाउन चल रहा है । बिजलीघर शिकायत का तथा अधिकारीयों के फोन इस दरम्यान बंद थे । जे.ई.सिद्दिकी का कहना था कि उसके यहाँ शिकायत दर्ज कराने की कोई व्यवस्था नहीं है तथा शिकायतें सुनना या उन्हें हल करना उसकी ड्यूटी में नहीं आता वह भोपाल मँत्रालय में पैसे देकर आता है आखिर कहीं से तो निकालेगा यह पैसे (यह वार्ता 6 सितम्बर 2010 को रात साढे बारह बजे के बाद की गयी ) । इसके अलावा सिद्दिकी का कहना था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड सकता वह सीधे मंत्री को पैसा देकर आता है ।

सोमवार, 30 जुलाई 2012

Non breaking power cut at Morena continued since last 58 hours.

Non breaking Power cut at Morena is continue since last 58 hours. Long time day and night Power cut actually was started from 27th July.