शुक्रवार, 7 अगस्त 2009

बदना जाटव हत्या कांड में तीन आरोपी नामजद::दो माह पूर्व की गई थी हत्या::(दैनिक मध्‍यराज्‍य)

बदना जाटव हत्या कांड में तीन आरोपी नामजद::दो माह पूर्व की गई थी हत्या::

मुरैना 6 अगस्‍त्‍ा 09 (दैनिक मध्‍यराज्‍य) .दो माह पूर्व की गई बदना जाटव हत्या में शामिल तीन आरोपियों के बिरूद्ध पुलिस थाना सुमावली ने हत्या का मामला कायम कर लिया है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुमावली थाना क्षेत्र के लोहगढ क़े जंगल दो माह पूर्व अज्ञात युवक की लाश को पुलिस ने बरामद किया मृतक की शिनाख्त बदन उर्फ बदना जाटव पुत्र आशाराम जाटव मुरेना गांव के रूप में की गई। पुलिस ने शव को बरामद करने के बाद मेडीकल परीक्षण हेतु अस्पताल पहुंचाया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई मर्ग जांच और म्तक के परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस इस निर्ष्कस पर पहुंची कि बदना जाटव की मारपीट कर हत्या की गई है। और साक्ष्य छिपाने  की गरज से आरोपियों ने शव को जंगल में फेंक दिया था।

पुलिस ने बताया कि उक्त मर्डर के आरोपी दीवान रघुनाथ और जयाराम गुर्जर को नामजद किया गया है। सभी आरोपी ग्राम सिलारपुरा के रहने वाले है। सुमावली थाना पुलिस ने बुधवार को उनके बिरूद्ध धारा 302,201 तथा हरिजन एक्ट का मामला कायम कर लिया है।

 

पत्र मिला हमको (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

पत्र मिला हमको

सारे जीवन में इकलौता, पत्र मिला हमको ।

प्रति उत्तर में लिख न सके हम, धन्यवाद उनको॥

 

नील गगन में पंछी सा मन, उड़ा उजाले में ।

सभी दूरियाँ सिमट गईं, ऑंखों के प्याले में ॥

चित्रांकित से स्वप्न, नयन की पुतली में डोले ।

कागज के कोरे हिस्से ने, कई भेद खोले ॥

षब्द पुश्प की माला का, उपहार मिला मन को ।

सारे जीवन में इकलौता, पत्र मिला हमको ॥

 

 

कलम कला ने कागज पर, संगम साकार गढ़ा ।

गुम्फित षब्दों की भाशा में, मृदु अभिसार जड़ा ॥

लिख न सकी जो कलम, इसलिये छोड़ दिया कोना।

इन्द्र धनुश सी छटा दिखाकर, मार गया टोना॥

कुंचित केषी षब्दाकृति से, वार दिया तन को ।

सारे जीवन में इकलौता, पत्र मिला हमको ॥

 

 

अक्षर के खाली कोटर से, झांक उठा मुखड़ा ।

पलकों की कोरों में सिमटा, नीर कहीं उमड़ा॥

षब्दों से षब्दों की  दूरी, लगती व्याकुल है ।

सागर में खोने को जैसे, नदिया व्याकुल है॥

केवल हमको छोड़, सलौना प्यार लिखा सबको।

सारे जीवन में इकलौता, पत्र मिला हमको ॥

लिखा पते में नाम साथ में, केवल उन्हें मिले।

लिखा पते में नाम साथ में, केवल उन्हें मिले।

लिखा पते में नाम साथ में, केवल उन्हें मिले ।

जितनी बार पढ़ा, चितवन में नवल प्रसून खिले॥

मदिराचल ने मथ डाला, फिर से मन सागर क।

बरसाने की सुध लौटी ज्यों, फिर नटनागर ॥

पूर्ण विराम लगाकर बाकी, छोड़ दिया कब को।

सारे जीवन में इकलौता, पत्र मिला हमको ॥

ब्रजमोहन कुषवाह

गायत्री कालोनी मुरैना

 

शासकीय कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें, राज्य शासन के कड़े निर्देश

शासकीय कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें, राज्य शासन के कड़े निर्देश

Bhopal:Thursday, August 6

 

राज्य शासन ने सभी विभागों को अधीनस्थ शासकीय कार्यालयों का नियमित निरीक्षण तथा कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी प्रमुख सचिव, सचिव, शासन के समस्त विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, समस्त कलेक्टर्स तथा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी कर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करनें के लिये कहा है ताकि शासकीय कार्यालयों में आम जनता एवं पक्षकारों की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

शासन को यह शिकायत मिली है कि शासकीय कार्यालयों में आने वाले आवेदकों को कर्मचारियों की अनुपस्थिति से जनसामान्य की समस्याओं के निराकरण में कठिनाई होती है क्योंकि कर्मचारी न तो समय पर कार्यालय आते हैं और न ही उनके द्वारा अपने स्थान से अनुपस्थित रहने का कोई कारण बताया जाता है। यह स्थिति शासकीय कर्मचारियों के लिये विहित आचरण नियमों के सर्वथा विपरीत है। निर्देशों में ऐसे अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुये समुचित अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिये कहा है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रत्येक कार्यालय प्रमुख से यह अपेक्षा की है कि उनके अधीन कार्यालय अपने निर्धारित समय पर खुलें और वहीं सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने नियत स्थान पर जन सामान्य को उपलब्ध हों। यह भी कहा गया है कि शासकीय कर्मचारी कार्यालय प्रारंभ होनें के समय के पूर्व अपने स्थान पर उपस्थित हो जायें। कर्मचारी मध्यान्ह भोजन के लिये निर्धारित अवधि को छोड़कर सामान्य परिस्थितियों में कार्यालय बंद होने की अवधि तक अपने कार्य के लिये कार्यालय में उपस्थित रहें। सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करनें के निर्देश दिये हैं। निर्देशों से विभिन्न कर्मचारी संगठनों को अवगत कराते हुये उनसे भी इस संबंध में अपने स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की है।

 

 

गुरुवार, 6 अगस्त 2009

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर

·                    डॉ. डी.एस.चंदेल

·                    रजिस्ट्रार,राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय

 

 

      राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की स्थापना 19 अगस्त 2008 को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय अध्यादेश 2008 के अन्तर्गत हुई थी । इस विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु कई वर्षों से प्रयास किये जा रहे थे । इसी संदर्भ में माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान , माननीय श्री अनूप मिश्रा मंत्री म.प्र. शासन, माननीय श्री नरेन्द्र सिंह जी तोमर प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य स्थानीय सांसदों गणमान्य अतिथियों की उपस्थित में इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई ।

       राजा मानसिंह तोमर की साहित्य एवं संगीत के प्रति अगाध श्रध्दा थी । उनके कार्यकाल में ग्वालियर में संगीत विद्यालय की स्थापना की गई , जो शायद भारत वर्ष का पहला संगीत विद्यालय था। राजा स्वयं भी संगीतज्ञ एवं कवि थे व संगीत की ध्रुपद शैली के प्रणेता भी ।  राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 विधानसभा द्वारा 11 फरवरी 2009 को पारित हुआ । इस अधिनियम के अन्तर्गत विश्वविद्यालय के संचालन के लिये प्रथम कुलपति, आचार्य पं. चित्तरंजन ज्योतिषी को विश्वविद्यालय स्थापना के लिये शीघ्र समस्त कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं । इस अधिनियम के अन्तर्गत बीस सदस्यों वाली एक साधारण परिषद् होगी , जिसके अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री जी होंगे ।  विश्वविद्यालय की एक कार्य परिषद और विद्या परिषद भी होगी  जो कि विश्वविद्यालय का संचालन करेगी । इस विश्वविद्यालय का क्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश होगा।

       वर्तमान में विश्वविद्यालय के अन्तर्गत 24 महाविद्यालय संबध्दता प्राप्त हैं और इसके लिये जो पाठयक्रम हैं उनको निर्धारित करने के लिये विभिन्न विद्वानों की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं । इस अधिनियम के अन्तर्गत संगीत संकाय, नृत्य संकाय, कला संकाय और अन्य संकाय जो परिनियम के अधीन होंगे का गठन किया गया है । यह भी निर्णय लिया गया कि नाटय संकाय को भी इसमें शामिल किया गया ।

      भोपाल में संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव संस्कृति विभाग,       श्री राम तिवारी संचालक संस्कृति विभाग, पं चित्तरंजन ज्येतिषी कुलपति जी की उपस्थिति में विश्विद्यालय के समग्र विकास पर चर्चा हुई । शैक्षणिक पदों का सृजन अन्य सुविधाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई और एक संबध्द कार्यकम के अन्तर्गत इसको पूर्ण करने का निर्णय लिया गया । इस विश्वविद्यालय में सभी संकायों में शोधकार्य, स्नातकोत्तर पाठयक्रम, स्नातक स्तर के पाठयक्रम , पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा एवं शार्ट कोर्स भी होंगे।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य -

1-     संगीत एवं कला संबंधी विद्या तथा ज्ञान का अभिवर्धन तथा उसका प्रसार और भारतीय समाज के विकास में रचनात्मक भूमिका सुनिश्चित करना ।

2-     छात्रों तथा अनुसंधनकर्ता विद्वानों में संगीत एवं कला के क्षेत्र में सुधारों के संबंध में बुध्दि-कौशल का विकास करके संगीत एवं कला तथा संबंधित क्षेत्र में समाज की सेवा करने के उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना ।

3-     संगीत से संबंधित ज्ञान की अभिवृध्दि के लिये अभिभाषणों, सेमीनारों, परिसंवादों और अधिवेशनों को आयोजित करन  और संगीत एवं कला संबंधी प्रक्रिया को सामाजिक विकास का प्रभावशाली उपकरण बनाना ।

4-     परीक्षायें आयोजित करना और उपाधियां तथा अन्य विद्या संबंधी विशिष्टताएं प्रदान करना ।

5-     ऐसे समस्त कार्य करना जो विश्वविद्यालय के समस्त उद्देश्यों या उनके से किसी भी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिये आनुषंगिक, आवश्यक या सहायक हैं ।

6-     विश्वविद्यालय का और गवेषणा, शिक्षा और शिक्षण के ऐसे केन्द्रों क, जो विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को अग्रसर करने हेतु आवश्यक है, प्रशासन तथा प्रबंधन करना ।

7-     संगीत एवं कला संबंधी ज्ञान या विद्या की ऐसी शाखाओं में, जैसा कि विश्वविद्यालय उचित समझे, शिक्षण हेतु उपबंध करना और गणवेषण के लिये संगीत एवं कला के ज्ञान की अभिवृध्दि तथा प्रसार के लिये उपबंध करना ।

8-                              अध्येतावृत्तियां, छात्रवृत्तियां, पुरस्कार तथा पदक संस्थित करना तथा प्रदान करना ।

 

बुधवार, 5 अगस्त 2009

कांग्रेसीयों के आन्‍दोलन को प्रशासन का जवाब, मुरैना में बिजली पानी सप्‍लाई ठप्‍प

कांग्रेसीयों के आन्‍दोलन को प्रशासन का जवाब, मुरैना में बिजली पानी सप्‍लाई ठप्‍प

मुरैना 4 अगस्‍त 09, विगत दो रोज से युवक कांग्रेसियो द्वारा बिजली कटौती ओर जिले में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार को लेकर चलाये जा रहे आन्‍दोलन एवं पुतले फूंकने की घटनाओं से कुर्राया मुरैना जिला प्रशासन ने पिछले दो दिनों से सम्‍पूर्ण मुरैना जिला की बिजली पानी सप्‍लाई पूरी तरह ठप्‍प कर दी है । शहर मुरैना में जहॉं पिछले दो दिन से घण्‍टे भर के लिये भी बिजली सप्‍लाई नहीं की जा रही वहीं शहर की पेयजल सप्‍लाई भी पूरी तरह ठप्‍प कर दी है ।

हालात इतने बदतर हैं कि न तो बिजली घर पर और न नगरपालिका पर ही लोगों की शिकायत सुनी जा रही है और न कार्यवाही की जा रही है । उल्‍लेखनीय है कि कांग्रेसियों द्वारा पिछले तीन दिनों से बिजली कटौती औ जिले में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार, राजनैतिक प्रतिशोध  आदि बातों को लेकर जबरदस्‍त आन्‍दोलन चलाया जा रहा है । जिससे प्रशासन खिसियाया हुआ है ।

विशेष खेद सूचना

पिछले दो दिनों से मुरैना शहर की बिजली पानी सप्‍लाई पूरी तरह बन्‍द रहने से माननीय मुख्‍य न्‍यायाधिपति म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय श्री अनंग कुमार पटनायक का समाचार हम समय पर प्रकाशित नहीं कर सके । यह समाचार हमारे मुरैना ब्‍यूरो से प्रकाशित होना था लेकिन वहॉं बिजली पानी सप्‍लाई पूरी तरह बन्‍द रहने से यह समाचार मुरैना ब्‍यूरो द्वारा प्रकाशित नहीं किया जा सका है । बिजली व पानी सप्‍लाई वहॉं बहाल होने के बाद संभवत: मुरैना ब्‍यूरो द्वारा यह समाचार प्रकाशित किया जायेगा ।

 

 

मत्स्य बीज का विक्रय 7 से (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

मत्स्य बीज का विक्रय 7 से

 

मुरैना- 4 अगस्‍त 09 (दैनिक मध्‍यराज्‍य)  शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र पर उन्नत किस्म का मत्स्य बीज विक्रय हेतु उपलब्ध है । सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने जिले के समस्त हितग्राहियों को सूचित किया है कि प्रक्षेत्र पर मत्स्य बीज विक्रय 7 अगस्त से प्रारंभ किया जायेगा । प्रक्षेत्र से मत्स्य बीज प्राप्त कर तालाबों में संचयन करने की सलाह मत्स्य पालकों को दी गई है ।

 

जन सुनवाई : निशक्त को मिला सहारा बरदान बनी “जन सुनवाई” (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

जन सुनवाई : निशक्त को मिला सहारा  बरदान बनी "जन सुनवाई"

मुरैना- 4 अगस्‍त 09 (दैनिक मध्‍यराज्‍य)  राज्य शासन के निर्देशानुसार मुरैना जिले के सभी कार्यालयों में आज "जन सुनवाई" की गई । कलेक्टर श्री एम.के. अग्रवाल को जन सुनवाई के दौरान काफी संख्या में आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया गया । आज की जन सुनवाई न्यू हाउसिंग कॉलोनी मुरैना के दस वर्षीय निशक्त बालक मोनू के लिए बरदान बनी । चलने-फिरने से लाचार मोनू को आज उसकी मां कलेक्टर की जनसुनवाई में लेकर आई । उसके आवेदन पर कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग को उचित मदद करने के निर्देश दिए । उप संचालक सामाजिक न्याय श्री वाय. पी. बाथम द्वारा निशक्त जन मोनू को व्हील चेयर प्रदत्त की गई । इसके सहारे अब मोनू आसानी से चल फिर सकेगा ।

       कलेक्टर कार्यालय में हुई जन सुनवाई के दौरान श्रीमती शशि सक्सैना को दो वर्ष से 36 हजार रूपये के लम्बित भुगतान का चैक प्राप्त हुआ । साथ ही वृध्दावस्था पेंशन संबंधित आवेदनों पर कलेक्टर द्वारा पेंशन राशि संबंधितों के खातों में तत्काल जमा कराने के निर्देश दिये । जन सुनवाई में मिले गम्भीर किस्म के मामलों की जांच के लिए तत्काल अधिकारियों को मौका मुआयना हेतु भेजा गया ।

       इसी प्रकार पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह को जन सुनवाई के दौरान 67 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 23 का मोके पर ही निराकरण किया । जिला  एवं खण्ड स्तर के कार्यालय प्रमुखों द्वारा अपने कार्यालय में जन सुनवाई की गई और प्राप्त आवेदनों का निपटारा किया गया ।