सोमवार, 25 जून 2007

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक 26 जून को

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक 26 जून को

 

मुरैना 23 जून07- कलेक्टर श्रीमती केरेलिन खोंग्वार देशमुख की अध्यक्षता में 26 जून को को अपरान्ह 3 बजे जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई है । डी.आर.डी.ए. कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में आर.सी.एच.कार्यक्रम द्वारा स्वीकृत बजट वर्ष 2007-08 की कार्ययोजना का अनुमोदन किया जायेगा तथा मासिक समीक्षा की जायेगी । बैठक में समिति के सदस्यों से उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है

किसानों से डीएपी का तत्काल उठाव करने की सलाह

किसानों से डीएपी का तत्काल उठाव करने की सलाह

 

मुरैना 23 जून07- उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा चालू वर्ष में डी.ए.पी.की कमी के दृष्टिगत किसानों से सहकारी समितियों और निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं के यहां से डी.ए.पी.उर्वरक का तत्काल उठाव कराने की सलाह दी गई है । डी.ए.पी. उर्वरक की कमी के दृष्टिगत डी.ए.पी.के विकल्प के रूप में एन.पी.के (12:32:16) अमोनियम फास्फेट सल्फेट (20:20:0) सिंगल सुपर फास्फेट एवं अमोनियम सल्फेट का उपयोग करने का परामर्श किसानों को दिया गया है ।

 

तम्बाखू से कैंसर होता है तम्वाखू से मौत होती है

18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाखू का विक्रय नहीं किया जायेगा

 

मुरैना 23 जून07- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय म.प्र.शासन के निर्देशानुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्वाखू अथवा तम्वाखू उत्पाद का लेन देन अथवा विक्रय नहीं किया जायेगा । आदेश के उल्लंघन पर संबंधित के विरूध्द कार्रवाई की जायेगी ।

       मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.एच.एस.शर्मा के अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर ध्रूमपान निषेध सिगरेट और तम्वाखू उत्पाद अधिनियम 2003 में संशोधन किया गया है । इसके अनुसार मुरैना जिले में सिगरेट तथा तम्वाखू उत्पाद के क्रय से संबंधित कोई विज्ञापन बोर्ड नहीं लगाया जायेगा ।जिले में वर्तमान में स्थापित बोर्डों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिये गये हैं । किसी भंडार या किसी दुकान में सिगरेट या किसी अन्य तम्वाखू उत्पादों के विक्रय के लिए विज्ञापन बोर्ड का आकार 60     45 से.मी.से अधिक नहीं होगा । इस बोर्ड के शीर्ष किनारे पर 20  15 से.मी.आकार पर तम्बाखू से कैंसर होता  है   तम्वाखू से मौत होती है प्रदर्शित करना जरूरी होगा । किसी भी विक्रय केन्द्र पर सिगरेट तथा तम्वाखू उत्पाद का चित्र, ब्राण्ड या अन्य अभिवृध्दिकारक संदेश प्रकाशित नहीं किये जायेगें । सिगरेट तथा अन्य तम्वाखू उत्पाद के क्रय से संबंधित वेनडिंग मशीन भी अब जिले में नहीं लग सकेगी । समस्त ध्रूमपान उत्पादकों और विक्रेताओं से समाज हित में उक्त निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है ।

 

18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाखू का विक्रय नहीं किया जायेगा

18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्बाखू का विक्रय नहीं किया जायेगा

 

मुरैना 23 जून07- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय म.प्र.शासन के निर्देशानुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तम्वाखू अथवा तम्वाखू उत्पाद का लेन देन अथवा विक्रय नहीं किया जायेगा । आदेश के उल्लंघन पर संबंधित के विरूध्द कार्रवाई की जायेगी ।

       मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.एच.एस.शर्मा के अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर ध्रूमपान निषेध सिगरेट और तम्वाखू उत्पाद अधिनियम 2003 में संशोधन किया गया है । इसके अनुसार मुरैना जिले में सिगरेट तथा तम्वाखू उत्पाद के क्रय से संबंधित कोई विज्ञापन बोर्ड नहीं लगाया जायेगा ।जिले में वर्तमान में स्थापित बोर्डों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिये गये हैं । किसी भंडार या किसी दुकान में सिगरेट या किसी अन्य तम्वाखू उत्पादों के विक्रय के लिए विज्ञापन बोर्ड का आकार 60     45 से.मी.से अधिक नहीं होगा । इस बोर्ड के शीर्ष किनारे पर 20  15 से.मी.आकार पर तम्बाखू से कैंसर होता  है   तम्वाखू से मौत होती है प्रदर्शित करना जरूरी होगा । किसी भी विक्रय केन्द्र पर सिगरेट तथा तम्वाखू उत्पाद का चित्र, ब्राण्ड या अन्य अभिवृध्दिकारक संदेश प्रकाशित नहीं किये जायेगें । सिगरेट तथा अन्य तम्वाखू उत्पाद के क्रय से संबंधित वेनडिंग मशीन भी अब जिले में नहीं लग सकेगी । समस्त ध्रूमपान उत्पादकों और विक्रेताओं से समाज हित में उक्त निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है ।

 

राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक 26 जून को

राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक 26 जून को

 

मुरैना 23 जून07- कलेक्टर श्रीमती केरेलिन खोंग्वार देशमुख की अध्यक्षता में 26 जून को राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई है । कलेक्टर के कक्ष में टी.एल.बैठक के बाद राजस्व अधिकारियों के राजस्व कार्यों की समीक्षा की जायेगी ।

 

कैलारस के तीन व्यापारियों के बाजरा बीज के विक्रय पर रोक

कैलारस के तीन व्यापारियों के बाजरा बीज के विक्रय पर रोक

 

मुरैना 23 जून07- बीज अधिनियम 1983 के अन्तर्गत कैलारस के तीन व्यापारियों के बाजरा बीज की विक्री तत्काल प्रभाव से प्रतिबन्धित कर दी गई है । उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री एन.आर.भास्कर ने गत दिवस कैलारस में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान तीन व्यापारियों को बाजरा बीज का अवैध विक्रय करते हुए पकड़ा । निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बाजरा का बीज हाथ ठेला, मेडीकल दुकान, ऑटो पार्टस की दुकान और कपड़ो की दुकान पर दो-दो चार-चार थैलियां रखकर बेजा जा रहा था । दल के पहुंचने पर ठेले वाले भाग गये और अनाधिकृत व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी ।

       किसानों को अच्छी गुणवत्ता का बाजरा बीज उपलब्ध कराने के उध्देश्य से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को बाजरा बीज के अनाधिकृत व्यापार पर पूर्ण पावन्दी लगाने के निर्देश दिये गये हैं ।

 

शनिवार, 23 जून 2007

बुध को पॉंच,गुरू को सात और शुक्रवार को साढ़े आठ घण्‍टे कटी बिजली

बुध को पॉंच,गुरू को सात और शुक्रवार को साढ़े आठ घण्‍टे कटी बिजली

अघोषित कटौती से अंचल में मची त्राहि त्राहि , रात को भी नहीं बख्‍शा पठठों ने

मुरैना । 23 जून 2007 । जैसा सदा से होता आया है , पुराना घिसा पिटा रिकार्ड जो बजता आया है फिर बज रहा है ।  चम्‍बल घाटी में बिजली कटौती ने अपने रंग दिखाने दोबारा चालू कर दिये हैं । मजे की बात यह है कि यह अघोषित होती है, चाहे जब आती है, चाहे जब आती है । आ आ कर जाती है तो कभी जा जा कर आती है ।

जहॉं इन दिनों लोगों की उमस भरी गर्मी से हालत पतली है, वहीं दनादन हो रही बिजली कटौती उस पर ''करेला नीम चढ़ा'' वाली उक्ति सार्थक कर रही है ।

कटौती का चम्‍बल अंचल में आलम इस कदर बदतर है । कि दिन तो दिन छोडि़ये हुजूर आजकल रात में भी बिजली बन्‍द रहती है ।

जहॉं चम्‍बल में पिछले चन्‍द महीनों और दिनों में लूट , डकैती , राहजनी और गोली मारने जैसी घटनाओं की अचानक बाढ़ आयी है वहीं रात को बिजली कटौती ने मानो अपराधीयों और बदमाशों को पूरी आजादी देकर पर लगा दिये हैं ।

मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्‍पनी इन दिनों चोर उचक्‍कों और खासकर बदमाशों पर खासी मेहरबां है , उनके डयूटी कार्य में विघ्‍न न पहुँचे सो रात में बिजली बन्‍द कर खिदमत और मदद दोनों ही दोनों हाथ पलक पांवड़े बिछा कर, कर रही है ।

अभी दो रोज पूर्व भारत के प्रधान मंत्री ने ताला पारेषण प्रणाली पर अपने भाषण में ऐसी बिजली कटौती और कृत्रिम कमी पर खासा रोष व्‍यक्‍त किया था । इससे पहले चन्‍द रोज पूर्व ही बिजली कटौती कमी और लाइन लॉसेज तथा चोरी जैसे मामलों पर प्रदेशों के मुखियाओं की बैठक भी ली थी । मगर हालात सुधरने के बजाय उल्‍टे और बिगड़ गये ।

मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री ने जहॉं सामाजिक आर्थिक क्षेत्र में नयी सोच और नई ईजाद के जरिये न केवल अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि कई मामलों में तो इतिहास भी रचा है । और उन्‍हें ऐसे कामों के लिये याद भी रखा जायेगा । बिजली मामले में मुख्‍यमंत्री कई बार आश्‍वासन, उलाहना, और खोखला भरोसा भी देते रहते हैं, लेकिन यकीनन इस मोर्चे पर पस्‍त और परास्‍त ही रहे हैं ।

जहॉं एक जमाने में बिजली कटौती के चलते म.प्र. की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मुखिया दिग्विजय सिंह कई नये व आधुनिक सोच के ऐतिहासिक काम करने के बावजूद लोगों की नजर में खलनायक बन गये थे और बिजली कटते ही प्रदेश के हर घर से आने वाली गालीयों और कोसने की बददुआओं से लिपट गये थे अंतत: उनके कई अच्‍छे और महत्‍वपूर्ण काम उनके काम नहीं आये । और न केवल सत्‍ता गंवा बैठे बल्कि आज तलक लोग नहीं चाहते कि भूल कर भी उनका नाम बतौर मुख्‍यमंत्री लिया जाये । यहॉं तक कि हालात ऐसे हैं कि अगर उन्‍हें अगले साल होने वाले चुनाव में भूल कर भी कांग्रेस मुख्‍यमंत्री प्रोजेक्‍ट करती है तो पहले से भड़की जनता और ज्‍यादा भड़क जायेगी और परिणाम क्‍या होगा किसी से छिपा नहीं है ।

इससे भी ज्‍यादा बुरा हाल उमा भारती का रहा है, जहॉं उमा ने चुनाव 2003 से पूर्व जनता को दिग्विजय सिंह का खलनायकी रूप दिखाने और गंदगी की डलिया पटकने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी वहीं दिग्विजय सिंह को ''मिस्‍टर बंटाढार'' जैसे टाइटल्‍स नवाज कर दिग्विजय का बंटाढार करने में कोई कसर बकाया नहीं रखी और पहले से ही तिलमिलाई जनता के घाव उमा ने चुनाव पूरे होने तक तरोताजा कर के रखे । नमक छिड़कते और कुरेदते रहने से जनता को लगा कि उमा डॉक्‍टर है शायद डेटॉल लगा कर अभी सफाई में लगी है और मुख्‍यमंत्री बनते ही दवाई लगा देगी और ठीक कर देगी ।

उमा ने कहा था कि मुख्‍यमंत्री बनते ही केवल एक महीने में बिजली कटौतरी बन्‍द करा दूंगी और प्रदेश कौ चौबीस घण्‍टे अबाध बिजली दूंगीं । उमा ने मुख्‍यमंत्री बनने के बाद इसमें थोड़ा संशोधन किया और तीन महीने की बात कह कर किसी राजनैतिक जॉंच आयोग के कार्यकाल की तरह खुद ही टाइम बढ़ा लिया । उसके बाद उन्‍होंने एक साल का एक्‍सटेंशन लिया फिर तीन साल का, वगैरह वगैरह । आखिर उमा भी लोगों की नजर से उतर गयीं ।

बाबू लाल गौर ही केवल एक ऐसे मुख्‍यमंत्री रहे जिसने करिश्‍माई तरीके से न केवल बिजली कटौती बन्‍द करवा दी बल्कि स्‍टेबल एण्‍ड एक्‍जेक्‍ट वोल्‍टेज देकर लोगों को चमत्‍कृत कर दिया था ।

हालांकि प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं , और वर्तमान हालातों में भाजपा का शीर्ष नेतृत्‍व शायद नहीं चाहेगा कि प्रदेश में बार बार नेतृत्‍व परिवर्तन कर छीछालेदर करवाई जाये और चालू गाड़ी की रिपेयरिंग और ठोकापीटी से ही काम लेना चाहेगा । ऐसे में बिजली एक आसन्‍न और विकट खतरा तो कम से कम है ही ।

हालांकि किसी चुनाव को कई स्‍थानीय और कई सार्वत्रिक एवं प्रादेशिक कारक प्रभावित करते हैं तथा कई और भी वजह रहतीं हैं , केवल बिजली ही प्रधान और एकमात्र कारक नहीं होती यह तो सत्‍य है लेकिन प्रधान कारकों के प्रधान तत्‍वों में से एक है , यह तथ्‍य भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता ।

शुतुर्मुर्ग यदि रेत में सिर छिपा कर अपनी समस्‍याओं का अंत मान ले तो इसमें समस्‍याओं का क्‍या दोष है ।

फिलवक्‍त तो खबर ये है कि आज रात दो बजे तक यानि शुक्रवार और शनिवार के दरम्‍यानी रात तक चली बिजली कटौती ने अंचल को हिला दिया है ।

कटौती के पीठे बदमाशी चाहे ऊपर के स्‍तर से हो रही हो चाहे स्‍थानीय स्‍तर पर पिस तो जनता ही रही है । अभी जनता फिर सरकार । यानि खरबूजे की नियति है कटते रहना और चाकू की नियति है काटते रहना । मगर जो हाथ इस चाकू के पीछे हैं उनका जिक्रे आम कभी नहीं होता ।