सोमवार, 24 नवंबर 2008

मुरैना चार सीटों पर परिदृश्‍य साफ, दो पर उलझन अभी तक जारी, प्रचार के दूसरा दौर समाप्‍त होने तक कई समीकरण बदले

मुरैना चार सीटों पर परिदृश्‍य साफ, दो पर उलझन अभी तक जारी, प्रचार के दूसरा दौर समाप्‍त होने तक कई समीकरण बदले

मुरैना 24 नवम्‍बर 08, विधानसभा प्रचार का दूसरा दौरान समाप्‍त होने तक जिले की छ: विधानसभा सीटों पर जो समीकरण व परिदृश्‍य उभर कर सामने आये हैं उसमें अब केवल एक सीट मुरैना विधान सभा पर ही सीधा त्रिकोणीय संघर्ष शेष जान पड़ रहा है बकाया सीटों पर सीधा मुकाबला साफ साफ सुनिश्चित है हालांकि जौरा सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष तो नहीं होगा लेकिन वोट काट विकट संभव है ।

छ: विधानसभाओं में रिपोर्ट लिखे जाने तक लगभग सारे निर्दलीय परिदृश्‍य से बाहर हो गये हैं और लगभग शज प्रतिशत अपना प्रचार बन्‍द करके घर बैठ चुके हैं, अब इसकी वजह कुछ भी रही हो ।

 

आज की स्थिति में कहॉं कैसा होगा संघर्ष (संभावित परिदृश्‍य)

 

मुरैना विधान सभा – सीधा त्रिकोणीय संघर्ष (तीनों ही प्रत्‍याशीयों की वोट बैंक में सेंध संभव )

रूस्‍तम सिंह – भाजपा

सोवरन सिंह मावई –कांग्रेस

परशुराम मुद्गल – बहुजन समाज पार्टी

दिमनी विधान सभा – सीधा संघर्ष (दोनों प्रत्‍याशी की वोट बैंक में भारी काट होगी)

रवीन्‍द्र सिंह तोमर- बहुजन समाज पार्टी

जितेन्‍द्र सिंह तोमर सपा

संभावना- बसपा के खाते में यह सीट जायेगी

वोट काट करेंगें कांग्रेस, भाजपा और छोटी पार्टीयां तथा निर्दलीय

अम्‍बाह विधान सभा (आरक्षित)

सुरेश जाटव – कांग्रेस

कमलेश जाटव – भाजपा

संभावना – कांग्रेस के खाते में यह सीट जायेगी

सबलगढ़ विधान सभा (दोनों प्रत्‍याशी के भारी वोट कटेंगें)

चन्‍द्र प्रकाश शर्मा – बहुजन समाज पार्टी

सुरेश चौधरी – कांग्रेस

संभावना – यह सीट कांग्रेस के खाते में जायेगी    

जौरा विधान सभा सीट (कांग्रेस के भारी वोट कटेंगें)

वृन्‍दावन सिंह – कांग्रेस

मनीराम धाकड़ – बहुजन समाज पार्टी

संभावना – यह सीट बसपा के खाते में जायेगी

सुमावली विधान सभा सीट (दोनों प्रत्‍याशी के भारी वोट कटेंगें)

ऐदल सिंह कंसाना – कांग्रेस

गजराज सिंह सिकरवार – भाजपा

संभावना – यह सीट कांग्रेस के खाते में जायेगी

टीप- उपरोक्‍त परिदृश्‍य केवल अनुमान पर आधारित है

 

मुरैना विधान सभा सीट पर दो तरह की वोटिंग है जिसमें आधी वोटिंग शहरी क्षेत्र के मतदाताओं की है और आधी ग्रामीण मतदाताओं की । किसी प्रत्‍याशी के वोट शहरी क्षेत्र में अधिक हैं तो किसी के ग्रामीण क्षेत्र में अधिक हैं, गुण्‍डागर्दी और भयवश अधिकांश (सामान्‍य) आम मतदाताओं द्वारा पूर्णत: मौन साधा रखा गया है । और कोई भी कुछ भी भाव व्‍यक्‍त करने को तैयार नहीं है ।

चुनाव प्रचार का तीसरा चरण 25 तारीख को सायं 5 बजे समाप्‍त हो जायेगा और फिर चौथे चरण तक आते परिदृश्‍य में कई फेरबदल होते रहेंगें उपरोक्‍त अनुमानित परिदृश्‍य दूसरे चरण के चुनाव प्रचार की समाप्ति तक का है ।

 

अखबारों में प्रकाशित इम्‍पेक्‍ट और रिस्‍पान्‍स के जरिये प्रकाशित फीचर्स और प्रत्‍याशी की हवा बनाने और दूसरे प्रत्‍याशीयों की हवा खराब करने वाले समाचार आदि सभी विज्ञापन की श्रेणी में व्‍यय में होंगे शामिल

स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिये आयोग कृत संकल्पित - श्री चावला

निर्वाचन आयुक्त द्वारा ग्वालियर-चंबल संभाग के पाँच जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा

अखबारों में प्रकाशित इम्‍पेक्‍ट और रिस्‍पान्‍स के जरिये प्रकाशित फीचर्स और प्रत्‍याशी की हवा बनाने और दूसरे प्रत्‍याशीयों की हवा खराब करने वाले समाचार आदि सभी विज्ञापन की श्रेणी में व्‍यय में होंगे शामिल

धन व बल के दुरूपयोग और आचार संहिता उल्‍लंघन के मामलों में सख्‍त कठोर कार्यवाही के साथ निष्‍पक्ष चुनाव हेतु हर घटना की वीडियोग्राफी जरूरी, कैमरे मथुरा व आगरा से आयेंगें

 

ग्वालियर 23 नवम्बर 08। भारत निर्वाचन आयोग के आयुक्त श्री नवीन बी. चावला ने साफ तौर पर कहा है कि निर्वाचन आयोग स्वतत्र व निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए कृत संकल्पित है। अत: आचार संहिता का कड़ाई से पालन करायें और सुरक्षा बलों का बेहतर इस्तेमाल कर हर मतदान केन्द्र पर सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किये जायें, जिससे मतदाता निर्भीक होकर मतदान कर सकें। श्री चावला आज निर्वाचन उप आयुक्त श्री बालकृष्णन एवं प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे एस. माथुर के साथ ग्वालियर एवं चंबल संभाग के पाँच जिलो की निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। यहां राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में आयोजित हुई चुनावी समीक्षा बैठक में ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, भिण्ड व मुरैना जिले के सभी विधान सभा क्षेत्रो में आयोग द्वारा नियुक्त किये गये प्रेक्षकगण ग्वालियर संभाग के आयुक्त डॉ. कोमल सिंह, चंबल संभागायुक्त श्री एस डी. अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज श्री डी एस सेंगर व चंबल रेंज श्री अरविंद कुमार सहित पांचों जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे।

 

निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने निर्वाचन तैयारियो की जिलेवार समीक्षा करते हुये कहा कि डमी प्रत्याशियों के वाहनों पर भी कड़ी नजर रखी जाये। जिस उम्मीदवार ने वाहन की अनुमति ली है उसका इस्तेमाल उसी के प्रचार में हो किसी दूसरे प्रत्याशी के प्रचार में उस वाहन का इस्तेमाल कदापि न हो। श्री चावला ने यह भी कहा कि इस बार अधिकांश मतदाताओं को फोटोयुक्त परिचय पत्र मुहैया कराये जा चुके हैं। अत: मतदान के समय हर मतदान केन्द्र पर इस बात की भी जानकारी संकलित की जाये, कि कितने मतदाताओं ने फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र के आधार पर मतदान किया। उन्होने कहा कि जिन मतदाताओं के पास वोटर कार्ड नहीं है वे भी आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर मतदान कर सकते हैं, लेकिन इस बात पर विशेष नजर रखी जाये कि राशन कार्ड आदि दस्तावेज संबंधित परिवार के मतदाताओं के पास ही हों अर्थात उनका इस्तेमाल दूसरे लोग न करने पावें।

       निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने बारी-बारी से हर जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों से चर्चा कर चुनाव तैयारियों की वस्तुस्थिति जानी। चर्चा के दौरान भिण्ड जिला कलेक्टर श्री सुहेल अली ने विधान सभा क्षेत्र लहार व अटेर,   कलेक्टर दतिया श्री प्रदीप खरे ने विधानसभा क्षेत्र दतिया एवं शिवपुरी के जिला कलेक्टर श्री मनीष श्रीवास्तव ने पिछोर विधान सभा को चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील बताया। सभी कलेक्टर्स ने यहां स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिए किये गये चुनावी प्रबंधों की भी जानकारी दी। निर्वाचन आयुक्त ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को हिदायत दी कि आयोग द्वारा मुहैया कराये गये सुरक्षा बल का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करें और यह सुनिश्चित करें कि हर मतदान केन्द्र पर स्वतंत्र , निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव हो। उन्होंने क्रिटिकल एवं हायपर क्रिटिकल मतदान केन्द्रो पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया। निर्वाचन आयुक्त ने शिवपुरी एवं भिण्ड जिलों में चुनावी व्यवस्था हेतु वाहनों का प्रबंध कराने के लिए ग्वालियर संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह एवं जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी को सहयोग करने की हिदायत दी।

       उप निर्वाचन आयुक्त श्री बालकृष्णन ने कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक राशि चुनाव प्रचार में व्यय करना इलेक्शन ओफेन्स (चुनावी अपराध) की श्रेणी में आता है। अत: प्रत्याशियों द्वारा किये गये चुनाव प्रचार पर बारीकी से नजर रखें और होर्डिंग व बैनर आदि समेत सम्पूर्ण चुनावी कैम्पेन का वीडियो कवरेज करायें। निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने कहा कि यह बात ध्यान में लाई गई है कि कुछ उम्मीदवारों द्वारा इम्पेक्ट फीचर अथवा रिस्पोंस फीचर आदि की आड़ में अखबारों के माध्यम से अपना प्रचार कराया जा रहा है और इस प्रकार के विज्ञापन पर हुये व्यय को अपने चुनावी खर्च में शामिल नहीं किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार के प्रकाशन पर सरोगेट विज्ञापन की श्रेणी में आते हैं। अत: इसे संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च मे शामिल किया जावेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर इस संबंध में प्रेस काउन्सिल से भी संम्पर्क किया जायेगा।

       प्रदेश के मुख्य निवाचन पदाधिकारी श्री जे एस. माथुर ने भी चुनाव से संबंधित आयोग के महत्वपूर्ण दिशा निर्देशों पर प्रकाश डाला। संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रेक्षकों ने भी अब तक के अपने अनुभव बताये और जरूरी सुझाव दिये। ग्वालियर संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री डी. एस. सेंगर ने निर्वाचन आयुक्त को आश्वस्त किया संभाग में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने बताया किवे दोनों संयुक्त रूप से संभाग के सभी जिलों में पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर चुनावी इंतजामों की समीक्षा कर चुके हैं।

आगरा व मथुरा से आयेंगे वीडियो कैमरे

       निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने निर्वाचन तैयारियो की जिलेवार समीक्षा करते हुये कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति एवं धन एवं बल का दुरूपयोग करने वाले उम्मीदवारों की सम्पूर्ण गतिविधियों की वीडियोग्राफी करवाई जावे। उन्होंने चुनाव संबंधी गतिविधियों की विस्तृत वीडियोग्राफी के लिए पर्याप्त संख्या में वीडियो कैमरों की व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया। श्री चावला ने इस क्रम में मुरैना दतिया के जिला कलेक्टरों को हिदायत दी कि वे वीडियो कैमरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए उत्तर प्रदेश के समीपवर्ती आगरा व मथुरा जिलों के प्रशासन से सम्पर्क किया जा सकता है। निर्वाचन आयुक्त ने यह भी निर्देश दिये कि वीडियो कैमरों का प्लेसमेट भी बेहतर ढ़ंग से होना चाहिये। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन की हर धटना पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिये।

 

दतिया विधानसभा में अतिरिक्त प्रेक्षक

संभाग के दतिया विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिए यहां एक अतिरिक्त निर्वाचन प्रेक्षक की तैनाती होगी। इस आशय की जानकारी निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन बी. चावला की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न हुई बैठक में दी गई। उल्लेखनीय है कि दतिया विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान प्रेक्षक ने इस विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखकर यहां एक अतिरिक्त प्रेक्षक नियुक्त करने का सुझाव दिया था। जिसे चुनाव आयुक्त ने स्वीकार कर लिया।

 

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी हुई चर्चा

ग्वालियर एवं चंबल संभाग की चुनावी गतिविधियों की समीक्षा के पूर्व निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन बी. चावला ने विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बारी बारी से भेंट की। उन्होंने बताया कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता के कड़ाई से पालन और चुनाव प्रक्रिया में बरती गई पारदर्शिता की सराहना की है। श्री चावला ने प्रतिनिधियों के सुझाव सुने  और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।

 

अखबारों में प्रकाशित इम्‍पेक्‍ट और रिस्‍पान्‍स के जरिये प्रकाशित फीचर्स और प्रत्‍याशी की हवा बनाने और दूसरे प्रत्‍याशीयों की हवा खराब करने वाले समाचार आदि सभी विज्ञापन की श्रेणी में व्‍यय में होंगे शामिल

स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिये आयोग कृत संकल्पित - श्री चावला

निर्वाचन आयुक्त द्वारा ग्वालियर-चंबल संभाग के पाँच जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा

अखबारों में प्रकाशित इम्‍पेक्‍ट और रिस्‍पान्‍स के जरिये प्रकाशित फीचर्स और प्रत्‍याशी की हवा बनाने और दूसरे प्रत्‍याशीयों की हवा खराब करने वाले समाचार आदि सभी विज्ञापन की श्रेणी में व्‍यय में होंगे शामिल

धन व बल के दुरूपयोग और आचार संहिता उल्‍लंघन के मामलों में सख्‍त कठोर कार्यवाही के साथ निष्‍पक्ष चुनाव हेतु हर घटना की वीडियोग्राफी जरूरी, कैमरे मथुरा व आगरा से आयेंगें

 

ग्वालियर 23 नवम्बर 08। भारत निर्वाचन आयोग के आयुक्त श्री नवीन बी. चावला ने साफ तौर पर कहा है कि निर्वाचन आयोग स्वतत्र व निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए कृत संकल्पित है। अत: आचार संहिता का कड़ाई से पालन करायें और सुरक्षा बलों का बेहतर इस्तेमाल कर हर मतदान केन्द्र पर सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किये जायें, जिससे मतदाता निर्भीक होकर मतदान कर सकें। श्री चावला आज निर्वाचन उप आयुक्त श्री बालकृष्णन एवं प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे एस. माथुर के साथ ग्वालियर एवं चंबल संभाग के पाँच जिलो की निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। यहां राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में आयोजित हुई चुनावी समीक्षा बैठक में ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, भिण्ड व मुरैना जिले के सभी विधान सभा क्षेत्रो में आयोग द्वारा नियुक्त किये गये प्रेक्षकगण ग्वालियर संभाग के आयुक्त डॉ. कोमल सिंह, चंबल संभागायुक्त श्री एस डी. अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज श्री डी एस सेंगर व चंबल रेंज श्री अरविंद कुमार सहित पांचों जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे।

 

निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने निर्वाचन तैयारियो की जिलेवार समीक्षा करते हुये कहा कि डमी प्रत्याशियों के वाहनों पर भी कड़ी नजर रखी जाये। जिस उम्मीदवार ने वाहन की अनुमति ली है उसका इस्तेमाल उसी के प्रचार में हो किसी दूसरे प्रत्याशी के प्रचार में उस वाहन का इस्तेमाल कदापि न हो। श्री चावला ने यह भी कहा कि इस बार अधिकांश मतदाताओं को फोटोयुक्त परिचय पत्र मुहैया कराये जा चुके हैं। अत: मतदान के समय हर मतदान केन्द्र पर इस बात की भी जानकारी संकलित की जाये, कि कितने मतदाताओं ने फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र के आधार पर मतदान किया। उन्होने कहा कि जिन मतदाताओं के पास वोटर कार्ड नहीं है वे भी आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर मतदान कर सकते हैं, लेकिन इस बात पर विशेष नजर रखी जाये कि राशन कार्ड आदि दस्तावेज संबंधित परिवार के मतदाताओं के पास ही हों अर्थात उनका इस्तेमाल दूसरे लोग न करने पावें।

       निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने बारी-बारी से हर जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों से चर्चा कर चुनाव तैयारियों की वस्तुस्थिति जानी। चर्चा के दौरान भिण्ड जिला कलेक्टर श्री सुहेल अली ने विधान सभा क्षेत्र लहार व अटेर,   कलेक्टर दतिया श्री प्रदीप खरे ने विधानसभा क्षेत्र दतिया एवं शिवपुरी के जिला कलेक्टर श्री मनीष श्रीवास्तव ने पिछोर विधान सभा को चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील बताया। सभी कलेक्टर्स ने यहां स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिए किये गये चुनावी प्रबंधों की भी जानकारी दी। निर्वाचन आयुक्त ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को हिदायत दी कि आयोग द्वारा मुहैया कराये गये सुरक्षा बल का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करें और यह सुनिश्चित करें कि हर मतदान केन्द्र पर स्वतंत्र , निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव हो। उन्होंने क्रिटिकल एवं हायपर क्रिटिकल मतदान केन्द्रो पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने पर विशेष जोर दिया। निर्वाचन आयुक्त ने शिवपुरी एवं भिण्ड जिलों में चुनावी व्यवस्था हेतु वाहनों का प्रबंध कराने के लिए ग्वालियर संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह एवं जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी को सहयोग करने की हिदायत दी।

       उप निर्वाचन आयुक्त श्री बालकृष्णन ने कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक राशि चुनाव प्रचार में व्यय करना इलेक्शन ओफेन्स (चुनावी अपराध) की श्रेणी में आता है। अत: प्रत्याशियों द्वारा किये गये चुनाव प्रचार पर बारीकी से नजर रखें और होर्डिंग व बैनर आदि समेत सम्पूर्ण चुनावी कैम्पेन का वीडियो कवरेज करायें। निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने कहा कि यह बात ध्यान में लाई गई है कि कुछ उम्मीदवारों द्वारा इम्पेक्ट फीचर अथवा रिस्पोंस फीचर आदि की आड़ में अखबारों के माध्यम से अपना प्रचार कराया जा रहा है और इस प्रकार के विज्ञापन पर हुये व्यय को अपने चुनावी खर्च में शामिल नहीं किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार के प्रकाशन पर सरोगेट विज्ञापन की श्रेणी में आते हैं। अत: इसे संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च मे शामिल किया जावेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर इस संबंध में प्रेस काउन्सिल से भी संम्पर्क किया जायेगा।

       प्रदेश के मुख्य निवाचन पदाधिकारी श्री जे एस. माथुर ने भी चुनाव से संबंधित आयोग के महत्वपूर्ण दिशा निर्देशों पर प्रकाश डाला। संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रेक्षकों ने भी अब तक के अपने अनुभव बताये और जरूरी सुझाव दिये। ग्वालियर संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री डी. एस. सेंगर ने निर्वाचन आयुक्त को आश्वस्त किया संभाग में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने बताया किवे दोनों संयुक्त रूप से संभाग के सभी जिलों में पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर चुनावी इंतजामों की समीक्षा कर चुके हैं।

आगरा व मथुरा से आयेंगे वीडियो कैमरे

       निर्वाचन आयुक्त श्री चावला ने निर्वाचन तैयारियो की जिलेवार समीक्षा करते हुये कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति एवं धन एवं बल का दुरूपयोग करने वाले उम्मीदवारों की सम्पूर्ण गतिविधियों की वीडियोग्राफी करवाई जावे। उन्होंने चुनाव संबंधी गतिविधियों की विस्तृत वीडियोग्राफी के लिए पर्याप्त संख्या में वीडियो कैमरों की व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया। श्री चावला ने इस क्रम में मुरैना दतिया के जिला कलेक्टरों को हिदायत दी कि वे वीडियो कैमरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए उत्तर प्रदेश के समीपवर्ती आगरा व मथुरा जिलों के प्रशासन से सम्पर्क किया जा सकता है। निर्वाचन आयुक्त ने यह भी निर्देश दिये कि वीडियो कैमरों का प्लेसमेट भी बेहतर ढ़ंग से होना चाहिये। साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन की हर धटना पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिये।

 

दतिया विधानसभा में अतिरिक्त प्रेक्षक

संभाग के दतिया विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिए यहां एक अतिरिक्त निर्वाचन प्रेक्षक की तैनाती होगी। इस आशय की जानकारी निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन बी. चावला की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न हुई बैठक में दी गई। उल्लेखनीय है कि दतिया विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान प्रेक्षक ने इस विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखकर यहां एक अतिरिक्त प्रेक्षक नियुक्त करने का सुझाव दिया था। जिसे चुनाव आयुक्त ने स्वीकार कर लिया।

 

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी हुई चर्चा

ग्वालियर एवं चंबल संभाग की चुनावी गतिविधियों की समीक्षा के पूर्व निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन बी. चावला ने विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बारी बारी से भेंट की। उन्होंने बताया कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता के कड़ाई से पालन और चुनाव प्रक्रिया में बरती गई पारदर्शिता की सराहना की है। श्री चावला ने प्रतिनिधियों के सुझाव सुने  और उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।

 

शनिवार, 22 नवंबर 2008

चम्‍बल में निष्‍पक्ष चुनाव पर प्रश्‍न चिह्न, खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां, मतदाताओं को लुभाने धमकाने से लेकर तंग परेशान करने का सिलसिला जारी

चम्‍बल में निष्‍पक्ष चुनाव पर प्रश्‍न चिह्न, खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां, मतदाताओं को लुभाने धमकाने से लेकर तंग परेशान करने का सिलसिला जारी

नरेन्‍द्र सिंह तोमर 'आनन्‍द'

मुरैना 22 नवम्‍बर 08, म.प्र. में वर्तमान में हो रहे विधानसभा चुनावों की निष्‍पक्षिता पारदर्शिता और स्‍वतंत्रता को लेकर कई सवाल खड़े हो गये हैं ।

प्रत्‍याशी भले ही आपस में कुछ भी आरोप प्रत्‍यारोप कर रहे हों लेकिन जनता की नजर से समूची जनता इस यकीन और निश्चिन्‍तता से परे है, कि चम्‍बल घाटी में चुनाव निष्‍पक्ष, स्‍वतंत्र एवं पारदर्शी होंगें ।

सख्‍त आचरण संहिता के चलते और सख्‍त प्रशासनिक रवैये के कारण भले ही चम्‍बल के बाहुबली प्रत्‍याशी अपने शक्ति प्रदर्शन को अधिक खुलेआम नहीं कर पा रहे हों लेकिन चुनाव प्रचार के इस दूसरे चरण के आते आते चुनाव प्रचार की जगह प्रत्‍याशीयों की खुली गुण्‍डागर्दी, अराजकता और साम, दाम, दण्‍ड भेद की नीति ने ले ली है ।

बाहुबली व धनबली प्रत्‍याशी जहॉं खुलेआम गुण्‍डागर्दी पर उतर आये हैं, वहीं आचरण संहिता का तो चूरमा बना कर अपने जूतों तले न जाने कब का रौंद चुके हैं । हम कुछ चित्र आज ही प्रकाशित कर रहे हैं, और कुछ अन्‍य चित्रों को आज ही फिल्‍म के रूप में अपने वीडियो व इण्‍टरनेट टी.वी. सेक्‍शन में प्रसारित कर रहे हैं, इनमें आचरण संहिता की धज्जियां उड़ाते और मतदाताओं को लुभाते और डराते घमकाने परेशान करने तथा प्रत्‍याशीयों की गुण्‍डागर्दी के चित्र ताजे यानि आज के ही खींचे हुये हैं और बकाया फाइल चित्र हैं ।

क्‍या हो रहा है, चम्‍बल में असल में

मैं आपकों शहर मुरैना का जिक्र सुना रहा हूं , मैं आपको यहॉं हो रही या घट रही सारी तत्‍य बयानी प्रत्‍यक्षदर्शी मैं स्‍वयं और कुछ मामलों में स्‍वयं भुक्‍त भोगी के रूप में बयान कर रहा हूं ।

इसके बाद निर्वाचन आयोग या जिला प्रशासन मुरैना कैसे मतदाताओं को आश्‍वस्‍त करेगा यह उनकी जिम्‍मेवारी है, मैं जो लिख रहा हूँ वह सब मय साक्ष्‍य है ।

प्रश्‍नात्‍मक घटनायें व वृतान्‍त (उत्‍तर दीजिये) –

1.           पूरे दिन और पूरी रात की बिजली कटौती संदिग्‍ध रहस्‍यमय और कुछ विशिष्‍ट क्षेत्रों तक सीमित क्‍यों, किसके इशारे पर, और किस उद्देश्‍य के लिये

2.           केवल कुछ प्रत्‍याशीयों या केवल कुछ स्‍थान मात्र पर ही आचरण संहिता उल्‍लंघन के मामले क्‍यों, बीच शहर में खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ रही हैं, इसे कौन रोकेगा ।

3.           मतदाताओं को खुलेआम सौ का नोट और एक नारियल कुछ प्रत्‍याशीयों द्वारा कुछ क्षेत्रों में बांटे जाने की खबरें लगातार मुझे मिलीं और ऐसा हुआ भी इस सम्‍बन्‍ध में एक प्रत्‍याशी ने आरोपित किया है और समाचार पत्रों में बयान दिया है कि वोट खरीदे जा रहे हैं, आप इस मामले में अब तक क्‍या कर रहे हैं, इस तथ्‍य को साबित करने या निष्क्रिय व असत्‍य साबित करने हेतु क्‍या कार्यवाही किये हैं, या क्‍या कदम आपने उठाया है । मैं आपकों याद दिला दूं म.प्र. शासन के अस्तित्‍वाधीन एक आदेश के तहत चौबीस घण्‍टे के भीतर सम्‍बन्धित प्रशासनिक अधिकारी को असत्‍य खबर या तथ्‍य का खण्‍डन करना अनिवार्य है या फिर उसे साबित करने हेतु कदम उठा कर कार्यवाही करना अनिवार्य है, इस आदेश की प्रति आपके पास न हो तो मेरे पास उपलब्‍ध है, मुझसे ले लीजिये या फिर म.प्र. शासन की वेबसाइट से ले लीजिये या म.प्र. के असाधारण राजपत्रों के अंक टटोल लीजिये यह आदेश गजटेड है ।

4.           चम्‍बल के कई गांवों की कई समस्‍याओं पर कई गांवों, ग्राम पंचायतों और शहर मुरैना और तहसील कस्‍बों के कई मोहल्‍लों के वाशिन्‍दों मतदाताओं द्वारा बाकायदा बयान जारी कर अखबारों में खबर छपवाकर मतदान के बहिष्‍कार किये जाने का ऐलान किया गया है, यदि यह खबरें या अखबार आपके पास न हों तो मेरे पास सुरक्षित रखें हैं, क्‍या मतदान का बहिष्‍कार स्‍वस्‍थ लोकतंत्र के लिये आवश्‍यक है या फिर मतदान बहिष्‍कार, निष्‍पक्ष, स्‍वतंत्र व पारदर्शी मतदान का एक अंग है आप ऐसा मानते हैं । यदि ऐसा बहिष्‍कार घोषित हुआ है तो उसे करवाने के लिये या उन्‍हें मतदान हेतु प्रेरित किये जाने हेतु आपने क्‍या कदम उठाये हैं, इन मतदाताओं से मतदान कराने का दायित्‍व किसका है, आपका या मेरा, या सम्‍बन्धित अखबारों का या फिर सम्‍बन्धित प्रत्‍याशीयों का । इन रूठे मतदाताओं द्वारा मतदान बहिष्‍कार कैसे आखिर स्‍वतंत्र, निष्‍पक्ष या पारदर्शी चुनाव करायेगा मेरी समझ से परे हैं । ये मतदान नहीं करेंगें तो क्‍या आप एक अच्‍छा, उत्‍कृष्‍ट सर्वमान्‍य जनप्रतिनिधि इस देश के लोकतंत्र को देंगें यह मुझे समझाईये । जब कोई मतदान नहीं करेगा या कोई बूथ पर निरंक वोटिंग होगी तो क्‍या आप चुनाव परिणाम रोक देंगें या फिर उस विधानसभा का या उस बूथ का पुन: पोलिंग करायेंगे, इस सम्‍बन्‍ध में आपकी नीति क्‍या है, मुझे बताईये ।

5.           सारे शहर में धुंआधार गुण्‍डागर्दी और अराजकता फैली हुयी है, यहॉं तक कि अखबारों को खुलेआम लुभाने व धमकाने का माध्‍यम प्रत्‍याशीयों द्वारा बनाया गया है और सब कुछ साफ साफ अखबारों में छपा हुआ है और लगभग रोज ही छप रहा है, इन अखबारों या खबरों या लुभावने विज्ञापनों की प्रति यदि आपके पास नहीं हैं तो मेरे पास सुरक्षित हैं, आपने अब तक इस सम्‍बन्‍ध में क्‍या कदम उठाये हैं, महाराज कृपया अवगत करायें ।

6.           कुछ प्रत्‍याशीयों का दावा है कि मुरैना महादेव नाका पर अण्‍डरब्रिज वे बनवा देंगे और बाकायदा उन्‍होंने टाइम लिमिट भी घोषित की है, यह तथ्‍य कितना सही है, क्‍या इसे लुभावना लालच की संज्ञा या तथ्‍यात्‍मक भ्रम या भ्रमात्‍मक तथ्‍य माना जा सकता है, क्‍या यह प्रत्‍याशी भारत सरकार का रेलमंत्री है, या रेलमंत्री इसका जरखरीद गुलाम है या इसकी जेब में रहता है, इस प्रत्‍याशी द्वारा ऐसी गारण्‍टी किस गारण्‍टी के तहत दी गयी है , कृपया तथ्‍य को सत्‍यरूप से अवगत करा कर मुझ लाचार, नासमझ, कम अकल और अनपढ़ अज्ञानी मतदाता को बताने की कृपा करें मैं भ्रमित हो गया हूं, और लालच में भी आ गया हूं, इसी बिन्‍दु पर एक अन्‍य प्रत्‍याशी द्वारा पिछले कई दिनों कई महीनों से अखबार में छपवा छपवा कर दावा किया गया है कि वह भी इस अण्‍डर ब्रिज को बनवा देगा, उसका कहना है कि वह बनवा भी देता काश कि वह रेलमंत्री होता, उसका कहना है कि वह अण्‍डर ब्रिज बनवाने के लिये अपनी जेब से या अपनी सरकार की जेब से पैसा एक साल पहले रेल मंत्रालय में जमा करवा चुका था, लेकिन रेल मंत्रालय ने छल, धोखाधड़ी और कपटपूर्वक, आपराधिक षडयंत्र रचकर उसके पैसे पचा लिये और लम्‍बे समय तक अपनी जेब में डाल कर रेल्‍वे उसे टहलाती रही, बाद में आज कल आज कल करते अभी तक उसने अण्‍डरबिज नहीं बनवाया और मूर्ख बना दिया तथा उसके साथ , उसकी सरकार के साथ और मुरैना की जनता के साथ धोखाधड़ी कर दी, अब वह भी कह रहा है कि वह जीता तो बनवा देगा अण्‍डरब्रिज ।  आदरणीय श्रीमान मुझे भ्रम हो गया है और यह लालच भी आ गया है कि मैं इन दोनों में से ही किसी को वोट करूं लेकिन भ्रम हो गया है, भ्रमात्‍मक तथ्‍यों के कारण तथ्‍यात्‍मक भ्रम । मैं उलझन में हूं, श्रीमान मैं एक मूर्ख, कमसमझ कम पढ़ा लिखा अज्ञानी मतदाता हूं, श्रीमान निष्‍पक्ष चुनाव के रिंग मास्‍टरगण मेरा भ्रम दूर करें, मेरा मार्गदर्शन करें, जिससे मैं सही आदमी को वोट दे सकूं । अगर आप वोटिंग से पहले सही तथ्‍य या सही प्रत्‍याशी का नाम बता देंगें कि इनमें से कौन रेलमंत्री बनेगा या रेलमंत्री भारत सरकार किसका जरखरीद गुलाम होगा या कौन रेलमंत्री को दारू पिला कर महादेव नाके पर ठुमके लगवायेगा , उस सही आदमी के नाम से मुझ गरीब अज्ञानी अल्‍पबुद्धि को अवगत करा दें जिससे मैं सही आदमी को वोट देकर अपना अण्‍डरब्रिज बनवा लूं ।

7.           हमारे भावी जन प्रतिनिधिगण द्वारा प्रस्‍तुत अपने आय व्‍यय लेखे में आप केवल जे पूछ रहे हैं कि रकम गयी कहॉं यानि खर्च कहॉं हुयी कै फिर जेऊ पूछ रहे हैं कि जे आयी कहॉं से, मतलब जो रकम खरच भई वो आय कहॉं से रही है और आवक स्‍त्रोत की विश्‍वसनीयता और प्रमाणिकता क्‍या है, और जा आवक जावक में यानि आय व्‍यय में प्रत्‍याशीयन के विज्ञापनन के खच्‍च और रसीद आय गयीं के नानें, जो लंगर चलाय कें भण्‍डारे कर रहे हैं वाउको खच्‍च दिखाओ है के नानें । कितेक गैस सिलेण्‍डर खाय गये नेता लंगरन्‍न में, जे सिलेण्‍डरों की खरद की रसीद खच्‍च के हिसाब के संग पेस भई है के नानें । महाराज शहर से सिलेण्‍डर गायब है गये हैं, जनता से पंगा कर्रो है रहो हैं , हमऊं से भिड़न्‍त है गयी है , हम तो खैर निबट लेंगें पर महाराज निष्‍पक्ष चुनाव गारण्‍टी अधिकारी महोदय वा जनता को का होगो जो हजारों नम्‍बर आज की तारीख में आडवाणी जी की तरह वेटिंग इन में डरे हैं , वे भभ्‍भर मचाय रहे हैं । बिनकी कोऊ सुन नाने रहों जा बखत । हमने सुनी है कि नेतन लोगन ने ट्रक के ट्रक सिलेण्‍डर उतारवाय लये हैं, और सिग लंगरन में हवन है गये हैं । सुनो है के नेतन ने भारी गुण्‍डागिरी मचाय रखी है । बड़ी जबरदस्‍त ब्‍लैकमेलिंग चल रही और सिलेण्‍डर आठसौ और पन्‍द्रह सौ रूपये में मिल रहे हैं नहीं तो तीन महीना बाद, वाह प्रभु जय सियाराम, वैसे तो हम कम्‍पलेण्‍ट हाई लेवल करई रहे हैं और कै तो जा व्‍यवस्‍था कों अब ठीक ही करवाय देंगें और एजेन्‍सी टर्मिनेशन के लेउँ लिखेंगे हकीकत तो खैर भारत सरकार के सही डिपार्टमेण्‍टों तक सही माध्‍यम से पहुचाय देंगें ही, लेकिन महाराज चुनाव बाद हम सूचना का अधिकार में जे सब ब्‍यौरा महाराज आपसे मांगेंगे, सो दे जरूर दीयो नहीं तो एक लड़ाई और लड़नी पड़ेगी ।

8.           वैसे तो ऊपर लिखीं बातें बहुत हैं समझदार के लाने पर जे है कि चलत चलत एक औरऊ बात कह दें कि बा गरीब हरिजन निर्दलीय प्रत्‍याशी की प्रचार गाड़ी यानि रिक्‍शा जे दूसरा गुण्‍डा बाहुबली प्रत्‍याशीयन ने टोर फोर डारी हती, हमने अखबार में पढ़ी हती वा को का भओं, जे निर्दलीय प्रचार काय नही कर पाय रहे, जिनकी धड़ाधड़ पिटाई मराई लगाय कें जे गुण्‍डा लोग बाहुबली प्रत्‍याशी प्रचार नहीं करन दे रहे वामें आप का कर रहे हैं महाराज । खैर थोड़ी लिखी बहुत समझना ।

अंतत: आप समझ सकते हैं कि चम्‍बल में चुनाव कैसा चल रहा है और कैसा निष्‍पक्ष, स्‍वतंत्र व पारदर्शी हो रहा है । और उधर डकैत बदमाश गांवों में धमकी दे गये हैं कि अलां फलां को वोट देना वरना चुनाव बाद पकड़ कर ली जायेगी, शहरों में चोरी भडि़याई करवाने की धमकी और ऐलान जारी किये है, कुछ मतदाताओं को लूट पाट और मारने पीटने के फरमान जारी हो गये हैं वहीं कुछ मतदाताओं को परिवार सहित जान से मारने की धमकी, अपहरण करने और बेइज्‍जत करने के फरमान भी बाहुबली गुण्‍डा प्रत्‍याशीयों द्वारा जारी किये गये हैं, कुछ की बिजली पानी काटने, कुछ को अन्‍यान्‍य भांति तंग व त्रस्‍त करने जैसी धमकियां जारीं हैं, शहर और गांव दहशत में हैं, मतदान आ रहा है, अगर वोटिंग ऐसे ही होनी है तो वोटिंग की जरूरत क्‍या है, इलेक्‍शन की जगह नोमिनेशन कर लेना चाहिये ।  

गुरुवार, 20 नवंबर 2008

चम्‍बल में विदेशी पंछी मेहमान बन कर आये, लंगरों में दावत भण्‍डारे और दारू के भोज, ससुरे वोट डालेंगें कि चुनाव करायेंगें

चम्‍बल में विदेशी पंछी मेहमान बन कर आये, लंगरों में दावत भण्‍डारे और दारू के भोज, ससुरे वोट डालेंगें कि चुनाव करायेंगें   

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

मुरैना विधानसभा पर इस बार प्रमुख दलों कांग्रेस, भाजपा और बसपा का गला काट संघर्ष होगा । लेकिन प्रभावित करने वाले यानि वोट काटने वाले इनकी नाक में खासा दम कर देंगें । कल एक निर्दलीय प्रत्‍याशी को छ गाड़ीयों के साथ इन तीन प्रमुख प्रत्‍याशीयों में से एक का चुनाव प्रचार करते और चुनाव सामग्री भरी गाड़ी के साथ जिला प्रशासन मुरैना ने पकड़ा है । हालांकि जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग निष्‍पक्ष चुनाव कराने की कसम खा कर बैठा है लेकिन राजनैतिक दलों के प्रत्‍याशी भी अपने जौहर दिखाने से नहीं चूक रहे । निर्दलीय प्रत्‍याशीयों की गाड़ीयों का उपयोग करना, निर्दलीयों को खरीद कर जर खरीद गुलाम की तरह प्रचार में उनका इस्‍तेमाल करना, शराब, शबाव और कबाव, यानि एग, लैग और पैग के साथ औरतों और बच्‍चों को उठवा कर अपनी छवि बनाना दूसरों की बिगाड़ना, गुण्‍डे, चोर मवालीयों और बाहरी बदमाशों तथा डकैतों की पूरी फौज की फौज इन दिनों चम्‍बल में एक माह पहले से ही बारातों की भांति फोकट के लंगरों में भोज पंगत और जाम के आनन्‍द उठाने में लगी है, सीमायें सील होने से पहले ही विशाल तादाद में अपराधी पहले ही अपना डेरा चुके थे । इन दिनों चम्‍बल में बाहर के विदेशी प्रवासी पक्षी मेहमान बन कर डेरा जमाये हैं । ज्ञातव्‍य है कि इन दिनों प्रत्‍याशीयों के समूची चम्‍बल में यत्र तत्र सर्वत्र लगभग 7 हजार लंगर चल रहे हैं और राजस्‍थान से नकली व सस्‍ती मंहगे ब्राण्‍ड के लेबल लगी दर्जनों ट्रक शराब भरकर चम्‍बल पहुँच कर बदमाशों के टेटुओं में उड़ेली जा रही है । एक लंगर में अमूमन 6-7 हजार लोग रोजाना पेट भरने और गला तर करने का काम कर रहे हैं । अब भई ये विदेशी प्रवासी पंछी मेहमान बन कर जो डेरा डाले हैं और हराम की कमाई, हराम की लुगाई और हराम की खिलाई पिलाई का आनन्‍द ले रहे हैं जे पता तो तुमई लगाओ कि जे निर्वाचन आयोग के आदमी हैं का, या फिर निर्वाचक हैं या फिर ससुरे निर्वाचन के एजेण्‍ट हैं आखिर जे हैं का ।

हम तो प्‍यारे यही कहेंगें कि कोऊ नृप होय हमें का हानी, जादा चेंटें तो पिला देंगें पानी ।   

परिसीमन का साया : कहीं त्रिकोणीय तो कहीं बहुकोणीय मगर सीधे मुकाबले भी संभव श्रंखलाबद्ध आलेख करवट-7-1

परिसीमन का साया : कहीं त्रिकोणीय तो कहीं बहुकोणीय मगर सीधे मुकाबले भी संभव

श्रंखलाबद्ध आलेख करवट-7-1

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

विशेष नोट- (हम क्षमा चाहते हैं कि मुरैना में चल रही भारी बिजली कटौती के चलते इस आलेख का यह भाग- यह किश्‍त हम पूरी नहीं लिख और प्रकाशित कर पा रहे, किंचिंत भी विद्युत व्‍यवस्‍था अवरोध ठीक होते ही हम इस किश्‍त को पूरी प्रकाशित करेंगें । कृपया स्‍मरण रखें यह आलेख कई दिनों के भीतर विश्‍लेषणात्‍मक रूप से लिखा गया है और इस अधूरी किश्‍त में पूरी तथ्‍य व आंकड़े एवं विश्‍लेषण सम्मिलित नहीं हैं कृपया पूरी किश्‍त वाचन उपरान्‍त ही किसी भी प्रकार से इस भाग-7 के विश्‍लेषण को पूर्ण मानें । इस प्रकार इस किश्‍त आलेख को भाग-7-1 के रूप में पढ़ें व इसके शेष भाग को भाग-7-2 या 7-3 जैसी भी स्थिति हो पढ़ें – विनम्रता पूर्वक क्षमायाचना सहित धन्‍यवाद, नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द'' )              

पिछले अंक से जारी ...

अब जब इस आलेख की यह किश्‍त लिखी जा रही है अंचल का परिदृश्‍य काफी हद तक साफ हो चुका है और कांग्रेस भाजपा सहित अधिकतर राजनीतिक दल अंचल की लगभग सभी महत्‍वपूर्ण सीटों पर अपने प्रत्‍याशी घोषित कर चुके हैं ।

पिछले इस श्रंखलाबद्ध आलेख के पश्‍चात अब जो परिदृश्‍य उभर कर सामने आया है वह काफी परिवर्तित और रोचक है । चम्‍बल ग्‍वालियर अंचल में अधिकतर सीटों पर अबकी बार त्रिकोणीय एवं बहुकोणीय संघर्ष होंगें वहीं कुछ सीटें ऐसी हैं जहॉं सीधी व खुली टक्‍कर भी होगी ।

चूंकि दो महत्‍वपूर्ण सीटों मुरैना व दिमनी पर इबारत दीवार पर उकेर कर साफ साफ चमकने लगी है वहीं यह भी साफ हो गया है कि या तो भाजपा का मुकद्दर ठीक था या कांग्रेस का खराब नसीब । हुआ कुछ यूं कि उनकी सरकार जाते जाते बचती जान पड़ रही है और उनकी सरकार का बनने से पहले ही गर्भपात सा जान पड़ रहा है । आप समझ गये होंगें मेरा आशय क्‍या है ।

इस साल के शुरू में यानि जनवरी फरवरी और पिछले साल दिसम्‍बर के महीने में जहॉं प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जबर्दस्‍त विरोधी लहर और वातावरण बन बैठा था, भाजपा को इस डेमेज को नियंत्रित करने के लिये पूरे आठ महीने का समय लगा । उसके बावजूद अक्‍टूबर और नवम्‍बर में यह बात आइने की तरह साफ और एकदम स्‍पष्‍ट हो गयी थी कि भाजपा की सरकार बड़ी बुरी तरह सत्‍ता से बाहर जा रही है । संभवत: आज म.प्र. विधानसभा में जो स्थिति कांग्रेस और भाजपा के विधायकों की है वह संख्‍या एकदम उलट जायेगी और कांग्रेस प्रचण्‍ड बहुमत के साथ सरकार में आयेगी ।

प्रत्‍याशी चयन और उनके टिकिट वितरण के बाद बात फिर एकदम पल्‍टा खा गयी । जहॉं कांग्रेस की पहली सूची 117 जो निकाली गयी थी वह एकदम विर्विवाद और झंझावात से मुक्‍त रही । वहीं भाजपा की पहली सूची 115 में कहीं कहीं किंचित विवाद सामने आये थे ।

मेरी नजर में कांग्रेस व भाजपा दोनों की ही पहली सूचीयां ठीक थीं, भाजपा की आखरी तीसरी सूची तक प्रत्‍याशी चयन जमीनी सच्‍चाई और जनभावनाओं के काफी नजदीक से गुजरता है । मैं इसे सबसे बेहतर प्रत्‍याशी चयन या ठोस जमीनी हकीकत का संतुलन व समन्‍वय कहूं तो शायद ठीक रहेगा । कुल मिला कर भाजपा नेतृत्‍व धरातली हकीकत से काफी ठोस हद तक सुवाकिफ रहा है और आज की तारीख के हिसाब से एक श्रेष्‍ठ सूची देता है यदि अपवाद स्‍वरूप भाजपा के 10 फीसदी प्रत्‍याशीयों को छोड़ दें तो कुल मिला कर प्रत्‍याशी चयन बेहतर पॉलिटिकल इंजीनियरिंग का बेजोड़ उदाहरण है ।

कांग्रेस की बाद वाली दूसरी और तीसरी सूचीयां अधिकांशत: बेहद घटिया उम्‍मीदवारों का चयन मेरी नजर में दर्शातीं हैं । अब वह चाहे किसी भी कारण से रहा हो ।

इस सारी पहलवानी में कांग्रेस की नासमझी या नावाकिफी या वाकिफ होकर भी हकीकत को झुठलाने का सीधा फायदा बहुजन समाज पार्टी को और तिरछा फायदा समाजवादी पार्टी और अन्‍य छोटे दलों व निर्दलीयों को मिलेगा इसमें कोई शक नहीं ।

आज के गणितीय खेल के मुतल्लिक (यानि आज के रूझान के अनुसार) म.प्र में अबकी बार त्रिफट सरकार यानि छितरी हुयी सरकार बनने के आसार नजर आ रहे हैं । यानि अब कांग्रेस और भाजपा के बीच विधायकों के संख्‍या बल का अंतर काफी कम होगा वहीं अब यह सुनिश्चित है कि सरकार अब चाहे कांग्रेस बनाये या भाजपा उन्‍हें अब किसी और के समर्थन की दरकार अवश्‍य रहेगी । बगैर अन्‍य के समर्थन के अबकी बार प्रदेश में किसी को सरकार बना पाना भारी टेढ़ी खीर हो जायेगा ।

तीसरे नंबर पर अबकी बार बहुजन समाज पार्टी और फिर समाजवादी पार्टी के उभरने के आसार है जिसके क्रम में अन्‍य छोटे दल भी शामिल होंगें ।

छोटे दलों या क्षेत्रीय दलों व निर्दलीयों को पटाना अबकी बार कांग्रेस भाजपा दोंनों के लिये ही जरूरी दिखता जान पड़ रहा है ।

हालांकि म.प्र. की प्रमुख राजनीतिक ताकतों भाजपा और कांग्रेस में काफी फेरबदल हुये हैं लेकिन इनके बागी प्रत्‍याशी किसी प्रभावशाली स्थिति में हों यह नहीं कहा जा सकता हॉं इतना जरूर होगा वे इन पार्टीयों के प्रत्‍याशीयों को हरवा जरूर देंगें । और इसका फायदा अन्‍य किसी और को मिलेगा ।

बहुजन समाज पार्टी के प्रत्‍याशी अच्‍छे, लोकप्रिय, ईमानदार या बेदाग हों ऐसा नहीं हैं, कलंक के कई छीटें उनके दामन को भी सराबोर किये हैं । समाजवादी पार्टी ने भी कोई निर्विवाद या निर्दोष प्रत्‍याशी दे दिये हों ऐसा भी नहीं हैं, वे भी पाक दामन और निष्‍कलंक नहीं हैं ।

कुल मिला कर पूरा चुनाव फिर एक बारगी उन्‍हीं सब बाहुबलीयों और धनबलीयों के बीच सिमट गया है जो फिर एक बार सौदेबाजी की और भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त त्रिफट सरकार की आशंका को बलवती बनाते हैं ।

भाजपा और कांग्रेस की यह मजबूरी थी कि मुरैना और भिण्‍ड जिला में यदि अपवाद स्‍वरूप एक दो सीटों को छोड़ दें तो कोई भी दमदार प्रत्‍याशी उनके पास था ही नहीं ।

भाजपा को मुरैना विधानसभा पर तमाम शिकवा शिकायतों के बावजूद रूस्‍तम सिंह को लड़ाना मजबूरी थी और उतना वजनदार और अहमियतदार प्रत्‍याशी उसके पास कोई दूसरा नहीं था वहीं कांग्रेस के पास भी लगभग ऐसे ही हालात थे सोवरन सिंह मावई को रिपीट करना उसकी मजबूरी में शामिल था हॉं लेकिन शायद मावई के स्‍थान पर हरस्‍वरूप माहेश्‍वरी होते तो मुरैना विधानसभा पर होने जा रहा त्रिकोणीय संघर्ष सीधे संघर्ष में बदल जाता । और सीधा मुकाबला बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बीच होता । लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह सारा मुकाबला अब एकदम साफ त्रिकोणीय हो गया है । जहॉं बहुजन समाज पार्टी प्रत्‍याशी परशुराम मुद्गल प्रचार में सबसे आगे निकल गये हैं वहीं लोकप्रियता बटोरने के लिये भी अबकी बार जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं, अब ये वक्‍त बतायेगा कि उनकी मेहनत क्‍या रंग लायेगी । हालांकि अबकी बार जहॉं उनका जाटव समाज का वोट बैंक (यह वोट बैंक पूरी चम्‍बल में अबकी बार बहुजन समाज पार्टी के विरूद्ध जाकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खाते में जा रहा है ) इस बार उनके साथ नहीं होगा, लेकिन अन्‍य समाज के कितने वोट वे कबाड़ पायेंगें यही गणित परशुराम मुद्गल का मुकद्दर तय करेगा ।

मुरैना विधानसभा पर प्रचार में यद्यपि अन्‍य पार्टीयों के लोग और निर्दलीय भी जुटे हैं लेकिन कांग्रेस प्रचार में काफी पीछे पिछड़ गयी है ।

विशेष नोट- (हम क्षमा चाहते हैं कि मुरैना में चल रही भारी बिजली कटौती के चलते इस आलेख का यह भाग- यह किश्‍त हम पूरी नहीं लिख और प्रकाशित कर पा रहे, किंचिंत भी विद्युत व्‍यवस्‍था अवरोध ठीक होते ही हम इस किश्‍त को पूरी प्रकाशित करेंगें । कृपया स्‍मरण रखें यह आलेख कई दिनों के भीतर विश्‍लेषणात्‍मक रूप से लिखा गया है और इस अधूरी किश्‍त में पूरी तथ्‍य व आंकड़े एवं विश्‍लेषण सम्मिलित नहीं हैं कृपया पूरी किश्‍त वाचन उपरान्‍त ही किसी भी प्रकार से इस भाग-7 के विश्‍लेषण को पूर्ण मानें । इस प्रकार इस किश्‍त आलेख को भाग-7-1 के रूप में पढ़ें व इसके शेष भाग को भाग-7-2 या 7-3 जैसी भी स्थिति हो पढ़ें – विनम्रता पूर्वक क्षमायाचना सहित धन्‍यवाद, नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द'' )               

क्रमश: जारी अगले अंक में .....

 

बुधवार, 19 नवंबर 2008

GREAT POWER CUT AT CHAMBAL, SUPPLY FAILURE TOTALLY, STAFF DUMPED WITH WINE DRUNK

Morena 19 Nov, here is great undeclared power cut is continued since last month for whole of day night.
Since last four days power cut is continue after every five minute. When gwalior times talked about such poor situation to officials on duty. The concerned officials drunked wine heavily.
Junior engg. Some body goyal said he dont know what is meaning of fuse of call register, there is no such register available at his office or at bizalighar. There was no power at the time of realease of this news since last 4 days


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