शनिवार, 26 सितंबर 2020

सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर बेजीटेवल्स शासकीय प्रक्षेत्र नूराबाद जिला-मुरैना

 

मुरैना | ग्वालियर टाइम्स 25-सितम्बर-2020
 
  


  भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन अन्तर्गत सब्जियों के लिये उत्कृष्टता केन्द्र, इंडो-इजराइल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट ____ के तहत शासकीय प्रक्षेत्र नूराबाद जिला मुरैना का चयन किया जाकर परियोजना क्षेत्रफल 15 हेक्टेयर हेतु परियोजना लागत 969.27 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। उत्कृष्टता केन्द्र का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश राज्य में उपयुक्त कृषि जलवायु क्षेत्रों में चयनित उच्च गुणवत्ता वाली प्रमुख सब्जी फसलों की खेती हेतु आदर्श कृषि कार्यमाला को क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार विकसित कर कृषकों को सेन्टर में प्रशिक्षित करना।
        उत्कृष्टता केन्द्र का मुख्य फोकस नर्सरी प्रबंधन के अन्तर्गत किसानों को लाभ पहुंचाने के लिये उच्च गुणवत्ता एवं उच्च कोटी के पौधे क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार तैयार कर रोपण हेतु कृषकों को उपलब्ध कराई जायेगी। 
        प्रदर्शन के अन्तर्गत नई भारतीय किस्मों के अनुकूल क्षेत्र अनुसार पहचान और प्रदर्शन, पौधों की आवश्यकता अनुसार आधुनिक सिंचाई पद्वति एवं जल में घुलनशील उर्वरकों का प्रदर्शन, एकीकृत पौध संरक्षण प्रबंधन का प्रदर्शन, ग्रेडिंग, पैकैजिंग और कोल्ड चैन सहित फसल के बाद प्रबंधन संरचना की स्थापना करना, जिसे व्यवसायीकरण तक बढ़ाया जायेगा। स्थानीय किसानों के लिये सब्जियांे की छटाई और ग्रेडिंग के लिये इनक्यूवेशन केन्द्र स्थापित किया जायेगा। जिससे उद्यमी या उत्पादक अपने उत्पाद को प्रसंस्करण कर बाजार में ले जा सकते है। उत्कृष्टता केन्द्र और किसान के क्षेत्र में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रोटोकॉल और कृषि कार्यमाला को विकसित किया जायेगा, सर्वोत्तम कृषि पद्धतियों के लिये ज्ञान बढ़ाया जायेगा।  
    प्रशिक्षण के अन्तर्गत विभिन्न पहलू और गतिविधियों के क्षेत्रों के आधार पर ज्यादा से ज्यादा किसानों के प्रशिक्षण हेतु कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें। उत्कृष्टता केन्द्र किसानों के लाभ के लिये सिंचाई और फर्टिगेशन, नर्सरी, केनोपी और मूल्य संवर्धन जैसे केन्द्रित क्षेत्रों पर आधारित एक प्रशिक्षण मॉडल तैयार करेगा। उत्कृष्टता केन्द्र द्वारा लगभग 2 हजार किसानों को प्रतिवर्ष  प्रशिक्षित किया जायेगा।
    पॉलीहाउस के अन्तर्गत टमाटर, चैरी टमाटर, ककड़ी और शिमला मिर्च फसल का उत्पादन किया जायेगा। खुले क्षेत्र में कद्दू  बर्गीय, गोभी बर्गीय, अगेती गोभी बर्गीय, धनिया, बैगन, मिर्च, खीरा आदि फसल का उत्पादन किया जायेगा, साथ ही मौसम स्टेशन, टेन्सियो मीटर स्टेशन, ग्रेडिंग सहित पैक हाउस, पैकिंग लाइन, भण्डारण आदि सुविधायें आदि होंगी।  
    उत्कृष्टता केन्द्र स्थापना के सिविल वर्क अन्तर्गत सेन्टर आफ एक्सीलेन्स शासकीय प्रक्षेत्र नूराबाद जिला मुरैना में सिविल स्ट्रक्चर के अन्तर्गत प्रशासनिक भवन, स्टाफ क्वाटरर्स, प्रयोगशाला, हॉस्टल, कॉन्फ्रेस रूम, आडिटोरियम, स्मार्ट क्लासरूम 5 करोड़ रूपये की लागत के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) द्वारा किया जायेगा।
        संरक्षित खेती अन्तर्गत सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स शासकीय प्रक्षेत्र नूराबाद जिला मुरैना में एक फेन एण्ड पैड ग्रीनहाउस कूलिंग सिस्टम, 2 नेचुरली वेन्टीलेटेड ग्रीनहाउस, 2 इन्सेक्ट प्रूफ नेटहाउस, 2 वाक इन टनल, उन्नत फर्टिगेशन आटो वाटर फर्टिमिक्स, आटो सेन्ड फिल्टर एण्ड एसेसरीज, इरीगेशन एण्ड फर्टिगेशन सिस्टम एण्ड कम्पोनेन्टस् सेन्ड एण्ड फ्लसिंग फिल्टर, वेदर स्टेशन, माइक्रोइरीगेशन सिस्टम, ड्रिप इरीगेशन फिटिंग एण्ड एसेसरीज, वाटर टैंक आर.सी.सी., वाटर फिल्टर निर्माण किया जायेगा। इस मिशन के संचालक, राज्य उद्यानिकी मिशन भोपाल ने प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्य कृषि उद्योग विकास निगम पंचानन भवन भोपाल को ऐजेन्सी नियुक्त किया गया है।

मुरैना, भिण्ड, श्योपुर और शिवपुरी जिले को राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जोड़ा जायेगा

 


केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इंडों इजराइल के सहयोग से 9 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत से बनने वाले सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स बेजीटेबल का किया शिलान्यास
मुरैना | ग्वालियर टाइम्स 25-सितम्बर-2020
 
      केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुरैना, भिण्ड, शिवपुरी और श्योपुर जिले को भी जल्द राष्ट्रीय बागवानी मिशन में जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि यह चारों जिले राष्ट्रीय बागवानी मिशन से नहीं जुड़े थे। यह बात केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को नूरावाद में इन्डो, इजराइल के सहयोग से 9 करोड़ 96 लाख 27 हजार रूपये की लागत से निर्मित होने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर बेजीटेवल्स के शिलान्यास कार्यक्रम को मुख्य अतिथि बतौर संबोधित करते हुये कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद प्रसंस्करण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के किसान कल्याण एवं कृषि विकास राज्यमंत्री श्री गिर्राज डण्डोतिया, पूर्व मंत्री श्री रूस्तम सिंह, श्री मुंशी लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री योगेश पाल गुप्ता, पूर्व विधायक श्री शिवमंगल सिंह तोमर, श्री रघुराज सिंह कंषाना, चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा, मध्यप्रदेश एग्रो के प्रबंध संचालक श्री श्रीकान्त भनौट, कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, वरिष्ठ नेता श्री हमीर सिंह पटेल, श्री केदार सिंह सहित बड़ी संख्या में जिले के किसान उपस्थित थे।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि आज जो शिलान्यास होने जा रहा है, वह किसी भवन का शिलान्यास नहीं है, बल्कि इंडो इजराइल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट के तहत सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स ऑर बेजीटेवल का शिलान्यास होने जा रहा है। इस बागवानी उत्कृष्टता केन्द्र का निर्माण पूर्ण होने पर मुरैना सहित चंबल में कृषि के क्षेत्र में क्रान्ति आ जायेगी। इस केन्द्र से प्रतिवर्ष 2 हजार कृषक आधुनिक उद्यानिकी फसलों का प्रशिक्षण लेकर अपने आप में स्वावलंबी बनेंगे। प्रशिक्षण लेकर केन्द्र सरकार की मंशा के अनुरूप अपनी फसलों का रकवा बढ़ा सकेंगे। रकवा बढ़ेगा तो उत्पादन में भी इजाफा होगा। इससे किसान की फसलों में 2 गुना मुनाफा होकर वह अपने आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान कर सकेगा। किसान उत्कृष्टता केन्द्र से प्रशिक्षण लेकर परंपरागत खेती नहीं करेगा। इस एकीक्रत बागवानी विकास मिशन के माध्यम से देश की जे.डी.पी. में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2014 से लगातार किसानों के कल्याण के लिये प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों से आमदनी का धंधा तभी बन सकेगा, जब परंपरागत खेती को छोड़कर किसान आधुनिक तकनीकी को अपनाकर विभिन्न आयामों से जुड़ें, ताकि किसान आमदनी मुनाफे की श्रेणी में आ जाये। इसके लिये केन्द्र सरकार के साथ प्रदेश सरकारों को आगे कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहले समर्थन मूल्य लमसम तय होता था, लेकिन अब केन्द्र सरकार पहले किसानों द्वारा लगाई लागत को पूछेगी, जितनी किसानों ने लागत लगाई है उसमें 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर अब समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा।
    प्रधानमंत्री सम्मान निधि पर चर्चा करते हुये केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना में किसानों को एक वर्ष में 3 किश्तों में 6 हजार रूपये दिये जाते थे।   
    उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देते हुये कहा कि वे भी 2-2 हजार रूपये दो-दो किश्तों में देंगे।

    इस तरह अब किसानों की यह निधि 10 हजार रूपये तक पहुंच जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में केन्द्र सरकार 75 हजार करोड़ रूपये किसानों के खातों में डाल रही है। उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों में बटवारे हो जाने से छोटे-छोटे भागों में खेत हो गये है। प्रधानमंत्री ने इन छोटे-छोटे मझोले किसानों के लिये कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिये एफ.पी.ओ. बनाया है। इस एफ.पी.ओ. में छोटे-छोटे किसान न ट्रेक्टर ले सकते है और न अन्य कृषि उपकरण इसके लिये उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे 5-5 बीघा के 100-100 किसान मिलकर एफ.पी.ओ. की योजना में लाभ लेंगे तो उन्हें उन्नत कृषि उपकरण के साथ-साथ थोक में खाद बीज के दामों में रियायत मिल जायेगी और इस योजना का लाभ भी उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि एफ.पी.ओ. के माध्यम से उद्यानिकी फसलों में कम लागत आयेगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अद्यौसंरचना पर केन्द्र सरकार ने एक लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें 20 हजार करोड़ मछली पालन को बढ़ावा देने, 15 हजार करोड़ पशुपालन, 4 हजार करोड़ हर्वल फसलों, 5 हजार करोड़ मधुमक्खी पालन और 10 हजार करोड़ छोटे-छोटे प्रोसेसिंग मशीनों के लगाने पर खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि साढ़े 17 हजार करोड़ प्रधानमंत्री किसान योजना में और 1 हजार 128 करोड़ रूपये कॉपरेटिव के लिये जारी किये गये है। उन्होंने कृषि सुधार के लिये आये अध्यादेश में किसानों को होने वाले फायदों को भी गिनाया।  


    उन्होंने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उद्यानिकी प्रसंस्करण राज्यमंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह को इस बात के लिये धन्यवाद दिया कि उन्होंने पशुओं से फसलों को बचाने के लिये खेतों के चारों ओर तार फैसिंग लगाने के लिये पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना को लिया है। इस योजना में 20 विकासखण्डों को शामिल किया गया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इंडो इजराइल के सहयोग से नूरावाद में बनाये जा रहे सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर बेजीटेबल चंबल क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
    कार्यक्रम की अध्यक्ष करते हुये प्रदेश के उद्यानिकी प्रसंस्करण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि बागवानी विकास मिशन के अन्तर्गत सब्जियों के लिये उत्कृष्टता केन्द्र प्रदेश में स्थापित होने वाला मुरैना में पहला केन्द्र होगा। इस केन्द्र से प्रतिवर्ष 2 हजार किसान प्रशिक्षण लेकर आधुनिक उन्नत तकनीकी फसलों से जुड़कर अपने जीवन को आर्थिक उन्नति की ओर अग्रेषित करेगा। उन्होेंने कहा कि इस केन्द्र से ऐसा प्रशिक्षण दिया जायेगा कि किसान वर्षभर में 3 फसलें और 1 फसल की कमाई का उपयोग दो फसलों में करेगा। दोनों फसलों में मुनाफा कमायेंगा। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से खेती की जुताई से लेकर कृषि उत्पादन और उत्पादन के बाद प्रसंस्करण कैसे हो, कि सीख दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये यह उद्यानिकी उत्कृष्टता केन्द्र किसानों के जीवन में बदलाव लायेगा।
  

 प्रदेश के किसान कल्याण और कृषि विकास राज्यमंत्री श्री गिर्राज डण्डोतिया ने कहा कि यह खुशी को मौका है कि चंबल अंचल के मुरैना जिले के शासकीय प्रक्षेत्र नूरावाद में इजराइल के सहयोग से बागवानी उत्कृष्टता केन्द्र का शिलान्यास हो रहा है। इस केन्द्र के बन जाने से इस अंचल के लोग इजराइल पैर्टन पर आधुनिक खेती करके अपने आप में उन्नत होंगे। खेती लाभ का धंधा बनें। किसान अपने उत्पादन से दो गुना मुनाफा कमायें। यह सीख इस उद्यानिकी उत्कृष्टता केन्द्र से मिलेगी।
    कार्यक्रम के प्रारंभ में एमपी एग्रो के प्रबंध संचालक श्री श्रीकान्त भनौट ने बताया कि उद्यानिकी उत्कृष्टता केन्द्र स्थापना के सिविल वर्क अन्तर्गत सेन्टर आफ एक्सीलेन्स शासकीय प्रक्षेत्र नूराबाद जिला मुरैना में सिविल स्ट्रक्चर के अन्तर्गत प्रशासनिक भवन, स्टाफ क्वाटरर्स, प्रयोगशाला, हॉस्टल, कॉन्फ्रेस रूम, आडिटोरियम, स्मार्ट क्लासरूम 5 करोड़ रूपये की लागत के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) द्वारा किया जायेगा।
        संरक्षित खेती अन्तर्गत सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स शासकीय प्रक्षेत्र नूराबाद जिला मुरैना में एक फेन एण्ड पैड ग्रीनहाउस कूलिंग सिस्टम, 2 नेचुरली वेन्टीलेटेड ग्रीनहाउस, 2 इन्सेक्ट प्रूफ नेटहाउस, 2 वाक इन टनल, उन्नत फर्टिगेशन आटो वाटर फर्टिमिक्स, आटो सेन्ड फिल्टर एण्ड एसेसरीज, इरीगेशन एण्ड फर्टिगेशन सिस्टम एण्ड कम्पोनेन्टस् सेन्ड एण्ड फ्लसिंग फिल्टर, वेदर स्टेशन, माइक्रोइरीगेशन सिस्टम, ड्रिप इरीगेशन फिटिंग एण्ड एसेसरीज, वाटर टैंक आर.सी.सी., वाटर फिल्टर निर्माण किया जायेगा। इस मिशन के संचालक, राज्य उद्यानिकी मिशन भोपाल ने प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्य कृषि उद्योग विकास निगम पंचानन भवन भोपाल को ऐजेन्सी नियुक्त किया गया है।  

नवीन कलेक्ट्रेट भवन का केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने किया शुभारंभ

 

मुरैना |ग्वालियर टाइम्स  25-सितम्बर-2020
 
    केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को नवीन कलेक्ट्रेट भवन का फीता काटकर शुभारंभ किया। आज से कलेक्ट्रेट में शासकीय कार्यकाज शुरू हो गया है। केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने बताया कि 15 करोड़ 7 लाख 60 हजार  रूपये की लागत से इस भवन का बेहतर निर्माण हुआ है। इसके निर्माण होने से अब शासकीय कार्य सुगमता पूर्वक और तेज गति से हो सकेंगे। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री रूस्तम सिंह, पूर्व विधायक श्री रघुराज सिंह कंषाना, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री योगेशपाल गुप्ता, चंबल कमिश्नर श्री आरके मिश्रा, कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराज सुजानिया सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।




केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित अन्य मंत्रियों ने श्री विष्णुदत्त शर्मा के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की

 

मुरैना | ग्वालियर टाइम्स 25-सितम्बर-2020 
 
  

  केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर शुक्रवार को मुरैना जिले के ग्राम सुरजनपुर पहुंचे। जहां केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने ग्राम सुरजनपुर में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा के पिता स्व. श्री अमर सिंह डण्डोतिया के निधन पर शोक संवेदनायें व्यक्त की। इसके साथ ही प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी, भिण्ड-दतिया की सांसद श्रीमती संध्या राय ने भी ग्राम सुरजनपुर पहुंचकर शोक संवेदनायें व्यक्त की।





केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री फग्गन कुलस्ते आज सुरजनपुर आयेंगे

 

मुरैना | 25-सितम्बर-2020 \ ग्वालियर टाइम्स 
 
    केन्द्रीय स्पात राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते 26 सितम्बर को दोपहर 1.20 बजे नई दिल्ली से रेल द्वारा प्रस्थान कर सायं 5.30 बजे मुरैना रेल्वे स्टेशन पहुंचेगे। राज्यमंत्री श्री कुलस्ते बाय रोड़ मुरैना से ग्राम सुरजनपुर उनके पिता स्वर्गीय श्री अमर सिंह डण्डोतिया के निधन पर पहुंचकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा के निवास पर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। मंत्री श्री कुलस्ते सायं 7 बजे सुरजनपुर से ग्वालियर के लिये प्रस्थान करेंगे। 

तीस गांव से आए हुए एकल विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं को चाइल्ड लाइन 1098 के बारे में प्रशिक्षित किया गया

 राष्ट्रीय पोषण माह का लक्ष्य एक स्वस्थ राष्ट्र बनाने का है

 तीस गांव से आए हुए एकल विद्यालय के शिक्षक,  शिक्षिकाओं को चाइल्ड लाइन 1098 के बारे में प्रशिक्षित किया गया।






मुरैना- आज दिनांक 25/09/2020 को पोरसा विकासखंड के परीक्षित का पुरा पंचायत में चाइल्डलाइन टीम 1098 द्वारा अम्बाह, पोरसा विकासखंड के तीस गांव से आए हुए एकल विद्यालय के शिक्षक,  शिक्षिकाओं को पोषण आहार, स्वच्छता, चाइल्ड लाइन 1098 के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
धरती संस्था द्वारा मुरैना जिले में संचालित चाइल्ड लाइन मुरैना के सिटी कोडिनेटर हरिशरण अवस्थी ने कहा कि 
लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और भलाई के बारे में उनको जागरुक करने के लिये प्रति वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है। लोग अपने खाने की थाली और संतुलित आहार को लेकर जागरुक हो सकते हैं जिससे वो अच्छा पोषण प्राप्त कर सकते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिये भरपूर अनाज, फल, हरी सब्जी, दूध या दूध के उत्पाद, मीट, मछली, बादाम आदि खाना चाहिये। राष्ट्रीय पोषण माह का लक्ष्य एक स्वस्थ राष्ट्र बनाने का है जिसके लिये दूसरे अभियानों के साथ स्वीकृत प्रशिक्षण, समय से शिक्षा, सेमिनार, विभिन्न प्रतियोगिताएँ, आदि के द्वारा समुदायों के लोगों के बीच पोषण संबंधी परंपरा की जागरुकता को फैलाने की जरुरत है।
कार्यकम में चाइल्ड लाइन टीम सदस्य संजय सिंह, नितिन शिवहरे ने विभिन्न गाँव से आये  शिक्षक, शिक्षिकाओं को चाइल्ड लाइन 1098 के बारे में बताया व अपने अपने क्षेत्र में चाइल्ड लाइन का प्रचार प्रसार करने का आग्रह किया जिससे मुसीबत में फॅसे बच्चों को चाइल्ड लाइन से मदद प्राप्त हो सके।

रविवार, 13 सितंबर 2020

सरकारी दखल से बचाकर आवास योजना को बनाया इंद्रधनुषी - प्रधानमंत्री मोदी ने वी सी में कहा , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह , केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मुरैना से हुये मोदी की वी सी में शामिल

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ’गृह प्रवेश’ का शुभारंभ कर आज मध्यप्रदेश के पौने दो लाख प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों को आवास उपलब्ध करवाया। ऑन लाइन गृह प्रवेश कार्यक्रम के माध्यम से मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के शानदार क्रियान्वयन का साक्षी आज पूरा देश बना। इस मौके पर मुरैना से कार्यक्रम में वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत किया। वर्चुअल कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, कृषि राज्यमंत्री श्री गिर्राज दंडोतिया, पूर्व मंत्री श्री रुस्तम सिंह, एसीएस पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मनोज श्रीवास्तव, चंबल कमिश्नर श्री आरके मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा, कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा भी शामिल हुए। मध्यप्रदेश के आवास पाने वाले हितग्राहियों से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आत्मीयता पूर्वक बातचीत भी की।       

हितग्राहियों से बातचीत
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योजना में लाभान्वित अब हितग्राही अपने घर में रह रहे हैं। आपकी त्योहारों की खुशियाँ ज्यादा होंगी। जीवन की इतनी बड़ी खुशी में शामिल होने मैं स्वयं प्रत्यक्ष आता, लेकिन कोरोना ने विवश कर दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार जिले के श्री गुलाब सिंह आदिवासी, सिंगरौली जिले के श्री प्यारेलाल यादव और ग्वालियर के श्री नरेन्द्र नामदेव से बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने सराहा हल्मा पद्धति से बना घर
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार जिले के गुलाब सिंह आदिवासी से हल्बी बोली में संवाद आरंभ किया। उन्होंने हितग्राही श्री गुलाब सिंह की अच्छा घर बनाने के लिए तारीफ की। प्रधानमंत्री ने वयोवृद्ध श्री गुलाब सिंह की स्वस्थ्य की जानकारी ली, तो गुलाब सिंह ने कहा कि मैं मेरा कुछ दिन से स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अतरू मेरी ओर से मेरा बेटा बात करेगा। श्री गुलाब सिंह के सुपुत्र श्री मेरु ने बताया कि आवास मिलने से हुई अत्याधिक खुशी के कारण पिता थोड़े अस्वस्थ हैं। प्रधानमंत्री को मेरु ने बताया कि अंचल में प्रचलित हल्मा परंपरा से उन्होंने आवास निर्माण किया है। इसमें गांव के लोग मिलकर मकान बनाने का काम करते हैं और जिसका मकान बन रहा होता है, वह सबको भोजन करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि शासकीय पहल और सामाजिक सहयोग की यह अनोखी मिसाल है। इसमें गांव के सभी लोगों की दक्षता का उपयोग होता है। यह जीवन को सरल बनाने का व्यवाहरिक उपाय है। सरकार भी गरीबों के सपने पूरे करने के लिए इस पद्धति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री गुलाब सिंह के आवास पर हुई चित्रकारी की प्रशंसा की। गुलाब सिंह ने बताया कि यह मांडना है जिसे इस अंचल में घर की साज-सज्जा के लिए बनाया जाता है।
प्रधानमंत्री ने पूछा- कहीं लेनदेन तो नहीं करना पड़ा
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सिंगरौली जिले के बेढन के ग्राम पंचायत गडेरिया के श्री प्यारेलाल यादव से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने श्री यादव से पूछा की गृह प्रवेश के मौके पर खाने में क्या बना है और खुशी के इस मौके पर मीठे में क्या बना है। प्रधानमंत्री ने यह भी पूछा की आवास बनाने में कोई परेशानी तो नहीं आई। कहीं लेनदेन तो नहीं करना पड़ा? बैंक के कितने चक्कर काटे? इस पर श्री यादव ने बताया कि बिना चक्कर काटे समय पर किश्त हमारे खाते में आती रही और मकान बनाने के लिए जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता रहा।
    श्री यादव ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने अपना घर फ्लायी एश (राखड़) की ईटों से बनाया है। यह किफायती भी रहा और सामान्य ईंट की तुलना में अधिक मजबूत भी है। प्रधानमंत्री ने इस नवाचार की प्रशंसा की और श्री यादव से उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की जानकारी भी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल मकान बनाने की योजना नहीं है। यह आत्मविश्वास देने की योजना भी है। हमारी सोच है कि गरीबी को पराजित करना है तो हमें गरीब को ताकत देनी होगी। हमारी कोशिश है कि गरीबों की समस्याएं कम की जाएं। ताकि आप अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर सकें।
कच्चे मकान में सर्पदंश से हुई थी बेटे की मौत, पक्के मकान ने दी प्रसन्नता
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्वालियर जिले के योजना के हितग्राही श्री नरेन्द्र नामदेव से भी बातचीत की। श्री नरेन्द्र नामदेव ने बताया कि कच्चे मकान में उनके बेटे की सांप काटने से असमायिक मृत्यु हो गई थी। वो दुरूख बहुत बड़ा था लेकिन आज बहुत खुशी मिल रही है। मैं गांव के बच्चों के लिए गणवेश तैयार करता हूँ मेरी पत्नी भी सिलाई करती है हम लोगों ने जिला पंचायत के माध्यम से 8 दिन का सिलाई प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री नामदेव से कहा कि आपने बेटे की सर्पदंश से मृत्यु का दुख झेला है लेकिन अब आज यह मकान मिलने से जो प्रसन्नता हुई है उससे सभी प्रसन्न हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री नरेंद्र को कहा कि आपको चश्मा लगा है इससे मुझे ध्यान आया कि मेरी दादी कहती थी आँखों के कसरत के लिए सुई-धागे का उपयोग करना चाहिए। आप सिलाई कार्य करते हैं जिससे यह कार्य अपने आप हो जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री नरेन्द्र नामदेव के मकान को देखकर पूछा कि दीवारों पर किए गए रंग का चयन किसने किया है? श्री नामदेव ने बताया कि पत्नी अनिता ने यह रंग चुना। नामदेव दंपति ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को घर आने का आमंत्रण भी दिया, जिसके उत्तर में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वे जरूर आएंगे।
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हितग्राहियों से बातचीत के बाद उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से इन सभी हितग्राहियों का नया जीवन प्रारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ मकान नहीं आत्मविश्वास भी देती है। आपदा को अवसर में बदला गया है। यह जनता को विश्वास देने वाला कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज का दिन करोड़ों लोगों को भरोसा दिलवाता है कि योजनाएं सही ढंग से लागू होती हैं। ये घर आपके बेहतर भविष्य का आधार होगा, आप सभी नए जीवन की शुरुआत कीजिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हितग्राहियों से कहा अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी सजग रहें।
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह उपलब्धि मीडिया को भी जानना चाहिए। योजना में आमतौर पर एक मकान के निर्माण में 125 दिन लगते हैं। मध्यप्रदेश में बहुत से मकान सिर्फ 45 से 60 दिन में बन गए। मध्यप्रदेश में जिस गति से यह कार्य हुआ है, वह अपने आप में एक रिकार्ड है। मध्यप्रदेश में 1.75 लाख आवासों का निर्माम एक बड़ी उपलब्धि है। यह गति रही तो वर्ष 2022 तक देश के हर परिवार को घर देने के लक्ष्य को प्राप्त करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। मध्यप्रदेश का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
आवास योजना की विशेषताएं इन्द्रधनुषी   
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस योजना की सफलता का आधार है योजना का पारदर्शी होना। पहले भी घर बनते थे, दशकों से योजनाएं लागू हैं। आजादी के बाद से ही आवास बन रहे हैं, लेकिन करोड़ों लोगों को घर देने का लक्ष्य पूर्ण नहीं होता था। सरकार हावी थी पहले। फर्क यह है कि अब हितग्राही उसका हिस्सा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आवास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए शेड भी बन रहे हैं। ग्रामीण सड़कें भी बन रही हैं और अन्य कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र से ग्रामों में लौटे श्रमिकों को रोजगार भी मिला है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान को गति मिली है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आवास योजना में पहले निर्मित घरों में लोग शिफ्ट नहीं होते थे। ये पुराने अनुभव देखे गए और नई सोच से योजना लागू की गई। अब पारदर्शी प्रक्रिया से कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ग्रामीण लोगों का रहन-सहन अलग होता है। अब घरों की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोरोना काल में वापस लौटे मजदूरों ने अपने परिश्रम से समय के पहले मकान बनाने का कार्य कर दिखाया।
मध्यप्रदेश ने आवास से 27 योजनाओं को जोड़ा
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा आवास योजना में अब लाभार्थी खुद मकान बनाता है। यह इन्द्रधनुषी स्वरूप है योजना का। इसके अपने रंग हैं। बिजली, पानी के लिए हितग्राही को अब भटकना नहीं पड़ता। हितग्राही को आवास के साथ अन्य योजनाओं का लाभ मिलता है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने योजना से 27 अन्य योजनाओं को जोड़ा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब को सिर्फ घर ही नहीं बल्कि उज्जवला, उजाला, स्वच्छ शौचालय और आयुष्मान भारत आदि योजनाओं का लाभ भी इस योजना के कारण सीधे मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अच्छे क्रियान्वयन के लिए मैं शिवराज जी की सरकार को बधाई देता हूँ। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने।
ऑप्टिकल फायबर की क्रांति
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश में इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के प्रयास हुए जिनका लाभ मिल रहा है। ऑप्टिकल फायबर पहुंचने से सेवाएं बेहतर हो रही हैं। देश में 116 जिलों में 19 हजार किलोमीटर का जाल बिछा दिया गया है। मध्यप्रदेश में भी 1300 किलोमीटर का कार्य पूरा हो गया है, जो सराहनीय है। देश के 6 लाख गांव में ऑप्टिकल फायबर बिछाने के लक्ष्य के मुकाबले 2.5 लाख ग्रामों तक यह कार्य पूरा हो गया है। इसे गांव-गांव पहुंचाने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सावधानियाँ न छोड़ें
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन इस आव्हान के साथ किया कि कोरोना के संक्रमण की समस्या समाप्त नहीं हुई है। हर व्यक्ति को चाहिए कि वो स्वच्छता का पूरा ध्यान रखे। इस संक्रमण को दूर करने की दवाई अर्थात वैक्सीन जब तक नहीं आती तब तक ढिलाई नहीं होना चाहिए। मास्क का उपयोग करें। परस्पर दो गज की दूरी अवश्य रखें।
मध्यप्रदेश में मकान बनाने का वार्षिक लक्ष्य पूरा, अब तक बने 17 लाख - मुख्यमंत्री श्री चौहान  
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने वाले प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत है। हर गरीब का सपना होता है कि उसका अपना घर हो। हर व्यक्ति चाहता है कि इस जमीं पर उसका भी एक घर हो। श्री चौहान ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के 1.75 लाख लोग आनंद के माहौल में हैं, जिन्हें आवास मिलें हैं। प्रदेश में उत्सव का माहौल है। इसके साथ ही अन्य लोग जिनके पास अपना मकान नहीं है, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। हितग्राहियों को योजना में चार किश्तों मे 654 करोड़ की राशि प्रदान की गई। इस वर्ष प्रदेश के वार्षिक लक्ष्य पूर्ण करते हुए 6 लाख मकान बन गए हैं। प्रदेश में 20 लाख के लक्ष्य के मुकाबले योजना के अंतर्गत 17 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। मकान के साथ ही एक रूपये किलो की कीमत पर अनाज देने का कार्य भी किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के ऐसे 37 लाख लोग जिनके पास पात्रता पर्ची नहीं थी, वे अब अनाज प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गृह प्रवेशम् कार्यक्रम 16 हजार 440 ग्राम पंचायतों के 26 हजार 548 ग्रामों में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए 1 करोड़ 24 लाख 92 हजार 394 लोगों ने प्री-रजिस्ट्रेशन करवाया जो योजना के प्रति जनता के उत्साह का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश की 75वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर हर व्यक्ति के अपने पक्के मकान का संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा।

(1 days ago)