गुरुवार, 21 मई 2009

भारत की 51 सिद्ध पीठों पर चल रहा मंत्रजाप का समापन एवं श्री महाक्ष्मी यज्ञ की पूर्ण आहूती ,विशाल भण्डारा कैलादेवी पर 100वीं वार (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

भारत की 51 सिद्ध पीठों पर चल रहा मंत्रजाप का समापन एवं श्री महाक्ष्मी यज्ञ की पूर्ण आहूती ,विशाल भण्डारा कैलादेवी पर 100वीं वार

......पं. रामदत्त मिश्र थरा वाले आचार्य होंगे........

मुरैना 20 मई 09 (देनिक मध्‍यराज्‍य) । ग्वलियार चम्बल संभाग के  सभी भक्तों को सूचित  किया जाता है कि कैलादेवी भवन राजस्थान मुकुन्द कुंज गार्डन .नरसी गेस्ट हाउस.पर भारत की 51 सिद्ध पीठों पर चल रहा मंत्रजाप का समापन एवं 100वीं बार श्री महालक्ष्मी यज्ञ का भव्य आयोजन दिनांक 22 मई शुक्रवार से 24 मई तक किया गया है इस यज्ञ में पूर्ण आहूति एवं विशाल भण्डारा रविवार 24 मई 09 के दोपहर 11 बजे सम्पन्न होगा। इस यज्ञ में पं. रामदत्त मिश्र आचार्य होंगे। कैलादेवी की प्रेरणा से 100वीं वार श्री महाक्ष्मी यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, सिद्धपीठ कैला देवी की विशेष कृपा से पं. रामदत्त मिश्र आचार्य द्वारा कई वर्षो  से  मैय्या विशेष कृ पा से कार्यक्रम किया जाता है। जिसमें भारत के कई भक्त माँ की प्रेरणा से यज्ञ में प्रवेश कर बहती हुई धर्म गंगा में भाग लेकर राष्ट्र व समाज को शक्तिशाली बनाने के लिये अपनी भूमि अदा करके जीवन को महान बनाते है। क्योंकि मानव जीवन बडे भाग्य से मिलता है। धर्म मानवता यज्ञ मनुष्य का भूषण है। पं. मिश्र नें कहा कि राज राजेश्वरी कैला मैयया युग-युग में देवी शक्ति का रूप बनाकर अपने भक्तों को वरदान देती है। जिसकी जैसी भावना होती है। मैय्या उसी प्रकार अपने भकतों के ऊपर विशेष कृपा का रूप बनाकर मनुष्य का जीवन का मार्ग बताती है। यज्ञ देवी शक्ति का हृदय है यज्ञ के द्वारा देवता प्रसन्न होते है। और देवी शक्ति का हृदय मानव को मार्ग बताती है। कलयुग में आदि शक्ति भगवती का रूप लक्ष्मी है। इसका प्रमाण वेदों में मिला है।

समस्त भक्तों को सूचित किया जाता रहा है कि ये महालक्ष्मी यज्ञ 100वीं बार आयोजित किया जा रहा है। कृपया मैय्या की कृपा से सभी भक्त मैय्या के दरवार में आकर अपने जीवन को कृतार्थ करें, इसमें देश के गणमान नागरिक अधिकारी राजनेता एवं मैय्या के भक्त प्रवेश करते है। पूर्ण आहृति व भण्डारा 24 मई रविवार को दोपहर 11 बजे से है। इस धार्मिक यज्ञ की व्यवस्थापक स्वयं कैलादेवी होती है।

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