बुधवार, 19 मई 2021

Gwalior Times Live Morena Detailed News ग्वालियर टाइम्स लाइव मुरैना विस्तृत समाचार

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तेरे खुदा पर न सही तेरे पुरखों पर दाग आयेगा , जब दूसरों को मारते मारते तूू भी मर के खामोश हो जायेगा , सुन ऐ मद जवानी के पद के , तेरे हर जुल्म का हिसाब बेहिसाब दिया जायेगा

Posted: 18 May 2021 06:52 PM PDT

 पत्ते पत्ते पर लिखा है उस प्रभु का नाम , हर बॉडी और हर डेड बॉडी पर लिखा है कोरोना के खाने का नाम , तेरे हर अंग पर भी लिखा है मरों को लूटने वाले तेरे हर काम का अंजाम, बस इंतजार कर मुनासिब वक्त आने का , तेरे हर काम का हिसाब रखा जायेगा , जरा वक्त तो आने दे , मासूमों के लहू के हर कतरे का बड़ा बेहिसाब तेरा हिसाब किया जायेगा  

-        नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

पिछले अंक से आगे ………

दूसरा - भाग

यद्यपि हमने सोचा था कि इस समसामायिकी आलेख को दो किश्तों में समाप्त कर देंगें लेकिन विषय बृहद और विषय सामग्री विस्तार से यह संभव नहीं लगता लिहाजा जहां तक विषय चले वहॉं तक इसकी विषय सामग्री चलेगी , इसलिये यह अब दो से अधिक भागों में आयेगा और केवल आखरी भाग पर ही अंतिम किश्त लिखेंगें – नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद'' एडवाकेट

अभी पिछले अंक में कोरोना पॉजिटिव या संक्रमण के जांच के तरीकों पर इस आलेख में चर्चा कर रहे थे ।

उपकरणीय अन्य जांचें और प्रयोगशाला जांचें – हमें इस विषय को आगे ले जाने से पहले एक तथ्य विशेष रूप से स्मरण रखना होगा कि कोई भी बेहतरीन मेडिकल उपकरण या बेहतरीन प्रयोगशाला तीन विशेष लोगों से ही बन सकती है – एक बेहतरीन चिकित्सकीय ज्ञान रखे वाला डॉक्टर , दूसरा एक बेहतरीन इंजीनियर और तीसरा एक बेहतरीन साइंस यानि विज्ञान का विद्वान ।

विज्ञान के विद्वान में भी दो स्ट्रीमों का सम्मिश्रण या दो अलग अलग लोग जिसमें एक गणित स्ट्रीम  का और दूसरा बायोलॉजी यानि जीव विज्ञान स्ट्रीम का स्पेशलिस्ट होना चाहिये तब जाकर एक बेहतरीन मेडिकल उपकरण या लैब तेयार हो पाती है । उसे बाद में पैरामेडिकल विशेषज्ञ या विज्ञान स्ट्रीम के लोग ऑपरेट या संचालित करते हैं , लेकिन निर्माण की बुनियाद से लेकर प्रोटोटाइप बनाने और उसे विकसित कर असल मशीन या उपकरण बनाने या लैब तैयार करने में तो उपरोक्त तीन ही काम कर पायेंगें , वर्तमान में इन तीनों का एकसाथ बखूबी संयोजन व उपयोग भारत में किसी भी मेडिकल मशीन बनाने में या उपकरण या लैब तैयार करने में नहीं किया जाता है और केवल दो लोग ही इनमें से चुने जाते हैं जिससे मशीनें व उपकरण उस दक्षता व क्षमता के तथा एक्यूरेसी के भारत में नहीं बनते और न मेडिकल लैब ही उस दक्षता व क्षमता की होती है जो कि भारत बना सकता है मगर अयोग्य व अनुभवहीन जनप्रतिनिधियों और राजनेताओं की सत्ता लोलुपता और भ्रष्टाचार प्रियता के कारण ऐसा भारत में नहीं होता या हो पाता । इसकी बहुत सी वजह और कारण हैं मगर वे इस आलेख का विषय नहीं हैं ।

अगला परीक्षण या जांच स्वैब का परीक्षण , रक्त परीक्षण , मल मूत्र परीक्षण , प्यूबिक हेयर परीक्षण , अंदरूनी चोट आदि परीक्षण , बाहरी चोट आदि परीक्षण , आमाशय या आहार संबंधी परीक्षण , अन्य हड्डी संबंधी, सीमन टेस्ट तथा अन्येन्य प्रकारेण परीक्षण आदि । ये सभी परीक्षण इस आलेख का विषय नहीं हैं इनका हम केवल इस संदर्भ में प्रयोग करेंगें कि क्या परीक्षण वर्तमान में किये जा रहे हैं और क्या क्या जरूरी परीक्षण छोड़े जा रहे हैं ।

वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव टेस्ट करने के लिये स्केनिंग के बाद स्वैब टेस्टिंग करने का रिवाज अपनाया जा रहा है जिसमें उल्टी , कफ , थूक और लार आदि के जरिये होने वाला स्त्राव या प्राप्त कर इनकी जॉंच करने को स्वैब टेस्टिंग कहा जा रहा है । और इसका परिणाम में कोरोना वायरस की मौजूदगी का अनुमान लगया जाता है या पुष्टि कर दी जाती है ।

इससे आगे कुछ  नहीं ,जो यह पुष्ट करे कि क्या वाकई किसी को कोरोना है या नहीं ।

किसी  कोरोना रोगी के रक्त की पहले क्या स्थिति थी , अब क्या है और उसके डिस्चार्ज के समय या श्मशान भेजते समय क्या स्थिति थी ,इस जांच की कोई व्यवस्था अभी तक भारत में नहीं है । इसलिये मौत की वजह या ठीक हो जाने के बाद इलाज पश्चात उसके प्रतिक्रियात्मक लक्षणों और पश्चातवर्ती रक्त लक्षणों के बारे में कोई भी जांच रिपोर्ट उसकी मेडिकल हिस्ट्री में नहीं होती लिहाजा न तो इसके बगैर किसी भी शख्स  में न तो कोरोना की पुष्टि की जा सकती है और न इससे इंकार कर नकारा जा सकता है ।

स्वैब टेस्टिंग मात्र खांसी बलगम आदि की जांच करने मात्र का एक सरल सा उपाय और जांच है , जिसके भी स्वैब में खांसी , फ्लू ( बुखार ) , कफ और छींक के साथ निकलने वाले छोटे मोटे जीव जंतु होंगे उस हर आदमी को यह टेस्ट खांसी जुकाम कफ से पीड़ित ही बतायेगा और बलगम भी मौजूद है तो गंभीर पॉजिटिव ही बतायेगा । इससे अधिक यह टेस्ट कुछ और नहीं बताता , कोरोना वायरस का डिटेल या सैंपल अभी तक न तो भारत के पास है और न विश्व के किसी अन्य देश के पास जिससे मिलान करके किसी को कोरोना होना साबित किया जा सके ।

जबकि इससे पूर्व पक्षियों के बर्ड फ्ल्यू , एड्स के वायरस ( एच आई वी ) तथा अन्य वायरस जन्य बीमारीयों के नमूने भारत सहित विश्व के अन्य देशों के पास हैं और उनसे मिलान के पश्चात ही किसी में इनकी पुष्टि कर दी जाती है ।  मगर कोरोना के बारे में जो रहस्य है वह यह है कि होती सबको केवल खांसी बुखार दर्द सर्दी और जुकाम ही है मगर कहा यह जाता है कि हर 15 – 20 दिन में यह वायरस अपना रूप बदलता है मतलब बीमारी के लक्षण बदल देता है या बीमारी ही बदल देता है । आश्चर्य यह है कि रोगी की न तो कभी बीमारी बदलती है और न कभी उसका जांच का तरीका या सिस्टम बदलता है , ऐसा ठोस पुख्ता और अद्वितीय जांच सिस्टम है कि रूप बदल रहे कोरोना वायरस के हर रूप को एक ही तरीके से पकड़ता रहता है , जबकि तार्किक तरीका यह है कि जब जब वायरस रूप बदले तो उसके हर बहुरूपिये रूप की एक तस्वीर खीच कर विश्व के सभी देशों के हर अस्पताल को भेजनी चाहिये और उसके उस रूप को पकड़ने और पहचानने का तरीका और बदले जाने वाले टेस्टिंग मैथड को भी साथ भेजा जाना चाहिये जिससे टेस्ट का तरीका और मिलान करके अच्छी जांच रिपोर्ट के साथ मरीज के नाम के आगे लिखा जाये कि उसे कोरोना के कौनसे रूप के किस वर्जन ने कब किस दिन जकड़ा , कब से वह उसके अंदर घुसा और कितना भीतर तक घुस चुका है और क्या इसके बावजूद उस कोरोना वायरस का अन्य कोई रूप या वर्जन भी उसके अंदर आ सकता और घुस सकता है या नहीं । और यह रूप टाइप क्या गड़बड़ीयां और खलबलियां उस मरीज के शरीर में मचायेगा और उसे क्या क्या ऐहतियातें और परहेज बरतने होंगें , वह बिना खाये पीये जिंदा रहे या खा पीकर मरे , ये सब जिक्र तभी संभव होंगें जब हर बदलते रूप का हर डिटेल हर अस्पताल , हर डाक्टर , हर नर्स और हर मरीज और उसके घरवालों को पता हो ।

................ शेष अगले अंक में जारी ..............             

– नरेन्द्र सिंह तोमर '' आनंद'' एडवोकेट

( कोराना में वीरगति पाकर शहीद हुये  लोगों के लिये,  उन शहीदों की ओर से भारत के सिस्टम के नाम )

हम राह की कुचली हुई धूल ही सही मगर कीचड़ बनाओगे तो हममें ही फंस जाओगे , जर्रा ही सही और हम लटके हुये झाड़ फानूस ही सही ,हमारी जांच बीमारी इलाज और मौत डैड बॉडी दौलत में तौलने वालो  तुम अमर आफताब ही बने रहो , जो जमीं पे आओगे तो हमारे आसपास ही कुचले जाओगे । हमारी दौलतें बिंकी , घर जेवर मकान दूकान तलक बिके , बीवी मिटी तो कहीं बच्चे भी मिटे , मिट गईं खुशियां, शानो शौकत और रिश्तेदारीयां , तुमने मजबूरियों का जाल कुछ इस कदर बुन दिया कि न मौक्ष न बेटे का कंधा न नाती का श्मशान तक साथ नसीब हुआ , न चिता पर भी मेरी कैद खोली पॉलीथीन के कफन से , जिंदा तो जिंदा मुझ मुर्दे को भी लूट लिया , मेरी अंगूठी गायब , मेरी झुमकियां गायब , पायलें भी गायब तो मरी तो कही आबरू भी गायब हुई अस्पतालों में । जीते जी न मिलने दिया तुमने अपनों से और अकेले मार कर तुमने कुछ ऐसा हाल कर दिया मेरा कि देखूं कैसे कि ऑखें भी गायब कर दी तुमने , बोलू कैसे दांत भी गायब तो अब जबड़ा भी गायब हो गया मेरा , अब कुछ खा पी कर पेशाब कर आता पूरी जिंदगी की तरह , मगर क्या करूं ऐ लूट और जुल्म के सितमगारो लीवर भी मेरा गायब , किडनी भी मेरी गायब है , वह जो लेटी है मेरे पड़ोस की अर्थी पर उसका मंगलसूत्र गायब क्या किया कि उसका सुहाग भी गायब हो गया , अब जितने भी हैं यहां सब पॉलीथीनों में पैक पड़े हैं , उनके दिमागो दिल में अपने घर के बसे हैं , इंतजार में बस उनके हाथ जल पाने की , जल की दो बूंदों को अटके पड़े हैं , काश  कोई तो आयेगा जो आजाद इन पॉलीथिनों से करेगा , मंदिरों की घंटियां कुछ मंत्र भी सुनायेगा , मस्जिदों की अजान सुनने को यहॉं सैकड़ों इंतजार कर रहे , और हम सब उसकी राह देख रहे , कोई होगा जो आयेगा , अपने पिता को बहन को कैद में डालने वाले कंस से कोई कृष्ण आकर हमें छुड़ायेगा , बस टकटकी है जिनकी आंखें बच गईं बाकी को वही हाल ए नजर सुनाते हैं , बिना आंख वालों को नजर वाले और बिना किडनी लीवर वालों को यहॉं कुछ मरे डॉक्टर रोजाना कुछ ऑक्सीजन और सांसें चुरा कर देते हैं , और फिर हम सब मिलकर राह तकते हैं , मेरे भारत मेरे कृष्ण हम तेरी राह तकते हैं ।

                                        - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''       

 

गुरुवार, 25 मार्च 2021

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लगातार चार दिन चार रात से मुरैना की बिजली गोल , सूचना के अधिकार के आवेदन से झल्लाये बिजली वाले और बौखलायी बिजली कंपनी

Posted: 24 Mar 2021 10:16 PM PDT

 कल दिया गया सूचना का अधिकार का आवेदन 

आवेदन अंतर्गत धारा  6 , सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

Through E Mail And By Speed Post

Signaured Copy is Enclosed Here As attachment

 

प्रति ,

        लोक सूचना अधिकारी

     महाप्रबंधक कार्यालय

     मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि0

     मुरैना म प्र

 

          (NOTE  : आवेदक न्यायबंधु है तथा विधि एवं न्याय मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेशनल लीगल सर्विसेज एक्ट 1987 ( नालसा) के तहत प्रोबोनो लीगल सर्विसेज का अधिकृत , मान्यता प्राप्त व सूचीबद्ध एडवाकेट होकर , सभी प्रकार के न्याय शुल्क एवं अन्य प्रभारों से पूर्णत: मुक्त है ) 

 

विषय : न्यायालयीन उपयोग हेतु मुझ अधोहस्ताक्षर कर्ता नरेन्द्र सिंह तोमर एडवोकेट को निम्न जानकारीयों की जनहित में याचिका प्रस्तुत करने हेतु आवश्यकता है, कृपया आवश्यक जानकारीयां मय दस्तावेजात प्रमाणित प्रतियों में उपलब्ध करायें , यदि जानकारी दस पृष्ठ से अधिक है तो अधिनयम व नियमों के प्रावधानानुसार प्रमाणित डी वी डी  या सी डी उपलब्ध करायें ।

 

महोदय/ महोदया ,

 

      उपरोक्त विघयान्तर्गत कृपया निम्न बिन्दुओं पर मुझे सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत माह अप्रेल वर्ष सन 2000 तक की ( अधिनियम के प्रावधानानुसार आज दिनांक से विगत 20 वर्ष तक की ) निम्न जानकारीयों की आवश्यकता है , कृपया उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।

1 यह कि आवेदक नरेन्द्र सिंह तोमर , 42 गांधी कालोनी , मुरैना म प्र ने माह अप्रेल सन 2000 से आज दिनांक तक बिजली के संबंध में  विभिन्न स्तरों पर विभिन्न माध्यमों जिसमें व्यक्तिगत आवेदन उपस्थित होकर दिये गये , फयूज ऑफ कॉल रजिस्टर में दर्ज की गयी शिकायतें फोन कॉल माध्यम से दिये गये ,आनलाइन विभन्न पोर्टलों पर दर्ज कराये गये और ई मेल आदि के माध्यम से भेजे गये पत्र , आवेदन और शिकायतें आदि की कुल संख्या कितनी है और यह किस किस विषय पर किस किस दिनांक को कितने कितने बजे पर दिये गये । सभी की इकजाई सूची के साथ सभी की प्रतिलिपि चाहिये ।

2. यह कि 42 गांधी कालोनी मुरैना में प्रथम विद्युत कनेक्शन किस दिनांक , माह एवं वर्ष में लिया गया और इसका मीटर क्रमांक क्या था , तथा यह कब किस दिनांक को तत्समय के म प्र विद्युत मंडल मुरैना द्वारा वापस लिया गया तथा इसकी अंतिम रीडिंग क्या थी । तथा इसका पहला एवं अंतिम बिल क्या था , सभी की प्रमाणित प्रति चाहिये ।

3. वर्तमान में 42 गांधी कालोनी मुरैना पर विद्युत कनेक्शन कब व किसके नाम से किस दिनांक , माह एवं वर्ष में लगाया गया तथा यह किस प्रकार का था और इसका आवेदन क्या था , इस आवेदन की प्रति चाहिये , तथा यह कनेक्शन कितने फेज का था , और कितने फेज का लगयाया गया , वर्तमान में कितने फेज पर यह चालू एवं संचालित है ।

4.  यह कि वर्तमान में 42 गांधी कालोनी मुरैना म.प्र पर संचालित विद्युत कनेक्शन का पहला विद्युत मीटर किस दिनांक को लगाया गया एवं उसकी अंतिम रीडिंग क्या थी । तथा इसका पहला एवं अंतिम बिल क्या था , सभी की प्रमाणित प्रति चाहिये । इस कनेक्शन पर दूसरा नवीन विद्युत मीटर कब और किस दिनांक को और किस स्थल पर लगाया गया , इस मीटर की अंतिम रीडिंग क्या थी और इसका पहला व अंतिम बिल क्या है , सभी की प्रमाणित प्रति चाहिये ।

5.  42 एवं 43 गांधी कालोनी मुरैना को सप्लाई की जाने वाली विद्युत ट्रांसफार्मर पोल पर से कुल कितने घरों में विद्युत कनेक्शन किस किसको दिये गये हैं उन सभी के नाम पते , कनेक्शन क्रमांक व कनेक्शन दिनांक जिसमें पहला कनेक्शन दिनांक मय माह एवं वर्ष तथा अंतिम व वर्तमान कनेक्शन दिनांक , माह व वर्ष तथा उनके पहले व वर्तमान विद्युत कनेक्शनों के आवेदन की प्रति तथा उनके पहले व अंतिम बिजली बिलों की प्रति की प्रमाणित प्रतियां चाहिये ।

6.  गांधी कालोनी मुरैना के कुल कितने घरों में आकलित खपत के बिल भेजे जाते हैं उन सभी के पहले व अंतिम बिजली  बिलों की प्रमाणित प्रतियां चाहियें तथा उनका प्रथम कनेक्शन आवेदन व वर्तमान कनेक्शन आवेदन सभी की प्रमाणित प्रतियां चाहिये । गांधी कालोनी क्षेत्र में कुल कितने बिजली मीटर खराब हैं या हें ही नहीं उनकी संख्या क्या है एवं मीटर रीडर द्वारा उनकी खराब होने या न होने की रिपोर्ट कब कब कितने दिन के भीतर दी गयी और कितने दिन के भीतर खराब मीटर बदले गये । सभी रिपोर्टों की सन 2001 से आज दिनांक तक की प्रमाणित प्रति चाहिये ।

7.  कुल कितने बिजली पोल से मुरेना नगर निगम क्षेत्र में बिजली पोल ट्रांसफार्मर पर 5 से कम घरेलू उपभोक्ताओं या व्यावसायिक उपभोक्ताओं से कम कनेक्शन हैं और कितने पर 5 से अधिक ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन हैं , तथा कितने उपभोक्ता बिना तय कनेक्शन संख्या  वाले बिजली पोल ट्रांसफार्मरों से जुड़े हैं और उनके बिल निर्धारण का क्राइटीरिया व तरीका क्या है । नगरनिगम क्षेत्र में कुल कितने बिजली मीटर खराब हैं या हैं ही नहीं उनकी संख्या क्या है एवं मीटर रीडर द्वारा उनकी खराब होने या न होने की रिपोर्ट कब कब कितने दिन के भीतर दी गयी और कितने दिन के भीतर खराब मीटर बदले गये ।

8.  उपभोक्ताओं घरेलू एवं व्यावसायिक दोनों का ही लोड टेस्टिंग का क्राइटीरिया क्या है और वैधानिक आधार क्या है , एवं किस मशीन या उपकरण का उपयोग लोड टेस्टर के लिये क्या जाता है , तथा ऐसी मशीनें व उपकरण कितनी संख्या में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की मुरैना शाखा के पास उपलब्ध हैं एवं कब कब कितने कितने मुल्य में कहां से खरीदीं गयीं , इनके टेंडर व कब किसको किये गये , इन टेंडरों की प्रमाणित प्रति चाहिये और कुल उपलब्ध संख्या की प्रमाणित प्रतियां चाहियें ।

अस्तु उपरोक्तानुसार आवेदक इन सभी मामलों में हर प्रकार की न्यायालयीन व कानूनी कार्यवाही हेतु भारम सरकार के न्याय विभाग , विधि और न्याय मंत्रालय से सूचीबद्ध व अधिकृत होकर अत्यावश्यक और उचित  कार्यवाही व्यापक जनहित में करने जा रहा है । जिसके लिये उपरोक्त जानकारी की मय दस्तावेज प्रमाणित प्रतियों में  आवश्यकता है । तथा इस संबंध में प्रत्येक प्रकार के शुल्क , न्यायायिक शुल्क एवं अन्य प्रभारों से मुक्त है । देखें आनलाइन न्याय विभाग भारत सरकार का पोर्टल ।

 

दिनांक 24 मार्च 2021                        हस्ताक्षर डिजिटल एवं स्याही में ( दोनों में )  मय सील

  नरेन्द्र सिंह तोमर

एडवोकेट

Narendra Singh Tomar

Advocate ( M.P. High Court – Gwalior Bench)

Attorney For Trade Marks , Copy Rights, Patents and Designs.

Nyaya Bandhu  ( Probono Legal Services Under NALSA )

42 , Gandhi Colony – Morena – M.P.

       Mobile Numbers – 9425738101  & 7000998037  



केवल आधी Gandhi Colony Morena में लगातार विगत चार दिन से की जा रही पूरे दिन रात की मैराथन बिजली कटौती के बाद  फिर आज भी अभी इस समय तक बिजली कटौती जारी है

नहीं करते बिजली कंपनियों के लोग बिजली बिल एडजस्ट , खुद करते हैं चोरी और करवाते हैं ले देर बिजली चोरी , एक डाक्टर ने अपने क्लिनिक में यहां लगवा रखा है, काफी समय से , दो बरस पहले से यानि सन 2018 से, वह बिजली की एक्सेस प्राडक्शन को बिजली कंपनी को हर रोज अनेक महीने तक सप्लाई करता रहा , मगर बिजली कंपनी ने उसे भुगतान करने के बजाय उल्टा उस पर दे दनादन बिल पर बिल भेज दिया , डाक्टर अपना माथा फोड़ता रह गया और बिजली वालों से उल्टे अपना बिल माफ कराने को चक्कर लगाता फिर , उसके बाद लाकडाउन में बिजली कंपनी वालों ने उसका बिल बिलासुर बनाकर अनाप-शनाप बिल दे दे कर बिलबिला दिया । 

सो कोई अब बिजली कंपनी को एक्सेस सप्लाई देगा यह तो चंबल में यह गलती कोई नहीं करेगा । अखबारों में जब उसकी खबर छपी तब लोगों को पता चली और एक नया कारनामा नयी कारिस्तानी लोगों को पता चली ।

हमारा या हमारे मोहल्ले का मामला जरा पेचीदा है, हमारे खंबे पर हमने अपने प्रयासों से एक एस ई से 25 के वी का ट्रांसफार्मर हटवा कर 63 के वी का लगवाया, उस समय एक सब इंजीनियर जबरदस्ती उस पर 25 के वी का ही ट्रांसफार्मर रखवा रहा था, हमने फिर उसी वक्त एस ई से फोन पर बात की , एस ई ने हमसे कहा कि नहीं तोमर साहब वहां 63 के वी का ही ट्रांसफार्मर रखा जायेगा मैंने वहां 63 के वी का ही ट्रांसफार्मर मंजूर किया है और वही वहां रखा जायेगा । 

खैर उसके कुछ बरस बाद वह सब इंजीनियर यहीं मुरैना में ही एस ई बन गया , उसके बाद उसने वो अंधेरगर्दी मचाई कि 5 कनेक्शन वाले ट्रांसफार्मर पर यानि उस हमारे पोल पर केवल तीन कनेक्शन उपभोक्ताओं के और बाद बाकी दो पांइ़ट्स से एक तरफ का आधे मोहल्ले की सभी घरों की पूरी सप्लाई और दूसरे प्वाइंट पर आधी एक अलग गली की सप्लाई , मतलब डबल क्रॉस, यानि पोल के रीडिंग के हिसाब से तीन उपभोक्ताओं पर एवरेज बिलिंग और बाद बाकी मोहल्ले से भी हर घर से अलग-अलग एवरेज बिलिंग , मतलब खंबे और ट्रांसफार्मर की अनाप-शनाप कमाई अलग और बाकी मोहल्ले के हर घर से एवरेज और मीटर्ड बिल दोनों तरह की वसूली अलग । यानि बाकी मोहल्ले में 5 कनेक्शन वाला कोई ट्रांसफार्मर ही नहीं है , अब उनका पोल नंबर और ट्रांसफार्मर नंबर क्या कैलकुलेट किया जायेगा ये तो खुदा जाने , क्योंकि उनकी लाइन पोल ट्रांसफार्मर ही नहीं । ये हमने अपनी पी जी भारत सरकार के रिमांइडर में कल ही सब उल्लेख किया है । 

अब दिक्कत ये है कि बिजली कंपनी वाले सी एम हेल्पलाइन म प्र को कुछ समझते नहीं और लपक कर अर्जी फर्जी तरीके से शिकायतें क्लोज करा देते हैं , इसलिये हम अब सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करते नहीं , मगर खुद म प्र शासन ही अपने आप ही मैपिंग कर खुद ही शिकायत हमारे नाम और नंबर से दर्ज कर देता है और शिकायत चलाता रहता है, अबकी बार सरकार बदल जाने से ही एम हेल्पलाइन कुछ सख्त और खतरनाक तरीके से चल और काम कर रही है, इसलिये वे समझते हैं कि हमने सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत फिर दर्ज कर दी , और वे हमारे पोल जोन एरिया की बिजली काटते रहते हैं, हम हालांकि 3 फेज उपभोक्ता है मगर हमें कभी 3 फेज सप्लाई सन् 2010 से मिली ही नहीं केवल सिंगल फेज सप्लाई देते हैं और बिल 3 फेज का देते हैं , पहले तो कई साल तो इसी में ही लगा दिये कि तीनों फेजों को सिंगल फेज में जोड़कर 3 फेज सप्लाई बताते रहे, जब तक वह शिकायत गर्म रही तब तक यह नौटंकी दिखाते रहे , फिर 2010 के बाद क्लीयर कट सिंगल फेज सप्लाई ही चल रही है, खैर ये सारी बातें कल के रिमांइडर में हमने लिखी है, क्योंकि हम जानते हैं कि एक और अगली पी जी आयेगी तो सबके साथ अब सारा ही मसला खुलकर सामने आयेगा । समझे के बी कुछ , चोरों के पीछे मोर पड़े हैं, हम भी अबकी बार कसम खा के बैठै है , आर या पार

मंगलवार, 16 मार्च 2021

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अंतर्रार्ष्टीय महिला दिवस म.प्र पर एक फिल्म , कैसे मना मध्यप्रदेश में महिला दिवस - देंखें फिल्म

Posted: 15 Mar 2021 10:08 PM PDT


 

सावधानी बरतें तो नहीं होगी गर्मी में वनो में आग दुर्घटना

Posted: 15 Mar 2021 10:05 PM PDT

 वातावरण का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तापमान में वृद्धि के साथ वनों में आग दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। महुआ तथा अन्य वनों उपज संग्रहण के लिए भी पेड़ों के नीचे गिरे पत्तों को नष्ट करने के लिए लापरवाही से आग का उपयोग किया जाता है। इससे कई बार बड़े वन क्षेत्र में आग का प्रकोप हो जाता है। आग लगने से हरे-भरे वृक्ष झाडि़यां तथा घास नष्ट हो जाती हैं। जंगली जानवरों को भी इससे हानि पहुंचती है। आग से अनमोल वनसंपदा नष्ट हो जाती है। आग लगने से मिट्टी की ऊपरी सतह कठोर हो जाती है तथा कई पोषक सूक्ष्म, जीव नष्ट हो जाते हैं। आग को वनों में फैलने से रोकने के लिए सावधानी रखना आवश्यक है। वनों उपज संग्रहण के लिए वनों में आग न जलायें, वनों में आग की सूचना मिलने पर तत्काल क्षेत्र के वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दें। सबके सहयोग से ही वनों को आग से बचाया जा सकता है।

परीक्षा में बोनस अंक के लिए मांगा रिकार्ड

Posted: 15 Mar 2021 10:04 PM PDT

 राज्य व राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में अव्वल रहे नियमित छात्र-छात्राओं को माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा परीक्षा में बोनस अंक दिए जाएंगे। इसमें राज्य स्तर के लिए 10 अंक व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए 20 अंक दिए जाते हैं। शिक्षा व जनजातीय विभाग के खेल अफसरों ने सभी स्कूल प्राचार्यों से निर्धारित प्रपत्र में अभिलेख मंगाए हैं।  

समय पर ट्रीटमेंट कर लें तो जन्मजात बच्चों को कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है - डॉ. विकास शर्मा

Posted: 15 Mar 2021 10:03 PM PDT

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण के  तौर एसएनसीयू संचालक डॉक्टर विकास शर्मा ने कहा कि जन्म के समय विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता बच्चे के साथ आती हैं जैसे कि होंठ कटा पैर मुड़ा हुआ हाथ टेड़ा आदि प्रकार की दिव्यांगता को कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है, जन्म के तुरंत बाद बच्चे को जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज भिजवाया जाकर। यह बात उन्होंने एक निजी होटल में प्रशिक्षण बतौर जिले के प्रसव केन्द्रों से आये मेडिकल ऑफीसर स्टाफ नर्स तथा आरबीएस के लेबर रूम इनचार्ज को प्रशिक्षण बतौर कहीं। इस अवसर पर डीपीएम श्री एसके श्रीवास्तव आरबीएस कॉर्डीनेटर राम कुमार गोयल, मेडिकल ऑफीसर जिले एवं ब्लॉक  से आये लेबर रूम इन्चार्ज स्टाफ नर्स आदि उपस्थित थे।  

    एसएनसीयू प्रभारी डॉक्टर विकास शर्मा ने कहा कि हमारे देश में 17 लाख बच्चे जन्मजात विकृति के पैदा होते हैं जिसमें 10 प्रतिशत नवजात शिशु की जन्मजात विकृति के कारण मृत्यु भी हो जाती है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य के अंतर्गत कॉन्फ्रेंसिंग न्यू बॉर्न स्क्रीनिंग सिम्पोसियम का प्रशिक्षण रखा गया है।
    हर डिलेवरी के पॉइंट पर हर नवजात की स्क्रीनिंग की जाये तो समय पर उसे डिसचार्ज जिला एवं मेडिकल कॉलेज पर किया जा सके तो उसे उस मृत्यु को या उस जन्मजात बीमारी को कम किया जा सकता है। इसका उद्धेश्य केवल बच्चा जीवित ही नहीं रहे केवल हेल्दी लाइफ जिये, शारीरिक मानसिक गतिविधियों में न जिये इस ट्रेनिंग के माध्यम से शिक्षित किया जा रहा है जिससे हम प्रदेश की मृत्यु दर को काफी हद तक और कम किया जा सकता है।

कम्प्यूटर का ज्ञान प्राप्त कर माया आजीविका स्वसहायता समूह गोठ की महिलायें बना रहीं है आयुष्मान भारत कार्ड

Posted: 15 Mar 2021 10:01 PM PDT

महिलायें भी पुरूष से कहीं कम नहीं है। ये सब साकार हुआ है मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा समूह में जुड़कर। जो कि महिलाओं ने आयुष्मान भारत कार्ड बनाने का जिम्मा हाथ में लिया था, अभी तक समूह 450 कार्ड भी बना चुका है।        
    ग्राम गोठ ''माया आजीविका स्व-सहायता समूह'' की अध्यक्ष श्रीमती अल्पना तोमर ने बताया कि महिलायें क्या नहीं कर सकतीं। महिलायें पुरूषों से भी पीछे नहीं है। वर्ष 2018 में एनआरएलएम के मार्गदर्शन में मेरे द्वारा स्व-सहायता समूह का गठन किया गया था, जिसमें 10 महिलायें शामिल की थीं। समूह की सभी महिलायें अत्यन्त गरीब परिवार से थी, उन्हें कोई मार्गदर्शन और आजीविका चलाने के लिये रोजगार की जरूरत भी थी। किंतु मेरे द्वारा समूह का गठन किया और 20-20 रूपये प्रति महिला के मान से प्रति सप्ताह इकट्ठा कर करीबन 40 हजार रूपये की बचत बैंक में जमा हुई। इसके बाद शासन द्वारा प्रति महिला 10 हजार रूपये के मान से एक लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई। समूह द्वारा धीरे-धीरे झाड़ू बनाने का कार्य किया। उससे भी कुछ आय प्रति महिला के मान से प्राप्त होने लगी। समूह में कुछ महिलायें अच्छी पढ़ी-लिखी भी थीं। जिन्हें अल्प ज्ञान कम्प्यूटर में कराना जरूरी था। एनआरएलएम द्वारा समूह को कम्प्यूटर का ज्ञान कराया, तब महिलाओं ने आयुष्मान भारत कार्ड बनाने का जिम्मा हाथ में लिया। आज तक माया आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा 450 आयुष्मान भारत कार्ड निःशुल्क बनाये जा चुके है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती अल्पना तोमर ने बताया कि प्रति कार्ड शासन द्वारा जो भी मानदेय मिलेगा उसे हम स्वीकार करेंगे।                 

                                              मोबा. नं. 9926223757

डी.डी.शाक्यवार 

मत्स्य संपदा योजना - 40 से 60 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान

Posted: 15 Mar 2021 09:54 PM PDT

 मत्स्य पालन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछली उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता तकनीकी आधारभूत संरचना एवं प्रबंधन के अंतर को कम करना मूल्य श्रृंखला का आधुनिकीकरण एवं सुदृढीकरण करना है।

        मत्स्य पालन प्रबंधन ढांचा की स्थापना तथा मछुआरों एवं मत्स्य कृषकों की आय को बढ़ाना है। इस योजना में विभिन्न योजनाएं जिसमें मत्स्य बीज उत्पादन के लिए बीज उत्पादन हैचरी की स्थापना, नवीन मत्स्यबीज संवर्धन के लिए पोखर, तालाब का निर्माण, नवीन तालाब, का निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेसियस मछली पालन, तिलापिया मछली पालन के लिए इनपुट्स की व्यवस्था शामिल है। इसी तरह जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन रंगीन मछलियों की ब्रीडिंग एवं रिपरिंग के लिए ईकाई की स्थापना, पुनरू संचारी जल कृषि प्रणाली की स्थापना, बायोफ्लॉक की स्थापना, आईस बॉक्स युक्त मोटर साईकिलध् मछली बिक्री के लिए ई-रिक्शा रेफ्रीजरेटर, ट्रक, जलाशय में केजपेन स्थापनाध्फिश फीड मिल प्लांट, मछली क्योस्क का निर्माण, थोक मछली बाजार का निर्माण, आईस प्लांट स्थापना इत्यादि शामिल है। योजना में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं महिला वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत का 60 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान की सुविधा दी गई है।  

चना, सरसों की खरीदी अब 22 मार्च से - कलेक्टर कार्तिकेयन

Posted: 15 Mar 2021 09:52 PM PDT

 कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर चना और सरसों की फसलों का उपार्जन अब 22 मार्च से होगा। उन्होंने बताया कि पहले इसका उपार्जन 15 मार्च से करने का निर्णय लिया गया था। वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए 15 मार्च के स्थान पर 22 मार्च से खरीदी का निर्णय लिया गया है।  

अमानक बीज पाये जाने पर 7 फर्मो के पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित

Posted: 15 Mar 2021 09:51 PM PDT

  किसान कल्याण तथा कृषि विकास एवं उप संचालक बीज अनुज्ञापन अधिकारी श्री पी.सी. पटेल के मार्गदर्शन में बीज निरीक्षक पदेन वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों द्वारा फर्मो का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान 7 फर्मो के बीज अमानक पाये गये। जिनके वैधता पंजीयन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिसमें मैसर्स न्यू गायत्री बीज भंडार एमएस रोड़ मुरैना, किसान कृषि सेवा केन्द्र एमएस रोड़़ डोंगरपुर मानगढ़ कैलारस, अभी इंटर प्रायजेज बीज भंडार सबलगढ़, शिव बीज भंडार अम्बाह रोड़ पोरसा, श्रीराम बीज भंडार अटेर रोड़ पोरसा, राज राजेश्वरी बीज भंडार सब्जी मंडी रोड़ अम्बाह और मैसर्स श्री बालाजी कृषि सेवा केन्द्र पुरानी सब्जी मंडी जौरा के वैधता पंजीयन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।  

पीईबी ने स्पष्ट की वस्तुस्थिति-ग्रामीण कृषि विस्तार एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा 2020

Posted: 15 Mar 2021 09:49 PM PDT

 प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश, भोपाल के अन्तर्गत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के 791 एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के 72 इस प्रकार कुल 863 पदों हेतु भर्ती परीक्षा का आयोजन दिनाँक 10.2.2021 एवं 11.02.2021 को कुल तीन पालियों में किया गया था। उक्त परीक्षा में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हेतु 19971 एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी हेतु 8132 अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन किया गया था। यह परीक्षा मध्यप्रदेश के 13 शहरों के 57 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की गई थी, जिसमें अभ्यर्थियों का उपस्थिति प्रतिशत 82.92 प्रतिशत रहा।  

   अगस्त 2015 से पी.ई.बी. द्वारा ऑनलाईन पद्धति से परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है एवं तत्समय से ही परीक्षा प्रणाली को और सुदृढ़, सुचितापूर्ण एवं पारदर्शी बनाये जाने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में परीक्षा समाप्ति के समय ही अभ्यर्थियों को उनके सही उत्तरों की संख्या, अंक प्रदर्शित किये जाते हैं। पूर्ण परीक्षा की समाप्ति के पश्चात् परीक्षा में आये प्रश्नों पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित की जाती हैं। नवम्बर-2020 से यह प्रक्रिया ऑनलाईन माध्यम से प्रारंभ की गई है। जिसमें पी.ई.बी. के पोर्टल पर प्रदर्शित लिंक के माध्यम से केवल अभ्यर्थी अपना रोल नम्बर, जन्मतिथि, परीक्षा तिथि एवं पाली को अंकित कर अपनी उत्तर पुस्तिका को मॉडल उत्तर कुंजी सहित देख सकता है तथा आपत्तिगत प्रश्नों पर ऑनलाइन अभ्यावेदन कर सकता है। तत्पश्चात आपत्तिगत प्रश्नों को विषय-विशेषज्ञों की कुंजी-समिति के समक्ष निर्णय हेतु रखा जाता है एवं समिति की अनुशंसा अनुसार निरस्त किये गये प्रश्नों, विकल्प परिवर्तन किए गए प्रश्नों के अनुसार अंकों में परिवर्तन किया जाता है। किसान कल्याण भर्ती परीक्षा हेतु प्रश्नों पर आपत्ति हेतु ऑनलाईन अभ्यावेदन प्रक्रिया दिनांक 17.02.2021 से प्रारंभ की गई थी एवं 07 दिवस पश्चात् दिनांक 23.02.2021 को समाप्त की गई।
   पी.ई.बी. द्वारा आयोजित परीक्षाएँ, जो एक से अधिक पालियों में आयोजित की जाती हैं, में यह संभव है कि भिन्न-भिन्न पालियों में प्रश्नों के कठिनता स्तर भिन्न-भिन्न हों। अतः पी.ई.बी. द्वारा पालियों में आए प्रश्नों के कठिनता स्तर के अनुसार अंकों को समरूप करने हेतु परीक्षा परिणाम में नार्मलाइजेशन प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है, जो एक सांख्यिकी सूत्र पर आधारित है, जिसमें पालियों में अभ्यर्थियों के औसत अंक एवं अंको के स्डेण्डर्ड डेविएशन का उपयोग किया जाता है। यह सांख्यिकी सूत्र मान. उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश द्वारा याचिका क्रमांक- 8083, 2016, 8124, 2016, 8434, 2016 एवं 8609, 2016 एवं अन्य में पारित आदेशों में भी अधिमान्य किया गया है।  
   वर्तमान में उक्त परीक्षा हेतु विषय-विशेषज्ञों की कुंजी समिति की बैठक एवं नार्मलाइजेशन प्रक्रिया संपन्न नहीं हुई है, इसके पश्चात ही परीक्षा परिणाम घोषित किया जायेगा। समाचार-पत्रों में उल्लेख हो रहा है कि पी.ई.बी. द्वारा परीक्षाओं का संचालन अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्टेड एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है, जिसके संबंध में लेख है कि पी.ई.बी. द्वारा अनुबंधित परीक्षा संचालन एजेंसी एवं प्रश्न-पत्र निर्माण एजेंसी का चयन पूर्णतः पारदर्शी टेण्डर प्रक्रिया के तहत किया गया जिसमें एजेंसियों द्वारा ब्लैकलिस्ट नहीं होने संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया है। दिनांक 17.02.2021 के उपरांत किसी एक विशेष क्षेत्र के अभ्यर्थियों को अधिक अंक प्राप्त होने के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। परीक्षा से संबंधित समस्त डाटा, सी.सी.टी.व्ही. फुटेज तथा सर्वर लॉग डिटेल की जॉच हेतु पी.ई.बी. द्वारा MPSEDC से सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। जिनके द्वारा संपूर्ण परीक्षा संचालन प्रक्रिया तथा डाटा ट्रांसफर की प्रणालियों का भी परीक्षण किया जा रहा है। जाँच प्रतिवेदन शीघ्र अपेक्षित है। जिसकी प्राप्ति के उपरांत ही पी.ई.बी. द्वारा उक्त परीक्षा के परीक्षा परिणाम घोषणा के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को मिलेंगे राष्ट्रीय पुरूस्कार

Posted: 15 Mar 2021 09:46 PM PDT

 राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2021 के अवसर पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत व जिला पंचायतों को भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत किया जाना है। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा उक्त पुरस्कारों के लिए तीन स्तरों की पंचायतों से विभिन्न श्रेणियों के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए है।

    इस वर्ष दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार सामान्य और विषयात्मक श्रेणी के लिए तीनों स्तर की पंचायतों को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार- ग्राम पंचायतों को ग्रामसभा के उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार-ग्राम पंचायतों को बाल हितेषी ग्राम पंचायत पुरस्कार- ग्राम पंचायतों को। जिला पंचायत को प्रमाण पत्र के साथ 50 लाख रूपये की राशि, जनपद पंचायत को प्रमाण पत्र के साथ 25 लाख रूपये की राशि, ग्राम पंचायतों को उनकी जनसंख्या के अनुसार प्रमाण पत्र के साथ 5 लाख रूपये से 15 लाख रूपये तक की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाती है।
   प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में 24 अप्रैल को भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है। इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन ऑनलाइन पोर्टल लिंक http//panchayataward.gov के माध्यम से अग्रेषित किये जा सकते है। नामांकन निर्धारित ऑनलाईन प्रपत्र में निम्नांकित श्रेणियों के लिए किए जा सकेंगे। यह मूल्यांकन वर्ष 2019-20 के आधार पर होगा। पंचायतों के चयन कार्य एवं खण्ड स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से किया जायेगा। प्रथम स्तर, खण्ड स्तर पर चयन प्रत्यक्ष विचार विमर्श साक्षात्कार के आधार पर होगा। आवेदक ग्राम पंचायत प्रस्तुतिकरण देगी और मूल्यांकन वर्ष में पंचायत द्वारा अर्जित उपलब्धियों को वीडियों के माध्यम से भी खण्ड स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इसी अनुक्रम में चयनित ग्राम पंचायत एक प्रस्तुतिकरण जिला स्तर चयन समिति के समक्ष करेगी।

इस सप्ताह 29 स्थानों पर होगा कोविड वैक्सीन टीकाकरण

Posted: 15 Mar 2021 09:43 PM PDT

  शासन के निर्देशानुसार 60 वर्ष से अधिक या विभिन्न प्रकार की ग्रसित बीमारियों के 45 से 59 वर्ष तक के लोंगो के लिये वैक्सीन का टीका लगाया जा रहा है। निर्देशों के तहत कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 17 मार्च बुध, 18 मार्च गुरू और 20 मार्च 2021 शनिवार को निम्न स्थानों पर कोविड टीकाकरण होगा। समस्त लोगों से अनुरोध है कि जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है वो इन दिनांकों को अपना कोविड का टीकाकरण निःशुल्क में लगवायें।   

29 स्थानों पर होगा टीकाकरण, इनके अलावा दो प्रायवेट हॉस्पीटलों में 250 रूपये में लगेगा टीका
    सीएमएचओ डॉ. आरसी बांदिल ने बताया कि जिला चिकित्सालय मुरैना, रामनगर पीएचसी, महामाया पीचसी, अंबाह सिविल अस्पताल, खडि़यार सीएचसी, खौंह पीएचसी, दिमनी पीएचसी, किरायच पीएचसी, पोरसा सीएचसी, परीक्षतपुरा, महुआ पीएचसी, नूराबाद सीएचसी, बानमोर पीएचसी, नायकपुरा पीएचसी, रिठौराकलां पीएचसी, जौरा सीएचसी, गलेथा पीएचसी, बागचीनी पीएचसी, देवगढ़ पीएचसी, सुमावली पीएचसी, पहाड़गढ सीएचसी, पचोखरा पीएचसी, बरा पीएचसी, कैलारस सीएचसी, सुजर्मा पीएचसी, सबलगढ़ सीएचसी, टैंटरा पीएचसी, रामपुरकला पीएचसी, झुंडपुरा सीएचसी और इनके अलावा 2 प्राइवेट अस्पताल गर्ग नर्सिंग होम जीवाजी गंज तथा आरएल हॉस्पीटल टेकरी में 250 रूपये में कोविड का टीका लगाया जा रहा है।

टीएल बैठक आज होगी

Posted: 15 Mar 2021 09:41 PM PDT

  कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन की अध्यक्षता में 16 मार्च 2021 मंगलवार को अपरान्ह 3 बजे टीएल बैठक नवीन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयेाजित की गई है। बैठक में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर समीक्षा होगी।

    विदित है कि यह बैठक सोमवार को प्रातः 10.30 बजे से हुआ करती थी। किन्तु अपरिहार्य कारणों से टीएल बैठक सोमवार को आयोजित न होते हुये इस बार मंगलवार को आयोजित होगी। 

बुधवार, 10 मार्च 2021

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सीएम हेल्पलाइन में नगर निगम की प्रशंसा कलेक्टर ने की, समीक्षा के दौरान दो जेएसओ को कारण बताओ नोटिस दिये

Posted: 09 Mar 2021 07:13 PM PST

 कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई विभाग ऐसे पाये गये, जिनकी शिकायतें निराकरण कम होना पाई गई तथा शिकायतें नवीन ज्यादा प्राप्त होती पाई गई। उन अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में निराकरण की गति तेज करने के निर्देश दिये। समीक्षा में पंचायती राज की 239, राजस्व की 320, पीएचई की 223 एवं डीएसओ की सबसे ज्यादा शिकायतें लगातार बढ़त होती पाई गई, जबकि निराकरण की गति धीमी पाई गई। इस पर कलेक्टर ने जेएसओ श्री संजीव शर्मा और जेएसओ श्री जितेन्द्र राजावत को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

    समीक्षा के दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री अमरसत्य गुप्ता ने पिछले सप्ताह की अपेक्षा इस सप्ताह सीएम हेल्पलाइन में बहुत अच्छा कार्य किया है। जिससे सीएम हेल्पलाइन की संख्या बहुत तदायत में कम हुई। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर को गुण कहते हुये बैठक में संबोधित किया।

प्रकाशित खबरों और समाचारों में प्रकाशित जनसमस्याओं व व्यक्तिगत समस्याओं का निराकरण कराने के लिये विकासखण्ड अधिकारी कुशवाह मुरैना जिला के लिये नियुक्त

Posted: 09 Mar 2021 07:11 PM PST

 अब किसी भी समाचार पत्र/ न्यूज पोर्टल वेबसाइटों , चैनलों आदि पर प्रकाशित प्रसारित किसी भी जन समस्या या व्यक्तिगत निदान व निराकरण के लिये मुरैना जिला के लिये बलवीर सिंह कुशवाह को नियुक्त किया गया है । 

समय-समय पर जिला पंचायत मुरैना से संबंधित शिकायती एवं अन्य अनेक समाचारों का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्रों में जनसम्पर्क विभाग की ओर से प्रकाशित होते है, जिन पर समयावधि में कार्यवाहियां एवं खंडन करने संबंधी कार्य तत्काल प्रभाव से विकासखण्ड अधिकारी श्री बलवीर कुशवाह संलग्न जिला पंचायत मुरैना को आगामी आदेश तक के लिये दायित्व सौंपा जाता है। श्री कुशवाह का दायित्व होगा कि वे प्रकाशित शिकायत, अन्य प्रकरणों को निराकरण के लिये रूचि लेकर जनसंपर्क विभाग से समय पर संपर्क स्थापित कर समयावधि में निराकरण कराना सुनिश्चित करेंगे तथा अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रतिवेदन सहित अवगत करायेंगे। 

अवकाश के दिनों में भी पंजीयक कार्यालय खुलेंगे

Posted: 09 Mar 2021 07:06 PM PST

 प्रदेश के जनसामान्य को दस्तावेजों के पजीयन कार्य में अधिक सुविधा देने के लिए एवं शासन के राजस्व को दृष्टिगत रखते हुए माह मार्च 2021 में  13, 14, 20, 21 एवं 28 को अवकाश दिवसों में समस्त जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक कार्यालय, पंजीयन एवं शासकीय कार्य के लिये खुले रहेंगे। इन तिथियों पर परिक्षेत्रीय उप महानिरीक्षक, पंजीयन अपने परिक्षेत्र अंतर्गत समस्त पंजीयन कार्यालय खोला जाना सुनिश्चित करें।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर साइकल रेली का आयोजन किया गया

Posted: 09 Mar 2021 07:04 PM PST

 

बेटी बचाओ-बेटी पढाओं अंतर्गत मंगलवार को महिला एवं बाल विकास द्वारा सेफ सिटी कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं, बालिकाओं की जागरूकता हेतु जिला मुख्यालय पर साइकल रेली का आयोजन किया गया। जिसको शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 से प्रारम्भ कर स्टेडियम से वापिस होते हुए उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 पर समापन किया गया।
    आयोजित साइकल रेली का विभागीय जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। जिसमें विद्यालय की छात्राऐं, शौर्यादल की सदस्य बालिकाऐं एवं एनसीसी की बालिकाओं द्वारा प्रतिभागिता की गई। कार्यक्रम में सहायक संचालक श्री ताराचंद मेहरा, परियोजना अधिकारी मुरैना शहरी श्री मनीष सिंह, प्राचार्य श्री मुकेश सांण्डिल, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर एवं संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षक द्वारा भी प्रतिभागिता की गई।
बेटी बचाओ-बेटी पढाओं अंतर्गत मंगलवार को महिला एवं बाल विकास द्वारा सेफ सिटी कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं, बालिकाओं की जागरूकता हेतु जिला मुख्यालय पर साइकल रेली का आयोजन किया गया। जिसको शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 से प्रारम्भ कर स्टेडियम से वापिस होते हुए उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 पर समापन किया गया।
    आयोजित साइकल रेली का विभागीय जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। जिसमें विद्यालय की छात्राऐं, शौर्यादल की सदस्य बालिकाऐं एवं एनसीसी की बालिकाओं द्वारा प्रतिभागिता की गई। कार्यक्रम में सहायक संचालक श्री ताराचंद मेहरा, परियोजना अधिकारी मुरैना शहरी श्री मनीष सिंह, प्राचार्य श्री मुकेश सांण्डिल, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर एवं संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षक द्वारा भी प्रतिभागिता की गई।