गुरुवार, 21 मई 2015

भारत वाणी BHARAT VAANI: मुरैना नगर निगम चुनावों की आहट में पेंचों खम के सा...

भारत वाणी BHARAT VAANI: मुरैना नगर निगम चुनावों की आहट में पेंचों खम के सा...: मुरैना नगर निगम चुनावों की आहट में पेंचों खम के साथ , राजनीतिक गुण्ताड़े और जुगाड़बाजी शुरू 70 फीसदी दिग्गज नेता खुद ब खुद ही मैदान ...

मंगलवार, 19 मई 2015

नौकरी छोड़ दें रूपेश उपाध्याय , नगर निगम का या सांसद का चुनाव लड़ कर नेता बन जायें

* नौकरी छोड़ दें रूपेश उपाध्याय , नगर निगम का या सांसद का चुनाव लड़ कर नेता बन जायें
* प्रेस क्लब ने नगरपालिका मुरैना के प्रशासक सी.एम.ओ. के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई , मुख्यसचिव एवं प्रमुख सचिव को भेजा जायेगा पत्र * कल पढि़ये ग्वालियर टाइम्स पर खास – मुरैना शहर के एक आधा भाग जो है शहर मुरैना में और नगरपालिका क्षेत्र में , मगर अछूत व अस्पृश्य तथा विकास से कोसों दूर , हालात गॉंवों से भी बदतर * परसों पढि़ये ग्वालियर टाइम्स पर – सांसद के कामकाज व कार्यप्रणाली से संघ व भाजपा नाखुश , मोदी चंबल की समस्याओं के प्रति बेहद गंभीर http://www.gwaliortimes.in

गुरुवार, 14 मई 2015

विश्व का दूसरे नंबर का और भारत का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल मुरैना , विश्व की सबसे बड़ी टूरिस्ट सरकार - भारत सरकार , विश्व की सबसे बड़ी बनिये की दूकान - भारत का लोकतंत्र व्यंग्य - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

विश्व का दूसरे नंबर का और भारत का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल मुरैना , विश्व की सबसे बड़ी टूरिस्ट सरकार - भारत सरकार , विश्व की सबसे बड़ी बनिये की दूकान - भारत का लोकतंत्र
व्यंग्य - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
क्या यार मुरैना में आज सबेरे 4 बजे से बिजली नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं है कि ( सी.एम. हेल्पलाइन में चार चार कंपलेाट कर तो रखीं हैं , अब बहरे को सुनाई न दे , अंधे को दिखाई न दे तो इसमें हम क्या करें ) अब भइया सिब्बू को बहरा और नंदू को अंधा और कलेक्टर को लंगड़ा मत कह देना ...... ........ हमने कालीचरण कालीराम का खुल गया पोल ..... टूरिस्ट सांसद कह कर उसका सारी दुनियां में नाम रोशन कर डाला उसके मामा के नाम की योजना पर ही कलंक लगा रहा कालीराम सारी दुनियां में 6 करोड़ लोगों तक वर्ल्डवाइड ब्राडकास्ट और रिलज कर मशहूर कर दिया ........ तो इसका मतलब ये नहीं कि ......... उसी तर्ज पर ..... मोदी जी को सूट बूट वाला चोर , सूटकेस सोने का टूरिस्ट प्राइम मिनिस्टर कहा जाये ..... इससे तो ऐसा लगता है कि साली पूरी सरकार ( अकेली बेचारी विदेश मंत्री को छोड़कर ) जो विदेशी जगह की सांसद जरूर है मगर कभी विदेश नहीं जाती, आप लोग पूरी की पूरी सरकार को ही बनियों की दूकान और तखरी तराजू वाला प्रशासन , और हर सांसद व मिनिस्टर को ही टूरिस्ट कहें .... एम.पी. के गधा गोबर नंदू भैया की तो जो कल से बुरी तरह धोती खींच ऐसी की तैसी की जा रही है , दुगत बनाई जा रही है , हम तो फेसबुक , ट्व‍िटर और व्हाटस एप्प पर पढ़ पढ़ के पक गये ..... अखबार और दनादन धोती लंगोट खींचने में , उतारने में लगे हैं बेचारों के , अरे ठीक है बेचारों ने सारे बनियों को प्रशासन की दूकान सौंप दी तो क्या हुआ , पैसे देकर आये हैं बेचारे , थानेदारी भी आजकल थाने के महीने के रूपये बंधे होने से मिलती है, मास्टरी की दूकान , डाक्टरी की दूकान, व्यापम की सब्जी मण्डी, इंजीनियर बनाने की फैक्ट्र‍ियां , नोट गिनने की मशीनें चौकीदारों के घर में लगानी पड़ रहीं हैं तो क्या हुआ, अरे यार कमाता कौन नहीं है, नेताओं के मील तो नहीं चलते , तेल तो तिली से ही निकलेगा न , और बनियों से बड़ा कमाऊ पूत कभी कोई सुना है क्या , चलो अब शांत हो जाओ , जादा पोस्ट मत डालो सूट बूट की टूरिस्ट कमाऊ विदेशी बनियों की दूकान सरकार पर ...... वरना हमारी खुपडि़या अगर घूम गई तो ..... हम फिर एक खतरनाक लेख लिख डालेंगें और ..... वर्ल्डवाइड ब्राडकास्ट और रिलीज कर मारेंगें ..... फिर मत कहयो के बताई नहीं हती के मूरैना की कलेक्टर ग्वालियर रहती है, कबहूं फेान नहीं उठाती , मुरैना टूरिस्टों का अड्डा है, भारत का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल है ...... हियां सांसद से लेकर अफसर , कर्मचारी सब टूरिस्ट ही टूरिस्टूरिस्ट ही भरे पड़े हैं जनता मरे तो मरे .... अपनी बला से ..... इसलिये अब चुप्प हो जाओ ..... हमारा भेजा मत घुमाओ ...... वरना आलतू फालतू में ही किसी बनिये की दूकान लुट जायेगी यूं ही ख्वामख्वाह ही ...... टिचक्यूं - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

बुधवार, 13 मई 2015

मुरैना अपराध डायरी : किस्सा ए लैला मजनूं , एक नादर्ज अपराध ख् एक कूटरचित और फर्जी अटल ज्योति योजना का

मुरैना अपराध डायरी : किस्सा ए लैला मजनूं , एक नादर्ज अपराध ख् एक कूटरचित और फर्जी अटल ज्योति योजना का
सच तो आखि‍र सच है, कब तक और कहॉं तक दबाया जायेगा, , और यूं ही खत्म नहीं हो गई हुकूमत और सल्तनत ए कांग्रेस
अटल ज्योति बनाम म.प्र. का कलंक , एक घोर व संगीन आपराधि‍क जुर्म, फर्जी योजना और उसमें हुये फर्जीवाड़े, मिथ्या घोषणा करने , मिथ्या व असत्य कृत्य अमूल्य व बहुमूल्य संपत्ति अर्जि‍त करने पर दर्ज हो सकती है शि‍वराज सिंह पर और भाजपा नेताओं सहित बिजली अधि‍कारीयो व अन्य सरकारी अफसरो पर एफ.आई.आर.
• अटल कटौती जो कि म.प्र. की जनता पर आफत का परकाला बन चुकी , पर कांग्रेस करती रही फर्जी नौटंकी व सतही दिखावा , वरना चाहती तो शि‍वराज सिंह चौहान सन 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले ही अपनी प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी सहित जेल में होते 
• धरना प्रदर्शनों और आंदोलनों के बजाय सीधे मैदान में उतरकर कांग्रेस को दर्ज करानी थी एफ.आई.आर. , मगर नहीं कराई , संदेह के घेरे में कांग्रेस के नेता वरना सन 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले सन 2008 में ही म.प्र. में सरकार बदल जाती
मुरैना अपराध डायरी – प्रथम किश्त
• नरेन्द्र सिंह तोमर ‘आनन्द’’ , एडवोकेट Gwalior Times   Worldwide News & Broadcasting Services                          www.gwaliortimes.in

इसमें तो खैर कोई शक ही नहीं तथाकथि‍त ‘’अटल ज्योति’’ नामक योजना पूरी तरह से सार्वजनिक रूप से बोला कहा गया एक सरासर सफेद झूठ , मिथ्या अवलंबन, मिथ्या साक्ष्य रचना, कूटरचना , जालसाजी , जनता के साथ छल एवं धोखाधड़ी कर जनता की अमूल्य व बहुमूल्य संपत्ति ( वोट) को हासिल करना, ‘’अटल ज्योति नामक योजना के कूटरचित दस्तावेज ‘’ तैयार करना, एक दिखावटी कार्यक्रम आयोजन कर जनता को छल कपट पूर्वक आपराधि‍क षडयंत्र रच कर बरगलाना , फुसलाना और उससे प्राप्त वोट का उपयोग करना तथा उससे सत्ता हासिल कर सत्तानशीं हो जाना ।
भारतीय दण्ड विधान ( आई.पी.सी.) के तहत ये सब कृत्य घोर व गंभीर प्रकृति के संगीन व गैर जमानतीय अपराध हैं , और जहॉं इनमें जमानत बमुश्कि‍ल होगी तो वहीं इनकी सजा आजीवन कारावास से कम किसी हाल में नहीं है ।
ऐसे किसी भी कार्य में किसी भी प्रकम पर , चाहे वह ऐसी कूटरचित फर्जी योजना की घोषणा कराने, बनाने या उसे जालसाजी कर लागू करने के दिखावटी या कृत्रिम सम्मेलन या कार्यक्रम या किसी आयोजन में उपस्थि‍त किसी भी व्यक्तिे को जो इस पूरे प्रकम पर कहीं भी दखल या मौजूदगी रखता हो , आई.पी.सी. की धारा 34 या 120 बी के तहत स्वयं ही मुल्जिम बन जाता है
25 नवंबर 2013 को शाम से ही मतदान के बाद से ही म.प्र. में बिजली का वितरण, संवितरण प्रभावित हो गया था और अटल ज्योति नामक योजना का कूटरचित व फर्जी होना एवं प्रदेश की जनता के साथ एक बड़ी जालसाजी होने का एक साक्षात साक्ष्य व सबूत बन गया था ।
लेकिन उसके बाद जो म.प्र. में बिजली ने कहर ढाया वह कहर आज तक नहीं थमा , अब तो म.प्र. का आलम यह है कि अघोषि‍त बिजली कटौती के साथ साथ घोषि‍त बिजली कटौती भी भरी भीषण गर्मी में बदस्तूर जारी है गांया कुल मिलाकर घटित अपराध आज दिनांक तक और इस वक्त तक बदस्तूर जारी है ।
इस सम्बंध में बेहद व्यापक , रोचक व मजेदार तथ्य यह है कि , महज दो साल के या पौने दो साल के अल्पकार्यकाल में ही म.प्र. के मुख्यमंत्री शि‍वराज सिंह चौहान ने दो बार तथाकथि‍त सी.एम. हेल्प लाइन की घोषणा कर डाली , एक बार एक मोबाइल नंबर जारी किया गया , दूसरी बार 181 के नाम से पुरानी हेल्पलाइन को खत्म कर नई हेल्पलाइन शुरू की गयी । सी.एम. हेल्पलाइन 181 वैसे तो लगती ही नहीं , अगर बार बार प्रयास करते रहें और लग भी जाये तो करीब 70 फीसदी शि‍कायतों को दर्ज करने से इंकार कर दिया जाता है । यदि भूले भटके कोई शि‍कायत दर्ज भी कर ली गई तो अव्वल तो वह कभी निराकृत की ही नहीं जायेगी , हमारी सूचना के अनुसार करीब 90 फीसदी दर्ज शि‍कायतें आज दिनांक तक अनिराकृत हैं ।
अब जरा शि‍कायतों के निराकरण पर या फर्जी सरकारी जवाबों पर भी गौर फरमाया जाये तो आईये पहले वह अपराध आपको बताते हैं जो सरकारी क्षेत्र के कर्मचारी या अफसर या सरकारी क्षेत्र की बिजली कंपनी के लोग करते हैं , और किसी शि‍कायत के निराकरण में सरासर झूठ व फर्जी , मिथ्या असत्य उत्तर देते हैं । पहली बात यह कि किसी लोकसेवक द्वारा ( भले ही महज टेलीफोन से, ई मेल से या एस.एम.एस. या अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यम द्वारा केवल मौखि‍क सूचना ही प्राप्त हुई हो)  सूचना या इत्तला का दर्ज न किया जाना घोर व संज्ञेय प्रकृति का गैर जमानती अपराध है , इस सम्बन्ध में आई.पी.सी. सहित , सूचना का अधि‍कार अधि‍नियम 2005 , एवं भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सन 2008 में दिया गया स्पष्ट प्रावधान वर्णिीत एवं उपलब्ध है, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि ‘’ सूचना या इत्तला या एफ.आई.आर. दर्ज करने में असफल व्यक्ति को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर , जेल में भेजा जाये ‘’ कुल मिलाकर आपको हर हाल में किसी भी सूचना या इत्तला या एफ.आई.आर. को दर्ज करना ही होता है , चाहे आप उससे पूरी तरह से असहमत हों, और स्वयं उसे असत्य मानते हों । 
आई.पी.सी. में किसी सूचना का लोकसेवक को ( पुलिस को या ऊपर से कार्यवाही कर रहे इस प्रक्रम की कार्यवाही कर रहे विभाग या अधि‍कारी को) न देना , सूचना या जानकारी का लोप करना, इत्तला छिपाना , अपराध हैं और पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में एफ.आई.आर. दर्ज करना अनिवार्य है । इसी प्रकार किसी लोकसेवक द्वारा अपने कर्तव्य निर्वहन के दौरान गलत व भ्रामक इत्तला देना, असत्य सूचना देना, असत्य व मिथ्या जानकारी भेजना या देना , लोकसेवक का कर्तव्य निर्वहन करते हुये असत्य व अशुद्ध  लेखन या असत्य व अशुद्ध अंकन , असत्य कथन या बयान या घोषणा अपराध हैं व पुलिस द्वारा इस अपराध की भी एफ.आई.आर. दर्ज करनी अनिवार्य है । 
अपराध डायरी का यही अपराध जारी रहेगा मुरैना अपराध डायरी के अगले अंक में
इससे अगला अपराध–इसी डायरी में पढि़ये एक नादर्ज आपराधि‍क मामला, एक महाघोटाला और फर्जीवाड़ो का बाप महाफर्जीवाड़ा ......  और रातों रात शहर के बीचों बीच से गायब हो गई भारत सरकार की करोड़ों रूपये की इमारत, योजना और अमला सहित सैकड़ो महिलायें

शनिवार, 9 मई 2015

गुमशुदा की तलाश – मुरैना का टूरिस्ट सांसद लापता

गुमशुदा की तलाश – मुरैना का टूरिस्ट सांसद लापता
यह गुमशुदा और लापता आदमी मुरैना का टूरिस्ट सांसद अनूप मिश्रा है ।
यह हमारे यहॉं से लोकसभा चुनाव में हमारे वोट लेकर जीत कर कहीं  गुम हो गया है । हमारे मुरैना श्योपुर संसदीय क्षेत्र में असमय व भारी ओलावृष्ट‍ि व बेमौसम तेज आंधी बरसात ने 100 फीसदी खेती चौपट कर दी चम्बल में रोजाना इसके मामा अटल जी के नाम पर कलंक बनी अटल ज्योति 23 घंटे तक गुल रहती है । इसे न कभी मुरैना संसदीय क्षेत्र की चिन्ता हुई और न मुरैना की ।  ये गुमशुदा लापता व्यक्त‍ि जहॉं भी मिले कृपया इससे कहें और इसकी मेमोरी यदि चली गई हो तो इसे याद  दिलायें कि यह मुरैना का सांसद है और , मुरैना की जनता इसे चुनावों के बाद से लगातार खोज रही है । इसे यह अवश्य याद दिलायें कि म.प्र. की सी.एम. हेल्पलाइन सौ फीसदी फेल हो गई है और म.प्र. के मुख्यमंत्री की बात मुरैना जिला में सरकार का कोई कुत्ता भी नहीं सुनता ।
हम सी. एम हेल्पलाइन में दर्ज कंपलैंटों के कंपलैंट नंबर मय तारीख यहॉं दे रहे हैं , आप इसे यह कंपलैंट नंबर बता कर इससे कहें कि ....... लाकसभा में प्रश्न लगा कर कम से कम यह तो पूछ ले कि यह कंपलैंट नंबर आज दिनांक तक हल क्यों नहीं हुईं । यदि यह गुमशुदा आदमी काफी तलाशने पर न मिले या इसकी मेमोरी न लौटे तो भारतवर्ष के कृपया जो भी सांसद महोदय इन कंपलैंट नंबरों पर संसद में सवाल लगा कर अवश्य पूछें कि ये कंपलैंट किस कारण आज दिनांक तक पेंडिंग हैं ...... क्या भारत के संविधान से अनुच्छेद 14 समाप्त कर दिया गया है या ..... इमरजेन्सी लागू कर इस अनुच्छेद को निलंबित कर दिया गया है   ।
C. M. helpline मध्यप्रदेश
Pending complaint Numbers Unresolved till today. that time.
787019 Date 5 March 15
810530 Date 14 March 15
932306Dated 28 Aprli 15

शुक्रवार, 8 मई 2015

किसानों की बर्बादी पर हाईकोर्ट की लताड़, कहा बहुत हो गया हवाई और काल्पनिक सर्वे, चलो लाओ अब सारी अगली पिछली पाई पाई के हिसाब के जमीनी हकीकत यहॉं लाओ

तोमर राजवंश द्वारा चंद रोज पहले जारी किया किसानों के नुकसान व मुआवजे एवं सहायता राहत आदि को लेकर लिखा गया अपील पत्र अंतत: काम आ गया , ग्वालियर के एडवोकेट उमेश बोहरा ने भारी दुखी और पीडाग्रस्त होकर अंतत: एक जनहित याचिका ग्वालियर चम्बल सम्भाग के किसानों की इस व्यथा के संबंध में माननीय हाईकोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर के समक्ष दायर कर दी है और हाईकोर्ट ने भी इस पर सख्त रूख व सख्त तेवरो अंदाज के साथ , म.प्र. सरकार और म.प्र. के भ्रष्ट सरकारी तंत्र से सारा अगला पिछला जमीनी हिसाब किताब मांगा है , इसके अलावा सारे अगले पिछले हुये किसानों के नुकसान और उनको बंटे मुआवजे की पाई पाई का हिसाब , बैंक खातों की डिटेल्स और किसानों के बयान तलब करने के लिये सरकार को नोटिस जारी कर दिये हैं , मामला सी.बी.आई. जांच में जाने के संकेत मिले हैं , इसके साथ ही यह संकेत भी मिले हैं कि अकेले ग्वालियर चम्बल संभाग के करीब 5 - 6 हजार अफसर और कर्मचारी इस मामले में जेल जायेंगें - लीजिये पढि़ये पूरी खबर विस्तार से   www.gwaliortimes.in 

बुधवार, 6 मई 2015

लोग है आते रहेंगें , जाते रहेंगें , कुछ लोग इतिहास ए मिसालें लिख गये कुछ लिखते रहेंगें , कुछ इंसान की तरह सिर उठा कर तो बाकी जानवरों की तरह सिर झुका चले जायेंगें

लोग है आते रहेंगें , जाते रहेंगें , कुछ लोग इतिहास ए मिसालें लिख गये कुछ लिखते रहेंगें , कुछ इंसान की तरह सिर उठा कर तो बाकी जानवरों की तरह सिर झुका चले जायेंगें
सवाल बन कर छा गया शहीद किसान गजेन्द्र सिंह , सारे देश के किसानों की उम्मीद और आस की अलख जगा गया ,
शहीद गजेन्द्र सिंह की स्मृति में भारत के किसानों को देश में पहली बार मिलेगी अभूतपूर्व सौगात दिल्ली में , दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार से
• शहीद का दर्जा , शहीद गजेन्द्र सिंह के नाम से मिलेगा ताम्रपत्र * शहीद गजेन्द्र सिंह के परिवार को मुआवजा व सहायता * शहीद गजेन्द्र सिंह किसान सहायता योजना शुरू की दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने * गजेन्द्र सिंह के नाम पर दिल्ली में भव्य स्मारक बनेगा, देश भर के किसानों के लिये नियंत्रण कक्ष व टोल फ्री नंबर रहेगा

• नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनंद’’ ( एडवोकेट )
• Gwalior Times Worldwide News & Broadcasting Services www.gwaliortimes.in


दिल्ली में किसानों की समस्याओं , परेशानीयों और मजबूरियों के खि‍लाफ अपनी शहादत देकर आवाज उठा एक नई उम्मीद व आस की डोर देश भर के किसानों के हाथों में थमा गये , राजस्थान के शहीद किसान गजेन्द्र सिंह की शहादत अंतत: व्यर्थ नहीं गई और किसानों के लिये उम्मीद की एक नई किरन और एक नई सहायता व आशा जगा गई है ।
एक अलख जगा गया जो जीवन देने से पहले, वह अलख एक आस बन गई ।
लोग याद रखेंगें बरसों तक, लहू उसका जहॉं गिरा धरती वह गुलशन हो गई ।।
यूं तो फर्क क्या है इंसान और जानवर के दरम्यां , बस यही सिर उठा कर इंसान जीया करता है ।
जानवर जिन्दगी भर सिर झुकाये रहता है, किसी के फेंकें टुकड़ों पे जीवन जीया करता है ।।
उस फर्क को वह इंसान बता गया, जो सिर उठा कर आया और शान से सिर उठा कर चला गया ।
लोग हैं आते रहेंगें, इंसान होकर जानवर बन कर जीते रहेंगें, जाते रहेंगें जो फेंकें टुकड़े खा गया ।।
दिल्ली सरकार की गजेन्द्र सिंह किसान सहायता योजना – 8 मई को चेक बंटेंगें
दिल्ली की आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली प्रदेश के किसानों के लिये शहीद हुये राजस्थान के किसान गजेन्द्र सिंह के नाम पर गजेन्द्र सिंह किसान सहायता योजना शुरू की है, इस योजना के तहत किसानों के फसलों में असमय हुई ओलावृष्टिी एवं वारिश के कारण तबाही व नुकसान के एवज में किसानों को 20 हजार रूपये प्रति एकड़ तक की रकम देने की घोषणा की है , इस रकम के चेकों का वितरण 8 मई को दिल्ली में किया जायेगा । इसमें यह प्रावधान भी रखा गया है कि यदि किसी किसान का बहुत कम नुकसान भी हुआ है, तो भी उसे कम से कम हर हाल में 14 हजार रूपये प्रति एकड़ की सहायता राशि‍ केजरीवाल सरकार द्वारा दी जायेगी । इसके अलावा इसमें एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी रखा गया है कि यदि किसी किसान को उसके नुकसान के आकलन पर या अन्य कोई आपत्ति या विवाद है तो ऐसा मसला किसान ही खुद सुलझायेंगें और फैसला सरकार के या अफसरों के हाथ में नहीं होगा । बल्किा उस किसान के खेत या उस किसान की निकटतम जो भी ग्रामसभा होगी , वह फैसला सुनायेगी और वही फैसला अंतिम होगा । इस योजना में यह प्रावधान भी नियत किया गया है कि इस योजना में किसी भी प्रकार की कोई सहायता ऐसे किसी कार्पोरेट समूह को नहीं मिलेगी जिसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमि या कृषि‍ भूमि दिल्ली प्रदेश मे हो , यह सहायता केवल किसानों को ही मिलेगी ।
शहीद किसान गजेन्द्र सिंह के परिवार को भी मुआवजा व सहायता
दिल्ली सरकार राजस्थान के शहीद किसान गजेन्द्र सिंह के परिवार को भी इस अवसर पर मुआवजा व आर्थिशक सहायता राशि‍ का चेक देने के साथ ही गजेन्द्र सिंह को शहीद घोषि‍त करने वाले ताम्रपत्र सहित , शहीद गजेन्द्र सिंह के परिजनों को दिल्ली प्रदेश का सम्मानीय अतिथि‍ का दर्जा देगी । इसके साथ ही अन्य सुविधायें , शहीद किसान गजेन्द्र सिंह के परिवा र को दी जायेंगीं । शहीद किसान के किसी भी आश्रित / परिजन / संतान को 18 वर्ष उम्र होने पर सरकारी नौकरी दी जायेगी, यदि उसकी उम्र इस समय 18 वर्ष से कम है तो उसकी आयु 18 वर्ष की होते ही उसे सरकारी नौकरी दे दी जायेगी ।
शहीद गजेन्द्र सिंह के और देश में जीवन गंवाने वो किसानों के नाम पर बनेगा दिल्ली में भव्य स्मारक व नियंत्रण कक्ष
शहीद किसान गजेन्द्र सिंह के और देश भर के किसानों के नाम पर जिन्होंने किसान समस्या पर अपना जीवन खोया है उनके नाम पर दिल्ली में एक भव्य स्मारक बनेगा और उसमें देश भर के किसानों के लिये एक नियंत्रण कक्ष बनेगा , जिसमें एक टोल फ्री नंबर भी हमेशा चालू रहेगा और देश का कोई भी किसान उस टोल फ्री नंबर पर , नियंत्रण कक्ष में अपनी समस्या या परेशानी बता सकेगा व शि‍कायत आदि दर्ज करा सकेगा जिससे उस पर तुरंत यथोचित कार्यवाही की जा सके , इसके अतिरिक्त उसे खेती से संबंधि‍त किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होने पर इसी नियंत्रण कक्ष से सम्यक समाधान व सहायता प्राप्त हो सकेगी ।
इस भव्य शहीद गजेन्द्र सिंह किसान स्मारक में शहीद हुये किसान गजेन्द्र सिंह की एक भव्य प्रतिमा लगवाई जायेगी और लेख पटल में गजेन्द्र सिंह के बारे में और उसकी किसानों के लिये दी गई आहूति के बारे में वृत्तांत विवरण व किसान क्रान्ति‍ की अलख ज्योति जलाने वाला बलिदान वृत्तांत अंकित होगा । इसके अलावा देश भर में किसानों द्वारा दी गई आत्माहुतियों को भी श्रद्धानमन अंकित होगा