बुधवार, 21 अक्तूबर 2020

केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम का उल्लंघन करने पर जप्त होगे ऑपरेटर के उपकरण

 मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा केबल टेलीविजन नेटवर्क के जरिये किये जाने वाले विज्ञापनों के प्रसारण के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देशानुसार केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम 1995 तथा इसके उपबंधों के अनुसार निर्धारित विज्ञापन संहिता के अनुरूप न पाये जाने वाले विज्ञापनों का प्रसारण केबल सेवा के माध्यम से नहीं किया जा सकता।  इसका उल्लंघन पाया जाता है तो प्राधिकृत अधिकारी द्वारा केबल ऑपरेटर के उपकरण को जप्त किया जा सकता है। राजनैतिक विज्ञापनों के प्रमाणीकरण के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों द्वारा अधिप्रमाणित राजनैतिक विज्ञापनों का प्रसारण ही केबल नेटवर्क के माध्यम से किया जा सकता है। केबल ऑपरेटर्स द्वारा संचालित लोकल न्यूज चौनल्स पर पेड न्यूज की निगरानी रखने के निर्देश भी दिये गये हैं।

उपचुनाव में सोशल मीडिया पर प्रचार से पहले लेनी होगी अनुमति, आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

 सोशल मीडिया और वेबसाइट पर चुनावी प्रचार के लिये भी अनुमति लेनी होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने माना है कि सोशल मीडिया और वेबसाइट भी रेडियो-केबल टीव्ही की तरह इलेक्ट्रोनिक मीडिया हैं। जिस पर किए जाने वाले चुनाव प्रचार को कानूनी रूप में विनियमित करना आयोग का अधिकार है।    

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले चुनावी प्रचार का खर्चा संबधित प्रत्याशी के खाते में शामिल करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही राजनैतिक दलों व उम्मीदवारों से भी कहा है कि बिना अनुमति के सोशल मीडिया का उपयोग चुनावी प्रचार में न करें।
    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में जारी दिशा निर्देशों में साफ किया गया है कि सोशल मीडिया मसलन ट्विटर, फेसबुक, यू-ट्यूब, विकीपीडिया और एप्स पर कोई भी विज्ञापन या एप्लीकेशन देने से पहले इसका प्रमाणीकरण कराकर विधिवत अनुमति ली जाए। यह अनुमति मीडिया सर्टिफिकेशन ऑफ मॉनीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) देगी। इसके लिये राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा।
    सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले विज्ञापन का खर्चा भी राजनैतिक दल अथवा प्रत्याशी के चुनावी खर्च में शामिल होगा। चुनावी खर्चे में उन व्यक्तियों  एवं टीम के वेतन व भत्ते भी शामिल होंगे, जो उम्मीदवार या राजनैतिक दल का सोशल मीडिया एकाउण्ट या वेबसाइट संचालित करने का काम करते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता पूरी तरह से लागू रहेगी। साथ ही वेबसाइट और सोशल मीडिया एकाउण्ट पर पोस्ट की जाने वाली सामग्री इसके अधीन रहेगी।  
खास बातें-
  • सोशल मीडिया पर विज्ञापन पोस्ट करने से पहले निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर लेनी होगी विधिवत अनुमति।
  • सोशल मीडिया पर दी जाने वाली प्रचार सामग्री पर भी आचार संहिता लागू रहेगी।
  • राजनैतिक दल या उम्मीदवार की ओर से वेबसाइट और एकाउण्ट संचालित करने वाले टीम के वेतन व भत्ते का खर्च भी उसके चुनावी खर्चे में जुड़ेगा।
  • ट्विटर, फेसबुक, यू-ट्यूब, विकीपीडिया और एप्स पर चुनावी विज्ञापनों पर रहेगी कड़ी नजर।

सामान्य, व्यय एवं पुलिस प्रेक्षकों की उपस्थिति में अभ्यर्थियों की बैठक, आदर्श आचार संहिता का पालन अभ्यर्थी अवश्य करें, चुनाव संपन्न कराने में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाही - कलेक्टर

(फोटो प्राप्त नहीं )  विधानसभा उपनिर्वाचन 2020 में पांचों विधानसभा क्षेत्रों के 67 अभ्यर्थी आदर्श आचार संहिता का पालन करें। आदर्श आचार संहिता में किसी भी प्रकार की घटना या ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, शान्तिपूर्ण तथा पारदर्शी संपन्न कराने में बाधा उत्पन्न हो। ऐसा कहीं होते हुये पाया गया तो चुनाव नियमों के तहत सख्त कार्रवाही होगी। यह बात अंबाह, दिमनी, मुरैना के सामान्य प्रेक्षक श्री अहमद नदीम ने न्यू कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुये कही। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने कहा कि विधानसभा उपनिर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण संपन्न कराने में सभी अभ्यर्थी सहभागी बनें।  

    सुमावली, जौरा के सामान्य प्रेक्षक श्री अनिमेष कुमार पाराशर ने कहा कि पूरी तरह आदर्श आचार संहिता का पालन हो। कमजोर व्यक्ति भी बिना रूकावट के निर्भीक होकर मतदान कर सकें। लोकतंत्र के पर्व को सहभागिता के साथ मनायें।
    पुलिस प्रेक्षक श्री अनूप बिरथर ने कहा कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण संपन्न कराने के लिये फोर्स की कमी नहीं है। अभी पांच कंपनी मुरैना आ चुकी है। जिन्हें वल्नरेवल क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों पर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा किसी भी क्षेत्र में शराब या अन्य सामग्री वितरण होने की शिकायत मिलती है तो उसकी सूचना हमारे दूरभाष नंबर पर दें। किसी वोटर को कोई डरा या धमका रहा हो तो उसकी सूचना भी हमें दूरभाष पर दे सकते है। इसके अलावा सामान्य, पुलिस प्रेक्षक सायं 4 से 5 बजे तक सर्किट हाउस मुरैना पर उपलब्ध रहेंगे। कोई सीधे भी संपर्क कर सकते है।
    दिमनी, अंबाह के व्यय प्रेक्षक श्री अंकुर यादव ने कहा कि कोई भी अभ्यर्थी 10 हजार से अधिक नगद भुगतान नहीं करेगा। जो भी भुगतान करेगा उसे चैक या अन्य बैंकिंग द्वारा खुलवाये गये अकाउंट से भुगतान करेगा। इसके लिये दिमनी विधानसभा क्षेत्र के अभ्यर्थियों को 23, 27, 31 अक्टूबर को बिल व्हाउचर, लेखा-जोखा, रजिस्टर आदि का अवलोकन कराना होगा। इसी प्रकार अंबाह के लिये 22, 28 अक्टूबर एवं 1 नवम्बर को अभ्यर्थियों को व्यय की जानकारी प्रतिनिधि या स्वयं उपस्थित होकर अवलोकन करानी होगी। इसके अलावा जौरा, सुमावली और मुरैना के व्यय प्रेक्षक व्यय की जानकारी देने के लिये उपस्थित होकर अलग से अभ्यर्थियों को बतायेंगे।
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सभी को करना है। चुनाव गतिविधियों में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाही होगी। चुनाव के दौरान छोटी सी छोटी घटना सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल होती है। यह न सोचा कि हमें कोई जानकारी न मिलेगी। पांचो विधानसभा क्षेत्र में कहीं भी किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री वितरण न हो। मतदाता को मत देने से कोई रोकता है तो उसके खिलाफ चुनाव नियमों के तहत कार्रवाही होगी। उन्होंने कहा कि पांचों विधानसभा क्षेत्र में 1448 मतदान केन्द्र थे, किन्तु कोविड-19 के कारण मतदाताओं की संख्या एक हजार होने पर 278 सहायक मतदान केन्द्र बनाये गये है। यह मतदान केन्द्र मूल मतदान केन्द्र केस समीप ही होंगे। इस प्रकार कुल 1726 मतदान केन्द्र है।  
    जिनमें जौरा विधानसभा क्षेत्र में 370, सुमावली मे 348, मुरैना में 376, दिमनी में 315 और अंबाह में 317 मतदान केन्द्र है। उन्होंने कहा कि पांचों विधानसभा क्षेत्र में मतदान करने के लिये 11 लाख 77 हजार 308 मतदाता मतदान करेंगे। जिसमें 6 लाख 41 हजार 994 पुरूष, 5 लाख 35 हजार 268 महिला तथा 46 अन्य मतदाता है। उन्होंने बताया कि जिले में ईटीपीवीएस के तहत पोस्टल बैलेट 8 हजार 633 है। जिनमें 8 हजार 511 पुरूष एवं 122 महिला मतदाता है। उन्होंने बताया कि 80 से अधिक आयु वाले मतदाता है। जिसमें जौरा में 1 हजार 786, सुमावली में 1 हजार 366, मुरैना में 2 हजार 204, दिमनी में 1 हजार 789 और अंबाह में 1 हजार 814 मतदाता है। जो अपने घर से आयोग द्वारा निर्धारित तिथि से वोट करेंगे। इसके लिये जिले में टीम गठित कर दी गई है। यह टीमें पूर्ण तैयारी के साथ मतदाता के घर पहंुचेगी और मतदान करायेगी। अभ्यर्थी अगर चाहें तो मतदान केन्द्र वार बनाये गये पोलिंग एजेन्ट के लिये संबंधित आरओ से अनुमति जारी कराकर उस दौरान पोलिंग एजेन्ट उपस्थित रह सकते है।  
    कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने बताया कि सामान्य प्रेक्षक जौरा, सुमावली के श्री अनिमेष कुमार पाराशर का मोबाइल नम्बर 6261874538 है। इनके लायजनिंग ऑफीसर लोक निर्माण विभाग सबलगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी श्री पुष्कल प्रताप है। इनका मोबाइल नम्बर 9981044395 है। मुरैना, दिमनी, अंबाह के लिये सामान्य प्रेक्षक श्री अहमद नदीम है, इनका मोबाइल नंबर 7987610577 है। इनके लायजनिंग ऑफीसर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री श्री जीके श्रीवास्तव होंगे। इनका मोबाइल नम्बर 9993933514 है। यह दोनों प्रेक्षक सर्किट हाउस में रूके हुये है। इनसे मिलने के लिये सायं 4 से 5 बजे तक मिल सकते है।    
    दिमनी एवं अंबाह के लिये व्यय प्रेक्षक श्री अंकुर यादव है, इनका मोबाइल नम्बर 8770257205 है। इनके लायजनिंग ऑफीसर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्री विनोद कुमार श्रीवास्तव है। इनका मोबाइल नम्बर 7000826450 है।
     जौरा, सुमावली और मुरैना के लिये व्यय प्रेक्षक श्री रवीन्द्र कुमार है, इनका मोबाइल नम्बर 8770230926 है। इनके लायजनिंग ऑफीसर नगर निगम मुरैना के श्री रहीम चौहान है। इनका मोबाइल नम्बर 7987599423 है। इनका अलावा पांचों विधानसभा क्षेत्र के लिये पुलिस प्रेक्षक श्री अनूप बिरथर है, इनका मोबाइल नम्बर 8770624914 है। इनके लायजनिंग ऑफीसर उप निरीक्षक पुलिस श्री जोगेन्द्र यादव है। इनका मोबाइल नम्बर 8719003833 है। पुलिस प्रेक्षक भी सायं 4 से 5 बजे सर्किट हाउस मुरैना पर ही मिल सकेंगे।  
    इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री उमेश प्रकाश शुक्ला, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एलके पाण्डे, पांचों विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफीसर तथा पांचों विधानसभा क्षेत्रों के 67 अभ्यर्थी एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आबकारी विभाग द्वारा 3 प्रकरण कायम किये गये

 मुरैना जिले में कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी श्री जावेद अहमद द्वारा गठित दल ने विधानसभा उप निर्वाचन 2020 के तहत अवैध मदिरा एवं मादक द्रव्य के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत सोमवार को जिले में दबिश देकर कुल 3 प्रकरण कायम किये गये। जिसमें लगभग 12.6 बल्क लीटर मदिरा जप्त कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम किए गए। जप्त मदिरा की कीमत लगभग 4 हजार 900 रुपये है।    

मतदान केन्द्रों पर दिव्यांग मित्र तैनात करें व वहां झूला घर भी बनायें

 3 नवम्बर को मुरैना जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में उप निर्वाचन 2020 के तहत मतदान सम्पन्न होगा। मतदान के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए दिव्यांग मित्रों की तैनाती की जायें। साथ ही मतदान केन्द्रों के बाहर झूला घर भी तैयार कराया जाये, ताकि महिला मतदाताओं के साथ आने वाले छोटे बच्चों की वहां देखरेख की जा सके। इस कार्य के लिए गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को तैनात किया जा सकता है। यह निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग वर्मा ने दिए है। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन मतदान केन्द्रों पर विद्युत आपूर्ति निर्बाध सुनिश्चित हो, इसके लिए विद्युत कम्पनी के उपयंत्री तैनात किए जाये, यदि विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है तो उस स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी लाईट व सौलर लाइट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाये।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि चुनाव ड्यूटी में तैनात वहां अधिकारी, कर्मचारियों को चुनाव कर्त्तव्य प्रमाण पत्र वितरित किए जायें, ताकि वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चुनाव प्रचार में लगे वाहनों का निरीक्षण किया जाये। वाहनों पर से नेमप्लेट, हूटर व सायरन हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि मतदान सामग्री वितरण वाले दिन मतदान दलों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए प्राप्त सामग्री का भी वितरण किया जायेगा। इसके लिए अधिकारी, कर्मचारी तैनात किए जायें, ताकि सामग्री का वितरण सही ढंग से हो सके। उन्होंने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन लाने ले जाने वाले वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि मोबाइल नेटवर्क विहिन क्षेत्र ‘‘शेडो एरिया‘‘ में वायरलेस सिस्टम के माध्यम से संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

विज्ञापनों के सम्बन्ध में आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश

 भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन अवधि के दौरान प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए मार्गदर्शी सिद्धांतों को प्रभावशील कर लागू किया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइड लाइन में आदर्श आचार संहिता को सर्वोपरि मान्य किया गया है। आयोग ने कहा है कि समाचार माध्यमों से प्रकाशित-प्रसारित करने के पूर्व विज्ञापनों के मामले में यह सुनिश्चित किया जाए की उनमें नैतिकता एवं शिष्टता हो तथा किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आघात ना पहुंचे। आयोग ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए है कि ऐसा कोई विज्ञापन प्रकाशित नही किया जाए जो किसी भी जाति, धर्म, रंग, पंथ और राष्ट्रीयता का उपहास करता हो। ऐसा विज्ञापन जो संविधान के किसी भी उपबंध के विरूद्ध हो, प्रकाशित एवं प्रसारित नहीं होना चाहिए। इसी प्रकार अपराध करने, हिंसा करने या लोगों को भड़काने की प्रवृत्ति रखता हो, किसी भी प्रकार की अश्लीलता दर्शाता हो, राष्ट्रीय समप्रतीक का अनादर करता हो, नारी के लिए किसी भी प्रकार से अपमानजनक हो या उपहास करता हो, दहेज, बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराईयों से लाभ उठाता हो आदि से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित एवं प्रसारित नहीं किए जाने चाहिए।

मतदान केन्द्र की 100 मीटर परिधि में मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित

 विधानसभा उप निर्वाचन 2020 हेतु मतदान दिवस पर मतदान केन्द्र की 100 मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति मोबाइल या कार्डलेस फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा तथा अभ्यर्थी मतदान केन्द्र से 200 मीटर की परिधि के अंदर कोई भी बूथ नहीं बना सकेगें। 3 नवम्बर को निर्वाचन संपन्न होने तक मतदान केन्द्र की 100 मीटर की परिधि अंतर्गत कोई भी व्यक्ति मोबाइल, कार्डलेंस फोन का उपयोग नहीं करेगा, परन्तु यह प्रतिबंध पीठासीन अधिकारी एवं निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, सुरक्षा में लगे अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारी पर लागू नहीं होगा, इन अधिकारियों को भी अपना मोबाइल साइलेंट मोड में रखना होगा।

    किसी भी स्थिति में ऐसे बूथों के पास भीड़ को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी जाएगी न ही मतदान केन्द्र पर ऐसे व्यक्ति को आने की अनुमति दी जाएगी, जो पहले ही मतदान कर चुका हो, यह बात उसकी बायी तर्जनी पर लगी अमिट स्याही से प्रमाणित हो जाएगी। बूथों पर बैठे हुये व्यक्ति मतदान केन्द्र पर जाने वाले मतदाताओं के रास्ते में किसी भी तरह की रूकावट नहीं डालेगा अथवा दूसरे उम्मीदवार के बूथों पर जाने से उन्हें नहीं रोकेगे या मतदाताओं को स्वयं उनकी इच्छानुसार मताधिकार का प्रयोग करने में किसी प्रकार की रूकावट नहीं डालेगें। मतदान के दिन मतदान केन्द्र, अभ्यर्थी के बूथ पर बैठने वाले मतदान एजेंट, कार्यकर्ता के लिए यह आवश्यक होगा कि वह उसी मतदान केन्द्र का वोटर हो और उसके पास साथ में फोटो परिचय पत्र अथवा शासन द्वारा जारी किया गया ऐसा पहचान पत्र हो जिस पर उसका फोटो लगा हो। मतदान एजेंट किसी भी स्थिति में मतदान के दिन मतदान केन्द्र से संबंधित मतदाता सूची मतदान समाप्ति से पूर्व अपने साथ मतदान केन्द्र से बाहर नहीं ले जा सकेगा।