शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

अमरसिंह को भारी पड़ सकती है उनकी लफ्फ़ाजी

अमरसिंह को भारी पड़ सकती है उनकी लफ्फ़ाजी

निर्मल रानी, 163011, महावीर नगर,  अम्बाला शहर,हरियाणा

email: nirmalrani@gmail.com फोन-0171-2535628

              फिल्मी गीताें व फ़िल्मी गंजलों के मुखड़ों को संवाद दाताओं के  प्रश्नों के उत्तर के रूप में पेश करने में महारत रखने वाले समाजवादी पार्टी नेता अमरसिंह को आने वाले दिन भारी पड़ने की संभावना नंजर आ रही है। यूं तो अमरसिंह समाजवादी पार्टी के महासचिव पद पर विराजमान हैं।परंतु दरअसल उनका कार्य समाजवादी पार्टी के लिए जनसंपर्क अधिकारी के रूप में कार्य करने का है। फ़ि ल्म जगत के प्रमुख चेहरों को समाजवादी पार्टी से जोड़ने का श्रेय भी अमरसिंह को ही जाता है। अमिताभ बच्चन,अनिल अंबानी तथा सुब्रतोराय सहारा जैसी देश की अतिविशिष्ट शख्सियतों को मुलायम सिंह के ंकरीब  लाने का श्रेय भी इन्हीं के सिर पर है। अब समाजवादी पार्टी के हित के लिए इतनी बड़ी शख्सियतों को जोड़ने के लिए अमर सिंह को स्वयं क्या कुछ करना पड़ता है यह एक अलग सी बात है। कभी अमरसिंह की पार्टी के प्रमुख नेता रहे राजबब्बर तथा आंजम खां जैसे लोग इस विषय पर ज्यादा बेहतर रौशनी डाल सकते हैं।

              जहां समाजवादी पार्टी के देश की बड़ी शख्सियतों से  संबंध मधुर बनाने में अमरसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है वहीं समाजवादी पार्टी छोड़कर जाने वाले नेतागण भी अमर सिंह को ही अपने मनमुटाव का मुख्य कारण बताते हैं। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुछ ऐसे तथ्य उजागर किए गए जिनसे यह संकेत मिलता हैकि अमरसिंह ने समाजवादी पार्टी के उत्तरप्रदेश में सत्ता में रहते हुए शासन का किस प्रकार दुरुपयोग किया था। इस संबंध में जांच भी शुरू हो चुकी है। ऐश्वर्या राय के नाम पर कालेज खोलने को लेकर ंजमीन संबंधी उपजे विवाद में अमिताभ बच्चन का नाम आने की जड़ ंमें भी अमरसिंह की ही महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां तक कि अंबानी बंधुओं के मध्य मतभेद बढाने में भी इन्हीें का नाम लिया जा रहा है। इन सभी उतार-चढावों के बीच जब कभी मीडिया अमरसिंह से कुछ पूछना चाहता है तो अमरसिंह कभी ंफरमाते हैं कि हमें तो लूट लिया मिल के हुस्न वालों ने और कभी कहते हैं मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं। अमरसिंह का मीडिया प्रेम भी जगंजाहिर है। पिछले दिनों अपने एक आप्रेशन के दौरान सिंगापुर के हास्पिटल में बीमारी की हालत में  एक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ में बैठे पत्रकारों से उन्होंने बातचीत की।

              परंतु ऐसा लगता है कि अब अमरसिंह पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो चुके हैं। उनके फ़ि ल्मी गीतों के मुखड़े बोलते रहने का समय अब जाने वाला लगता है। ऐसा माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की निरंतर गिरती जा रही साख के लिए भी अमरसिंह को ही ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा 6 दिसंबर 1992 की अयोध्या घटना के मुख्य अभियुक्त कल्याण सिंह को समाजवादी पार्टी के ंकरीब लाने के  ंफैसले के भी आप ही ंजिम्मेदार हैं। अमरसिंह ने यह राजनैतिक सपना मुलायम सिंह को दिखाया था कि मुस्लिम व यादव मतों पर हमारा अधिकार तो है ही परंतु कल्याण  सिंह के  समाजवादी पार्टी के समर्थन से लोध तथा पिछड़ी जातियों के मत भी समाजवादी पार्टी के पक्ष में आएंगे। परंतु गत् लोकसभा चुनावों में अमरसिंह की गणित उल्टी पड़ गई। अपना भी जनाधार खोते जा रहे कल्याण सिंह की बदौलत न तो लोध व पिछड़े मतों का रुझान समाजवादी पार्टी की तरंफ हुआ और मुस्लिम मत भी कल्याण-मुलायम की बढ़ती दोस्ती के परिणामस्वरूप समाजवादी पार्टी से दूर होते सांफ नंजर आए।

              सोने पर सुहागा तो यह कि जिस कल्याण सिंह को मुस्लिम समुदाय ं  देखना भी पसंद नहीं करता उन्हें लेकर पिछले दिनों लखनऊ में हुए शहर पश्चिमी विधानसभा सीट के उपचुनाव के दौरान आपने एक ऐसी टिप्पणी कर डाली जिससे मुस्लिम समाज न केवल उनसे ख़ंफा हो गया बल्कि अमरसिंह के विरुद्ध शहर कोतवाली में धार्मिक भवनाओं को ठेस पहुंचाने संबंधी एक मुंकदमा भी दर्ज करवा दिया गया ।  4 नवंबर की इस घटना में अमरसिंह ने समाजवादी पार्टी के एक मुस्लिम प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने हेतु मुस्लिम समुदाय का आहवान् किया। एक सार्वजनिक सभा में कल्याण सिंह व मुलायम सिंह की दोस्ती को जायंज ठहराते हुए अमरसिंह ने ंफरमाया कि कल्याण सिंह समाजवादी पार्टी के लिए हंजरत हुर्र के समान हैं तथा भारतीय जनता पार्टी के लिए यह भस्मासुर की तरह हैं। अमरसिंह की यह टिप्पणी मुस्लिम समुदाय को बहुत नागवार गुंजरी तथा वे अमरसिंह के विरुद्ध मुंकदमा दर्ज करा बैठे।

              आईए संपेक्ष में आपको बताते हैं हंजरत हुर्र का जीवन चरित्र। छठवीं सदी में जब सीरियाई मुस्लिम शासक यंजीद ने हज़रत इमाम हुसैन के परिजनों को ंकत्ल करने की मंशा से करबला स्थित फु रात नदी के किनारे घेरा उस समय हुर ही यज़ीद की सेना का सेनापति था। हुर ने ही यंजीद के हुक्म पर हंजरत हुसैन व उनके परिवार के तंबुओं को नदी के किनारे से उखाड़  फेंका था तथा उन्हें पानी से दूर रहने के लिए इसलिए मजबूर किया था ताकि भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें पानी नसीब न हो सके। 10 मोहर्रम की सुबह हुर को ही यंजीद के  सेनापति के रूप में हंजरत हुसैन व उनके सहयोगियों पर आक्रमण करना था।  परंतु 9-10 मोहर्रम की रात को यजीद का सेनापति हुर देर रात तक करवटें बदलता रहा। उसके जवान पुत्र तथा ंगुलाम ने जब हुर की बेचैनी का कारण पूछा तो उसने कहा कि यंजीद व हुसैन के मध्य सुबह से शुरू होने वाली लड़ाई सत्य तथा असत्य के बीच होने वाला युद्ध है। यंजीद क्रूर,दुष्ट,व्याभिचारी,दुराचारी तथा भ्रष्ट राजा है। परंतु शक्तिशाली है तथा दौलतमंद है। दूसरी ओर उसको मुस्लिम राजा के रूप में मान्यता प्रदान न करने वाले हंजरत हुसैन हंजरत मोहम्मद के सगे नाती हैं। वे सत्य व धर्म के सच्चे उपासक हैं । वे शक्ति में कमज़ोर भी हैं। ऐसे में एक ओर माल व दौलत, तरक्की तथा जागीर है तो दूसरी ओर शहादत,सच्चाई तथा स्वर्ग के द्वार। ऐसे में मैं यज़ीद की ओर से युद्ध करने के बजाए युद्ध की सुबह होने से पूर्व ही हंजरत हुसैन के चरणों में जाकर स्वयं को समर्पित करना चाहता हूं तथा उनसे मांफी भी मांगना चाहता हूं। हुर के पुत्र तथा ंगुलाम ने भी उनके इस ंफैसले का समर्थन किया तथा रातों रात यजीद का सेनापति हुर अपने पुत्र व ंगुलाम के साथ यंजीद की सेना को छोड़कर रात के अंधेरे में हंजरत हुसैन के चरणों में जा गिरा। हुसैन ने उसे मांफ किया। इतिहास साक्षी है कि  10 मोहर्रम को करबला में हुई लड़ाई में हंजरत हुसैन की ओर से शहीद होने वाले पहले तीन सैनिक यही थे। हुर की इस क़ुर्बानी के बाद ही उन्हें हंजरत हुर के  नाम से जाना गया।

              अब हंजरत हुर का चरित्र चित्रण सुनने के बाद क्या इसमें कोई ऐसी गुंजाईश नज़र आती है जिससे कि कल्याण सिंह की तुलना हंजरत हुर से की जा सके। हुर ने सच्चाई का साथ देने के लिए यंजीद का साथ छोड़ा था। परंतु कल्याण सिंह ने भाजपा इसलिए छोड़ी थी क्योंकि भाजपा ने उनके पुत्र को लोकसभा का टिकट देने से इंकार कर दिया था। दूसरी बात यह कि कल्याण सिंह पहली बार भाजपा से अलग नहीं हो रहे थे। इसके  पहले भी वे अटल बिहारी वाजपेयी के विषय में अनाप-शनाप बोले थे तथा पार्टी से निकाल दिए गए थे। यह दूसरा मौक़ा था जबकि कल्याण सिंह पार्टी से निकाले गए तथा उन्हें अकेला देखकर सपा जनसंपर्क अधिकारी अमरसिंह ने उनसे संपर्क साधा और न जाने किस समीकरण के तहत कल्याण सिंह, अमर सिंह को सपा के लिए लाभकारी नंजर आए और वह भी इतने कि उनमें अमरसिंह को हंजरत हुर सी समानता भी नंजर आने लगी।

              कल्याण सिंह द्वारा समाजवादी पार्टी को जो नुंकसान पहुंचा उसका सिलसिला केवल लोकसभा चुनावों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश विधान सभा के हुए उपचुनावों में भी समाजवादी पार्टी की अच्छी ंफंजीहत हुई। यहां तक कि ंफिरोंजाबाद लोकसभा सीट के उपचुनाव में जहां कि सपा ने अपनी पूरी तांकत झोंक दी थी वहीं अमरसिंह के ही सबसे बड़े आलोचक समझे जाने वाले कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर ने मुलायम सिंह की बहुरानी डिंपल यादव को भारी मतों से पराजित कर दिया। ख़बर है कि इसी ंफिरोज़ाबाद की सीट की हार ने मुलायम ंसिंह यादव को यह चिंतन करने के लिए मजबूर कर दिया है कि अमरसिंह के ऐसे ंफैसले आगे और कब तक? उनकी लंफंफांजी और ंफिल्मी गीतों व ंगंजलों के मुखड़े अब और कब तक? ऐसे में आपका भी यह सोचना न्यायसंगत हो सकता है कि देश की राजनीति की छाती पर अमर सिंह जैसे लंफंफाज़ों की सवारी और कब तक?  निर्मल रानी

 

गुरुवार, 19 नवंबर 2009

अम्बाह में युवक की गोली मारकर हत्या : मृतक हत्या का अरोपी था (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

अम्बाह में युवक की गोली मारकर हत्या : मृतक हत्या का अरोपी था

अम्बाह.मुरैना. पूर्व रंजिश को लेकर बुधवार को अम्बाह में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। अम्बाह में सब्जी मण्डी क्षेत्र में हुई उक्त वारदात का अरोपी घटना स्थल से भाग जाने में सफल रहे।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सब्जी मण्डी क्षेत्र अम्बाह में बुधवार को सायं 4 बजे के करीब छिन्नू पुत्र रामप्रकाश श्रीवास उम्र 26 वर्ष को 4-5 हमलावरों ने घेर कर पहिले लाटियों से हमला  किया फिर गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने  बताया कि मृतक छिन्नू श्रीवास दिमनी थाना क्षेत्र के ग्राम बरेथा का रहने वाला था । और दो वर्ष पूर्व उसने गॉव के ही एक राठौर समाज के युवक की हत्या कर दी थी।

जमानत पर जेल से वाहर छिन्नू श्रीवास आज अम्बाह आया हुआ था जहॉ पर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुची और घटना स्थल का मुआयना कर शहर की नाका बंदी कर हत्या के आरोपियों की पतारसी शुरू कर दी है। घटना के बाद सब्जी मंडी क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया। भयभीत महौल में अपनी अपनी दुकाने बंद करली पुलिस ने घटना को पुरानी रंजिश बताया हैं। पुलिस बताया है कि शव को मेडीकल परीक्षण हेतु अस्पताल भेज दिया है और हत्या के आरोपियों के विरूद्ध मामला कायम कर लिया है।

 

राधा के अपहरण कर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही की मॉग (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

राधा के अपहरण कर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही की मॉग

मुरैना. सिविल लाईन थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़िया खेड़ा से गत माह की 23 तारीख को घर से जेवर व नगदी लेकर गायब हुई राधा नामक युवती के पति ने उसके उपहरण की आशंका जताते हुये नामजद अपहृत कर्ताओं के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा आरोपियों के चंगुल से राधा को मुक्त कराने की पुलिस प्रशासन से मांग की है।

ग्राम मुड़िया खेरा निवासी छोटीली पुत्र रामजीलाल नट ने अरोप लगाया है की उसकी पत्नी राधा का 23.10.09 को आरोपीगढ़ उस समय घर फुसला कर भगाकर ले गये। जब वह रिश्तेदारी में अम्बाह गया था। प्रार्थी ने घटना के दूसरे दिन सिविल लाईन थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई अगर पुलिस ने आज दिनांक तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। छोटल्ली ने पुलिस प्रशासन से अविलम्ब कार्यवाही की मॉग की है।

 

पत्रकार अशोक शर्मा की माताश्री का निधन (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

पत्रकार अशोक शर्मा की माताश्री का निधन

मुरैना..पत्रकार अशोक शर्मा की माताजी रेवती देवी का विगत दिवस धिन हो गया ,केशव कालोनी निवासी अशोक शर्मा के निवास पर आज दिवंगत रेवती शर्मा को शहर के पत्रकार व राजनैतिक दलों के नेताओं ने पहुंच कर श्रद्धासुमन अर्पित किये गुढा चम्बल निवासी रेवती देवी अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड गईं है उनके पुत्र अशोक शर्मा पत्रकार है और सुरेश शर्मा भाजपा के  नेता हैं।

 

सहायिकाओं को प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र वितरित (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

सहायिकाओं को प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र वितरित

बानमोर- पंवाया रोड़ स्थिति आंगनवाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र पर 60 साहिकाओं महिलाओं को ट्रेनिग देकर संस्था संचालक द्वारा प्रमाण पत्र वितरण किऐ गऐ।

संस्था संचालक योगेश माथुर ने बताया कि जौरा सबलगढ़ मुरैना कैलारस से ट्रेंनिग के लिए आयी 60 सहायिकाओ को 7 दिन

ट्रेनिग देकर उन्हेंप्रमाण पत्र वितरण किए गये। ट्रेनिग के दौरान तारो की छाव हम सैर करने जायेगे। तथा हाथी आया झूम के धरती मॉ को चूमके। नायक कविता महिलाओं द्वारा सुनाई गई। ट्रेनिक के दौरान उपसंचालक शिवकुमार शर्मा डी.पी.ओ डीके सिद्धार्थ एवं अपर तहसीलदार भरत कुमार द्वारा केन्द्र का निरीक्षण किया तथा महिलाओं के कार्यक्रम को सराहा

 

एन.पी.शर्मा के निधन पर शोक सभा आयोजित (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

एन.पी.शर्मा के निधन पर शोक सभा आयोजित

मुरैना.श्री एनपीशर्मा प्रातांध्यक्ष पेंन्शर्न्स एसो. म.प्र. एवं पूर्व प्रातांध्यक्ष तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ म.प्र. के आकस्मिक निधन पर पेंन्शनर्स एसो. जिला शाखा मुरैना द्वारा श्री एम.एस. नागलीय की अध्यक्षता में एवं शोकसभा का आयोजन किया गया।

श्री नागलीय जी ने बताया कि शर्मा का निधन पेर फिसलने से उनके  पखोंरे की हडडी टूटने से दिंनाक 17 नवम्बर09 को हुआ

। वे 80 वर्ष के थे और अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड गये है। जिला शाखा मुरैना द्वारा उनकी आत्मा की शान्ति हेतु तथा उनके परिवार के हुई क्षति के सहन करने हेतु परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की। प्रार्थना के करने वालों में श्री ओपी पलिया कोषाध्यक्ष, श्री गोपालदास गर्ग महामंत्री एवं श्री एमएस नागलीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदि े पेन्शर्स उपस्थित थे।

 

मुरैना शहर में आधी रात को सशस्त्र डकैती,मुखिया को बंधक बनाकर की तीन लाख से अधिक की डकेती (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

मुरैना शहर में आधी रात को सशस्त्र डकैती,मुखिया को बंधक बनाकर की तीन लाख से अधिक की डकेती

लूट के  बाद डकेती, सिटी कोतवाली पुलिस को खुली चुनौती

 

बिजली कम्पनी का कर्मचारी है पदमचंद, अगले माह है बेटी की शादी

मुरैना...शहर की पुरानी जीन में रहने वाला पदम चंद जैन मुरैना में बिजली कम्पनी का एक कर्मचारी है और उसकी बेटी की अगले  माह की 12 तारीख को उसकी बिटिया की शादी है आर्थिक रूप से कमजोर पदमचंद जैन ने बेटी के पीले हाथ करने का संकट है। बदमाश उसकी सारी कमाई को समेट कर ले गये,जैन के यहा पर हुई उक्त घटना के बाद समाज ब राजनैतिक दलों के नेताओं द्वारा सहाभूति जताने के लिये तांता लगा है।

 

 

मुरैना 18 नवम्‍बर 09..शहर की पुरानी जीन क्षेत्र में बीती रात को हुई सशस्त्र डकेती की घटना में अज्ञात बदमाश तीन लाख से अधिक का माल समेट कर लेगये घर के मुखिया को बंधक बना कर बदमाश परिवार के अन्य सदस्यों को बंदूक का भय दिखाकर डकेती की बारदात को अंजाम देने में सफल रहे पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के बिरूद्ध मामला कायम कर उनकी पतारसी शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों से उक्त बारदात के संबन्ध में मिली जानकारी के अनुसार पुरानी जीन में रहने वाले पदमचंद जैन के मकान पर सीढी लगा कर आधी रात को अज्ञात बदमाश घर में घुस आये और उन्होने घर के अंदर रखी अलमारी व संदूको के ताले चटकाये उसी दौरान पदमचंद व परिवार के अन्य सदस्यों की नींद खुल गई तो उन्होने बिरोध किया तो बदमाशों ने पदमचंद के हाथ पैर बांध दिये और अन्य सदस्यों के सीने से बंदूक अडा कर उन्हे जाने से मारने की धमकी देकर तीस हजार रूपये नगदी व तीन लाख के सोने ,चांदी के आभूषण समेट कर भाग निकले। पदमचंद  का कहना है कि बदमाश की संख्या चार पांच थी किसी के हाथ में बंदूक तो किसी के हाथ में कट्टा तथा लाठी फरसा था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग शर्मा का कहना है कि जीन घटना पर शहर कोतवाली पुलिस ने वहरहाल अज्ञात लुटेरो के बिरूद्ध मामला कायम कर लिया है और घटना का मौका मुआयना कर पुलिस बदमाशों की पतारसी में जुट गई है। श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस बदमाशों का शीघ्र पता लगाने में सफल होगी ऐसी उन्हे आशा है।

बताया जाता है कि बदमाश मौके पर एक तेहमद छोड गये है जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है। शहर में हुई उक्त सनसनी खेज डकेती की वारदात से पुलिस की सक्रियता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है ब्यापारी वर्ग में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई।

शहर में बीते माह की 28 तारीख को पुराना बस स्टेन्ड पर गल्ला ब्यापारी गोपाल गुप्ता हुई दिन दहाडे तीन लाख की लूट और दो लोगों को अज्ञात व्‍यक्तियों द्वारा गोली मारे जाने की घटनाओं का शहर कोतवाली पुलिस अभी सुराग नही लगा सकी है और जीन में बीती रात को हुई  सनसनी डकेत की बारदात सिटी कोतवाली पुलिस के लिये एक कडी चुनौती है। बदमाश , लुटेरों की से मिली खुली चुनौती पर पार पाने में सिटी कोतवाली को कितने समय में सफला मिलेगी यह तो आने वाला समयही बतायेगा वहरहाल लूट और डकेती बारदातओं ने शहर कोतवाली पुलिस की परेशानी पढा दी है।

ब्यापार मंडल ने दी पीडित को 21 हजार की सहायता

मुरैना..ब्यापार मंडल के सहसचिव रामसेवक गुप्ता पोरसा वाले  घटना का सूचना मिलने पर पदमचंद जैन के घर पहुंचे उन्हे सांत्वना देते हुए बच्ची की शादी हेतु ब्यापार मंडल की ओर से  21 हजार की नगद  राशि की सहयाता दिये जाने की घोघणा की । ब्यापार मंडल ने पुलिस प्रशासन से डकेत की घटना का शीघु पर्दाफास करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने की मांग की है।