रविवार, 5 अप्रैल 2015

गौ रक्षा पर दो बातें हमारी भी सुन लीजिये

गौ रक्षा पर अपनी बात , हमारा मंतव्य - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद''
कुछ दिन से गौ रक्षा पर बड़े संदेश मिल रहे हैं, व्हाटस एप्प पर भी, फेसबुक पर भी , कई लोग पेज बना कर, ग्रुप बना कर उसमें शामिल कर रहे हैं, खैर हम केवल इतना कहना और याद दिलाना चाहेंगें कि चन्द्रवंश का तोमर क्षत्रिय राजपूत राजवंश का राज चिह्न ही है ''गौ बच्छा रक्षा'' का निशान , और चन्द्रवंशीय क्षत्रिय तोमरों का राज चिह्न परम पराक्रमी महाभारत योद्धा पांडव इन्द्रप्रस्थ महाराज अर्जुन और उनके पौत्र ( अभ‍िमन्यु के पुत्र) महाराजा परीक्षत के महाभारत पर शासनकाल से ही है , स्वयं भगवान श्री कृष्ण द्वारा इसे तोमर राजवंश का राजचिह्न बनवाया गया था । हमारा यह राजचिह्न भगवान श्रीकृष्ण के साथ पांडवों द्वारा मूल निशान , मूल स्थान प्रयाग राज में स्थापित किया गया है और आज दिनांक तक सुरक्ष‍ित है, यह राज चिह्न या हमारा राज निशान हमारे हर किले पर , हमारे हर सिंहासन के ऊपर प्रतिष्ठ‍ित रहता आया है , चाहे वह इन्द्रप्रस्थ का किला हो ( पुराना किला - लालकोट परिसर दिल्ली) या चाहे ऐसाहगढ़ी का गढ़ हो या ग्वालियर का किला , ग्वालियर के किले में किले के ऊपर , किले के राजद्वार ( महाराजा मान सिंह तोमर के राजमहल के राजद्वार पर मंडप चौकी में अलग से प्रतिष्ठ‍ित था ) यह मंडप व चौकी आज भी राजमहल के द्वार पर मौजूद है , इसके अलावा ग्वालियर के किले के नीचे तराई में हर पौर के द्वार पर इसकी समुचित स्थापना व प्रतिष्ठा थी , ऐसाहगढ़ी से लेकर हस्ति‍नापुर व इन्द्रप्रस्थ ( दिल्ली) और ग्वालियर तक पांडवों से लेकर हर राज सिंहासन पर जितने भी तोमर क्षत्रिय राजपूत महाराजा करीब 5500 वर्ष तक सिंहासनारूढ़ रहे , सभी के किलों, राजमहलों और राज सिंहासनों पर '' गौ बच्छा रक्षा'' केा राजचिह्न सदैव ही स्थापित व प्रतिष्ठ‍ित रहा है, तोमर राजवंश के 5500 वर्ष के शासनकाल केवल आज वाला टुकड़ा मात्र भारत ही नहीं अपितु समूचे सप्तद्वाीप , ब्रह्मांड तक , तीन लोक तक यह तोमर - पांडव क्षत्रियों की राजाज्ञा रही और समस्त संपूर्ण विश्व ब्रह्मांड चर अचर , लोक , सप्त लोक, तक गौयें और गौओं के जाये बछड़े सदैव पूर्ण  निर्भय और निष्कंटक विचरण एवं चरनोई सहित साम्राज्य वान , बने रहे, कुल मिला कर तोमर साम्राज्य तो महज प्रतीक था , दरअसल गौओं और बछड़ों , सनातन धर्म का सर्वत्र अखंड राज्य साम्राज्य और धर्म पताका पचरंगी, हरा झण्डा चौकोर जिस पर चन्द्रमा का चिह्न अखंड अकाट्य होकर दसों दिशाओं में चकवर्ती सामाज्य रूप में फहराता रहा है, यहॉं तक कि तोमर राजवंश के राज चिह्न ''गौ बच्छा रक्षा'' के निशान को किसी भी तंग करने, या मारने, श‍िकार करने , भोजन बनाने या सताने की आज्ञा नहीं थी , यहॉं तक कि किसी भी जंगली पशु , जानवर चाहे वह स्वयं सिंह ( शेर ) ही क्यों न हों , गौ और बच्छा को स्पर्श करना तो दूर की बात उनकी ओर देखना मात्र भी निषेध व वर्जित था और ऐसी कोई घटना होते ही दोषी के पूरे कुल कुटुम्ब परिवार खानदान सहित तत्काल मृत्युदंड देकर , बगैर किसी सुनवाई और सफाई के तुरंत मौत के घाट उतार दिया जाता था । तोमर क्षत्रिय राजपूत राजवंश में किसी भी निरपराध, निर्दोष एवं निर्बल व लाचार को दंड देने या उसकी सहायता न करने का सख्त का निषेध है, किन्तु श‍िकार का निषेध नहीं है, किंतु गौ बच्छा रक्षा के मामले में सब कुछ त्याग कर केवल कुल खानदान परिवार सहित दंड मृत्यु सुनिश्च‍ित प्रावधान रहा है । सनातन धर्म और तोमर साम्राज्य के समापन के पश्चात अब यह विषय तोमर राजवंश के लिये अपने राजचिह्न या भारत के राह चिह्न या संपूर्ण महाभारत व विश्व ब्रह्मांड के राजचिह्न की हत्या वध से ज्यादा कुछ नहीं है । अब यह कलयुगी राजाओं या कलयुगी नेताओं के साम्राज्य युग हैं , आचार विचार हीन, धर्म विहीन, नैतिकता व ज्ञान , बुद्धि हीन, ओज व तेज विहीन,  आज्ञा व आदेश हीन ऐसे राजा हैं जिनकी बात देवता, ब्रह्मांड और प्रकृति व मनुष्य तो क्या , खग मृग व पालतू कुत्ते तक नहीं मानते,  इनमें किसके साथ क्या हो रहा है , चूंकि यह लोग सनातन धर्म को ही मानते हैं, अधर्मी विधर्मी , नीति विरूद्ध , शास्त्र विरूद्ध एवं राजाज्ञा विरूद्ध प्रकार के गैर क्षत्रिय व गुलामों व अनुचर श्रेणीयों के कुंठित व क्षुब्ध लोग हैं और समस्त शास्त्रों में यह सब जो चल रहा है वह सब पूर्व से ही वर्ण‍ित है , लिहाजा तोमर राजपूत क्षत्रिय राजवंश इस मामले से अन्य कुराजनीति व कुशासन या कुशास्त्रीय व कुतार्किक व्यक्त‍ियों एवं संस्थाओं से स्वयं को दूर रखना चाहता है, जब तक धर्म हानि और पाप का घट भर कर संपूर्ण न हो जायेगा , तब तक उनका संपूर्ण विनाश नहीं होगा , गौ हत्या या तोमर राजवंश के राजचिह्न की हत्या केवल एक छोटा से पाप मात्र है, वरना इनके पापों की सूची तो बहुत गहरी, घृण‍ित व अति घोर दंडनीय है , वक्त आने दीजिये , कौरवों का जैसे , रावण का जैसे समूचा कुनबा कुटुम्ब सब नाश हुआ , इन सबका भी स्वत: ही हो जायेगा ..... हर पाप अंकित हो रहा है , हर अपराध यह प्रकृति दर्ज कर रही है ..... हालांकि तोमर राजवंश राजपूत क्षत्रिय राजकुल आज भी इतनी ताकत व सामर्थ्य रखता है कि इस संबंध में आज भी निजी राजज्ञा व हुकुम फरमान जारी कर सकता है और पूरे देश में कत्ल ए आम मचवा सकता है और तत्क्षण गौ हत्या बंद करवा भी सकता है और ऐसे आचार नीति व ज्ञान विहीनों को भारत से बाहर किसी भी वक्त खदेड़ भी सकता है, किन्तु शास्त्रों में ऐसी कोई राजाज्ञा या हुकुम फरमान जारी करने का यह वक्त मुकर्रर नहीं है , और उसका समय शास्त्रों में ही सुनिश्च‍ित है ....  केवल मात्र एक यही राजकुल व राजवंश है , जिसके राज निशान या राजचिह्न में न तलवारें मिलेंगीं , न शेर मिलेंगें, न ढाल मिलेगी, न अस्त्र शस्त्रों के निशान और न सांप बिच्छू मिलेंगें ..... बस केवल बच्छे को दूध पिलाती गाय की रक्षा ही मिलेगी .... यही हमारी धर्मध्वजा है, यही हमारा सनातन धर्म है, यही हमारा पांडवों का तोमर राजवंश का शासनकाल था ....... जय श्री कृष्ण .... जय जय श्री राधे

शनिवार, 21 जून 2014

दिवा स्वप्न बनी अटल ज्योति, बदलेगें कांग्रेस अध्यक्ष , घर घर फुंक गये मोदी , केजरीवाल से ज्यादा बुरा अंजाम मोदी का

दिवा स्वप्न बनी अटल ज्योति, बदलेगें कांग्रेस अध्यक्ष , घर घर फुंक गये मोदी , केजरीवाल से ज्यादा बुरा अंजाम मोदी का
मुरैना - डायरी
कुंवर उजागर सिंह चौहान
म.प्र. से काफूर हुई आखि‍रकार चुनावी अटल ज्योति
बड़े जोर शोर से गाजे बाजे के साथ करीब सात आठ करोड़ रूपये के विज्ञापनों पर पैसा फूंक कर जनरेटरों के सहारे म.प्र. विधानसभा चुनावों के वक्त शुरू की गई चुनावी अटल ज्योति‍ हालांकि 25 नवंबर 2013 को ही म.प्र. विधानसभा चुनाव का मतदान समाप्त होते ही लपझप लपझप करने लगी थी , लेकिन मजबूरी थी कि कैसे भी करके इसे लोकसभा चुनावों तक तो कम से कम चलाया ही जाये , लिहाजा जैसे तैसे मार्च महीने में इसकी मरम्मत कर करा के डीजल पानी डाल के मार्च  से मई तक फिर इस खटारा को शि‍वराज सरकार ने घसीटा , 16 मई को लोकसभा चुनाव परिणाम घोषि‍त होते ही फिर खटारा फेल हो गया और म.प्र. में तकरीबन हर इलाके में भरी भीषण गर्मी में बिना घोषणा अघोषि‍त बिजली कटौती पुन: न्यूनतम 8 घंटे से लेकर 16 – 17 घंटे तक की शुरू कर दी गई , अनेक बहानों के पुराने चीथड़े शि‍वराज सरकार म.प्र. की जनता को नन्हा मुन्ना बच्चा समझकर लगाती बहलाती रही , म.प्र. ही केवल भारत में ही नहीं अपितु समूचे विश्व में  एक ऐसा राज्य है , जहॉं साल के पूरे 365 दिन मेंटीनेन्स के नाम पर बिजली कटौती पिछले दस साल से लगातार की जा रही है , उल्लेखनीय है कि सन 2003 में म.प्र. में भाजपा केवल एक माह के भीतर 24 घंटे बिजली देने का वायदा करके सरकार में आई थी , उसके बाद सन 2008 में भी यही वायदा शि‍वराज ने हर जगह जाकर किया , और सन 2013 के चुनावों में भी इसी वायदे को लेकर और अरबों रूपये जनता के खून पसीने की कमाई के फोकट उड़ा कर अटल ज्योति‍ के नकली फिल्मी ड्रामे के साथ  शि‍वराज ने चुनाव लड़ा ।
यह उल्लेख प्रासंगिक व समीचीन होगा कि सन 2008 के विधानसभा चुनावों में म.प्र. में कांग्रेस के गलत टिकिट वितरण और टिकिट बेचे जाने , गलत प्रत्याशीयों के मैदान में उतारे जाने का भरपूर लाभ उठा कर शि‍वराज ने सत्ता में वापसी की तो वहीं सन 2013 के विधानसभा चुनावों में खुलकर कांग्रेस के टिकिट बेचे गये, गलत प्रत्याशी उतारे गये , आरोप यह है कि कांग्रेस के सारे टिकिट भाजपा ने और शि‍वराज ने अरबों खरबों रूपये देकर खरीद लिये , और सन 2013 में अपनी कहानी दोहराते हुये कांग्रेस ने म.प्र. की सत्ता पुन: शि‍वराज सिंह को बेच दी ।
म.प्र. कांग्रेस में भारी फेरबदल , बदलेंगें अनेक जिलाध्यक्ष
म.प्र. कांग्रेस में बहुत बड़ा परिवर्तन दस्तक दे रहा है , कांग्रेस हाईकमान द्वारा जारी निर्देशों में म.प्र. कांग्रेस में आमूलचूल बदलाव करने को कहा गया है , पूर्व पदाधि‍कारीयों या वर्तमान चालू सीरीज के पदाधि‍कारीयों को को संगठन में पुन: पद न देकर नये लोगों को व जमीनी लोगों को ही कांग्रेस संगठन में पद दिये जायें, इस के तहत मुरैना व दतिया के नये कांग्रेस  जिलाध्यक्षों के नाम लगभग तय हो चुके हैं , ऊपर से सूत्रों से मिल रही विश्वस्त खबरों के अनुसार मुरैना के लिये नरेन्द्र सिंह तोमर और दतिया के लिये प्रदीप गुर्जर का नाम कांग्रेस के नये जिलाध्यक्ष के रूप में तय कर दिया गया है , अब केवल घोषणा होनी बाकी है , शेष जगह के लिये कई जगह के नये कांग्रेस जिलाध्यक्ष तय किये जा चुके हैं तो कई जगह के लिये नये कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार मंथन जारी है , कांग्रेस में गुटबाजी समाप्त करने और निर्गट या गुटबाजी से दूर रहने वाले कांग्रेसियों को ही संगठन के पुनर्गठन में तवज्जुह दी जा रही है
जिस कारण सत्ता में आये, उसी कारण घर घर फुंक गये मोदी
मंहगाई खत्म करने और हर चीज सस्ती कर देने , अच्छे दिन आयेंगें या अच्छे दिन आने वाले हैं का सब्जबाग दिखाकर , जनता को लालच का लॉलीपॉप देकर सत्ता में आये नरेन्द्र मोदी की सरकार की बोहनी ही खराब हुई है , नरेन्द्र मोदी के सरकार में आते ही जहॉं एकदम से सभी चीजों के दाम उछल गये और मंहगाई सिर उठाकर आसमान चूमने लगी वहीं रेल बजट से पहले ही रेल किराये और माल भाड़े में वृद्ध‍ि , डीजल दामों में समानांतर श्रेणी में वृद्ध‍ि को लेकर  जनता भी कई फीट ऊँची उछल गई और देश भर में घर घर , हर घर में मोदी के पुतले पहले ही महीने में  फुंक गये , शपथ लिये अभी मोदी को महीना भी पूरा नहीं हुआ और उससे पहले ही घर घर पुतला दहन मोदी के लिये अपशकुन ही माना जायेगा और न देश के लिये , न मोदी और भाजपा के लिये इसे अच्छे आसार कहा जा सकता है
केजरीवाल से भी अधि‍क बुरा हश्र हो सकता है नरेन्द्र मोदी का
नई केन्द्र सरकार के आसार कुछ अच्छे नजर नहीं आ रहे , जख्म खाई दिल्ली की  जनता के साथ जो दोगला व्यवहार व भद्दा मजाक केजरीवाल ने किया , उसका तुरत फुरत फल केजरीवाल चख चुके हैं , केजरीवाल के ही कदमच्हि‍नों पर चल रही नरेन्द्र मोदी सरकार बिल्कुल उसी स्टाइल में केन्द्र में सरकार में आई है , जिस स्टाइल में केजरीवाल सरकार दिल्ली में आई थी , बस फर्क केवल इतना है कि केजरीवाल के पास खुद का बहुमत नहीं था और नरेन्द्र मोदी के पास खुद का बहुमत है , केजरीवाल की तुलना में नरेन्द्र मोदी का हश्र अधि‍क बुरा इसलिये होगा कि केजरीवाल के पास बहुमत न होने का एक आसान बहाना था , लेकिन नरेन्द्र मोदी के पास तो कोई बहाना ही शेष नहीं बचा है , नरेन्द्र मोदी के पास केवल एक चारा शेष बचा है , या तो करके दिखाओ , या फिर अब सदा के लिये वापस जाओ , नरेन्द्र मोदी के भयावह अंजाम से सीध सीधा भाजपा व आर.एस.एस. का भी अभि‍न्न रूप से   भयावह हश्र जुड़ा हुआ है, यह भी तय है कि नरेन्द्र मोदी उतना भी नहीं कर पायेंगें जितना दिखावटी व नकली ही सही, केजरीवाल ने कर दिया था , राजनीति में बातें करना आसान है , काम करना नामुमकिन , नरेन्द्र मोदी नामुमकिन को कर दिखाने के वायदे करके सत्ता में आये हैं , भारत की जनता की आदत है कि दवा वो चाहिये जिससे बुखार बस केवल तुरत फुरत दो मिनिट में छू मंतर हो जाये, नरेन्द्र मोदी इसी बुखार को केवल एक मिनिअ में छू मंतर कर देने की दवा देने वाले डॉक्टर का रूप धर कर आये हैं , एक कल्पनालोक व मायावी स्वप्न जनता को परोस कर सत्ता में आये हैं, इसलिये नरेन्द्र मोदी के सामने केवल करो या मरो के सिवा कोई चारा शेष नहीं है  
यह उल्लेखनीय है कि केवल बहुमत के सहारे सत्ता में अधि‍क दिन टिके रहना मोदी के लिये संभव नहीं है , एक सन्न‍िकट ही भारी जन विद्रोह या गृहयुद्ध की आशंकित संभावनाओं से कतई इंकार नहीं किया जा सकता , इसलिये बहुमत के बावजूद या तो नरेन्द्र मोदी को अपने चुनावी वायदों के मुताबिक तुरंत ही कुछ कर दिखाना होगा वरना देश में जन विद्रोह या गृहयुद्ध की सूरतों का सामना करना होगा , इसलिये यह स्पष्टत: लगभग कहा जा सकता है कि जो कह कर आये वह करना संभव नहीं , अगर किया नहीं तो सत्ता में रहना संभव नहीं , इसलिये अब या तो करो, करके दिखाओ या केजरीवाल सरकार से अधि‍क बुरा हश्र भुगतने को तैयार रहो  

मंगलवार, 10 जून 2014

NARENDRA SINGH TOMAR ट्विटर पे जुड़ने के लिए अभी भी आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं.

 
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NARENDRA SINGH TOMAR ट्विटर पे जुड़ने के लिए अभी भी आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं.

 
 
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गुरुवार, 5 जून 2014

NARENDRA SINGH TOMAR ने आपको एक निमंत्रण भेजा

 
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NARENDRA SINGH TOMAR ने आपको ट्विटर से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है.

 
 
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शनिवार, 18 जनवरी 2014

बेहद प्रसिद्ध ब्लॉग चम्बल की आवाज फिर से इंटरनेट पर उपलब्ध होगा

बेहद प्रसिद्ध ब्लॉग चम्बल की आवाज फिर से इंटरनेट पर उपलब्ध होगा :
सिब्बू सरकार का एक सबसे बड़ा झूठ और फर्जी हेल्पलाइन नंबर की कहानी तो
हम आज आपको बता ही चुके हैं .... अब इन नंबरों को देख लीजिये .... ये
नंबर बाकायदा मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपनी वेबसाइट पर
जारी किये गये हैं ..... ये नंबर भी कभी नहीं लगते और इन नंबरों पर कभी
कोई जन शिकायत दर्ज नहीं की जाती .... इन सब फर्जी नंबरों के अलावा
इन्हीं लोगों की वेबसाइटों पर इनके फर्जी ई मेल पते भी दिये हुये हैं ...
जिन पर कभी भी कोई ई मेल रिसीव नहीं होती , हमेशा वापस लौट आती है और
रिपोर्ट आती है कि इस नाम का कोई ई मेल पता उपलब्ध नहीं है ..... हमने
ऐसी लौटी हुई सारी ई मेल लगातार सन 2009 से संभाल कर रखी हुई हैं ....
ग्वालियर टाइम्स म.प्र. सरकार के ऐसे ही इसी तरह के सैकड़ों फर्जीवाड़ों
और झूठ के पुलिंदों पर बाकायदा किश्तबद्ध एक श्रंखलाबद्ध आलेख एवं
विस्तृत सामग्री का प्रकाशन शुरू करने जा रहा है , म.प्र. डायरी एवं
मुरैना डायरी जो कि काफी समय से एक अरसे से ग्वालियर टाइम्स पर प्रकाशित
नहीं की जा रही थी अब आप हर हफ्ते उसे हमारे विभि‍न्न प्रिंट संस्करणों,
प्रसिद्ध पत्रिकाओं यूथ मीडिया तथा हमारी लोकप्रिय पत्रिका नोबलयूथ सहित
इंटरनेट पर प्रकाशित किये जाने वाले हमारे विभ‍न्न सभी 23 ब्लॉगों,
ग्वालियर समाचार, भिण्ड समाचार, मुरैना समाचार, चम्बल की आवाज, जनता की
आवाज, चंबल मित्र, ग्वालियर टाइम्स (वर्ड प्रेस पर) तथा इसके अलावा हमारी
मूल वेबसाइटों ग्वालियर टाइम्स सहित सभी 8 वेबसाइटों पर नियमित रूप से
पढ़ा जा सकेगा , इनके फर्जीवाड़े और झूठ एवं लफ्फाजी के वीडियो वर्जन
हमारे यू टूयूब चैनलों के अलावा सिंडिकेशन सर्विसेज में भी उपलब्ध
रहेंगें , हमारी सभी सिंडिकेटेड वेबसाइटों पर भी यह सब श्ररंखलायें एक
साथ प्रकाशित व प्रसारित की जायेंगी ... अन्य लोग जो इसे सिंडिकट या शेयर
करना चाहें उनके लिय इन सबके एटम एवं आर.एस.एस. फीड के अलावा एक्स.एम.एल.
फीड भी उपलब्ध रहेंगें .... हमारी यह श्रंखलायें नियमित रूप से 01 मार्च
2014 से सभी जगह एक साथ प्रकाशित होगीं किंतु मुरेना डायरी का प्रकाशन 01
फरवरी से प्रारंभ हो जायेगा , बेहद प्रसिद्ध और सर्वाधिक लोकप्रिय हमारा
ब्लॉग चम्बल की आवाज इसी माह के अंत तक दोबारा से प्रकाश‍ति होना शुरू हो
जायेगा, तदनुसार हमारे सभी पुराने एवं नये सुधी पाठकजन व दर्शकजन कृपया
नोट कर लें - पूर्ववत सहयोग की अपेक्षा व आकांक्षा के साथ - आपका -
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद'' , प्रधान संपादक एवं सी.ईओ. ग्वालियर टाइम्स
ग्रुप , प्रबंध निदेशक , देवपुत्र प्रा. लिमिटेड ग्रुप

बेहद प्रसिद्ध ब्लॉग चम्बल की आवाज फिर से इंटरनेट पर उपलब्ध होगा

बेहद प्रसिद्ध ब्लॉग चम्बल की आवाज फिर से इंटरनेट पर उपलब्ध होगा :
सिब्बू सरकार का एक सबसे बड़ा झूठ और फर्जी हेल्पलाइन नंबर की कहानी तो
हम आज आपको बता ही चुके हैं .... अब इन नंबरों को देख लीजिये .... ये
नंबर बाकायदा मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपनी वेबसाइट पर
जारी किये गये हैं ..... ये नंबर भी कभी नहीं लगते और इन नंबरों पर कभी
कोई जन शिकायत दर्ज नहीं की जाती .... इन सब फर्जी नंबरों के अलावा
इन्हीं लोगों की वेबसाइटों पर इनके फर्जी ई मेल पते भी दिये हुये हैं ...
जिन पर कभी भी कोई ई मेल रिसीव नहीं होती , हमेशा वापस लौट आती है और
रिपोर्ट आती है कि इस नाम का कोई ई मेल पता उपलब्ध नहीं है ..... हमने
ऐसी लौटी हुई सारी ई मेल लगातार सन 2009 से संभाल कर रखी हुई हैं ....
ग्वालियर टाइम्स म.प्र. सरकार के ऐसे ही इसी तरह के सैकड़ों फर्जीवाड़ों
और झूठ के पुलिंदों पर बाकायदा किश्तबद्ध एक श्रंखलाबद्ध आलेख एवं
विस्तृत सामग्री का प्रकाशन शुरू करने जा रहा है , म.प्र. डायरी एवं
मुरैना डायरी जो कि काफी समय से एक अरसे से ग्वालियर टाइम्स पर प्रकाशित
नहीं की जा रही थी अब आप हर हफ्ते उसे हमारे विभि‍न्न प्रिंट संस्करणों,
प्रसिद्ध पत्रिकाओं यूथ मीडिया तथा हमारी लोकप्रिय पत्रिका नोबलयूथ सहित
इंटरनेट पर प्रकाशित किये जाने वाले हमारे विभ‍न्न सभी 23 ब्लॉगों,
ग्वालियर समाचार, भिण्ड समाचार, मुरैना समाचार, चम्बल की आवाज, जनता की
आवाज, चंबल मित्र, ग्वालियर टाइम्स (वर्ड प्रेस पर) तथा इसके अलावा हमारी
मूल वेबसाइटों ग्वालियर टाइम्स सहित सभी 8 वेबसाइटों पर नियमित रूप से
पढ़ा जा सकेगा , इनके फर्जीवाड़े और झूठ एवं लफ्फाजी के वीडियो वर्जन
हमारे यू टूयूब चैनलों के अलावा सिंडिकेशन सर्विसेज में भी उपलब्ध
रहेंगें , हमारी सभी सिंडिकेटेड वेबसाइटों पर भी यह सब श्ररंखलायें एक
साथ प्रकाशित व प्रसारित की जायेंगी ... अन्य लोग जो इसे सिंडिकट या शेयर
करना चाहें उनके लिय इन सबके एटम एवं आर.एस.एस. फीड के अलावा एक्स.एम.एल.
फीड भी उपलब्ध रहेंगें .... हमारी यह श्रंखलायें नियमित रूप से 01 मार्च
2014 से सभी जगह एक साथ प्रकाशित होगीं किंतु मुरेना डायरी का प्रकाशन 01
फरवरी से प्रारंभ हो जायेगा , बेहद प्रसिद्ध और सर्वाधिक लोकप्रिय हमारा
ब्लॉग चम्बल की आवाज इसी माह के अंत तक दोबारा से प्रकाश‍ति होना शुरू हो
जायेगा, तदनुसार हमारे सभी पुराने एवं नये सुधी पाठकजन व दर्शकजन कृपया
नोट कर लें - पूर्ववत सहयोग की अपेक्षा व आकांक्षा के साथ - आपका -
नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनंद'' , प्रधान संपादक एवं सी.ईओ. ग्वालियर टाइम्स
ग्रुप , प्रबंध निदेशक , देवपुत्र प्रा. लिमिटेड ग्रुप