सोमवार, 30 जुलाई 2007

ट्रेड मेन की भर्ती 1 अगस्त को

ट्रेड मेन की भर्ती 1 अगस्त को

मुरैना 30 जुलाई 2007

       जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के अनुसार यूनिट हेडक्वाटर कोटा के तहत ट्रेडमेन (म्यूजीसियन) की भर्ती 1 अगस्त को आयोजित की गई है । इच्छुक आवेदक मूल दस्तावेजों के साथ भर्ती स्थल ए.एस.सी. सेण्टर (साउथ) बेंगलोर में पहुंच कर अवसर का लाभ उठा सकते हैं ।

 

श्रावण मासोत्‍सव पर्व आज से प्रारंभ

श्रावण मासोत्‍सव पर्व आज से प्रारंभ

शिवालयों और कृष्‍ण मन्दिरों आज से भक्‍तों का मेला,बम बम भोले और नम: शिवाय की गूंज से गूंजेगे मन्दिर

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

मुरैना 30 जुलाई । आज से श्रावण मास प्रारंभ हो रहा है, हालांकि प्रतिपदा तिथि क्षय हो जाने से सीधे ही इस बार का श्रावण माह द्वितीया तिथि से प्रारंभ होगा । खास बात यह है कि जहॉं सावन के महीने में शंकर जी और सोमवारों का विशेष महत्‍व है वहीं अबकी बार का सावन तो सोमवार से ही प्रारंभ हो रहा है । इस प्रकार इस बार सावन में पॉंच सोमवार पड़ेंगे । एक जुलाई में और बकाया चार अगस्‍त माह में होंगे ।

सावन के सोमवारों में शिव जी के पूजन अर्चन और अभिषेक का जहॉं खासा महत्‍व है वहीं शिव साधना भी इन दिनों विशेष फलप्रद मान्‍य है । कई लोगा कोसों दूर स्‍थित गंगा घाट से पैदल गंगाजल लेकर आयेंगे और शिव जी का गंगाभिषेक करेंगे, कांवरीयों के रूप में शिवभक्‍तों की टोलीयों ने कांवरें लाना शुरू कर दीं हैं ।

वहीं भगवान श्री कृष्‍ण के वृन्‍दावन में भी सावन के महीने में बहारें छायीं रहेंगीं, जहॉं झूलों और रास लीलाओं का परम्‍परागत उत्‍सव रहेगा वहीं कृष्‍ण साधना और कृष्‍ण पूजा भी इन दिनों भारी संख्‍या में होगी ।

सावन के पूरे महीने जहॉं शिव और कृष्‍ण की पूजा और साधना परम्‍परा चलेगी वहीं शिवालय और कृष्‍ण मन्दिर इन दिनों लोगों के मेलों से घिरे रहेंगे ।

सावन के पॉंचों सोमवार तक बेलपत्र और काले धतूरे के साथ शंकर जी भांग, गांजे और सतत जल अभिषेक का आनन्‍द लेंगे । वहीं इसी मौसम में लोग अपनी ससुराल जाकर सालियों और सलहजों के साथ छेड़खानी का आनन्‍द लेते हैं । उल्‍लेखनीय है कि इस महीने अधिकतर महिलायें अपने मायके यानि पीहर यानि मॉं के घर आ जातीं है, और उनके जीजाजी पीछे पीछे दीवाने बन कर रूप बदल कर उनसे छेड़खानी के लिये जा पहुँचते हैं । कृष्‍ण ने इस परम्‍परा की शुरूआत की थी, जब वे राधा से मिलने वेष बदल कर पहुँचते थे ।            

 

महिला राष्‍ट्रपति, महिला कलेक्‍टर और मुल्जिम बनीं अधिकार मांगती महिलायें

महिला राष्‍ट्रपति, महिला कलेक्‍टर और मुल्जिम बनीं अधिकार मांगती महिलायें

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

मुरैना 30 जुलाई । अब इसे विडम्‍बना कहें या दुर्योग । भारत की प्रथम महिला राष्‍ट्रपति हो, जिले की पहली महिला कलेक्‍टर (श्रीमती कैरेलिन खोंग्‍वार देशमुख इन दिनों मुरैना कलेक्‍टर हैं ) हो । और हक मांगती महिलाओं को मुल्जिम बना दिया जाये और अपराधीयों के मानिन्‍द थोकबन्‍द एफ.आई.आर. दर्ज कर दी जायें ।

पिछले हफते यह वाकया मुरैना शहर की आम व गरीब बस्‍ती की महिलाओं के साथ गुजरा ।

बात कुछ यूं है कि जहॉं श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह राष्‍ट्रपति बनीं वहीं मुरैना के गोपालपुरा क्षेत्र जहॉं बिजली की किल्‍लत थी यानि लगभग एक महीने से ट्रान्‍सफार्मर फुंका पड़ा था, और शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी । सो महिलाओं की टोली ने बिजलीघर पर जाकर शिकायत शिकवा शुरू किया,धरना प्रदर्शन किया और बन गईं मुल्जिम ।

पिछले कुछ सालों से बिजलीघर का आलम ये है कि कोई शिकायत फरियाद या ज्ञापन लेकर जाये तो अव्‍वल तो उसकी पावती ही नहीं दी जायेगी और यदि आपने फयूज ऑफ कॉल रजिस्‍टर मांगने की जुर्रत की तो आपकी खैर नहीं, और यदि आपने सामूहिक ज्ञापन देने या चेंटने की जुर्रत की तो समझिये । कि आप इस देश के सबसे बड़े अपराधी हैं । यानि आपके खिलाफ बिजली वाले तुरन्‍त एक एफ.आई.आर. पुलिस में लिखा देंगें जिसका खास आपराध मजमून शासकीय कार्य में बाधा, गालीगलौज, और मारपीट होगा, इसके साथ ही एक और खास टैक्‍नॉलॉजी है कि एफ.आई.आर. किसी हरिजन कर्मचारी या हरिजन अधिकारी के नाम से भेजी जायेगी जिससे हरिजन एक्‍ट भी लग सके, पिछले चार सालों सें बिजलीघर के इस नये नुस्‍खे से इतना जरूर हुआ है कि लोगों ने बिजली मॉंगना और बिजली के आन्‍दोलन बन्‍द कर दिये हैं । मुरैना जिला की कोतवालीयों  में ऐसे बिजली मामलों की भरमार है ।

पिछले हफते मुरैना में महिलाओं के विरूद्ध थोकबन्‍द दर्ज की गयी एफ.आई.आर. ने जहॉं भारत के अन्‍तर्मन को झकझोर कर लोकतंत्र की चूलें हिला दीं हैं । वहीं गरीब हक मांगते किसानों पर लठठ बरसाना, उनके विरूद्ध हक मांगने को आपराध में तब्‍दील करना, हक मांगने पर महिलाओं को अपराधी बना देना, मुझे लगता है इससे तो अंग्रेजी राज बेहतर था और इस देश को स्‍वतंत्रता न मिली होती तो अच्‍छा था ।

आन्‍दोलन और अहिंसात्‍मक तरीके से शान्तिपूर्ण प्रदर्शन, असहयोग, और प्रतीकात्‍मक विरोध, अधिकारों की मांग करना आदि इस देश को महात्‍मा गांधी द्वारा सिखाये गये फार्मूले हैं ।

गांधी के पथ पर चलने वाले लोग तब अँग्रेजी हुकूमत के जलजले के शिकार होते थे और अब अपनी ही सरकार और अपनी ही पुलिस के । हालांकि वर्तमान में मुरैना का पुलिस महकमा विशेषकर शहर मुरैना और ग्रामीण मुरैना इन दिनों कुछ ठीकठाक है और सन 2001 और 2002 की तरह लॅबे समय बाद अच्‍छे अफसरों की यूनिट काम कर रही है । उल्‍लेखनीय है 2001-2002 में डॉ. रमन सिंह जो कि उस समय यहॉं एडीशनल एस.पी. थे और अजीत केसरी मुरैना के कलेक्‍टर थे, मेरी नजर में एक गजब की अच्‍छी यूनिट उस समय यहॉं बन पड़ी थी, हालांकि उस समय एस.पी. ठीक नहीं था, और डॉ.रमन सिंह जिस पर लोग बहुत विश्‍वास करते थे और उनकी गजब की ईमानदारी और कर्तव्‍य परायणता से लोगों का विश्‍वास पुलिस पर जम गया था, ऐसा ही लगभग कलेक्‍टर अजीत केसरी के बारे में था । यद्यपि एडीशनल एस.पी. ज्‍यादा कुछ स्‍वतंत्र कार्य नहीं कर पाता है लेकिन फिर भी वह जो कर सकते थे वह उन्‍होंने किया और लोगों के दिल पर पुलिस का सही अर्थ अंकित किया । मगर तुर्रा ये कि वे यहॉं से चले गये और पुलिस फिर बदनाम हो गयी ।

फिर लम्‍बे समय बाद रवि गुप्‍ता जरूर फिर अपनी छाप बना पाये लेकिन डकैत समस्‍या या यूं कहिये कि नेताओं के लिये सहज व सहूलियते वाला न होने से उन्‍हें नेताओं का कोपभाजन हो कर जाना पड़ा । फिर योगेश चौधरी डकैत समस्‍या या बढ़ते अपराधों के नियंत्रण में असफलता का दाग लेकर यहॉं से गये हालांकि उनकी कार्यप्रणाली का एक भाग कुछ ठीक था किन्‍तु वे यहॉं के लोगों में अपने पराये का अन्‍तर नहीं कर पाये और भेद नीति में असफल हो कर अपने जौहर नहीं दिखा पाये ।

अब जो यूनिट काम कर रही है, उसमें कलेक्‍टर श्रीमती कैरेलिन खोंग्‍वार देशमुख की आजकल ठीकठाक छवि है उनकी कार्यप्रणाली भी लगभग दुरूस्‍त ही जान पड़ती है, उनसे मिलने या किसी काम का मौका तो नहीं पड़ा लेकिन ओवरव्‍यू अभी तक ठीक है, वहीं मुरैना एस.पी.डॉ. हरी सिंह यादव हनुमान भक्‍त और उनकी यूनिट सी.एस.पी. जयवीर सिंह भदौरिया, टी.आई. के.डी.सोनकिया, डी.एस. परिहार, सी.एस.पी. राजेश मिश्रा की जुगलबन्‍दी बड़ी कमाल की है, मुझे न विश्‍वास था न ऐसी उम्‍मीद फिर भी गजब का काम कर दिखाया है, हॉं एक शिकायत जरूर अक्‍सर आती है कि थानों में अभी भी कायमीयां नहीं होती, फरियादी आज भी बेइज्‍जती और अनसुनेपन के शिकार हैं ।

हॉं तो मुख्‍य बात ये है कि एक बढि़या यूनिट और महिला राष्‍ट्रपति एवं महिला कलेक्‍टर के जमाने में महिलाओं के खिलाफ एफ.आई.आर. ये बात कुछ गले उतर नहीं पा रही ।

वैसे भी मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कम्‍पनी एक इनकार्पोरेटेड कम्‍पनी (कम्‍पनी अधिनियम 1956) है न कि शासन का विभाग । फिर शासकीय कार्य में बाधा का मामला कैसे दर्ज हो गया, कैसे लोक अभियोजक ने इसे अदालत में जाने दिया और कैसे अदालत ने इसे प्रोसीड कर दिया, कमाल की बात है । मैंने कई मामले मुरैना जिला की कोतवालीयों में ऐसे देखे हैं तहॉं फरियादी या तो कोई निजी फर्म या संस्‍था या कम्‍पनी है यानि जैसे बैंक या सहकारी समिति और इन मामलों में बाकायदा लोकसेवक की तरह निजी मामलों को दर्ज किया गया और शासकीय कार्य में बाधा पहले ही झटके में दर्ज की गयी, न केवल दर्ज की गयी बल्कि उस पर चालान यानि द.प्र.सं.की धारा 173 में अंतिम रिपोर्ट भी इसी प्रकार प्रस्‍तुत हुयी, मामले अदालत में सुने भी गये, और फैसले भी हुये मगर यह जिक्र तक नहीं हुआ कि शासकीय कार्य में बाधा तब बनती जब किसी सरकारी काम में बाधा होती । यानि किसी सरकारी काम का जिक्र तक नहीं आया । अदालत ने भी इन मामलों पर कभी कोई टिप्‍पणी नहीं की, और कईयों को सजायें या जुर्माने ठोक दिये ।

हालांकि पुलिस और अदालत में अभी काफी कुछ गड़बड़ है, मगर अफसोस यह है कि उस वक्‍त वकील क्‍या कर रहे होते हैं, बुनियादी खामियों को या तो वे अदालत में कहते नहीं या फिर उन्‍हें अदालत सुनती नहीं, फिर भला जबरदस्‍ती कैसे कानून और पुलिस पर लोग यकीन करें । ऐसे चिचित्र अन्‍यायों, विरोधाभासों और विडम्‍बनाओं की एक बहुत बड़ी फेहरिस्‍त मेरे पास है जहॉं पुलिस और अदालतें ही कानून से परे हो गयीं हैं ।

बात लगभग एक साल पुरानी है, एक जज ने मुरैना की एक अदालत में फरियादी या उसके वकील से यह तक नहीं पूछा कि खेत की जमीन को कालोनी के रूप में कैसे पिछले बीस साल से बेच रहे हो, कैसे प्‍लाटिंग कर रहे हो, क्‍या नगरपालिका या ग्राम पंचायत में इसे कालोनी के रूप में अधिसूचित कर दिया है या नहीं और उस फर्जी कालोनी को यानि उसके फरियादी पक्ष को सी.पी.सी. की धारा 39(3) का स्‍टे आनन फानन में कालोनी मान कर एक झटके में जारी कर दिया, ऊपर से तुर्रा ये कि आवेदन जिस जगह की स्‍टे के लिये लगाया गया, उसमें नक्‍शा दूसरी जगह का था और फरियादी के पास रजिस्‍ट्री दूसरी जगह की, मजे की बात ये कि दोनों नक्‍शे उसमें लगाये गये और दोनों अलग अलग । यह घटना प्रकरण क्रमांक 23/06/ इ.दी. न्‍यायालय प्रभाकान्‍त शुक्‍ला की है ।

खैर एक और महिला हैं किरण बेदी वे भी खूब चिल्‍लाचोट कर रहीं हैं, वहॉं भी आलम यही है राष्‍ट्रपति महिला और मुख्‍यमंत्री भी महिला और महिला बेदी पर हो गया अन्‍याय, एक महिला बेदी को मिल गया न्‍याय और एक के साथ हो गया अन्‍याय । वैसे उनके बारे में आज वायस आफ अमेरिका ने तगड़ा समाचार दिया है नीचे यह उसे यथावत दे रहे हैं । -

भारत सरकार पर लैंगिक भेदभाव का आरोप

वायस औफ़ अमेरिका  ▪ Hindi

जब भारत की पहली महिला राष्ट्रपति ने अपना पद संभाला तो कहा गया कि इससे देश की लाखों महिलाओं का मनोबल ऊंचा उठा है । लेकिन इसके ठीक बाद एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को उच्च पद पर नियुक्ति से वंचित कर दिया गया । इस घटना की वजह से देश में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि देश में अभी भी लैंगिक भेदभाव बरकरार है । नई दिल्ली से अंजना पसरीचा की रिपोर्ट-

कई लोगों के लिए हाल में भारत के राष्ट्रपति पद पर 72-वर्षीय प्रतिभा पाटिल का चुना जाना देश में महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है । वह ऐसे देश की राष्ट्रपति बनी है, जहां अभी भी व्यापक पैमाने पर भेदभाव बना हुआ है ।

लेकिन ठीक जिस दिन सुश्री पाटिल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई, उसी दिन सरकार ने दिल्ली पुलिस के प्रमुख के पद पर नियुक्ति में एक महिला पुलिस अधिकारी किरण बेदी की अनदेखी कर दी और उनकी जगह उनके कनिष्ठ सहयोगी को उस पर बैठा दिया । सरकार ने इतना ही कहा है कि यह एक प्रशासनिक फैसला है । 

सरकार के इस कदम से एक विवाद खड़ा हो गया है । हाल के महीनों में यह तीसरी घटना है, जब सरकार के प्रमुख पदों पर पुरुषों को बिठाने के लिए महिलाओं की अनदेखी की गई । प्रमुख नौकरशाह वीणा सिकरी और रेवा नायर को वरिष्ठता के आधार पर क्रमशः विदेश सचिव और कबीना सचिव बनाया जाना चाहिए था, लेकिन उनकी अनदेखी कर दी गई ।

महिला संगठनों ने इस पर भारी ऐतराज जताया है । उनका कहना है कि लैंगिक पूर्वाग्रह की वजह से सरकार में काबिल महिला अधिकारियों की उपेक्षा की जा रही है ।

सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक रंजना कुमारी ने कहा है कि एक महिला को राष्ट्रपति बनाने की जो उपलब्धि मिली थी, वह व्यर्थ हो गई ।

सुश्री कुमारी ने कहा- हमारा मानना है कि राष्ट्रपति पद पर एक महिला की नियुक्ति सोच-समझकर नहीं की गई है । यह सिर्फ राजनीतिक मजबूरी की वजह से की गई । मैं नहीं समझती की सत्ता में बैठे लोग भारत में वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं । मैं यह समझ रही हूं कि व्यवस्था अभी भी महिलाओं के लिए जगह छोड़ने को तैयार नहीं है ।

किरण बेदी देश की पहली महिला पुलिस अधिकारी है । कड़ी और स्वतंत्र विचारों वाली होने के कारण उनकी चारों तरफ प्रशंसा हुई है । कई तरह की जिम्मेदारियां उन्हें दी गईं, जहां उन्होंने अपनी छाप छोड़ी । किरण बेदी ने पुलिस प्रमुख के पद से वंचित करने के सरकार के फैसले का विरोध किया है ।

सुश्री बेदी ने कहा कि जो कुछ हुआ है, उससे बहुत ही दुखद संदेश जाता है और हम पहाड़ों से जंग लड़ रहे हैं । व्यवस्था की जीत इसलिए हुई, क्योंकि व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं है ।

महिला संगठनों ने सरकार में महिलाओं की बहुत कम भागीदारी का सवाल उठाया है । उनके एक आंकड़े के अनुसार संसद सदस्यों में उनकी संख्या 8 प्रतिशत, नौकरशाही में 15 प्रतिशत और न्यायपालिका में 3 प्रतिशत ही है । ये आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि भारत में अभी भी मर्दों का ही दबदबा है ।

उनका कहना है कि संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीट आरक्षित करने की कोशिशों में सांसदों ने बार-बार अड़ंगा लगाया है, हालांकि देश की दोनों प्रमुख पार्टियां यह कह रही हैं कि वे इसके पक्ष में हैं ।

ऐसा नहीं है कि भारत में महिलाएं बड़े पदों पर आसीन नहीं हुई हैं । इंदिरा गांधी 1966 से 1977 और 1980 से 1984 तक करीब 14 साल तक देश की प्रधानमंत्री थीं । उनकी बहू सेनिया गांधी देश की सत्ताधारी पार्टी, कांग्रेस एवं उसके गठबंधन की मुखिया है । लेकिन आलोचकों का कहना है कि वे इतने बड़े पदों तक इसलिए पहुंची, क्योंकि वे एक शक्तिशाली राजनीतिक खानदान से जुड़ी थीं ।

 

रविवार, 29 जुलाई 2007

फोटोग्राफी कार्य में लगे कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी - कलेक्टर

फोटोग्राफी कार्य में लगे कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी - कलेक्टर

मुरैना 28 जुलाई 2007

       निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जिले में फोटो परिचय युक्त निर्वाचनक नामावली का कार्य जारी है । इसी क्रम में आज टाउन हॉल में फोटोग्राफी कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों को दिये जा रहे प्रशिक्षण में कलेक्टर श्रीमती कैरोलिन खोंग्वार देशमुख ने कहा कि जो कर्मचारी इस कार्य में लगाये गये हैं, वे मेहनत और लगन के साथ इस कार्य को करें । इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री आशकृत तिवारी, एस.डी.एम., तहसीलदार, बी.एल.ओ., सुपरवाईजर, आर.आई., पटवारी आदि सहित मैदानी कर्मचारी उपस्थित थे ।

       कलेक्टर श्रीमती खोंग्वार ने कहा कि फोटो परिचय पत्र आगामी मतदान कार्य में अनिवार्य होगा। इसलिये इससे कोई भी मतदाता वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में संलग्न किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रकार की कठिनाई आये तो वे तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों से  मार्गदर्शन लें । उन्होंने कहा कि प्रत्येक फोटोग्राफी केन्द्र अपने क्षेत्रान्तर्गत मतदाताओं की कुल संख्या और फोटोग्राफी की निर्धारित समयावधि के अनुपात से  यह लक्ष्य निर्धारित कर लें, कि एक दिवस में कितने मतदाताओं की फोटोग्राफी की जानी है ।

       मुरैना जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सभी नागरिकों से यह अपेक्षा की गई है कि वे इस कार्य में अपेक्षित सहयोग प्रदान करेंगे । कलेक्टर श्रीमती खोंग्वार ने पंचायत प्रतिनिधियों तथा जागरूक जन मानस से कहा है कि खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को अवगत करायें कि मतदाओं के लिए फोटोग्राफी अनिवार्य है तथा यह अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है । इसलिए व्यक्तिगत रूचि लेकर मतदाता परिचय पत्र के लिए अनिवार्य रूप से फोटोग्राफी करवाई जाये। सभी बी.एल.ओ व फोटोग्राफर से इस कार्य को सामंजस्य बनाने की बात भी कही 

स्टेडिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न

       जिले में फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्र व निर्वाचक नामावलियां तैयार करने के लिए की जा रही फोटोग्राफी में राजनैतिक दल सहयोग करें । वे अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर राष्ट्रीय महत्व के इस काम में सहयोग देने के लिए मतदाताओं को जागृत कर उनसे कहें कि वे अपनी व अपने परिवार के सदस्यों की फोटोग्राफी अवश्य करायें अथवा अपनी ओर से पासपोर्ट साइज का फोटोग्राफ बी.एल.ओ. को उपलब्ध करा दें । यह आग्रह कलेक्टर श्रीमती कैरेलिन खोंग्वार देशमुख ने आज यहाँ कलेक्ट्रेट के सभागार में स्टेडिंग कमेटी की बैठक में विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से किया । इस अवसर  पर राजनैतिक दल के सदस्य, अपर कलेक्टर श्री आशकृत तिवारी, आदि उपस्थित थे।

       कलेक्टर श्रीमती केरेलिन खोंग्वार ने राजनैतिक दलों के सदस्यों से कहा कि वे इस कार्य में सहयोग करें , जिससे अगले चुनाव में यह कमी महशूस न होने पाये कि परिचय पत्र नहीं बना । द्वितीय चरण 16 अगस्त से 15 सितम्बर 07 तक जारी रहेगा । जिसमें हम और आप को यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मतदाता बगैर परिचय पत्र के न रहे । उन्होंने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी अपने स्तर से बैठकें आयोजित करें । पार्षद, सरपंच, जन प्रतिनिधि आदि को बुलावें,  ताकि निर्धारित दिनांक से एक दिन पूर्व पेम्पलेट, मुनादी आदि से मतदाताओं को अवगत कराया जा सके ।

 

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह आज मुरैना में

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह आज मुरैना में

मुरैना 28 जुलाई 2007

प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पिछडा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण, जैव विविधिता एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रूस्तम सिंह 29 जुलाई को मुरैना में स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे तथा रात्रि 10. 45 बजे जी.टी एक्सप्रेस द्वारा भोपाल रवाना होंगे ।

 

 

हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस- कलेक्टर

हर्षोल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस- कलेक्टर

 

मुरैना 28 जुलाई 2007

       स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा । मुख्य समारोह जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउण्ड पर आयोजित होगा । आज यहाँ कलेक्टर श्रीमती कैरोलिन खोंग्वार देशमुख की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई विभिन्न अधिकारियों की बैठक में समारोह के आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया । इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री आशकृत तिवारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सभाजीत यादव, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस और संबंधित विभागों के कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे ।

       जिला कलेक्टर श्रीमती देशमुख ने समारोह स्थल पर की जाने वाली व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां अलग-अलग अधिकारियों को सौंपते हुए कहा कि वे सौंपे गये कार्य समय पर निष्पादित कर लें । उन्होंने कहा कि आयोजन की सभी तैयारियां सुव्यवस्थित ढंग से की जायें, जिससे स्वंतत्रता दिवस समारोह सुचारू रूप से गरिमामय ढंग से आयोजित किया जा सके ।

       कलेक्टर ने सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थाओं में झण्डा फहराते समय विशेष सावधानी बरतने की अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाये, कि राष्ट्र ध्वज साफ- सुथरा हो और ध्वजारोहण ठीक ढंग से किया जाये । कार्यालय प्रमुख स्वयं इस पर विशेष ध्यान देंगे ।

       बैठक में सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े अधिकारियों से कहा गया कि समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम लोक गीत , लोक नृत्य तथा राष्ट्रभक्ति की भावना पर आधारित होना चाहिए ।

       अपर कलेक्टर श्री तिवारी ने बताया कि मुख्य समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को सम्मानित किया जायेगा। 15 अगस्त को प्रात: शालेय छात्र- छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी निकाली जायेगी । शालाओं में छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण किया जायेगा । मुख्य समारोह के अंतिम चरण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिला स्तरीय पुरस्कार से नवाजा जायेगा । ऐसे कर्मचारियों की सूची समारोह के एक सप्ताह पूर्व मांगी गई है, जिसका निर्णय एक कमेटी द्वारा किया जायेगा । 

 

शुक्रवार, 27 जुलाई 2007

शासकीय योजनाओं की सफलता का आधार है जन सहभागिता-सीईओ श्री यादव

शासकीय योजनाओं की सफलता का आधार है जन सहभागिता-सीईओ श्री यादव

 

पोरसा जनपद में जन सामान्य के साथ परिचर्चा में

म्रैना 27 जुलाई 2007

       जन सहभागिता शासकीय योजनाओं की सफलता का प्रमुखतम आधार है । जिस अंचल का जनमानस जागरूकता के साथ आगे आता है वहां इन योजनाओं के क्रियान्वयन को उत्कृष्टता प्राप्त होती है । 

       यह बात जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सभाजीत यादव ने जनपद पंचायत पोरसा में आयोजित परिचर्चा में जनपद व ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत सचिवों व स्थानीय गणमान्य नागरिकों से कही । इस अवसर पर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष श्री मोहन सिंह, विस्मिल ट्रस्ट के श्री किशन सिंह, तहसीलदार पोरसा श्री दोहरे, श्री मोहर सिंह एवं सदस्यगण आदि , जनपद पंचायत के सीईओ श्री शिवप्रताप सिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति व पत्रकार गण मौजूद थे ।

       श्री यादव ने कहा कि पोरसा जनपद के विभिन्न ग्रामों में जन सामान्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य निर्माण व विकास तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभाई है ।  जनपद पंचायत सीईओ श्री बघेल ने बताया कि बुर्जुग ग्रामीणों को पात्रता के आधार पर शासकीय योजनान्तर्गत पेंशन प्रकरण स्वीकृत किये गये  है । साथ ही पोरसा के ग्राम बरवाई में जन सहयोग से अमर शहीद रामप्रसाद विस्मिल स्मारक का कार्य प्रगति पर है ।

पौध रोपण किया

       जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सभाजीत यादव , सीईओ जनपद श्री बघेल, जनपद व ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों ने जनपद पंचायत परिसर में हरियाली महोत्सव के तहत पौध रोपण किया ।

पारंपरिक ढंग से अभिवादन

       गणमान्य नागरिकों ने जनपद पंचायत पोरसा में आयोजित कार्यक्रम में शासकीय प्रयासों पर खुलकर भावपूर्ण विचार व्यक्त किये उन्होंनें अधिकारियों कीे कार्य प्रणाली के संबंध में भी विचार व्यक्त किये । इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सभाजीत यादव तथा जनपद सीईओ श्री बघेल को तवरघार का पारंपरिक साफा बांधा गया ।