बुधवार, 1 मई 2013

दिग्विजय सिंह जमकर बरसे उज्जैन में शिवराज सरकार पर , कांग्रेस की हल्ला बोल परिवर्तन रैली में बोला हल्ला

दिग्विजय ने शिवराज को कहा , एक जुबान का और विश्वसनीय आदमी नहीं है, म.प्र. का मुख्य मंत्री
कैलाश विजयवर्गीय को पड़ जाये तमाचा तो वे बन जायेंगें मुख्यमंत्री, कांग्रेस के हल्ला बोल में जमकर बरसे दिग्विजय सिंह
उज्जैन , 30 अप्रेल , आज उज्जै‍न में कांग्रेस के हल्ला बोल कार्यक्रम में म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने म.प्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर ताबड़तोड़ हमला बोलते हुये कहा है कि क्या हालत बना दी है शिवराज सिंह ने मध्यंप्रदेश की , चारों ओर बस अपराध ही अपराध , माफिया ही माफिया, गुण्डे ही गुण्डे , बलात्कार ही बलात्कार , अ.जा. / ज.जा. के लोगों पर बेतहाशा जुल्म और अत्या चार की इंतहा जो कि म.प्र के इतिहास में आज तक नहीं हुआ है । सारे रिकार्ड टूट गये हैं म.प्र. में । हमने अपनी सरकार में जो योजनायें बनाईं वे ही आज विकसित और फलीभूत हो रहीं हैं, प्रदेश की गॉंव गॉंव तक सड़कें बनाने की योजना हमने बनाई , काम हमने शुरू किया , जो हमने शुरू किया वही आज दिख रहा है , शिवराज सिंह का खुद का तो कुछ है ही नहीं खुद के पास ।
अत्याचार अपराध और अन्याय के अलावा चारों ओर भ्रष्टााचार , निरंकुश प्रशासन और अफसर , लगता है जैसे पूरे प्रदश में अराजकता ही अराजकता फैली हुयी है , प्रदेश में सरकार नाम की चीज ही नहीं रही है , प्रदेश का मुख्यमंत्री बेअसर, प्रभावहीन, और नाकारा बन कर बैठा है , कैलाश विजयवर्गीय जैसे अभद्र अशालीन भाषा बोलने, भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त को पाल पास रखा है , सुनने में आया है कि किसी अफसर को पार्षद चंदू शिंदे ने तमाचा मार दिया और उसके बाद उस अफसर की तरक्की हो गयी , इसका मतलब ये निकला कि अगर चंदू शिंदे एक तमाचा कैलाश विजयवर्गीय में मार दे तो कैलाश विजयवर्गीय की भी तरक्की होकर मुख्यमंत्री बन जायेंगें , एक और मंत्री विजय शाह ने भी भाजपा संस्कृति की व्याख्याा करते हुये जब शिवराज सिंह के घर में ही हाथ डाल दिया तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उसका पद छीन लिया, लेकिन खुले आम गुण्डागिरी कर रहे और निरंतर अभद्र व अशालीन भाषा का प्रयोग कर रहे, कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लेने की हिम्मत ही नहीं है । कैलाश विजयवर्गीय किसी में भी तमाचा मारें चाहें गाली गलौज करें , कैलाश विजयवर्गीय को संरक्षण और विजयवर्गीय द्वारा सताये गये का भक्षण । हमने गरीबों को अज जजा के लोगों को पट्टे दिये लेकिन सुनने में आ रहा है कि न केवल उनके पट्टे कैंसिल किये जा रहे बल्किह उनकी खुद की भी जमीनें छीनी जा रहीं हैं ।
निहायत ही लचर और प्रभावहीन, नियंत्रण हीन ऐसी सरकार म.प्र. के इतिहास में कभी नहीं हुयी , कोई तो म.प्र. के मुख्यलमंत्री शिवराज सिंह को महाझूठा कहता है तो कोई घोषणावीर , कोई लबरा कहता है, कोई लाफर या लाफड़ कहता है, कोई लबार कहता है, कोई लपसा कहता है तो कोई लफ्फाज कहता है , ये क्याा हाल बना रखा है शिवराज ने , कोई सुनता मानता ही नहीं है पूरे म.प्र. में शिवराज की , मुख्य मंत्री कुछ भी कहता रहे , कुछ भी बकता रहे , पूरे प्रदेश में दो कौड़ी की कदर नहीं है , अरे भई सरकार का एक रूतबा होता है , एक तेजस्विता होती है सरकार में जिससे सब कुशलता पूर्वक नियंत्रित भी होता है और सरकार भी चलती है, मुख्य मंत्री रोजाना क्या कह रहे हैं, क्याा वायदा , क्या घोषणा कर रहे हैं , न खुद को कुछ याद है , न सरकार के पास कोई हिसाब है । ये कोई मुख्ययमंत्री है कि एक घोषणा कर दे और दूसरे दिन उसी घोषणा के खिलाफ पूरी सरकार और प्रशासन ठीक उलट काम करे । मुख्य मंत्री उसे कहा जाता है कि जिसकी जुबान गंभीर हो , जिसकी बात में दम हो, वजन हो ''जिसमें यह तासीर हो , कि जो कह दिया सो कह दिया, जो कर दिया सो कर दिया, फिर पूरी सरकार और प्रशासन में दम नहीं कि उस बात के उलट कुछ कर पाये, मुख्यमंत्री द्वारा कही गयी बात के खिलाफ कोई जा सके, मुख्य मंत्री के आदेश , घोषणा या वायदे को कोई टाल सके या काट सके'' , शिवराज सिंह क्या कहते हैं और क्या् करते हैं , उनकी हर घोषणा का , हर वायदे का क्याई अंजाम होता है , केवल म.प्र. के लोग ही नहीं पूरे देश के लोग जानते हैं ।

सोमवार, 29 अप्रैल 2013

मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस टिकिट के लिये प्रत्‍याशी चयन की प्रक्रिया तेज , लगातार हारी सीटों पर राहुल गांधी का विशेष फोकस

मध्यप्रदेश में जुलाई तक ज्यादा से ज्यादा टिकट देने की कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की घोषणा पर भले ही उनकी पार्टी के नेताओं को भरोसा नहीं हो रहा है, लेकिन उन्होंने यह ऐलान हवा में नहीं किया है। इसके लिए उन्होंने पहले से ही करीब सौ विधानसभा पर अपना होमवर्क कर लिया है। होमवर्क के आधार पर ही वे जुलाई के अंत तक सभी उम्मीदवारों का ऐलान करेंगे । सूत्रों के मुताबिक राहुल का प्रदेश आने और यहां के प्रत्येक स्तर के नेताओं से बात करने के पीछे मकसद यही था कि वे पार्टी में एक जुटता ला सकें, ताकि वे जुलाई में टिकटों का ऐलान हो सके, जिससे कार्यकर्ता अपने प्रत्याशी के काम में काम कर सकें। सूत्रों का कहना है कि अधिकांश विधायक फिर से मैदान में उतारे जाएंगे। इनके अलावा करीब 30 से 40 सीटों पर राहुल गांधी की टीम ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई है। जिसके आधार पर इन सीटों से टिकट दिए जा सकते हैं। इनमेंअधिकांश वे क्षेत्र हैं जिन पर कांग्रेस लंबे अरसे से जीत दर्ज नहीं कर सकी है। ऐसे करीब एक दर्जन क्षेत्रों से युवा कांग्रेस के नेताओं को मुकाबले के लिए उतारे जाने की तैयारी है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं जहां पर कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवारों की फिर से पकड़ बनी है। पार्टी की पहली सूची में टिकट का वितरण सिर्फ जीत के पैमाने पर ही केंद्रित रहेगा ।

गुरुवार, 27 दिसंबर 2012

महाझूठे शिवराज सिंह के खस्ताहाल मध्यप्रदेश में बिजली कटौती फिर सिर चढ़ कर बोली

संभागीय मुख्यालय पर 16 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 20 घंटे की बिजली कटौती
मुरैना 27 दिसंबर 12, स्वर्णिम म.प्र. बनाने का पिछले चार साल से दावा और वादा कर रही म.प्र. की शिवराज सिंह सरकार के बुरी तरह खस्ताहाल मध्यप्रदेश में पिछले एक हफ्ते से बिजली कटौती का कहर टूट पड़ा है । विकास और प्रगति के मामले में घुटनों पर रेंग रही म.प्र. की सरकार जब सन 2003 में सत्ता आई तो महज एक महीने के अंद 24 घंटे बिजली देने का वायदा करके आई । मगर हालात का आलम ये है कि भाजपा की सरकार को सत्‍ता में आये पूरे 10 साल गुजर गये 24 घंटे बिजली देना तो दूर आठ घंटे भी बिजली आज तक म.प्र. को मयस्सर नहीं करा पाई ।
सन 2008 के विधानसभा चुनावों में शिवराज सिंह चम्बल में पोरसा एवं जौरा की चुनावी सभाओं में वायदा करके गये थे कि पिछले 5 साल में हम आपको बिजली नहीं दे पाये लेकिन अब मेरा वायदा है कि अब अगर मेरी सरकार बनी तो मैं आपको 24 घंटे बिजली दूंगा , पोरसा की सभा में शिवराज सिंह ने यह वायदा किया कि अगर अबकी बार बरसात अच्छी हुयी तो मैं आपको 24 घंटे बिजली दूंगा , संयोगवश उस साल बहुत अच्छी वारिश हो गयी , बांघ ओवरफुल हो गये काफी पानी बांधों को खोलकर बाहर निकालना पड़ा तो चार पॉंच महीने बाद जौरा में हुयी शिवराज सिंह ने पलटी मारते हुये कहा कि अगर अबकी बार मेरी सरकार बनी तो आपको 24 घंटे बिजली दूंगा , संयोगवश शिवराज सिंह की सरकार भी बन गई तो अगले महीने ही शिवराज सिंह ने बयान दिया कि मैं क्या करूं केन्द्र कोयला ही नहीं दे रहा , मैं प्रदेश को बिजली कैसे दूं , इसके बाद जब केन्द्रीय कोयला मंत्री ने म.प्र. में आकर बयान दिया कि जितना चाहिये उतना कोयला लो , कोयले की कोई कमी नहीं है , पैसा दो और कोयला लो , तब उसके अगले महीने से शिवराज सिंह ने कहना शुरू किया कि केन्द्र घटिया कोयला दे रहा है , मैं क्‍या करूं प्रदेश को बिजली कैसे दूं , इसके कुछ समय बाद शिवराज सिंह ने कहा कि सबके फीछर अलग अलग किये जा रहे हैं , फीछर अलग अलग होते ही प्रदेश को 24 घंटे बिजली दूंगा । फीडर भी अलग अलग कर दिये गये प्रदेश में कटिया डालना भी सन 2010 में ही बंद करा दिया गया, हाईटेंशन लाइनें सीधे हर घर तक डाल कर घर घर में मीटर टांग दिये गये बिजली के बिल आठ गुना तक बढ़ा दिये गये , दिग्विजय सिंह के शासनकाल में जिन घरों में बिजली का बिल 200 रूपये आता था उन घरों का बिजली का बिल 2000 रूपये महीने से भी ऊपर आने लगा मगर बिजली फिर भी प्रदेश को मयस्सर नहीं हुयी ।
हाल ये है कि अब तासे शिवराज सिंह के पास कोई बहाना भी नहीं बचा , अगले साल सन 2013 में फिर विधानसभा चुनाव है , सुनने में आ रहा है कि अब शिवराज सिंह चुनाव के ऐन वक्त पर प्रदेश को 24 घंटे बिजली देंगें , सवाल यह है कि दस साल तक म.प्र. को खून के ऑंसू रूला देने वाले शिवराज सिंह को दस महीने चुनाव काल में बिजली देने का जनता पुरूकार देगी या दंड । यह देखने की बात होगी कि पत्ते पत्ते पर गुलांटी खाने वाले, महज घोषणायें करने और लगातार दनादन झूठ बालने शिवराज सिंह को प्रदेश की जनता अबकी बार पुन: सत्तासीन करेगी या सत्ता से बाहर धकेल कर सदा सर्वदा के लिये राजनीति से बाहर कर देगी ।  

शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012

12 मतदान केन्द्रों पर 22 दिसम्बर को पुनः मतदान होगा मतगणना 23 दिसम्बर को होगी

Morena 21 December, मंडी निर्वाचन के दौरान आज हुए मतदान के दौरान स्थगित हुए 12 मतदान केन्द्रों पर पुनः मतदान 22 दिसम्बर 2012 को होगा। इन सभी पुनमतदान की मतगणना 23 दिसम्बर को होगी।
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (मंडी) श्री डी.डी.अग्रवाल ने बताया कि मुरैना वार्ड क्रमांक 1 कैथरी के मतदान केन्द्र क्रमांक 1-2 पर पुनः मतदान होगा। इसी तरह मुरैना वार्ड कमांक 1 भानपुर के मतदान केन्द्र क्रमांक 6, वार्ड क्रमांक 3 सिकरोदा के मतदान केन्द्र क्रमांक 20, वार्ड क्र. 4 पचौरीपुरा के मतदान केन्द्र क्रमांक 22 और 22-क वार्ड क्र. 8 इमलिया के मतदान केन्द्र क्र. 67, वार्ड क्र. 8 विशनपुर के वार्ड क्र. 66 में पुनः मतदान 22 दिसम्बर 2012 को होगा। इसी प्रकार बानमोर के वार्ड क्र. 4 जयनगर चौखुटी में मतदान केन्द्र क्रमांक 22 वार्ड क्र. 4 नाऊपुरा के मतदान केन्द्र क्र. 19 बानमौर के ही वार्ड क्र. 1 दौरावली में मतदान केन्द्र क्र. 5 और अम्बाह के वार्ड क्र. 6 बिचौला के मतदान केन्द्र क्र. 29 में पुनः मतदान 22 दिसम्बर 2012 को होंगे। इन मतदान केन्द्रों की मतगणना 23 दिसम्बर को होगी। 21 दिसम्बर को होने वाली मतगणना में इन 12 मतदान केन्द्रों की गणना नही होगी।

छुटपुट घटनाओं को छोडकर मंडी निर्वाचन शांतिपूर्ण संपन्न संपूर्ण जिले में 58.14 प्रतिशत मतदान होने की संभावना

    जिले में छुटपुट घटनाओं को छोडकर मंडी निर्वाचन शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया। संपूर्ण जिले में 58.14 प्रतिशत मतदान होने की संभावना है।
        सर्वाधिक 70 प्रतिशत मतदान बानमोर मंडी क्षेत्र में होने की संभावना व्यक्त की गई है। अम्बाह और मुरैना में 61-61 प्रतिशत, पोरसा में 60 प्रतिशत, सबलगढ में 55 प्रतिशत, कैलारस में 48, जौरा में 52 प्रतिशत मतदान होने की संभावना व्यक्त की है।

आज इन पांच स्थानों पर होगी मतगणना मतगणना कक्ष में मोबाइल फोन ले जाने पर रहेगा प्रतिबंध

मुरैना 21 दिसम्बर , मध्य प्रदेश कृषि उज मण्डी समितियों के निर्वाचन की मतगणना 21 दिसम्बर 2012 को सुबह 9 बजे से होगी। मतगणना 5 स्थानों पर होगी इसमें अम्बाह, पोरसा मण्डी निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना स्वसासी पी.जी.कालेज अम्बाह, मुरैना और बानमोर मण्डी क्षेत्र की मतगणना शासकीय पोलीटेकनिक कालेज मुरैना में, सबलगढ़, कैलारस मण्डी निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना शासकीय नेहरू महाविद्यालय और शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.विद्यालय सबलगढ में होगी। जौरा मण्डी क्षेत्र की मतगणना शासकीय स्नातक महाविद्यालय जौरा में की जायेगी।
        जिला दण्डाधिकारी श्री डी.डी. अग्रवाल ने 21 दिसम्बर 2012 को होने वाली मतगणना में मतगणना भवन में मोवाइल फोन ले जाने को प्रतिबंधित किया है। कोई भी कर्मचारी तथा अभ्यर्थी व अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्त मतदान एवं गणना एजेन्ट मतगणना स्थल के अन्दर मोवाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं करेंगे।
        जिला दण्डाधिकारी श्री अग्रवाल ने निषधाज्ञा धारा 144(2) दण्ड प्रक्रिया संहित के प्रावधनों के अन्तर्गत आदेश प्रसारित किये है । यह आदेश एस.डी.एम. तहसीलदार एवं रिटर्निंग आफीसर तथा राजपत्रित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। इन लोगों को मतगणना स्थल पर मोवाइल फोन ले जाने की पात्रता रहेगी।

गुरुवार, 20 दिसंबर 2012

विद्युत बिल भुगतान ऑनलाइन जमा कराने को प्रोत्साहिक करने के उद्देश्य से चांदी की सिक्का पुरस्कार योजना मुरैना के श्री चौरसिया जी हुए चांदी के सिक्के से पुरस्कृत

Morena, 20 December. मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा उपभोक्ताओं से ऑनलाइन विद्युत बिल भरवाने के लिए ऑन लाइन सुविधा प्रदान की है। इस योजना को प्रोत्साहिक करने के लिए कम्पनी द्वारा चांदी का सिक्का इनाम स्वरूप देने की योजना चलाई है। इस माह का पुरस्कार मुरैना के एम.9 न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी, ए.बी.रोड़ निवासी श्री आर.सी. चौरसिया पुत्र हरनारायण चौरसिया सेवा निवृत सहायक महा प्रबंधक दूरसंचार को मिला है। श्री चौरसिया को आज कंपनी के महाप्रबंधक आर.आर.सिंह ने इनाम में प्राप्त 10 ग्राम का चांदी का सिक्का भेट किया। श्री चौरसिया ने अपने घरेलू कनेक्शन क्रमांक 484403-72-13-90853 की बिल राशि रूपये 345 का भुगतान 15 अक्टूबर 2012 को ऑनलाइन सुविधा के तहत http.wss.mpcz.co.in पर भुगतान किया था। जिसमें कंपनी द्वारा 12 नवम्बर 2012 ड्रा निकाला था जिसमें मुरैना जिले के श्री आर.सी.चौरसिया के नाम यह ड्रा खुला।
    ऑनलाइन प्रोत्साहन योजना मार्च 2013 तक लागू रहेगी। सभी उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान करके योजना का लाभ उठाये। मध्य क्षेत्र कंपनी योजना के तहत प्रति माह 20 चांदी के सिक्कों पर 20 उपभोक्ताओं का ड्रा निकलती है।
    इस अवसर पर उप महाप्रबंधक श्री पी.एस.तोमर, उप महाप्रबंधक ग्वालियर श्री सतीश गुप्ता, संजीव सक्सैना सहित कंपनी के अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।